TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Dear Malala, आप उसी विचारधारा का समर्थन कर रही हैं, जिसने आपके सिर में गोली मार दी थी

इनसे और क्या ही उम्मीद की जा सकती है!

Shashwat Singh द्वारा Shashwat Singh
9 February 2022
in चर्चित
मलाला हिजाब

Source- Google

Share on FacebookShare on X

लिबरल्स की चहेती माने जाने वाली नोबल पुरस्कार विजेता स्वघोषित महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफ़ज़ई एक बार फिर सुर्खियों में है। ऐसा प्रतीत होता दिख रहा है कि मलाला युसुफ़ज़ई की अंतरात्मा को एक बार फिर गहरा धक्का पहुंचा है। उन्होंने मंगलवार को कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद पर मलाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अपने ट्वीट में वो उसी विषैले विचारधारा की पैरवी करते दिख रही हैं, जिससे मोर्चा लेने के चक्कर में उन्होंने सिर में गोली खाई थी!

मलाला ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, “कॉलेज हमें पढ़ाई और हिजाब के बीच चयन करने के लिए मजबूर कर रहा है। लड़कियों को उनके हिजाब में स्कूल जाने से मना करना भयावह है। कम या ज्यादा पहनने के लिए महिलाओं के प्रति नजरिया बना रहता है। भारतीय नेताओं को चाहिए कि वे मुस्लिम महिलाओं को हाशिए पर जाने से रोके।” 

संबंधितपोस्ट

सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

क्या RSS का विरोध करना कांग्रेस की राजनीति के लिए एकमात्र “धर्मनिरपेक्ष योग्यता” बन गया है? आपकी क्या राय है?

और लोड करें

“College is forcing us to choose between studies and the hijab”.

Refusing to let girls go to school in their hijabs is horrifying. Objectification of women persists — for wearing less or more. Indian leaders must stop the marginalisation of Muslim women. https://t.co/UGfuLWAR8I

— Malala Yousafzai (@Malala) February 8, 2022

दरअसल, मलाला का यह बयान कर्नाटक के उडुपी जिले के गवर्नमेंट गर्ल्स पीयू कॉलेज में शुरू हुए हिजाब विवाद के बाद सामने आया है। ध्यान देने वाली बात है कि उडुपी और चिक्कमगलुरु में दक्षिणपंथी समूहों ने मुस्लिम लड़कियों के स्कूल में हिजाब पहनने पर आपत्ति जताई थी। उसके बाद कर्नाटक में हिन्दू छात्रों ने हिज़ाब के जवाब में भगवा शॉल ओढ़कर आंदोलन शुरू कर दिया। हालांकि, अब राज्य सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने और बच्चों को पढ़ने देने की अपील की है।

और पढ़ें: कर्नाटक: हिजाब के जवाब में उतरा भगवा गमछा

मलाला को लगी लताड़

बता दें कि मलाला का बयान सामने आने के बाद नेटिज़ेंस ने मलाला को आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर TFI के सह संस्थापक अजित दत्ता ने भी ट्वीट किया और मलाला के दोहरे चरित्र को लेकर उन्हें लताड़ लगाई है। अजित दत्ता ने अपने ट्वीट में लिखा, “बुर्का पहनना बड़े कपड़े के शटलकॉक के अंदर चलने जैसा है, जिसमें केवल एक ग्रिल है और गर्म दिनों में यह ओवन की तरह है।” उन्होंने यह बात मलाला की किताब I Am Malala को कोट करते हुए लिखा।

“Wearing a burqa is like walking inside big fabric shuttlecock with only a grille to see through and on hot days it’s like an oven.”

–@Malala in her book “I am Malala”

— Ajit Datta (@ajitdatta) February 9, 2022

वहीं, मोनिका नामक महिला ने ट्वीट करते हुए लिखा, “वह एक बार भी तालिबान की  आलोचना नहीं करेंगी, जो हिजाब न पहनने, शिक्षा प्राप्त करने और घर से बाहर निकलने के लिए महिलाओं की हत्या कर रहा है। लेकिन वह निश्चित रूप से सभी भारत विरोधी प्रचार का समर्थन करेंगी। मलाला द मास्टर प्रोपगैंडिस्ट!”

इसी बीच पत्रकार राहुल शिवशंकर ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए कहा, “मलाला अब कर्नाटक हिजाब मामले में भी आ गई हैं। वह यह कहते हुए बुर्का पहनने का समर्थन करती हैं कि “महिलाओं को अपना हक चुनने का अधिकार है”, लेकिन उन्होंने नॉर्वे को कभी भी मुखर रूप से कुछ नहीं कहा, भले ही वहां के स्कूलों और कॉलेजों में बुर्का, नकाब पर प्रतिबंध लगाता है।”

और पढ़ें: कर्नाटक सरकार जल्द ही स्कूल में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने जा रही है

तालिबानियों ने की थी मारने की कोशिश

गौरतलब है कि मलाला महज 14 साल की उम्र में पाकिस्तान में तालिबान की हत्या के प्रयास से बच गई थी। वर्ष 2012 में लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए तालिबान ने उनके सिर में गोली मार दी थी। शिक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाने के लिए चर्चा में रहने वाली 14 वर्षीय मलाला को तुरंत ही अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिल गयी, और उसे तुरंत इंग्लैंड शिफ्ट कर गया, जहां न सिर्फ उसका इलाज हुआ अपितु वहीं से वो अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं। घटना के दो साल बाद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उसी मलाला ने कभी अपने भाषण में कहा था कि कैसे वो तालिबान से नहीं डरती और कैसे आतंकवादी किताबों वाली लड़कियों से डरते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि गोलीकांड के बाद वो कभी भी वापस लौटकर पाकिस्तान (स्वाट घाटी) नहीं गई, वो यूके में रहकर ज्ञान बांटती हैं और खुद अपने वतन जाने से कतराती हैं, इससे साफ पता चलता है कि वो वास्तव में महिलाओं के अधिकारों को लेकर कितनी चिंतित हैं। लेकिन आज जब शिक्षा के पवित्र स्थान पर कुछ इस्लामवादियों द्वारा धार्मिक रंग थोपा जा रहा है, तो उसपर बयान न देकर वो अपना एजेंडा चलाने में लगी हुई हैं।

और पढ़ें: क्या कश्मीर में कथित अत्याचार को हथियार बनाकर पाकिस्तान वापसी की राह बना रही हैं मलाला?

पाकिस्तान और तालिबान पर चुप्पी

आपको बताते चलें कि आज तक मलाला ने पाकिस्तान में हो रहे अल्पसंख्यकों एवं अन्य समुदायों पर अत्याचार के बारे में एक शब्द नहीं बोला। आज भी पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए दिन रात प्रयासरत है। पाकिस्तान के समर्थन का ही नतीजा है कि तालिबान आज भी एक सक्रिय आतंकी संगठन है। यदि मलाला वास्तव में नारी शक्ति की हितैषी होती, तो वो पाकिस्तान को आड़े हाथों लेती, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में की जा रही क्रूरता पर सवाल उठाती, परंतु मलाला पर इन सभी बातों का कोई असर नहीं होता।

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मलाला अपनेआप में हिपोक्रिसी की चलती फिरती प्रतिमूर्ति हैं! उन्होंने यह साबित कर दिया है कि नोबेल प्राइज प्राप्त किया जा सकता है, पर अपने भीतर के मानसिक ज़हर को ख़त्म नहीं किया जा सकता। मलाला आज उसी तरह की विचारधारा का समर्थन कर रही हैं, जिसने कभी उनके सिर में गोली मार दी थी।

हालांकि, कर्नाटक हिज़ाब मुद्दे पर सारे वामपंथियों के बड़बोले बयान सामने आने के बाद यहीं कहा सकता है कि स्कूल वह जगह होता है, जहां आपको ज्ञान के साथ-साथ जीवन जीने के तरीके और जीवन के मुख्य उद्देश्य के बारे में पता चलता है। लेकिन स्कूल जैसे शिक्षा के मंदिर में धार्मिक उन्माद फैलाना किसी तरह से जायज़ नहीं है और यह बात हिज़ाब पहनने वाले अल्पसंख्यक महिलाओं को समझनी चाहिए!

Tags: कर्नाटकमलाला यूसुफजईहिजाब विवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रायबरेली ने किया सोनिया गांधी को अस्वीकार

अगली पोस्ट

हिजाब विवाद को सांप्रदायिक कौन बना रहा है?

संबंधित पोस्ट

लंंदन ग्रेटा थनबर्ग, भारत में तेज हुई राजनीतिक बहस,
चर्चित

लंदन में CJP प्रदर्शन के समर्थन कार्यक्रम में पहुंचीं ग्रेटा थनबर्ग, भारत में तेज हुई राजनीतिक बहस

27 July 2026

स्वीडन की मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई...

NEET-UG परीक्षा से संबंधित प्रतिनिधिक
चर्चित

NEET पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन नहीं हो सकी सुनवाई, CBI का वकील नहीं पहुंचा; कोर्ट ने लोक अभियोजक नियुक्त करने के दिए निर्देश

27 July 2026

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए बनाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले ही दिन सुनवाई शुरू...

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

27 July 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद भवन पहुंचे। उनके संसद पहुंचते ही...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited