TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या ड्रोन तय करेंगे आधुनिक युद्ध का भविष्य?

युद्ध के तरीकों में ये कैसी क्रांति आ रही है?

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
5 April 2022
in चर्चित, विश्व
ड्रोन

सौजन्य गूगल

Share on FacebookShare on X

युद्ध यानी दो पक्षों के बीच छिड़ा वो संग्राम जो आपकी भुजाओं की ताकत पर लड़ा जाए। परंपरागत रूप से, युद्ध सदैव क्रूर बल का उपयोग करके लड़े गए हैं। रूस-यूक्रेन विवाद में भी युद्ध इसी तरह लड़ा जा रहा है। हालांकि, युद्ध दिन प्रतिदिन बढ़ने के साथ ही उसके तरीकों में बदलाव आए है और वो विकसित भी हो रहा है, ऐसा इस चल रहे युद्ध में स्पष्ट दिख रहा है।

आज के परिदृश्य में यह जानना आवश्यक हो जाता है कि आगामी भविष्य में युद्ध की क्या परिभाषा हो सकती है। चर्चा इस बात पर भी होनी चाहिए कि निकट भविष्य में युद्ध कैसे दिखाई दे सकते हैं।

संबंधितपोस्ट

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

और लोड करें

और पढ़ें- रूस-यूक्रेन युद्ध से गहराये खाद्य संकट के बीच अब पश्चिमी देशों का अन्नदाता बनेगा भारत

मानव जीवन और सैन्य बुनियादी ढांचे को बर्बाद क्यों करना

एक-दूसरे की सेनाओं को घेरना युद्ध लड़ने का एक महंगा और पूरी तरह से परिहार्य तरीका है। ऐसे में आज के तकनीक से लैश दौर में मानव जीवन और सैन्य बुनियादी ढांचे को बर्बाद क्यों किया जाए जब बिना किसी मानव संसाधन को खोए आज किसी भी युद्ध या संघर्ष को जीता जा सकता है? उदाहरण के लिए, मानव रहित एरियल वाहन(यूएवी) या सशस्त्र ड्रोन को शारीरिक रूप से नियंत्रित करने के लिए किसी मानव की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय, ये ड्रोन इतना सामर्थ्य रखते हैं कि वो दुश्मन के संसाधनों, सैनिकों और बुनियादी ढांचे को अपने आप ध्वस्त कर सकें।

रूस का प्राथमिक उद्देश्य कीव को गिराना और यूक्रेन में शासन परिवर्तन को प्रभावित करना था और युद्ध के 40 दिन बीत जाने के बाद भी ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। क्यों, ये सवाल सबके मन में है? तो यह देखना और समझना आवश्यक है कि, यूक्रेन के पास तुर्की द्वारा निर्मित घातक बायरकटार टीबी -2 सशस्त्र ड्रोन हैं, और ये रूस के आगे बढ़ने वाले हर कदम और काफिले पर घात लगाकर हमला करने में सहायक रहे हैं।

और पढ़ें- केवल और केवल भारत ही रोक सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध!

आक्रामक रूस की चाल को यूक्रेन ने धीमी कर दी

निश्चित ही कोई भी कदम उठाने से पहले ही आक्रामक रूस की चाल को यूक्रेन ने धीमी कर दी है। प्रारंभ में, रूस ने युद्ध में अपने स्वयं के सशस्त्र ड्रोन को नियोजित नहीं किया। हालांकि, जैसे-जैसे दिन बीतते गए, इसने उस रणनीति को बदल दिया और अपने स्वयं के ड्रोन को यूक्रेनी आसमान में पहुंचा दिया।

सशस्त्र ड्रोन तुलनात्मक रूप से छोटे होते हैं; अत्यधिक युद्धाभ्यासों में इसका आसानी से पता नहीं लगाया जा सकता है। लड़ाकू विमानों की तुलना में उनका हीट सिग्नेचर वास्तव में कम होता है। और यदि वे नीचे गिराए जाते हैं, तो वे एक सैनिक की बलि तक नहीं लेते हैं। इसलिए, अधिक से अधिक देश यूएवी तकनीक को अपना रहे हैं।

अब सबसे स्पष्ट सवाल यह है कि, भारत यूएवी तकनीक के बारे में क्या कर रहा है और दुनिया भर के संघर्षों से क्या सबक सीख रहा है? ध्यान रहे, यूक्रेन अकेला ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां सशस्त्र ड्रोन ने अपनी क्षमता साबित की है। सीरिया और नागोर्नो कराबाख क्षेत्र में, इन सशस्त्र ड्रोनों ने अन्य पक्ष को झुकने पर विवश कर दिया है जो उन्हें संचालित करता है।

इसलिए, भारत जैसे देश के लिए जो अपने उत्तर और पश्चिम में दुश्मन देशों का सामना करता है, कई सबक लेने और तत्काल आधार पर यूएवी तकनीक को अपनाने के लिए तैयार है। भारत ने विदेशी निर्मित ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। बेशक, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत दुनिया भर से उच्चतम गुणवत्ता के सशस्त्र ड्रोन आयात नहीं करेगा। आयात प्रतिबंध काफी हद तक गैर-लड़ाकू ड्रोन से संबंधित है।

जब मानव रहित एरियल वाहनों की बात आती है, तो भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल से समान आयात करना चाहता है। भारत के पास इस समय इजरायली ड्रोन हैं। हालांकि, नई दिल्ली में बैठी सरकार और वाशिंगटन में बैठे वहां के नीति-निर्माता निकट भविष्य में एक बड़े ड्रोन सौदे को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं। ड्रोन का यह प्रकार दुनिया भर में सबसे बेहतर यूएवी हैं; और भारत अपनी सेना, नौसेना और वायु सेना को उनमें से प्रत्येक को 30 के करीब देने की योजना बना रहा है। भारत और अमेरिका भी यूएवी विकसित करने के लिए अलग-अलग स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं जिन्हें विमान से लॉन्च किया जा सकता है।

और पढ़ें- रूस-यूक्रेन टकराव से पता चलता है कि सांस्कृतिक पहचान नहीं राष्ट्रीय पहचान ही सर्वोपरि होना चाहिए

अहिंसक तरीका का वादा करता है साइबर युद्ध

यहां समझने वाले एक और बात है कि आपके समक्ष उद्देश्यों को प्राप्त करने का एक अहिंसक तरीका होगा, साइबर युद्ध यही वादा करता है। यह भी तय है कि भविष्य में युद्ध करने से पूर्व जिन बातों को टारगेट करके नीतियां बनाई जाएंगी उनमें किसी देश को सैन्य रूप से नष्ट करने के बजाय, भविष्य के युद्ध इस आधार पर लड़े जाएंगे कि उस देश के संस्थानों, पावर ग्रिड और इंटरनेट को कैसे बंद किया जा सकता है। कैसे उस देश की सैटेलाइट सेवाओं को उड़ाया जा सकता है, और कैसे उसकी अर्थव्यवस्था नीचे गिराया सकता है। इन सभी पर ध्यान केन्द्रीत रखते हुए सबकुछ तय होगा।

भारत साइबर युद्ध की संभावनाओं को बहुत महत्व दे रहा है। अपने बचाव और नियंत्रण के लिए रक्षा मंत्रालय और उद्योग भागीदार भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने हाल ही में भारतीय वायु सेना को अपने लड़ाकू विमानों के लिए एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के साथ आपूर्ति करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रणाली दुश्मन की सेनाओं की भारत के खिलाफ अभियानों के लिए आवश्यक जानकारी तक पहुंचने की क्षमता को पंगु बना देगी।

भारत उन राष्ट्रों की कुलीन लीग में से एक है जिनके पास उपग्रह-विरोधी क्षमताएं हैं। भारत ने अपने सैन्य हथियारों के भीतर से समर्पित साइबर युद्ध इकाइयां भी विकसित की हैं। लेकिन सितारों के आगे जहान और भी हैं और भारत को अभी भी लंबा रास्ता तय करना है, यह खुशी मनाने का समय नहीं है। भारत को साइबर युद्ध के साथ-साथ यूएवी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार करने की जरूरत है।

भारत को भविष्य के लिए तैयारी करनी चाहिए

अंततः, समय की मांग यही है अब टैंकों पर भारत का ध्यान केन्द्रीत न होते हुए ड्रोन पर होना चाहिए। लड़ाकू वाहनों और टैंकों के सभी मध्यस्त ड्रोन द्वारा निकाले जा सकते हैं और सत्य तो यह है कि वे ड्रोन की तुलना में बहुत अधिक महंगे भी होते हैं, जिसका परिणामस्वरूप मानव संसाधनों का नुकसान भी होता है। भारत को दूरदर्शिता के साथ भविष्य के लिए तैयारी करनी चाहिए, और अपने शस्त्रागार को अत्याधुनिक ड्रोन और साइबर युद्ध तकनीकों से भरना चाहिए।

Tags: ड्रोनयुक्रेनयोद्धरूसरूस युक्रेन विवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी उड़ान, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाला भारत का पहला प्राइवेट बैंक होगा HDFC

अगली पोस्ट

देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है PFI, अब करौली हिंसा में भी सामने आया इसका नाम

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में खराब मौसम के बीच शुभेंदु अधिकारी के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग
चर्चित

पश्चिम बंगाल में खराब मौसम के बीच शुभेंदु अधिकारी के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग

11 August 2026

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हेलीकॉप्टर की मंगलवार को खराब मौसम के कारण कोलाघाट में आपात लैंडिंग कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र...

Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry
Uncategorized

टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

10 August 2026

रक्षा मंत्रालय टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) के ढांचे में एक बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। मंत्रालय की योजना है कि AI डेवलपर्स, साइबर...

छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार
चर्चित

छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, किरेन रिजिजू बोले- हर सवाल का देंगे जवाब

10 August 2026

संसद के मॉनसून सत्र के बीच छात्र आंदोलन और NEET पेपर लीक का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले को लेकर विपक्ष...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited