TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इन 3 कारणों से Z श्रेणी की सुरक्षा नहीं चाहते हैं असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी तुम्हारे 'मायाजाल' में नहीं फंसेगी जनता!

Shashwat Singh द्वारा Shashwat Singh
8 February 2022
in चर्चित
इन 3 कारणों से Z श्रेणी की सुरक्षा नहीं चाहते हैं असदुद्दीन ओवैसी
Share on FacebookShare on X

“असत्य को जीत का मंत्र पता नहीं होता है, इस कारण असत्य वह जीवन भर केवल षड़यंत्र रचते रहता है”

कुछ ऐसा ही हाल भारत में लोकसभा सांसद और AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का है। कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के हापुड़ में ओवैसी के काफिले पर उस समय फायरिंग की गई थी, जब वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव संबंधी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हालांकि, हापुड़ पुलिस ने गोलीबारी में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि कई टीमें मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस ने इस संदर्भ में कहा कि ओवैसी की गाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 के हापुड़-गाजियाबाद खंड पर छिजारसी टोल प्लाजा के पास से गुजर रही थी, तब यह घटना घटी। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।

और पढ़ें: ओवैसी की सलामती के लिए चढ़ाई गई 101 बेज़ुबानों की बलि, PETA ने साधी चुप्पी

संबंधितपोस्ट

शोएब जमई हिंदुस्तान में क्रिकेट ख़ुद में एक धर्म है, उसे हिंदू-मुसलमान में मत बांटो

आखिर ऐसा क्या हुआ कि मध्य प्रदेश में AIMIM की एकमात्र हिंदू पार्षद ने छोड़ दी पार्टी?

जहाज और कश्तियों की जंग में ‘डूबते’ मुस्लिम

और लोड करें

ओवैसी ने Z श्रेणी की सुरक्षा से किया इंकार

ओवैसी ने हिंदी में ट्वीट करते हुए लिखा, “कुछ देर पहले छिजारसी टोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियाँ चलाई गयी। 4 राउंड फ़ायर हुए। 3-4 लोग थे, सब के सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गयी, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल गया। हम सब महफ़ूज़ हैं। अलहमदु’लिलाह।“ वहीं, सोशल मीडिया पर इस बात की भी चर्चा हो रही है कि यूपी चुनाव में अपनी ज़मीन तलाश रहे ओवैसी ने यह घटना अपने ही इशारे पर कराई है। जिस प्रकार पहले भी कई बार राजनेता अपने ऊपर हमला कराकर लाइमलाइट लेने का प्रयास करते है, ठीक वही प्रयास ओवैसी भी अजमा रहे हैं।

कुछ देर पहले छिजारसी टोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियाँ चलाई गयी। 4 राउंड फ़ायर हुए। 3-4 लोग थे, सब के सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गयी, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल गया। हम सब महफ़ूज़ हैं। अलहमदु’लिलाह। pic.twitter.com/Q55qJbYRih

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 3, 2022

वहीं, इस घटना के बाद भारत सरकार ने असदुद्दीन ओवैसी को z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने की घोषणा की लेकिन बाद ओवैसी ने खुद केंद्र द्वारा दी गई जेड सुरक्षा को खारिज कर दिया। ओवैसी ने कहा कि “वह मरने से नहीं डरते हैं, लेकिन ‘ए श्रेणी के नागरिक’ के रूप में रहना चाहते हैं।” बताते चलें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अमित शाह ने सोमवार को संसद में कहा, “ओवैसी पर हमले का फिर से आकलन किया गया है और उन्हें एक बुलेटप्रूफ वाहन और जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। लेकिन, मौखिक जानकारी के अनुसार उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया है। मैं उनसे केंद्र सरकार द्वारा उन्हें दी गई सुरक्षा को स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं।”

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि भारत सरकार द्वारा दी जा रही Z श्रेणी की सुरक्षा से ओवैसी क्यों मना कर रहे हैं? चलिए हम आपको बताते हैं। दरअसल, इसके पीछे तीन कारण हैं।

पहला कारण: ओवैसी पर कोई हमला नहीं हुआ

दरअसल, ओवैसी पर हुए हमले को लेकर अब आम जनमानस भी शक करने लगी है। ओवैसी द्वारा दिखाए गए उनकी कार की तस्वीर में कार के सबसे निचले बिंदु पर दो बुलेट शॉट हैं। हम कोई विशेषज्ञ नहीं हैं लेकिन जब एक हत्यारा अपने लक्ष्य को साधना चाहता है तो वह शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों यानी ऊपरी धड़ को निशाना बनाता है। लेकिन गोलियों के छेद से पता चलता है कि हत्यारों ने उनके ऊपरी शरीर को निशाना नहीं बनाया था। हत्यारे जानते थे कि असदुद्दीन ओवैसी भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल नेताओं में से एक हैं।

उनके प्रति किसी भी तरह की अप्रिय घटना की गहन जांच की जाएगी। यह सब जानते हुए हत्यारों ने अपनी बंदूकें घटना स्थल पर ही छोड़ दी, जोकि एक मूर्खता प्रतीत है। वहीं, इस बात की पूरी संभावना है कि बंदूकों पर उनकी उंगलियों के निशान जांचकर्ताओं के निपटान में उपलब्ध बायोमेट्रिक्स डेटा के ढेर से मेल खाएंगे। ऐसे में, कहा जा सकता है कि इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया। वहीं, इस नाटकीय घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि ओवैसी पर कोई हमला हुआ हीं नहीं है ।

दूसरा कारण: खुद पर एक और हमला करवा सकते हैं ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम समुदाय के राष्ट्रीय नेता बनने की ओर अग्रसर हैं। उनका चुनावी आधार हैदराबाद के अलावा अब महाराष्ट्र और बिहार के साथ दुसरे राज्यों में भी फैल गया है। पिछले साल हुए बंगाल चुनाव में मुसलमानों द्वारा दरकिनार होने के बाद ओवैसी अब अपने ऊपर हमला का मुद्दा उछाल कर मुसलमानों को भावुक और दिग्भ्रमित करना चाहते हैं ताकि आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में मुसलामानों का वोट पूरी तरह से अपने पाले में ला सकें। ओवैसी यह समझ चुके हैं कि मुसलामानों को रिझाना है तो इस तरह के सियासी चाल चलना जरुरी है। ऐसा पूरा अनुमान है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के समय मुस्लिम वोट बैंक की लालसा में ओवैसी खुद पर फिर से ऐसे ही नाटकीय हमला करवा सकते हैं।

और पढ़ें: ओवैसी की हत्या के लिए किसी ने नौसिखिए हमलावर को चुना किंतु हमारे अनुमान में ओवैसी खुद ही हैं

तीसरा कारण: सहानुभूति दिखाकर मुस्लिम वोट बैंक हथियाना

ओवैसी Z श्रेणी की सुरक्षा को खारिज कर अधिक से अधिक मुसलमानों को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं। ओवैसी ने अब अपने आपको महान साबित करने के लिए स्वांग रचाना शुरू कर दिया है। किसी मझे हुए फ़िल्मी अभिनेता की तरह उन्होंने कहा है कि “मुझे Z-श्रेणी की सुरक्षा नहीं चाहिए। मैं चुप नहीं रहने वाला… मुझ पर गोली चलाने वालों के खिलाफ UPA क्यों नहीं लगाया गया? मुझे सुरक्षा नहीं चाहिए, लेकिन आप उनके खिलाफ UPA लागू करें। मैं जीना चाहता हूं, बोलो। मुझे जीने के लिए आवाज उठानी है। गरीब सुरक्षित रहेंगे तभी मेरा जीवन सुरक्षित रहेगा। अगर संविधान गरीबों, कमजोरों और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करता है, तो मैं भी सुरक्षित रहूंगा। मुझे पता है कि हम में से प्रत्येक के लिए मृत्यु होगी।”

बता दें कि ओवैसी जिस उद्देश्य से यूपी की राजनीति में आए थे, उन्हें जनता से उस तरह की प्रतिक्रिया मिलती नहीं दिख रही है। मुस्लिम मतदाताओं के वोटों का ध्रुवीकरण करने की तीव्र इच्छा के साथ आए असदुद्दीन ओवैसी को राज्य में पहले से स्थापित पार्टियों ने बहुत पीछे छोड़ दिया है। एक दौर था जब ओवैसी ओमप्रकाश राजभर के साथ चुनाव लड़ने की बात कर रहे थे, आज वही राजभर स्वयं अखिलश यादव के साथ हमजोली हो चले हैं।

ऐसे में, इन सब बातों से वो देश के मुसलमानों की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों से ओवैसी देश में मुसलमानों के हितैषी बन कर उभरे हैं। वहीं, विभिन्न राज्यों में विधानसभा के चुनाव के दौरान उनकी पार्टी हर एक राज्य में चुनाव लड़ रही है। वो मुसलामानों का वोट प्राप्त करने के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार हैं। चाहे फिर राजनीतिक नाटक या फिर कथाकथित खुद पर हमला ही क्यों न कराना पड़े!

Tags: AIMIMअसदुद्दीन ओवैसीजेड सिक्यूरिटी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PM मोदी ने विपक्ष पर किए 10 बड़े प्रहार, विरोधियों को किया धराशायी!

अगली पोस्ट

भारतीयों के दबाव में झुकी हुंडई इंडिया, बिना शर्त मांगी माफी

संबंधित पोस्ट

अमेरिकी सांसद रिले मूर ने प्रस्तावित FCRA संसोधन विधेयक 2026 को ईसाईयों पर हमला बताया है
चर्चित

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

6 August 2026

अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद रिले एम. मूर का एक सोशल मीडिया पोस्ट भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भारत का...

मेटा की माफी नाकाफी
चर्चित

क्या मेटा की माफी नाकाफी? निरंकुश बिग-टेक को अब बनाना होगा जवाबदेह

6 August 2026

"गलती हुई है और हम सुधार करेंगे।" मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और उनकी टीम की ओर से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं...

पंजाब पुलिस का खुलासे से उठा पर्दा
चर्चित

पंजाब पुलिस का खुलासे से उठा पर्दा: राष्ट्रीय सुरक्षा पर इनपुट के बीच पीएम मोदी ने मंजूर किया था शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

6 August 2026

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहा 36 दिनों का उग्र आंदोलन हाल ही में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited