TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

त्रिपुरा में 20 साल तक CM पद पर बैठा था गरीब बकरा, अब उसे बिप्लब देब के रूप में एक शेर मिला है!

जन्मदिन मुबारक हो बिप्लब दा!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
25 November 2021
in चर्चित
बिप्लब कुमार देब
Share on FacebookShare on X

किसी ने सही ही कहा है, ‘जब तक आप कुछ नहीं बदलेंगे, तब तक कुछ नहीं बदलेगा’। किसी समय त्रिपुरा सिर्फ नाम के लिए भारत के मानचित्र का भाग था, अन्यथा लोग इसका नाम सुनते ही सर खुजाने लगते थे। परन्तु आज देश में हर जगह इस राज्य के चर्चे हैं, जिसके पीछे दो कारण हैं – जिमनास्ट दीपा करमाकर, और उनसे बढ़कर त्रिपुरा के वर्तमान मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, जिनके कारण आज देशभर की मीडिया चाहे मजबूरी में ही सही, पर त्रिपुरा के बारे में चर्चा करने को विवश हैं।

आज ही के दिन बिप्लब कुमार देब का जन्म गोमती जिले के उदैपुर ग्राम में हुआ। इनके माता-पिता पूर्वी पाकिस्तान के अत्याचारी शासन से तंग आकर 1967 में चांदपुर से वर्तमान भारत में शरण लेने को विवश हुए थे। त्रिपुरा विश्वविद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर उन्होने 15 वर्ष नई दिल्ली में बिताए, परन्तु उन्हें त्रिपुरा की माटी मानो सेवा के लिए बुलाती रही, और वे आखिरकार त्रिपुरा वापिस आ ही गए।

संबंधितपोस्ट

बिप्लब, शाह और मामाजी ने बनाए नए कीर्तिमान

महिला सशक्तिकरण हेतु लिए गए अपने फैसले के साथ ही विपक्ष को पूरी तरह से कुचलने को तैयार हैं बिप्लब देब

बिप्लब देब का त्रिपुरा अब पूरी तरह तैयार है, रोजगार और विकास की राह पर दौड़ने के लिए

और लोड करें

ये वो समय था, जब माणिक सरकार को उनकी ‘सादगी’ के लिए वामपंथी मीडिया द्वारा खूब प्रशंसित किया जाता था। वो अलग बात थी कि उनके रहते कभी भी त्रिपुरा के विधानसभा में राष्ट्रगान का संबोधन नहीं हुआ, और न ही त्रिपुरा कभी भी देश के प्रगतिशील राज्यों की सूची में शामिल था। परन्तु जल्द ही समय बदला, और बिप्लब कुमार देब का भाग्य भी। जनवरी 2017 में उन्होंने त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सुधीन्द्र दासगुप्ता से संभाली।

केवल एक वर्ष में बिप्लब कुमार देब ने वो किया, जो किसी ने भी नहीं सोचा था। 2018 में भाजपा ने त्रिपुरा में अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 44 सीटों पर विजय प्राप्त की और पहली बार त्रिपुरा में सरकार बनाई। पहली बार त्रिपुरा में राष्ट्रवादी विचारधारा की विजय हुई और उन्होंने अपनी सरकार स्थापित की। लेकिन ये तो मात्र प्रारंभ था, क्योंकि यहाँ से बिप्लब देब का ही नहीं, अपितु त्रिपुरा का भी भाग्योदय प्रारंभ हुआ।

और पढ़ें : त्रिपुरा में कट्टरपंथियों की हेकड़ी को धूल में मिलाने हेतु तैयार हैं बिप्लब कुमार देब

इसके लक्षण तभी से दिखने प्रारंभ हुए, जब त्रिपुरा में पहली बार विधानसभा में राष्ट्रगान बजा, और वर्षों पूर्व स्थापित व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ध्वस्त किया गया। त्रिपुरा निर्धन राज्य नहीं था, परन्तु उसे जानबूझकर वैसे रखा गया, और इसी के विरुद्ध बिप्लब देब ने आते ही मोर्चा खोल दिया, और इसमें वामपंथियों ने भी भरपूर सहयोग दिया।

वो कैसे? बिप्लब देब ने जब महाभारत को आधुनिक युग से जोड़ने का प्रयास किया था, तो भाषा पर अपनी पकड़ न होने के कारण वे अपनी बात पूरी तरह समझा नहीं पाए, जिसपे मीडिया ने उनका उपहास उडाना शुरू कर दिया। परन्तु अनजाने में उन्होंने बिप्लब देब को वो लाइमलाईट देनी शुरू कर दी, जिसके लिए वो और त्रिपुरा वास्तव में अधिकारी थे।

TFI ने अपने एक विश्लेष्णात्मक पोस्ट में लिखा भी है,

“बिप्लब देव के सत्ता में आने से पहले सभी मीडिया त्रिपुरा के पूर्व सीएम माणिक सरकार के गुणगान करते नहीं थकती थी, मीडिया के अनुसार वोएक गौरवशाली नेता थे। जैसे ही 2018 के चुनावों में माणिक की हार हुई औरबीजेपी ने 25 सालों बाद गैर-कम्युनिस्ट सरकार की स्थापना की वैसे ही मीडियाकी रूचि त्रिपुरा में बढ़ गयी।”

परन्तु बिप्लब देब की लोकप्रियता यहीं तक सीमित नहीं है। उदाहरण के लिए 2019 में बिप्लब कुमार देब ने साफ किया कि उनकी सरकार ने राज्य के शहरों को गंदगी से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा ‘राज्य के लोगों को अपने आस पास सफाई बनाए रखने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें खुले में कूड़ा फेंकने से बचना चाहिए। लोग खुले में ही गंदगी से भरा प्लास्टिक बैग फेंक देते हैं जो बाद में नालियों को जाम कर देता है। लोगों सड़कों पर थूकते हुए चलते हैं। हमें इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।’

परन्तु असल अग्निपरीक्षा तब आई, जब हाल ही में कट्टरपंथी मुसलमानों ने विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा बांग्लादेशी हिन्दुओं के विरुद्ध अत्याचारों के विरोध प्रदर्शनों पर आगजनी और उपद्रव का प्रयास किया। असल में त्रिपुरा के पानीसागर नामक एक क्षेत्र में विश्व हिन्दू परिषद ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। इसका प्रमुख उद्देश्य था बांग्लादेश में हिंदुओं पर हाल ही में हुए अत्याचारों का विरोध करना। लेकिन ऐसी रैली हो और अराजकतत्व अपना काम न करे, ऐसा हो सकता है क्या? अफवाह फैला दी गई कि त्रिपुरा में मस्जिदें जलाई जा रही हैं, जिसके पीछे कट्टरपंथी मुसलमानों ने त्रिपुरा में जमकर उत्पात मचाया, लेकिन जब प्रत्युत्तर में त्रिपुरा की जनता ने उन्हे सबक सिखाया, तो सोशल मीडिया पर #SaveTripuraMuslims जैसे हास्यास्पद हेशटैग ट्रेंड होने लगे।

इस बीच त्रिपुरा पुलिस ने भी अपने रुख से स्पष्ट कर दिया कि यह गुंडागर्दी और कहीं भी चले, त्रिपुरा में नहीं चलने वाली। उन्होंने मस्जिद के जलाए जलाने का पुरजोर खंडन किया और यह भी कहा कि ऐसी अफवाह फैलाने वाले देशद्रोहियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्रिपुरा के कानून व्यवस्था को संभालने वाले IG सौरभ त्रिपाठी ने दो टूक बयान में कहा, “पानीसागर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई मस्जिद नहीं जली थी। ट्विटर और फ़ेसबुक पर देशद्रोही और शरारती तत्व जानबूझकर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। जो वीडियो और फोटो सर्कुलेट की जा रही हैं, उसका मूल घटना से कोई वास्ता ही नहीं है।” इतना ही नहीं, त्रिपुरा प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कट्टरपंथी मुसलमानों और उनके खैरख्वाहों को तुरंत सलाखों के पीछे पहुंचाया और उनपर UAPA के अंतर्गत कार्रवाई भी की।

आज देश को ऐसे लोगों की सख्त आवश्यकता है, जो अपनी संस्कृति का मान भी रखें, और साथ ही साथ आधुनिकता के साथ भी कदम से कदम मिलाकर चलें! ऐसे में बिप्लब कुमार देब ने अपनी ओर से कमर कस ली है, और उन्होंने कहीं न कहीं हिमन्ता बिस्वा सरमा और योगी आदित्यनाथ के तौर तरीकों से ही सीख ली है। अब ऐसे में तो भारत का अहित चाहने वालों की खैर नहीं।

Tags: बिप्लब कुमार देब
शेयर200ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PV नरसिम्हा राव और KPS गिल के तरीके ही हैं खालिस्तानियों से निपटने का रामबाण इलाज

अगली पोस्ट

हेमंत करकरे: वह आदमी जो बहुत आधिक ही जानता था

संबंधित पोस्ट

बिपिन रावत
चर्चित

‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

16 March 2026

जनरल रावत के कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य था एक ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’ की स्थापना। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप...

Indian navy in hormuz and trump
चर्चित

होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

15 March 2026

फ़िलहाल पूरा पश्चिमी एशिया जंग की चपेट में है और पूरे विश्व की एनर्जी सप्लाई पर इसका सीधा दिख रहा है, क्योंकि इस जंग की...

स्टेडियम से सोशल मीडिया तक : काव्या मारन क्यों बनीं चर्चा का केंद्र?
चर्चित

स्टेडियम से सोशल मीडिया तक : काव्या मारन क्यों बनीं चर्चा का केंद्र?

13 March 2026

IPL के मैचों के दौरान ये काफी जाना-पहचाना चेहरा बन चुका है, ख़ासकर हैदराबाद के मैचों के दौरान। ये चेहरा कोई और नहीं, सनराइजर्स हैदराबाद...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited