TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Sensex को वास्तव में किसने मजबूत किया?

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
26 September 2021
in Uncategorized
Sensex को वास्तव में किसने मजबूत किया?
Share on FacebookShare on X

भारत का स्टॉक एक्सचेंज रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना हुआ है और अगर यह कहा जाए कि यह सब मोदी सरकार के दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण हुआ है तो यह गलत नहीं है। ओलंपिक खत्म हो सकता है, लेकिन भारत का Sensex स्टॉक इंडेक्स रोज स्प्रिंट के नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। शुक्रवार (24 सितंबर) को सेंसेक्स ने ऐतिहासिक 60,000 का रिकॉर्ड बनाया। Sensex 448 अंक चढ़कर 60,333 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 17,947.65 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार है, जिसने बाजार पूंजीकरण में पहली बार फ्रांस को पछाड़ दिया है।

ऐतिहासिक Sensex की बढ़त से उन अर्थशास्त्रियों और लिबरल पत्रकारों की भी याद आती है, जिन्होंने दावा किया था कि अगर मोदी सरकार सत्ता में आती है अर्थव्यवस्था की कयामत निश्चित है या फिर यह दावा किया था कि अगर कोई अर्थशास्त्री देश छोड़ देता है तो भारत के लिए भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। यहाँ अर्थशास्त्री का अर्थ रघुराम राजन से था जिन्हें लिबरल जमात ने अपनी पलकों पर बैठा कर रखा था।

संबंधितपोस्ट

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की कई देशों के नेताओं से मुलाकात, भारत के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर सरकार सख्त, मेटा के अधिकारियों को भारत बुलाया

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

और लोड करें

वामपंथियों की रघुराम राजन को Sensex को मजबूत करने का श्रेय 

2013 में, MenxXP, जो की Wokes के प्रिय प्रकाशनों में से एक है, उसने एक लेख प्रकाशित किया जिसका शीर्षक था “रघुराम राजन – सेंसेक्स में सेक्स को वापस लाने वाला आदमी” और उन्हें देश के आर्थिक मसीहा के रूप में करार दिया। इस लेख ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर को देश को आर्थिक समृद्धि के यूटोपियन दुनिया में ले जाने की भविष्यवाणी के रूप में चित्रित किया।

13 सितंबर 2013 को इकॉनोमिक टाइम्स में वरिष्ठ पत्रकार शोभा डे का एक लेख छपा। इस लेख में अर्थशास्त्री रघुराम राजन के अर्थशास्त्रीय समझ के बजाए उनके कामोत्तेजक शारीरिक संरचना के बारे में बात की गई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने रघुराम राजन के कामोत्तेजक शारीरिक संरचना को सेंसेक्स और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रगति से भी जोड़ने की कोशिश की थी। व्यक्तिक महिमामंडन और वामपंथी चाटुकारिता का यह अपना ही वैज्ञानिक आधार था जिसने शारीरिक कामोत्तेजक संरचना को अर्थव्यवस्था की प्रगति से जोड़ दिया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए मुखिया को इस पद पर आए अभी कुछ ही हफ्ते हुए थे लेकिन तब तक रघुराम राजन के लुक्स की उतनी ही चर्चा हो चुकी थी जितनी उनकी आर्थिक विचारधारा की। उन्हें सार्वजनिक जीवन में एक अच्छे दिखने वाले गुरु एवं एक मौद्रिक जेम्स बॉन्ड के रूप में सम्मानित किया गया, जिन्होंने “सेक्स अपील” को भारत के शेयर बाजार सेंसेक्स में वापस प्रभाव में ला दिया था।

और पढ़ें:- “अपना फोन कूड़े में फेंको”, लिथुआनिया ने अपने नागरिकों को चीनी फोन ना खरीदने की सलाह दी

नागरिकों की समझ और वैचारिक नेतृत्व ही लोकतांत्रिक उत्कर्ष का आधार है, लेकिन तथाकथित पत्रकारों का वैचारिक नेतृत्व देखिए। अर्थशास्त्र की समझ और अर्थशास्त्री के सफलताओं और आलोचना से परे समाज को एक व्यक्ति के कामुकता के प्रति केंद्रित कर दिया। अन्य लोग टिप्पणी करने लगे कि कैसे श्री राजन सौंदर्य के कारण 50 वर्षीय होने के बावजूद भी अल्पायु लगते हैं।

धन्य है जनता जनार्दन और धन्य है पत्रकार! बधाई और शुभकामनाओं का दौर शुरू हो गया। हे भारत के भाग्य विधाता!! अगर चलचित्र नायक श्री रघुराम राजन को उनके कामोत्तेजक शारीरिक संरचना हेतु बधाई दे दिया हो तो अब अर्थशास्त्री रघुराम राजन से देश की अर्थव्यवस्था को फिर से जीवंत करने की कार्य-योजना, बढ़ती कीमतों, एक अस्थिर मुद्रा और घटती वृद्धि के के बारे में प्रश्न पूछने का कष्ट करें। शोभा डे और इकॉनोमिक टाइम्स का तो पता नहीं परंतु हमारा उद्देश्य तो सही समाचार से सत्य और समझ को विकसित कर अपने पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे वो राष्ट्र निर्माण के संसाधन बनें और देश के लोकतांत्रिक ध्वज को सदैव उत्कर्ष पर रखें।

और पढ़ें:- चीन के Huawei को गुमनामी के अँधेरे में फेंक रहा है भारत का अपना 5G तेजस नेटवर्क

गवर्नर के रुप में उपयुक्त नहीं थी राजन की नीतियां

रघुराम राजन ने एक बड़ी गलती की थी। खासकर राजनीतिक मामलों पर वह आलोचना के लिए सत्तारूढ़ राजनीतिक व्यवस्था के सहिष्णुता स्तर की थाह लेने में विफल रहे। राजन हमेशा शिकागो के प्रोफेसर या IMF के मुख्य अर्थशास्त्री की मानसिकता में थे, जब उन्होंने नॉर्थ ब्लॉक में एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद सितंबर 2013 से RBI गवर्नर की टोपी पहने हुए भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के मुद्दों पर भारत की नीतियों की आलोचना की। लेकिन उनके दीक्षांत समारोह के व्याख़्यानों ने अक्सर सरकारी नीतियों और अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति, सहिष्णुता की आवश्यकता, मेक इन इंडिया जैसी सरकार की प्रमुख योजनाओं की आलोचना और रोलआउट की गति जैसे कई मुद्दों पर भारी और गुप्त आलोचना का रूप ले लिया। वे जन-धन योजना के भी मुखर आलोचक थे, जबकि यह योजना एक अप्रत्याशित सफलता साबित हुई। जैसे ही राजन ने अपना कर्तव्य पालन और प्रोटोकॉल छोड़ राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करना शुरू किया उनके और सरकार के बीच अनबन शुरू हो गई।

मोदी सरकार के कुछ वर्गों ने महसूस किया कि राजन एक महान अर्थशास्त्री हो सकते हैं लेकिन आरबीआई गवर्नर के रूप में उनकी नीतियां भारत के लिए उपयुक्त नहीं थीं। जिसमें अचानक बड़े पैमाने पर खराब ऋण को साफ करने की कवायद भी शामिल थी। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पुनः पूंजीकरण के लिए आरबीआई के धन के उपयोग पर आरबीआई और सरकार के बीच कलह भी एक प्रमुख कारण था। द टाइम ऑफ इंडिया की रिपोर्ट कहती है की राजन का रवैया अधिक ‘दोस्ताना’ होता तो सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए केंद्रीय बैंक के धन का दोहन और अधिक सुचारू रूप से कर सकती थी।

RBI की कुल संपत्ति का 32 प्रतिशत इक्विटी हिस्सा है और सरकार इस फंड का उपयोग सरकारी बैंकों की जर्जर बैलेंस शीट को उबारने के लिए आकस्मिक धन, पूंजी और प्रतिधारित आय को सुधारने के लिए करना चाहती थी। रघुराम राजन को इस कदम से आपत्ति थी, क्योंकि उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक के पास आकस्मिक धन का एक मजबूत कोष लंबी अवधि में देश के लिए महत्वपूर्ण है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण इन निधियों को सरकारी बैंकों में डालना दीर्घावधि में एक खतरनाक विचार साबित हो सकता है। उनका मानना था कि उधारदाताओं के मुद्दे, परिचालन अक्षमता के कारण अधिक हैं, न कि केवल पूंजी की कमी के कारण। सरकार को इसके बजाय इन बैंकों का निजीकरण करना चाहिए और उन्हें मुक्त बाजार में प्रतिस्पर्धा करने देना चाहिए।

और पढ़ें:- चीन के Huawei को गुमनामी के अँधेरे में फेंक रहा है भारत का अपना 5G तेजस नेटवर्क

एक विफल गवर्नर साबित हुए रघुराम राजन

रघुराम राजन एक महान अर्थशास्त्री थे। वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अध्यक्ष थे। राजन शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी थे, इस बात में कोई संशय नहीं है। लेकिन अगर भारत के परिपेक्ष में देखा जाए तो रघुराम राजन पूर्ण रूप से एक विफल गवर्नर साबित हुए। हमारे इस विचार का प्रमाणित आधार भी है। मोदी सरकार के नेतृत्व में देश ने जो आर्थिक प्रगति की है वह अभूतपूर्व है, अतुलनीय है, अद्वितीय है। सरकार ने रघुराम राजन के सलाह से अलग रिजर्व बैंक की संचित निधि का सफलतापूर्वक उपयोग भी किया। अप्रत्यक्ष कर वस्तु और सेवा कर सरकार का एक क्रांतिकारी आर्थिक निर्णय रहा।

मोदी सरकार ने Reform पर ध्यान दिया आंकड़ों पर नहीं

आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, ऊर्जा निवेश, एनपीए में कमी, कृषि निर्यात में सुधार, सेंसेक्स में उछाल, आधारभूत संरचना में प्रगति, सरकार का मॉनेटाइजेशन और निजीकरण की परियोजनाओं के कारण भारत का चौमुखी आर्थिक विकास हुआ है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने केंद्रीय बैंक में मौजूद रूढ़िवादी विचारों और उसकी संरचनाओं को ध्वस्त किया जिस कारण भारत के आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मोदी सरकार के इस विलक्षण नीतियों को व्यक्ति की शारीरिक संरचना से जोड़ना और उसकी परिणिति के रूप में आर्थिक विकास को दर्शाना वामपंथी मानसिक दिवालियापन को परिलक्षित एवं प्रतिबिंबित करता है। स्वयं रघुराम राजन ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह यहां पर बैंकिंग व्यवस्था में सुधार करने के लिए आए हैं ना की फेसबुक पर लाइक पाने के लिए।

जब मोदी सरकार ने कार्यभार संभाला, तो उसने विकास को गति देने के लिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा नहीं देने का फैसला किया – कुछ ऐसा जो कांग्रेस सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर किया गया था और जिसके कारण मुद्रास्फीति आसमान छू रही थी। इसके बजाय, मोदी सरकार ने सुधारों पर जोर दिया, मुद्रास्फीति की दरों पर लगाम लगाई और धैर्यपूर्वक विकास के एक प्राकृतिक और स्थायी चक्र की प्रतीक्षा की।

अब उस प्रयास के परिणाम दिखने लगे हैं। और इस बार, मोदी सरकार ने न केवल विकास की इस अवधि को शुरू किया है, बल्कि यह सत्ता में बने रहने और विकास को बनाए रखने के लिए राजनीतिक रूप से भी काफी मजबूत है।

गोल्डमैन सैक्स द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक वैश्विक रणनीति पेपर का अनुमान है कि 2024 तक भारत का मार्केट कैप बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा। वहीं 2021 भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक सनसनीखेज वर्ष रहा है, जिसने सभी अनुमानों को पार कर लिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले जुलाई 2021 में, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने लगभग 10 बिलियन डॉलर (फ्लिपकार्ट द्वारा जुटाए गए 3.6 बिलियन डॉलर के मेगा-राउंड सहित) जुटाए और अपनी कैप में तीन नए यूनिकॉर्न जोड़े। यह 2020 में जुटाई गई पूरी राशि से अधिक है।

सभी संकेतक बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक चमत्कारी गति से ठीक हो रही है और यदि कुछ नहीं, तो घरेलू और वैश्विक निवेशकों का भारतीय बाजारों में अपना पैसा लगाने का बढ़ता विश्वास पीएम मोदी की आर्थिक नीति का एक ठोस समर्थन है।

Tags: Sensexपीएम मोदीरघुराम राजनसेंसेक्स
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफार्म – टॉप 6

अगली पोस्ट

Biden ने किया भारत के NSG में शामिल होने और UNSC के स्थाई सदस्य बनने का समर्थन

संबंधित पोस्ट

E0S-05 ISRO Satellite Geo
Uncategorized

अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख: 36 हजार किमी ऊपर से देश के कोने-कोने पर चौबीसों घंटे नज़र, जानिए क्यों है यह इतना खास

4 September 2026

जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (GSO) से रियल-टाइम इमेजिंग करने वाले चुनिंदा देशों की सूची में अब भारत भी शामिल हो गया है। EOS-05 भारत का पहला अत्याधुनिक...

FAIL NAHI SKILLED BIHAR BOARD SKILLED FAIL
Uncategorized

‘Fail’ नहीं, ‘Skill Training’: बिहार बोर्ड की मार्कशीट में बड़ा बदलाव

29 August 2026

बिहार में बोर्ड परीक्षा के नतीजे अब सिर्फ इस बात का फैसला नहीं करेंगे कि छात्र पास हुआ या नहीं। राज्य सरकार ने 10वीं और...

तमिलनाडु में बड़े फैसले: स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख से बढ़कर 25 लाख,
Uncategorized

तमिलनाडु में बड़े फैसले: स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख से बढ़कर 25 लाख, दूध खरीद मूल्य भी बढ़ा

19 August 2026

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य के लोगों, दूध उत्पादकों और विधायकों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। विधानसभा में नियम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited