TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

    नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल

    नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शुरू, ‘विकसित भारत 2047’ के लिए समावेशी मानव विकास पर मंथन,कई राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: धमाके में 8 मजदूरों की मौत, 6 घायल

    पीएम मोदी के 12 साल

    पीएम के 12 साल: यूपी की 403 विधानसभाओं के मंदिरों में माथा टेकेंगे BJP नेता, मोदी के दीर्घायु की करेंगे कामना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया

    टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

    नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल

    नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शुरू, ‘विकसित भारत 2047’ के लिए समावेशी मानव विकास पर मंथन,कई राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: धमाके में 8 मजदूरों की मौत, 6 घायल

    पीएम मोदी के 12 साल

    पीएम के 12 साल: यूपी की 403 विधानसभाओं के मंदिरों में माथा टेकेंगे BJP नेता, मोदी के दीर्घायु की करेंगे कामना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत, इज़रायल और UAE की मित्रता तुर्की और पाकिस्तान के लिए बनेगी तगड़ा झटका

भारत चलाएगा एक बाण और तुर्की और पाकिस्तान को मिलेगा तगड़ा सबक

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
21 October 2021
in विश्व
भारत, इज़रायल
Share on FacebookShare on X

यदि आपने प्रभावशाली क्वाड समूह के बारे में सुना है, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया एवं जापान जैसे देश शामिल हैं, तो आपको पता होगा कि इसका काम भारत पैसिफिक क्षेत्र से चीन के वर्चस्व को सदैव के लिए समाप्त करना है। लेकिन चीन ही एकमात्र शत्रु नहीं है, क्योंकि और भी मुद्दे है जिनका त्वरित समाधान अवश्यंभावी है।

उदाहरण के लिए पाकिस्तान भले ही विनाश के क्षितिज पर हो, परंतु वह अभी भी भारत के लिए किसी सरदर्द से कम नहीं। कम से कम कश्मीर घाटी में जिस प्रकार से भारतीय नागरिकों की हत्याओं की घटनाएं फिर से बढ़ने लगी हैं, उससे तो यही प्रतीत होता है। उसके ऊपर से उसे समर्थन देने के लिए तुर्की जैसा देश एरदोगन के नेतृत्व में कुछ भी करने को तैयार है। ऐसे में भारत, UAE, अमेरिका एवं इज़रायल अपना एक अलग ‘क्वाड’ समान दल तैयार कर रहे हैं, जिसमें भारत, इज़रायल और UAE प्रमुख रूप से पाकिस्तान और तुर्की की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, अफगानिस्तान में नागरिकों की मौत को लेकर उठाए सवाल

सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

बुरहान के अंतिम संस्कार की कवरेज से छिड़ी प्रेस स्वतंत्रता पर बहस, क्लासरूम पहचान से संघर्ष की कहानी तक

और लोड करें

वो कैसे? अभी हाल ही में इज़रायल, UAE, अमेरिका और भारत के बीच एक वर्चुअल सम्बोधन हुआ था, जिसे एक नए ‘क्वाड’ के सृजन के रूप में देखा जा सकता है। इस मीटिंग में चारों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि एक अंतर्राष्ट्रीय फोरम की स्थापना होनी चाहिए ताकि चारों देशों के बीच आर्थिक सहायता ‘सुनिश्चित की जा सके’। इसी परिप्रेक्ष्य में इन चारों देशों की जल्द ही दुबई में प्रत्यक्ष मीटिंग भी होगी।  सहकारिता के क्षेत्र के लिए इन चारों देशों ने समुद्री सुरक्षा, वैश्विक स्वास्थ्य, परिवहन और टेक्नॉलोजी में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इत्यादि को चिन्हित किया है। कागजों पर तो ये एक आर्थिक संबंध प्रतीत होता है, परंतु वास्तविकता कुछ और ही है।

इज़रायल के लिए अधिक मान्यता

सर्वप्रथम इज़रायल की बात करते हैं। कुछ ही वर्षों पहले इज़रायल को वर्षों से लंबित वैश्विक मान्यता के मोर्चे पर एक अहम विजय प्राप्त हुई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अब्राहम एकॉर्ड पर इज़रायल और कई प्रमुख अरब देशों, जैसे बहरीन, UAE इत्यादि के हस्ताक्षर हुए। इससे न केवल इज़रायल का इस क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ा, अपितु संसार को पता चला कि शांति वास्तव में कैसे लाई जा सकती है?

लेकिन इस्लामिक जगत में इज़रायल को सम्पूर्ण रूप से मान्यता नहीं मिली है। जहां UAE जैसे देशों ने पूर्ण रूप से मान्यता देने में कोई हिचक नहीं दिखाई है, तो वहीं अरब जगत से इतर अन्य कई देशों ने अभी भी इज़रायल को मान्यता नहीं दी है। उसके ऊपर से तुर्की कबाब में हड्डी की भांति कट्टरपंथी इस्लाम की विचारधारा को न केवल बढ़ावा दे रहा है, अपितु इज़रायल के साथ-साथ अरब जगत के शीर्ष देशों के लिए भी सरदर्द बना हुआ है।

तुर्की को लगेगा करारा झटका  –

अब जब बात तुर्की की शुरू हुई ही है तो फिर उसकी पूरी जनमपत्री खोलनी पड़ेगी। तुर्की के वर्तमान तानाशाह रेसिप तय्यप एरदोगन ने कट्टरपंथी इस्लाम को बढ़ावा देने की सनक में अपने देश और अपने आसपास के क्षेत्र की वास्तव में मुश्किलें बाधा दी है। UAE और इज़रायल छोड़िए, वह भारत के लिए भी किसी सरदर्द से कम नहीं है।

उदाहरण के लिए तुर्की मुस्लिम ब्रदरहुड और हमास जैसे आतंकी संगठनों को बढ़ावा देता है। स्मरण रहे, ये दोनों ही संगठन UAE और इज़रायल की आँखों में शूल की भांति चुभते हैं। जहां मुस्लिम ब्रदरहुड UAE के लिए सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक है, तो वहीं हमास से इज़रायल निरंतर युद्ध करने को विवश होता आया है l जैसे लश्कर का सबसे बड़ा प्रायोजक पाकिस्तान है, वैसे ही हमास के सबसे बड़े प्रायोजकों में से एक तुर्की है। इसके अलावा एरदोगन यहाँ तक दावा करते हैं कि येरूशलम में स्थित अल अक्सा मस्जिद को वह ‘यहूदियों’ के नियंत्रण से छुड़ाकर ही दम लेंगे, जो वास्तव में यहूदियों के पवित्र माउंट टेंपल परिसर को ध्वस्त कर बनवाई गई थी।

और पढ़ें : कश्मीर में दोबारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए तुर्की ने किया पाकिस्तान के साथ गठबंधन

तो इसमें भारत को क्या चिंता? भारत के लिए तो और अधिक समस्या है, क्योंकि पाकिस्तान के कश्मीर के फटे ढोल को यदि पाकिस्तान के अलावा कोई सबसे अधिक पीटता आया है, तो वह तुर्की ही है। पिछले तीन वर्षों से एरदोगन UN से लेकर किसी भी अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर निरंतर पाकिस्तानी प्रोपगैंडा का समर्थन करते आये हैं, और भारत को नीचा दिखाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

परंतु बात यहीं पर खत्म नहीं होती। एरदोगन पाकिस्तान की इस हद तक सहायता करने को तैयार है कि उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध चलाए जा रहे छद्म युद्ध में सहायता हेतु अपने खुद के लड़ाके प्रशिक्षण के लिए भेजे थे।

ऐसे में UAE, इज़रायल और भारत के पास तुर्की से घृणा करने के अपने कारण है, और वे नए ‘क्वाड’ के अंतर्गत तुर्की को उसका स्थान दिखा सकते हैं और उसकी पहले से पतली अवस्था को और अधिक दयनीय बना सकते हैं। उदाहरण के लिए पूर्वी भूमध्य सागर गैस फोरम में साइप्रस, मिस्र, ग्रीस, इज़रायल, जॉर्डन एवं फिलस्तीन जैसे देश शामिल है, और अब UAE भी ऑब्जर्वर के रूप में जुड़ गया है। इसके पीछे का उद्देश्य स्पष्ट है, तुर्की को भूमध्य सागर पर वर्चस्व नहीं जमाने देना। पिछले वर्ष उसने ग्रीस के साथ गुंडागर्दी करने का प्रयास किया था, परंतु ये दांव अंत में उसी पर भारी पड़ा था।

और पढ़ें : ‘हमें तुर्की-पाकिस्तान गठबंधन का मुकाबला करना चाहिए’, ग्रीस ने सैन्य सहयोग के लिए भारत से किया आग्रह

पाकिस्तान का सर्वनाश

लेकिन इस समूह का सबसे अधिक लाभ मिलेगा भारत को, क्योंकि जब चोट तुर्की को लगेगी, तो भला पाकिस्तान कैसे नहीं बिलबिलाएगा? पाकिस्तान और तुर्की एक ही डाली के दो मुरझाये फूल समान है, और UAE एवं इज़रायल जैसे देशों से उसकी अपनी अलग समस्याएँ रही हैं, जिसके पीछे तीनों ही देश का हित इसके सर्वनाश में है। उदाहरण के लिए पिछले वर्ष अमेरिका ने दावा किया कि सीरिया में तुर्की की ओर से लड़ने के लिए 100 से अधिक पाकिस्तानी लड़ाके आए थे। UAE सदैव ही तुर्की के वर्तमान शासन का धुर विरोधी रहा है, और ऐसे में ये कदम उसके लिए किसी घोर पाप से कम नहीं था।

इसके अलावा पाकिस्तान किस प्रकार से आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है, और कैसे वह आतंकी संगठनों का समर्थन करता आया है, यह भी इन तीनों देशों से छुपा नहीं है। चाहे स्वार्थ से या वैश्विक कल्याण के हित से, परंतु भारत, इज़रायल और UAE की नई मित्रता तुर्की और पाकिस्तान पर रुद्र के गण के समान घातक सिद्ध होगी।

Tags: इजरायलतुर्कीपाकिस्तान
शेयर42ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Wion एक राष्ट्रवादी पोर्टल है- जो भी ऐसा सोचते हैं उन्हें उसके हिंदू विरोधी लेख को पढ़ना चाहिए

अगली पोस्ट

कैसे कांग्रेस ने पंजाब और उत्तराखंड दोनों जगह अपना पतन सुनिश्चित किया

संबंधित पोस्ट

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस
यूरोप

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

22 May 2026

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं, जब उन्होंने चीन के साथ यूरोप की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited