TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या इन्फोसिस जैसी कंपनी एक देश के बहिष्कार की घोषणा यूं ही कर सकती है?

भारत की छवि को बिगाड़ने का काम कर रही है इन्फोसिस!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
17 April 2022
in चर्चित
इन्फोसिस रूस

Source- Google

Share on FacebookShare on X

इन्फोसिस का नाम सुनते ही कई भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। इस कंपनी ने आईटी क्षेत्र में निस्संदेह अपनी अलग पहचान बनाई है– लेकिन वास्तव में ‘ऊंची दुकान फीका पकवान’ को सार्थक करने के अलावा इस कंपनी की कोई विशेष उपलब्धि नहीं रही है। औसत दर्जे के आईटी उत्पाद उपलब्ध कराने के अलावा भारतीयों को बाहर भेजने में इस कंपनी ने अवश्य विशेषज्ञता प्राप्त की है और अब अपने आप को लाइमलाइट में बनाए रखने के लिए इसने रूस के बहिष्कार की घोषणा की है।

लेकिन इन्फोसिस के घटिया परफ़ॉर्मेंस का रूस के बहिष्कार से क्या नाता? इन दिनों रूस और यूक्रेन में भीषण युद्ध चल रहा है, जिसको लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं हर देश से देखने को मिल रही हैं। ऐसे में यूक्रेन में जो युद्ध हो रहा है, उस पर एक निष्पक्ष रुख अपनाकर स्थिति के अनुसार अपनी नीति निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। परंतु इन्फोसिस जैसी कंपनियों को ऐसा लगता है कि यदि रूस को बुराई का प्रतीक नहीं बनाया गया, तो वह अन्य पाश्चात्य ‘clients’ से हाथ धो बैठेगा और इसीलिए इन्फोसिस ने रूस से बोरिया बिस्तर समेटने का निर्णय किया है।

संबंधितपोस्ट

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

और लोड करें

जी हां, आपने बिल्कुल ठीक सुना। इन्फोसिस ने हाल ही में बुधवार को निर्णय किया कि वह रूस में अब एक क्षण भी नहीं रुकेगा। मीडिया को संबोधित करते हुए कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सलिल पारेख ने कहा, “जो कुछ भी हो रहा है उस क्षेत्र में, उसे ध्यान में रखते हुए हमने रूस में स्थित अपने सभी केंद्र रूस से बाहर निकालने का निर्णय किया है। आज न तो हमारे पास कोई रूसी ग्राहक है और न ही भविष्य में हमारे पास किसी रूसी ग्राहक के साथ काम करने का इरादा है।” इसके अतिरिक्त पारेख ने ये भी बताया कि वे यूक्रेन की स्थिति से बेहद चिंतित है और ‘मानवीय सहायता’ के आधार पर 1 मिलियन डॉलर की सहायता करने की घोषणा की है।

और पढ़ें: भारतीय कंपनियां तेजी से वैश्विक कंपनियों का अधिग्रहण कर रही हैं

सिर्फ नाम की एक भारतीय कंपनी है इंफोसिस!

इन्फोसिस के दोहरे मापदंडों पर हम चर्चा करें, इससे पूर्व हमको वर्तमान परिस्थितियों पर भी ध्यान देना होगा। दरअसल, काफी समय से ही इन्फोसिस पर विभिन्न देशों से रूस में अपने काम को बंद करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। कहा जाता है कि यूके के वित्त मंत्री ऋषि सुनक को इन्फोसिस से काफी वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ है, क्योंकि उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति की इन्फोसिस में हिस्सेदारी है। अक्षता इन्फोसिस के संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति की पुत्री हैं और इसीलिए ये मामला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया। इस समय भारत ने संयम से काम लेते हुए अपना पक्ष स्पष्ट रखा और पश्चिमी जगत के दबाव में बिल्कुल नहीं झुका।

लेकिन इस प्रकरण ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आखिर क्यों इन्फोसिस सिर्फ नाम का भारतीय है और अपने इस कदम से इस कंपनी ने भारत के हितों के विरुद्ध जाकर अपनी शामत बुलाई है। वो कैसे? इन्फोसिस को विश्व एक भारतीय कंपनी के रूप में जानती है। इन्फोसिस भारतीय आईटी की सफलता का ‘पर्याय’ रही है। क्या ऐसे में इन्फोसिस द्वारा रूस छोड़ने से इसका असर भारत-रूस संबंधों पर नहीं पड़ेगा? क्या यह ऐसा संदेश नहीं भेजेगा कि भारत की एक प्रभावशाली कंपनी इसलिए रूस से निकल गई क्योंकि उसके अंदर पश्चिमी जगत से भिड़ने का सामर्थ्य नहीं!

कई बार विवादों के घेरे में आ चुका है इंफोसिस

इन्फोसिस को समझना होगा कि वह अपनी बचकानी हरकतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराकर नहीं निकल सकता। इससे पूर्व में भी वह कई बार इन्हीं कारणों से विवादों के घेरे में आ चुका है। उदाहरण के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में अमेरिका से नौकरियों को अन्य देशों में आउटसोर्स होते हुए देख इसे रोकने हेतु एच1-बी वीजा के नियमों को अधिक कड़ा कर दिया था। The Verge की रिपोर्ट के अनुसार आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी Infosys ने भी अमेरिकी युवाओं की खूब भर्ती की। हालांकि, उनमें से अधिकतर युवाओं का मानना है कि उन्हें मोटी सैलरी मिली, लेकिन उनका काम कुछ नहीं था।

इसी रिपोर्ट के अनुसार Infosys ने सितंबर 2020 में घोषणा करते हुए कहा कि वह अगले दो वर्षों में 12,000 अमेरिकी युवाओं को नियुक्त करने की योजना बना रही है, जिससे वहां पांच वर्षों में 25,000 तक भर्ती के टारगेट को पूरा किया जा सके। वर्ष 2017 में, Infosys ने दो साल में 10,000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए कहा था, लेकिन इस कंपनी ने अमेरिका में 13,000 नौकरियां पैदा करके उस लक्ष्य को भी पार कर लिया था।

और पढ़ें: जानिए क्यों, भारत सरकार ने Infosys की सार्वजनिक बेइज्जती करके उसके CEO को समन किया

आयकर विभाग भेज चुका है समन

लेकिन ये तो कुछ भी नहीं है। अगस्त 2021 में इन्फोसिस को उसके लचर प्रदर्शन के लिए लताड़ते हुए केंद्र सरकार ने आयकर विभाग के माध्यम से सूचित करते हुए बताया कि ‘वित्त मंत्रालय ने 23 अगस्त को इंफोसिस सीईओ श्री सलिल पारेख को समन किया है, जिससे कि वे बता सकें कि आखिर इनकम टैक्स पॉर्टल लॉन्च होने के बाद से उसकी दिक्कतें ठीक क्यों नहीं हो पा रही हैं। 21 अगस्त से तो पोर्टल ही उपलब्ध नहीं है” –

Ministry of Finance has summoned Sh Salil Parekh,MD&CEO @Infosys on 23/08/2021 to explain to hon'ble FM as to why even after 2.5 months since launch of new e-filing portal, glitches in the portal have not been resolved. In fact,since 21/08/2021 the portal itself is not available.

— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) August 22, 2021

उपर्युक्त मामलों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इन्फोसिस द्वारा रूस से हटना न केवल हास्यास्पद है, अपितु चिंताजनक भी है। ये न केवल इस कंपनी की अपरिपक्वता को दर्शाता है, अपितु इस बात को भी प्रदर्शित करता है कि यदि इन्हें इनका दायित्व स्मरण नहीं कराया गया, तो ये आगे भी ऐसे ही भारत की नाक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटवाते रहेंगे!

Tags: इन्फोसिसमोदी सरकाररूस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘फेक न्यूज के बेताज बादशाह’ न्यू यॉर्क टाइम्स की बैंड बजा दी है

अगली पोस्ट

NCP का इस्लामिक हनुमान जयंती घृणास्पद रहा

संबंधित पोस्ट

भारत-मंगोलिया सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलीफेंट
चर्चित

भारत-मंगोलिया सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट’ शुरू, उत्तराखंड में 90 जवान ले रहे हिस्सा

21 September 2026

भारत और मंगोलिया के बीच होने वाले 18वें संयुक्त सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलीफेंट' की शुरुआत सोमवार को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में...

भारतीय सेना के T-72
चर्चित

भारतीय सेना के T-72 और T-90 टैंकों को मिलेगी नई ताकत, 586 करोड़ का करार

21 September 2026

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के T-72 और T-90 टैंकों के लिए ऑक्जिलरी पावर यूनिट (APU) खरीदने के लिए 586 करोड़ रुपये का करार किया...

हामिद अंसारी के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार
चर्चित

हामिद अंसारी के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल

21 September 2026

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर दिए गए हालिया बयान पर बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited