TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुहम्मद बिन तुगलक – वह राहुल गांधी जिसे शासन का स्वाद मिला

राहुल गांधी : आधुनिक युग का मुहम्मद बिन तुगलक!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
21 March 2022
in इतिहास
मुहम्मद बिन तुगलक
Share on FacebookShare on X

सन् 1351, स्थान थट्टा, सिंध [अखंड भारत] –

एक विद्रोह को कुचलने हेतु एक ‘बादशाह’ आए थे। परंतु वे अब केवल नाम के ‘बादशाह’ थे। पूरे देश में अब वे हास्य के पात्र बन चुके थे, अनेकों विद्रोहों को कुचलने में वे असफल रहे थे, और उन्ही के जीते जी जो तुर्की साम्राज्य कभी दक्षिण भारत के सबसे दक्षिणी छोर तक पहुँच रहा था, वह धीरे धीरे उत्तर भारत तक सिमटने लगा। यह कथा सुनी सुनी सी नहीं लगती है ? कैसे नहीं लगेगी, क्योंकि ये बादशाह ‘मुहम्मद बिन तुगलक’ थे, जो ऐसे राहुल गांधी थे जिन्हे वास्तव में सत्ता का स्वाद मिला था, परंतु इसके बाद भी वे इसका लाभ नहीं उठा पाए, और आज भी इनका नाम सम्मान से नहीं लिया जाता।

तुगलक और राहुल के शुरुआती जीवन में समानतायें  

अब आप भी सोच रहे होंगे – मुहम्मद बिन तुगलक और राहुल गांधी? ये कैसी तुलना हुई? ठहरिए, हमारे पास पर्याप्त साक्ष्य भी है और इतिहास में ऐसे अकाट्य प्रमाण है, जो ये सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है कि कैसे मुहम्मद बिन तुग़लक मध्यकालीन ‘राहुल गांधी’ थे, जिन्होंने इतिहास को अपने तरीके से सदैव के लिए परिवर्तित कर दिया।सर्वप्रथम अगर जन्म पर ध्यान तो मुहम्मद बिन तुगलक और राहुल गांधी में काफी समानताएँ हैं। दोनों के माता पिता अलग अलग परिवेश से आते थे। जूना खान मलिक उर्फ मुहम्मद बिन तुगलक के पिता गाजी मलिक उर्फ सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक तुर्क-अफ़गान मूल के लड़ाके थे, जिनकी पत्नी एक हिन्दू दासी थी। ऐसे ही राहुल गांधी के पिता भारतीय, तो माँ इतालवी हैं ।

संबंधितपोस्ट

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

क्या बंगाल में कांग्रेस टीएमसी के साथ वही करने वाली है जो उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ किया?

और लोड करें

नीतियों में समानता 

यदि नीतियों की बात करें तो  मुहम्मद बिन तुगलक को वामपंथी इतिहासकार ये कहते हुए महिमामंडित करते हैं कि वे समय से बहुत आगे की सोचते थे, परंतु लोग उन्हे समझ ही नहीं पाए। लेकिन अगर उनकी नीतियों पर एक दृष्टि डाली जाए तो वे दूरदर्शी कम, अपरिपक्व अधिक प्रतीत होते थे। जिस समय विश्व में चांदी का अभाव था, तो उसकी कमी पूरा करने के लिए इन्होंने तांबे और पीतल के सिक्के लागू कराए, परंतु इन्होंने जिस तरीके से लागू कराए, उससे लाभ तो कुछ हुआ नहीं, उलटे साम्राज्य और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था गोते खाने लगी।

और पढ़ें-अवध ओझा- एक चर्चित UPSC शिक्षक जो ओसामा को अपना आराध्य मानते हैं और फर्जी इतिहास चाव से बताते हैं !

अब ठीक इसी भांति राहुल गांधी के महान विचारों से कौन परिचित नहीं है। अगर इनके लेजेंडरी ‘आलू से सोना’ यंत्र को अलग रखें, तो इनके समाजवादी विचार भी इतने अपरिपक्व हैं कि स्वयं समाजवादी पार्टी जैसे घोर समाजवादी इनसे अधिक सयाने लगे। कल्पना कीजिए, यदि कांग्रेस 2019 में सत्ता में आई होती, और 6000 रुपये प्रति माह के अनुसार ‘न्याय योजना’ लागू होती, तो देश की अर्थव्यवस्था का क्या हाल होता?

दोनों में अल्पदृष्टि की प्रधानता

केवल अपरिपक्वता में ही मुहम्मद बिन तुगलक और राहुल गांधी समान नहीं। अज्ञानता और सत्ता में बने रहने के लिए बर्बरता में भी दोनों एक समान रहे हैं। मुहम्मद बिन तुगलक जब कराचिल यानि चीनी अभियान पर निकले थे, तो उनका उद्देश्य था चीन पर विजय प्राप्त करना था। लेकिन वे सोचते थे कि हिमालय के पर्वत अरावली के पहाड़ों जैसे होंगे, यानि भूगोल से महोदय का दूर दूर तक कोई नाता नहीं। रही सही कसर कांगड़ा के कटोच राजपूतों ने पूरी कर दी। लगभग एक लाख की सेना के साथ आए तुगलक कुछ चंद हजार सैनिक लेकर किसी तरह निकल पाए।

ठीक इसी प्रकार राजनीतिक रूप से यदि पूर्वोत्तर भारत और उत्तर प्रदेश, गुजरात इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण राज्यों से किसी ने कांग्रेस का सफाया कराया है, तो वे निस्संदेह राहुल गांधी ही है, क्योंकि भूगोल तो बहुत दूर की बात रही, इन्हे न इतिहास का कोई ज्ञान है, और ही परिस्थितियों का। यदि वे अकेले भी लड़ते तो शायद 20 – 30 सीटें ले भी आते, और विमुद्रीकरण यानि Demonetization के पश्चात स्थिति भी अनुकूल थी, परंतु 2017 में अखिलेश यादव की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर इन्होंने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली। अखिलेश यादव तो हारे ही, साथ में कांग्रेस भी मात्र 7 सीटें ही जुटा पाए। अभी तो पूर्वोत्तर में काँग्रेस के सर्वनाश पर हमने चर्चा भी नहीं प्रारंभ की है।

सत्ता की लोलुपता 

लेकिन जैसे सत्ता में बने के लिए राहुल गांधी किसी भी हद तक जाने को तैयार हो सकते हैं वैसे ही मुहम्मद बिन तुगलक सत्ता में बने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे, और दिल्ली से देवगिरि तक राजधानी स्थानांतरित कराने का उदाहरण से बड़ा प्रत्यक्ष प्रमाण क्या हो सकता है।असल में तुगलक को प्रतीत हुआ कि उनकी राजधानी दिल्ली आक्रमण के लिए अधिक अनुकूल है। इसीलिए उन्होंने देवगिरि में अपनी राजधानी बसाने की सोची, जिसका नाम बदल दौलताबाद कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने केवल आवश्यक वस्तुओं और विभागों को स्थानांतरित कराने की नहीं सोची। वे चाहते थे कि समूचा नगर, यानि जनमानस सहित दौलताबाद स्थानांतरित हो।

और पढ़ें –यूरोप द्वारा भारत को 60 वर्षों से अधिक समय तक महाशक्ति बनने से रोकने का इतिहास जान लीजिये

कई लोगों ने इस बात का जमकर विरोध किया, तो तुगलक की सेना ने उन्हे जबरदस्ती तलवार के दम पर स्थानांतरित करवाया। कई लोगों को अपने प्राणों से भी हाथ धोना पड़ा। प्रत्यक्ष रूप से न सही, पर ऐसा ही कुछ कांग्रेस हाईकमान में भी देखने को मिलता है, जहां राहुल गांधी के आगे किसी की नहीं चलती। विश्वास न हो तो पूर्व कांग्रेसी नेताओं हेमंता बिस्वा सरमा और ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछ लीजिए।

लेकिन इन सबका परिणाम भी विनाशकारी सिद्ध हुआ। जब तुर्की साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह हुआ, तो इस साम्राज्य की अकड़ को सर्वप्रथम धूल में मिलाने का कार्य पश्चिमी भारत ने किया, जब एकत्रित राजपूताना के वीर योद्धा, मेवाड़ राणा हम्मीर सिंह  ने तुगलक को सिंगोली के युद्ध में पटक पटक के धोया। कुछ ही समय बाद दक्कन से विद्रोह की एक भीषण ज्वाला उठी, जिसमें एक बार फिर तुर्क साम्राज्य का घमंड भस्म हुआ, और विजयी हुए हरिहर एवं बुक्का राय, जिन्होंने विराट विजयनगर साम्राज्य की नींव रखी।

और पढ़ें-यूक्रेन का कई महत्वपूर्ण मोर्चे पर भारत के पीठ में छुरा घोंपने का रहा है इतिहास

आज जब राहुल गांधी का उपहास उड़ाया जाता है, तो निस्संदेह ये उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता का प्रमाण है। हालांकि उनका व्यक्तित्व तुगलक समान है, और ये कहना गलत नहीं होगा कि वे ऐसे मुहम्मद बिन तुगलक, जिन्हे भाग्यवश कभी सत्ता नहीं मिली।

 

Tags: आधुनिक युगजूना खान मलिकमुहम्मद बिन तुगलकराहुल गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मिलिए कांग्रेस से, जिसको अपने ही सहयोगियों द्वारा लताड़ पड़ती रहती है

अगली पोस्ट

पूर्वोत्तर अब भाजपा का अभेद्य गढ़ बनता जा रहा है

संबंधित पोस्ट

1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)
इतिहास

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

28 May 2026

जब विनायक दामोदर सावरकर यानी वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद किया, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited