TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत, इज़रायल और UAE की मित्रता तुर्की और पाकिस्तान के लिए बनेगी तगड़ा झटका

भारत चलाएगा एक बाण और तुर्की और पाकिस्तान को मिलेगा तगड़ा सबक

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
21 October 2021
in विश्व
भारत, इज़रायल
Share on FacebookShare on X

यदि आपने प्रभावशाली क्वाड समूह के बारे में सुना है, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया एवं जापान जैसे देश शामिल हैं, तो आपको पता होगा कि इसका काम भारत पैसिफिक क्षेत्र से चीन के वर्चस्व को सदैव के लिए समाप्त करना है। लेकिन चीन ही एकमात्र शत्रु नहीं है, क्योंकि और भी मुद्दे है जिनका त्वरित समाधान अवश्यंभावी है।

उदाहरण के लिए पाकिस्तान भले ही विनाश के क्षितिज पर हो, परंतु वह अभी भी भारत के लिए किसी सरदर्द से कम नहीं। कम से कम कश्मीर घाटी में जिस प्रकार से भारतीय नागरिकों की हत्याओं की घटनाएं फिर से बढ़ने लगी हैं, उससे तो यही प्रतीत होता है। उसके ऊपर से उसे समर्थन देने के लिए तुर्की जैसा देश एरदोगन के नेतृत्व में कुछ भी करने को तैयार है। ऐसे में भारत, UAE, अमेरिका एवं इज़रायल अपना एक अलग ‘क्वाड’ समान दल तैयार कर रहे हैं, जिसमें भारत, इज़रायल और UAE प्रमुख रूप से पाकिस्तान और तुर्की की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

ग्वादर फ्री जोन: पाकिस्तानी स्वामित्व नहीं, चीनी प्रभाव बढ़ा

बाँध कर नदी में खड़ा कराते, बहती थी गोलियों से भूनी हुई लाशें… भारत ने न बचाया होता तो बांग्लादेश कैसे मनाता ‘विजय दिवस’?

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

और लोड करें

वो कैसे? अभी हाल ही में इज़रायल, UAE, अमेरिका और भारत के बीच एक वर्चुअल सम्बोधन हुआ था, जिसे एक नए ‘क्वाड’ के सृजन के रूप में देखा जा सकता है। इस मीटिंग में चारों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि एक अंतर्राष्ट्रीय फोरम की स्थापना होनी चाहिए ताकि चारों देशों के बीच आर्थिक सहायता ‘सुनिश्चित की जा सके’। इसी परिप्रेक्ष्य में इन चारों देशों की जल्द ही दुबई में प्रत्यक्ष मीटिंग भी होगी।  सहकारिता के क्षेत्र के लिए इन चारों देशों ने समुद्री सुरक्षा, वैश्विक स्वास्थ्य, परिवहन और टेक्नॉलोजी में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इत्यादि को चिन्हित किया है। कागजों पर तो ये एक आर्थिक संबंध प्रतीत होता है, परंतु वास्तविकता कुछ और ही है।

इज़रायल के लिए अधिक मान्यता

सर्वप्रथम इज़रायल की बात करते हैं। कुछ ही वर्षों पहले इज़रायल को वर्षों से लंबित वैश्विक मान्यता के मोर्चे पर एक अहम विजय प्राप्त हुई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अब्राहम एकॉर्ड पर इज़रायल और कई प्रमुख अरब देशों, जैसे बहरीन, UAE इत्यादि के हस्ताक्षर हुए। इससे न केवल इज़रायल का इस क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ा, अपितु संसार को पता चला कि शांति वास्तव में कैसे लाई जा सकती है?

लेकिन इस्लामिक जगत में इज़रायल को सम्पूर्ण रूप से मान्यता नहीं मिली है। जहां UAE जैसे देशों ने पूर्ण रूप से मान्यता देने में कोई हिचक नहीं दिखाई है, तो वहीं अरब जगत से इतर अन्य कई देशों ने अभी भी इज़रायल को मान्यता नहीं दी है। उसके ऊपर से तुर्की कबाब में हड्डी की भांति कट्टरपंथी इस्लाम की विचारधारा को न केवल बढ़ावा दे रहा है, अपितु इज़रायल के साथ-साथ अरब जगत के शीर्ष देशों के लिए भी सरदर्द बना हुआ है।

तुर्की को लगेगा करारा झटका  –

अब जब बात तुर्की की शुरू हुई ही है तो फिर उसकी पूरी जनमपत्री खोलनी पड़ेगी। तुर्की के वर्तमान तानाशाह रेसिप तय्यप एरदोगन ने कट्टरपंथी इस्लाम को बढ़ावा देने की सनक में अपने देश और अपने आसपास के क्षेत्र की वास्तव में मुश्किलें बाधा दी है। UAE और इज़रायल छोड़िए, वह भारत के लिए भी किसी सरदर्द से कम नहीं है।

उदाहरण के लिए तुर्की मुस्लिम ब्रदरहुड और हमास जैसे आतंकी संगठनों को बढ़ावा देता है। स्मरण रहे, ये दोनों ही संगठन UAE और इज़रायल की आँखों में शूल की भांति चुभते हैं। जहां मुस्लिम ब्रदरहुड UAE के लिए सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक है, तो वहीं हमास से इज़रायल निरंतर युद्ध करने को विवश होता आया है l जैसे लश्कर का सबसे बड़ा प्रायोजक पाकिस्तान है, वैसे ही हमास के सबसे बड़े प्रायोजकों में से एक तुर्की है। इसके अलावा एरदोगन यहाँ तक दावा करते हैं कि येरूशलम में स्थित अल अक्सा मस्जिद को वह ‘यहूदियों’ के नियंत्रण से छुड़ाकर ही दम लेंगे, जो वास्तव में यहूदियों के पवित्र माउंट टेंपल परिसर को ध्वस्त कर बनवाई गई थी।

और पढ़ें : कश्मीर में दोबारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए तुर्की ने किया पाकिस्तान के साथ गठबंधन

तो इसमें भारत को क्या चिंता? भारत के लिए तो और अधिक समस्या है, क्योंकि पाकिस्तान के कश्मीर के फटे ढोल को यदि पाकिस्तान के अलावा कोई सबसे अधिक पीटता आया है, तो वह तुर्की ही है। पिछले तीन वर्षों से एरदोगन UN से लेकर किसी भी अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर निरंतर पाकिस्तानी प्रोपगैंडा का समर्थन करते आये हैं, और भारत को नीचा दिखाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

परंतु बात यहीं पर खत्म नहीं होती। एरदोगन पाकिस्तान की इस हद तक सहायता करने को तैयार है कि उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध चलाए जा रहे छद्म युद्ध में सहायता हेतु अपने खुद के लड़ाके प्रशिक्षण के लिए भेजे थे।

ऐसे में UAE, इज़रायल और भारत के पास तुर्की से घृणा करने के अपने कारण है, और वे नए ‘क्वाड’ के अंतर्गत तुर्की को उसका स्थान दिखा सकते हैं और उसकी पहले से पतली अवस्था को और अधिक दयनीय बना सकते हैं। उदाहरण के लिए पूर्वी भूमध्य सागर गैस फोरम में साइप्रस, मिस्र, ग्रीस, इज़रायल, जॉर्डन एवं फिलस्तीन जैसे देश शामिल है, और अब UAE भी ऑब्जर्वर के रूप में जुड़ गया है। इसके पीछे का उद्देश्य स्पष्ट है, तुर्की को भूमध्य सागर पर वर्चस्व नहीं जमाने देना। पिछले वर्ष उसने ग्रीस के साथ गुंडागर्दी करने का प्रयास किया था, परंतु ये दांव अंत में उसी पर भारी पड़ा था।

और पढ़ें : ‘हमें तुर्की-पाकिस्तान गठबंधन का मुकाबला करना चाहिए’, ग्रीस ने सैन्य सहयोग के लिए भारत से किया आग्रह

पाकिस्तान का सर्वनाश

लेकिन इस समूह का सबसे अधिक लाभ मिलेगा भारत को, क्योंकि जब चोट तुर्की को लगेगी, तो भला पाकिस्तान कैसे नहीं बिलबिलाएगा? पाकिस्तान और तुर्की एक ही डाली के दो मुरझाये फूल समान है, और UAE एवं इज़रायल जैसे देशों से उसकी अपनी अलग समस्याएँ रही हैं, जिसके पीछे तीनों ही देश का हित इसके सर्वनाश में है। उदाहरण के लिए पिछले वर्ष अमेरिका ने दावा किया कि सीरिया में तुर्की की ओर से लड़ने के लिए 100 से अधिक पाकिस्तानी लड़ाके आए थे। UAE सदैव ही तुर्की के वर्तमान शासन का धुर विरोधी रहा है, और ऐसे में ये कदम उसके लिए किसी घोर पाप से कम नहीं था।

इसके अलावा पाकिस्तान किस प्रकार से आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है, और कैसे वह आतंकी संगठनों का समर्थन करता आया है, यह भी इन तीनों देशों से छुपा नहीं है। चाहे स्वार्थ से या वैश्विक कल्याण के हित से, परंतु भारत, इज़रायल और UAE की नई मित्रता तुर्की और पाकिस्तान पर रुद्र के गण के समान घातक सिद्ध होगी।

Tags: इजरायलतुर्कीपाकिस्तान
शेयर42ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Wion एक राष्ट्रवादी पोर्टल है- जो भी ऐसा सोचते हैं उन्हें उसके हिंदू विरोधी लेख को पढ़ना चाहिए

अगली पोस्ट

कैसे कांग्रेस ने पंजाब और उत्तराखंड दोनों जगह अपना पतन सुनिश्चित किया

संबंधित पोस्ट

ग्रेगोरियन नववर्ष
विश्व

ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

2 January 2026

आज किसी निश्चित तारीख से वर्ष की शुरुआत होना हमें स्वाभाविक लगता है, लेकिन यह विचार एक लंबे ऐतिहासिक विकास का परिणाम है, जो संस्कृति,...

उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल
विश्व

उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

2 January 2026

अमेरिकी कांग्रेस के आठ सदस्यों ने वॉशिंगटन में भारत के राजदूत को पत्र लिखकर भारत सरकार से 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी...

युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़
विश्व

ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

31 December 2025

यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंसकी के व्यवहार को उनके व्यक्तिगत स्वभाव या मनोविज्ञान के नजरिए से नहीं, बल्कि उस ठंडे तर्क से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited