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इमरान खान और ज्यादा मजबूती के साथ पाकिस्तान की सत्ता में वापसी करने वाले हैं

इस बार गद्दी पर बैठे तो पाकिस्तानी सेना के पर कतर देंगे इमरान!

Shashwat Singh द्वारा Shashwat Singh
26 May 2022
in चर्चित
Imraan Khaan

Source- TFIPOST.in

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पाकिस्तान विश्व का एक ऐसा देश है जहां कभी प्रधानमंत्री कभी राष्ट्रपति तो कभी पाकिस्तानी आर्मी देश का सर्वोच्च मालिक बन जाता है। पाकिस्तान में नाम मात्र का कानून है जिसका सारा कुकृत्य हमें हर दिन अखबार के पन्नों में देखने को मिलता रहता है। पाकिस्तान पहले से ही आतंकवादियों के अड्डा के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं पर उनके नेता भी कम कट्टरववादी नहीं है। कट्टरवाद और जिहादी सोंच में आज के समय में पाकिस्तान की राजनीती में कोई नाम सबसे पहले आता है तो वह नाम है पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल किये गए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का जो अपनी मूर्ख भाषण के लिए भी प्रसिद्द है।

कहते हैं की एक पढ़ा लिखा व्यक्ति हर परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढाल करके निर्णायक फैसला लेता है लेकिन एक मुर्ख व्यक्ति सबसे अधिक परेशानी में डाल सकता है क्योंकि उसके पास कोई विचारधारा और मौलिक सोंच नहीं होती है और उसी मूर्खता का एक उदहारण आज पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बन चुके हैं। आपको बतादें की सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान बौखला गए हैं और वो किसी तरह से पाकिस्तान की गद्दी पर दोबारा बैठना चाहते हैं।

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खान के समर्थकों और पुलिस में हुई हिंसक झड़पें

आपको बतादें कि पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान के देश में नए सिरे से चुनाव की मांग को लेकर पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। बुधवार 26 मई को देश में हिंसा भड़क गई, इस दौरान इमरान खान के समर्थकों ने एक मेट्रो स्टेशन में आग लगा दी। संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद, पुलिस ने सैकड़ों पीटीआई कार्यकर्ताओं और उसके कुछ नेताओं को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया।

दरअसल पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधान मंत्री इमरान खान के नेतृत्व में ‘आजादी मार्च’ कारवां के रूप में रेड जोन की रक्षा के लिए सेना को तैनात किया। इस्लामाबाद में रेड ज़ोन एक सुरक्षित क्षेत्र है जहाँ सरकार, न्यायपालिका और विधायिका भवन स्थित हैं, जिनमें राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के आवास शामिल हैं।

इससे पहले, पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और चुनाव की घोषणा और विधानसभाओं को भंग करने के लिए सरकार को छह दिन की समय सीमा दी और चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वह देश के सभी नागरिकों के साथ राजधानी लौट आएंगे। इमरान खान की बात सुनते ही उनके कट्टर समर्थक उग्र हो गए और उसके बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के लाहौर, कराची और रावलपिंडी सहित सभी प्रमुख शहरों में सड़कों पर उतरकर पार्टी प्रमुख इमरान खान की नेशनल असेंबली को भंग करने और नए चुनावों की घोषणा की मांग करने लगे लेकिन मामला धीरे-धीरे उग्र हो गया और लाहौर में हिंसा भड़क उठी। पीटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसक झड़प के जवाब में पुलिस ने लाहौर के लिबर्टी चौक इलाके में जमा समर्थकों पर गोलियां चला दीं। पुलिस फायरिंग में कई महिलाओं और बच्चों के घायल होने की खबर है।

और पढ़ें: भारत को पाकिस्तान से हाथ मिला लेना चाहिए लेकिन पैर पर अड़ंगा लगाके

अमेरिका के खिलाफ इमरान की तीखी प्रतिक्रिया

ज्ञात हो की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने खिलाफ अहम अविश्वास प्रस्ताव के समय उन्होंने अमेरिका पर सत्ता से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। अमेरिका पर आरोप लगाकर इमरान साथ- साथ पाकिस्तानी आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा पर भी राजनीतिक हमला किया था। यह सभी को पता है की इमरान के सत्ता में रहते समय उनकी आर्मी चीफ के साथ सम्बन्ध बहुत ही ख़राब थे। अमेरिका के खिलाफ इमरान की तीखी प्रतिक्रिया उन्हें सीधे देश के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के खिलाफ खड़ा कर दिया।

जनरल बाजवा ने अमेरिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे सरकार और सर्वशक्तिमान सेना के बीच दरार खुलकर सामने आ गई थी। पाकिस्तान की सेना, जिसने अपने 73 से अधिक वर्षों के अस्तित्व के आधे से अधिक समय तक तख्तापलट की आशंका वाले देश पर शासन किया आज के परिदृश्य में इमरान खान पाकिस्तानी सेना को खुली चुनौती देने में जूट गए है।

और पढ़ें: सत्ता जाने के डर से बौखलाए इमरान खान अमेरिका पर गुर्राने लगे हैं

इमरान खान आखिर चाहते क्या हैं ?

पकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की चाहत देश में आराजकता फैला कर सत्ता में वापस आने चाहते है। इस बार वो पाकिस्तान के हर कोने में जाकर देश की न्यायपालिका ,सेना के खिलाफ लड़ने की योजना बना चुके हैं। दरअसल इमरान खान एक बहुत ही कट्टरवादी सोंच के इंसान हैं। वो चाहते हैं की पाकिस्तान की न्यायपालिका की जगह देश में मौलवी राज आ जाए। देश में उनकी सत्ता संभालने में आर्मी का कोई वजूद नहीं हो और कार्यपालिका ,न्यायपालिका सभी उनके अधीन हो जाए। इमरान खान इस बार अपने लोगों को इतना बहका चुके हैं की पाकिस्तान में खुनी खेल की शुरुआत हो चुकी है।

पहले पार्टी और आर्मी के बीच विवाद हुआ करता था लेकिन इमरान खान की मूर्खता ने अब यह विवाद आर्मी बनाम जनता कर दिया है जिससे पाकिस्तान आने वाले दिनों में गृह युद्ध के लिए बढ़ सकता हैं और जिस तरह से इमरान खान और समर्थकों ने पाकिस्तान में उधम मचाया है।इमरान खान अगर फिर सत्ता में आते हैं तो वह पहले से और ताकतवर होंगे। शहबाज शरीफ की सत्ता को गिराने के लिए इमरान ने जो अब चाल चला है उससे अब साफ़ हो गया है कि अगर वो दुबारा पाकिस्तान की गद्दी पर बैठेंगे तो इस बार वो पाकिस्तानी आर्मी के पर कतर देंगे और वो पाकिस्तानी आर्मी में उन्हीं को रखेंगे जो उनके गुलाम है और उन आर्मी अधिकारीयों को दंड देंगे जो उन्हें पाकिस्तान के सत्ता से निकालने में भूमिका निभाए थे क्योंकि यह सबको पता है इमरान को पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल में पाकिस्तानी आर्मी का सबसे बड़ा योगदान रहा है।

 

Tags: इमरान खानजनरल बाजवापाकिस्तान
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