TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

असम के मूल निवासियों का हक खोने नहीं देगी भाजपा, राज्य में फिर से लागू होगा NRC !

लिबरलों फिर से चिल्लाने के लिए तैयार हो जाओ!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
28 March 2022
in चर्चित
असम NRC

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

इतिहास साक्षी रहा है कि जब जब भारत के लोग भारत की भौगोलिक परिधि को पार कर दूसरे राष्ट्र में गए हैं, तब तब उन्होंने वहां की सभ्यता को और अधिक परिष्कृत और संपन्न किया है। आप अगर चाहे तो ब्रिटेन, अमेरिका, मालदीव और मॉरीशस में बसे हुए भारतवंशियों को देख सकते हैं। और यही रीति एक अन्य विशेष समुदाय और भारत में उनके घुसपैठ के संबंध में सटीक नहीं बैठती है। जब जब भारत के पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली सीमाओं से घुसपैठ हुआ है, तब तब उन्होंने हमारी संस्कृति को परिष्कृत करने के बजाए उसके अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। इस प्रकार के संकट से सबसे ज्यादा परेशान भारत का पूर्वोत्तर राज्य असम रहा है। 1971 के युद्ध में बांग्लादेश पर अपना अनुचित कब्जा बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया था। इतिहास के इस सबसे क्रूरतम नरसंहार में लाखों बंगाली हिंदुओं और बांग्लादेशी मुसलमानों का कत्लेआम किया गया। वे अपनी जान बचाने के लिए अवैध रूप से भारत की सीमा में दाखिल हो गए। इस शरणार्थी संकट से पूर्वोत्तर के राज्यों विशेषकर असम की संस्कृति और सभ्यता पर खतरा उत्पन्न हो गया। इतने बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ से असम की जनसांख्यिकी में भारी परिवर्तन आया और वहां के मूल निवासियों की राजनीतिक शक्ति और अधिकार में भी गिरावट आई।

धीरे-धीरे रोजगार और बेहतर गुणवत्ता वाले जीवन के लिए इन अवैध बांग्लादेशी शरणार्थियों ने बांग्लादेश में रह गए अपने परिजनों का भी अवैध रूप से पलायन कराना शुरू कर दिया। भारत सरकार से सुविधा लेने के लिए इन लोगों ने आधार कार्ड, मतदाता पत्र और यहां तक कि पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र बनवाकर मत देने का अधिकार प्राप्त कर लिया। कुछ समय बाद रोहिंग्या संकट भी उभर कर आने लगा। ऐसे में असम गण परिषद के राजनीतिक आंदोलन के बैनर तले बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों को असम से बाहर निकालने की मांग तेज होने लगी। सभी जानते थे कि इस कार्य में समय लगेगा। अतः तात्कालिक रूप से राहत के लिए इनका नाम मतदाता सूची से निकालने के लिए सरकार से गुहार लगाई गई। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में चरम पर पहुंची यह समस्या राजीव गांधी के कार्यकाल तक बनी रही, यद्यपि उनके कार्यकाल में असम अकॉर्ड समझौता संपन्न हुआ। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को विशेष रूप से असम में NRC की प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया।

संबंधितपोस्ट

पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

असम में हाथियों से टकराने के बाद सैरंग राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 8 हाथियों की मौत, सभी यात्री सुरक्षित

और लोड करें

और पढ़ें: ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में एनआरसी की बात पर इतना क्यों डरती हैं ?

दशकों से लंबित नागरिकता रजिस्टर के पूरी होने की संभावना भाजपा के शासनकाल में दिखने लगी। परंतु यह अवैध घुसपैठिए भारत के सामाजिक और राजकीय व्यवस्था में इतने घुल मिल चुके हैं कि कई अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल हो गए, जबकि कई भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए। मामले की जटिलता और गंभीरता को देखते हुए सरकार ने NRC की प्रक्रिया को राष्ट्रव्यापी कार्य के रूप में करने की ठानी, ताकि कम से कम सरकारी योजनाओं परियोजनाओं का लाभ देने से पहले भारत सरकार को भी तो पता चल सके कि उनका नागरिक कौन है? परंतु, विपक्ष के प्रोपेगेंडा और राष्ट्रीय स्तर पर दिग्भ्रमित मुसलमानों के विरोध प्रदर्शन से यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। विशेष रुप से असम के लिए तैयार की गई NRC रजिस्टर में भी कई त्रुटियां मिलने के कारण सरकार हलकान परेशान हो गई। परंतु अब असम में एक शेर का शासन है और उसका नाम है- हिमंता बिस्वा सरमा। हिमंता ने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर निकाल लेगी और उन्हें असम के मूल निवासियों का हक खाने से रोकेगी।

NRC के पुन: सत्यापन के लिए SC का रूख करेगी असम सरकार

दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीते दिन रविवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) एक बार फिर से आयोजित किया जाना चाहिए। इसी बीच हिमंता सरकार जल्दी निष्पक्ष NRC आयोजित कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में गुहार लगाने जा रही है। मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा, “हमने पहले भी कहा था कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की समीक्षा की जानी चाहिए और नए सिरे से किया जाना चाहिए। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के साथ हमारी चर्चा चल रही है।”

NRC में कानूनी रूप से भारतीय नागरिकों के नाम शामिल हैं और इसे पहली बार वर्ष1951 में तैयार किया गया था। इसे वर्ष 2018 में पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए अवैध अप्रवासियों को बाहर निकालने के लिए अपडेट किया गया था, लेकिन 40 लाख से अधिक लोगों के नागरिकता रजिस्टर से बाहर रह जाने के कारण इसकी आलोचना हुई थी। NRC के मसौदे में कुल 3.29 करोड़ आवेदनों में से 2.9 करोड़ लोगों के नाम शामिल थे। नागरिकों की अद्यतन सूची अगस्त 2019 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19.06 लाख लोगों को बाहर रखा गया था।

आपको बता दें कि इससे पहले गुरुवार को असम के मंत्री अतुल बोरा ने कहा था कि राज्य सरकार ने NRC के पुन: सत्यापन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। ANI से बात करते हुए बोरा ने कहा था कि “यह निर्णय ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) और अन्य स्वदेशी संगठनों के साथ हुई बैठक के दौरान लिया गया था। हम NRC की सूची को स्वीकार नहीं करेंगे जो अगस्त 2019 में प्रकाशित हुई थी। अब हमने पुन: सत्यापन की मांग करके सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।”

ध्यान देने वाली बात है कि असम समझौते को लागू करने को लेकर गुरुवार को असम सरकार और AASU नेतृत्व के बीच बैठक हुई। AASU के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा था कि NRC की अंतिम सूची में कई अवैध बांग्लादेशी लोगों के नाम शामिल थे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि एनआरसी सूची का पुन: सत्यापन किया जाना चाहिए। हम पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर चुके हैं। हम केंद्र और राज्य दोनों से आग्रह करते हैं कि उन्हें भी सही NRC के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए।”

सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित की गई है NRC की प्रकिया

गौरतलब है कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद-5 से लेकर अनुच्छेद-11 तक नागरिकता के विषय में प्रावधान किए गए हैं। इसमें साफ-साफ उल्लेख है कि संसद को नागरिकता प्राप्त करने के मानक, नियम और कानून तय करने का विशेषाधिकार प्राप्त है। इसमें यह भी कहा गया है कि सरकार का यह उत्तरदायित्व है कि वह सुनिश्चित करें कि कौन उसके नागरिक हैं और कौन नहीं, ताकि भारत सरकार की ओर से दी जाने वाली नागरिक सुविधा, अधिकार और कल्याण सिर्फ उन्हीं लोगों को प्राप्त हो जो इसके हकदार हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में पहला NRC भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू 1951 में लेकर आए थे। असम के संदर्भ में उपजे एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित की गई है। अतः इसका पालन करना सरकार पर बाध्यकारी है, ऐसे में अगर इसकी त्रुटियों को दूर करने और निष्पक्षता के मानक स्थापित करने के लिए हिमंता सरकार ने जो आश्वासन दिया है, वह एक सराहनीय कदम है। उनका यह आश्वासन उनकी तत्परता, कर्तव्य परायणता और अपने लोगों के प्रति चिंता को रेखांकित करती है। ऐसे में जो लोग इसका विरोध करते हैं, सरकार को उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिशाल पेश करनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसा संकट कभी न उपजे।

और पढ़ें: एनआरसी पर सियासत के क्या मायने हैं?

Tags: असमएनआरसीहिमंता बिस्वा सरमा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति का धार्मिक रूप से पालन करने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया है!

अगली पोस्ट

अल्पसंख्यकों की पहचान करने को लेकर SC में केंद्र का दिया बयान स्वागत योग्य है

संबंधित पोस्ट

राज्यसभा से पारित हुआ 'वंदे मातरम्
चर्चित

राज्यसभा से पारित हुआ ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देने वाला विधेयक, राष्ट्रीय गीत के अपमान पर होगी सजा

29 July 2026

राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया। इस संशोधन के बाद...

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
चर्चित

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मुस्लिम पक्ष ने आदेश का पालन न होने का लगाया आरोप

29 July 2026

मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित विवादित भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट...

Lok Sabha Uproar Over Anti-Paper Leak Bil
चर्चित

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर हंगामा: राहुल गांधी के बयान पर गरमाया सदन, सरकार ने मांगी माफी

29 July 2026

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दूसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। बुधवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited