TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Dear Malala, आप उसी विचारधारा का समर्थन कर रही हैं, जिसने आपके सिर में गोली मार दी थी

इनसे और क्या ही उम्मीद की जा सकती है!

Shashwat Singh द्वारा Shashwat Singh
9 February 2022
in चर्चित
मलाला हिजाब

Source- Google

Share on FacebookShare on X

लिबरल्स की चहेती माने जाने वाली नोबल पुरस्कार विजेता स्वघोषित महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफ़ज़ई एक बार फिर सुर्खियों में है। ऐसा प्रतीत होता दिख रहा है कि मलाला युसुफ़ज़ई की अंतरात्मा को एक बार फिर गहरा धक्का पहुंचा है। उन्होंने मंगलवार को कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद पर मलाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अपने ट्वीट में वो उसी विषैले विचारधारा की पैरवी करते दिख रही हैं, जिससे मोर्चा लेने के चक्कर में उन्होंने सिर में गोली खाई थी!

मलाला ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, “कॉलेज हमें पढ़ाई और हिजाब के बीच चयन करने के लिए मजबूर कर रहा है। लड़कियों को उनके हिजाब में स्कूल जाने से मना करना भयावह है। कम या ज्यादा पहनने के लिए महिलाओं के प्रति नजरिया बना रहता है। भारतीय नेताओं को चाहिए कि वे मुस्लिम महिलाओं को हाशिए पर जाने से रोके।” 

संबंधितपोस्ट

सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

क्या RSS का विरोध करना कांग्रेस की राजनीति के लिए एकमात्र “धर्मनिरपेक्ष योग्यता” बन गया है? आपकी क्या राय है?

और लोड करें

“College is forcing us to choose between studies and the hijab”.

Refusing to let girls go to school in their hijabs is horrifying. Objectification of women persists — for wearing less or more. Indian leaders must stop the marginalisation of Muslim women. https://t.co/UGfuLWAR8I

— Malala Yousafzai (@Malala) February 8, 2022

दरअसल, मलाला का यह बयान कर्नाटक के उडुपी जिले के गवर्नमेंट गर्ल्स पीयू कॉलेज में शुरू हुए हिजाब विवाद के बाद सामने आया है। ध्यान देने वाली बात है कि उडुपी और चिक्कमगलुरु में दक्षिणपंथी समूहों ने मुस्लिम लड़कियों के स्कूल में हिजाब पहनने पर आपत्ति जताई थी। उसके बाद कर्नाटक में हिन्दू छात्रों ने हिज़ाब के जवाब में भगवा शॉल ओढ़कर आंदोलन शुरू कर दिया। हालांकि, अब राज्य सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने और बच्चों को पढ़ने देने की अपील की है।

और पढ़ें: कर्नाटक: हिजाब के जवाब में उतरा भगवा गमछा

मलाला को लगी लताड़

बता दें कि मलाला का बयान सामने आने के बाद नेटिज़ेंस ने मलाला को आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर TFI के सह संस्थापक अजित दत्ता ने भी ट्वीट किया और मलाला के दोहरे चरित्र को लेकर उन्हें लताड़ लगाई है। अजित दत्ता ने अपने ट्वीट में लिखा, “बुर्का पहनना बड़े कपड़े के शटलकॉक के अंदर चलने जैसा है, जिसमें केवल एक ग्रिल है और गर्म दिनों में यह ओवन की तरह है।” उन्होंने यह बात मलाला की किताब I Am Malala को कोट करते हुए लिखा।

“Wearing a burqa is like walking inside big fabric shuttlecock with only a grille to see through and on hot days it’s like an oven.”

–@Malala in her book “I am Malala”

— Ajit Datta (@ajitdatta) February 9, 2022

वहीं, मोनिका नामक महिला ने ट्वीट करते हुए लिखा, “वह एक बार भी तालिबान की  आलोचना नहीं करेंगी, जो हिजाब न पहनने, शिक्षा प्राप्त करने और घर से बाहर निकलने के लिए महिलाओं की हत्या कर रहा है। लेकिन वह निश्चित रूप से सभी भारत विरोधी प्रचार का समर्थन करेंगी। मलाला द मास्टर प्रोपगैंडिस्ट!”

इसी बीच पत्रकार राहुल शिवशंकर ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए कहा, “मलाला अब कर्नाटक हिजाब मामले में भी आ गई हैं। वह यह कहते हुए बुर्का पहनने का समर्थन करती हैं कि “महिलाओं को अपना हक चुनने का अधिकार है”, लेकिन उन्होंने नॉर्वे को कभी भी मुखर रूप से कुछ नहीं कहा, भले ही वहां के स्कूलों और कॉलेजों में बुर्का, नकाब पर प्रतिबंध लगाता है।”

और पढ़ें: कर्नाटक सरकार जल्द ही स्कूल में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने जा रही है

तालिबानियों ने की थी मारने की कोशिश

गौरतलब है कि मलाला महज 14 साल की उम्र में पाकिस्तान में तालिबान की हत्या के प्रयास से बच गई थी। वर्ष 2012 में लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए तालिबान ने उनके सिर में गोली मार दी थी। शिक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाने के लिए चर्चा में रहने वाली 14 वर्षीय मलाला को तुरंत ही अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिल गयी, और उसे तुरंत इंग्लैंड शिफ्ट कर गया, जहां न सिर्फ उसका इलाज हुआ अपितु वहीं से वो अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं। घटना के दो साल बाद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उसी मलाला ने कभी अपने भाषण में कहा था कि कैसे वो तालिबान से नहीं डरती और कैसे आतंकवादी किताबों वाली लड़कियों से डरते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि गोलीकांड के बाद वो कभी भी वापस लौटकर पाकिस्तान (स्वाट घाटी) नहीं गई, वो यूके में रहकर ज्ञान बांटती हैं और खुद अपने वतन जाने से कतराती हैं, इससे साफ पता चलता है कि वो वास्तव में महिलाओं के अधिकारों को लेकर कितनी चिंतित हैं। लेकिन आज जब शिक्षा के पवित्र स्थान पर कुछ इस्लामवादियों द्वारा धार्मिक रंग थोपा जा रहा है, तो उसपर बयान न देकर वो अपना एजेंडा चलाने में लगी हुई हैं।

और पढ़ें: क्या कश्मीर में कथित अत्याचार को हथियार बनाकर पाकिस्तान वापसी की राह बना रही हैं मलाला?

पाकिस्तान और तालिबान पर चुप्पी

आपको बताते चलें कि आज तक मलाला ने पाकिस्तान में हो रहे अल्पसंख्यकों एवं अन्य समुदायों पर अत्याचार के बारे में एक शब्द नहीं बोला। आज भी पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए दिन रात प्रयासरत है। पाकिस्तान के समर्थन का ही नतीजा है कि तालिबान आज भी एक सक्रिय आतंकी संगठन है। यदि मलाला वास्तव में नारी शक्ति की हितैषी होती, तो वो पाकिस्तान को आड़े हाथों लेती, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में की जा रही क्रूरता पर सवाल उठाती, परंतु मलाला पर इन सभी बातों का कोई असर नहीं होता।

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मलाला अपनेआप में हिपोक्रिसी की चलती फिरती प्रतिमूर्ति हैं! उन्होंने यह साबित कर दिया है कि नोबेल प्राइज प्राप्त किया जा सकता है, पर अपने भीतर के मानसिक ज़हर को ख़त्म नहीं किया जा सकता। मलाला आज उसी तरह की विचारधारा का समर्थन कर रही हैं, जिसने कभी उनके सिर में गोली मार दी थी।

हालांकि, कर्नाटक हिज़ाब मुद्दे पर सारे वामपंथियों के बड़बोले बयान सामने आने के बाद यहीं कहा सकता है कि स्कूल वह जगह होता है, जहां आपको ज्ञान के साथ-साथ जीवन जीने के तरीके और जीवन के मुख्य उद्देश्य के बारे में पता चलता है। लेकिन स्कूल जैसे शिक्षा के मंदिर में धार्मिक उन्माद फैलाना किसी तरह से जायज़ नहीं है और यह बात हिज़ाब पहनने वाले अल्पसंख्यक महिलाओं को समझनी चाहिए!

Tags: कर्नाटकमलाला यूसुफजईहिजाब विवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रायबरेली ने किया सोनिया गांधी को अस्वीकार

अगली पोस्ट

हिजाब विवाद को सांप्रदायिक कौन बना रहा है?

संबंधित पोस्ट

Hindu Population Pakistan Bangladesh Asif Ali Zardari
चर्चित

पड़ोसी देशों में घटते हिंदू: ‘बर्दाश्त’ वाले बयान से पाकिस्तान-बांग्लादेश में 70 साल में कितना बदला आंकड़ा? समझें पूरी कहानी

16 August 2026

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक बयान ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जरदारी...

Maha FDA Tukaram Mundhe's Notice to SRK, Ajay Devgan,Tiger Shorff
चर्चित

Vimal Elaichi Ad: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को FDA का नोटिस, आगे क्या होगा?

16 August 2026

Vimal इलायची विज्ञापन विवाद में घिरे शाहरुख, अजय और टाइगर; जानिए क्या होगी कानूनी कार्रवाई और आगे क्या होगा Vimal इलायची की एड के मामले...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited