TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नई विश्व व्यवस्था में कई ध्रुव हो सकते हैं लेकिन भारत निश्चित रूप से इसका केंद्र है

भारत अब वो भारत नहीं रहा, अब ये एक महाशक्तिशाली राष्ट्र है

Shashwat Singh द्वारा Shashwat Singh
18 May 2022
in चर्चित, विश्व
PM Modi

source google

Share on FacebookShare on X

विश्व आज रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पिस रहा है। इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भौगोलिक हानि तो पहुंचायी ही है साथ ही यह भी दर्शा दिया कि खुद को विश्व का शक्तिशाली देश कहने वाले अमेरिका की ताकत खोखली है। यहां तक कि इस युद्ध ने पश्चिमी देशों को भी उनकी औकात दिखा दी है। अमेरिका और पश्चिम देश जब यूक्रेन के समर्थन में डींगे हांक रहे थे तब रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और पश्चिमी देश सहित अमेरिका को भी धमकी दे दी कि अगर वो यूक्रेन की मदद करने के लिए आगे आता है तो यह युद्ध परमाणु स्तर पर चला जाएगा, यहां तक कि रूस अपनी रक्षा के लिए किसी को नहीं छोड़ेगा। फिर क्या था पश्चिमी देश और अमेरिका ने पूरी तरह आपने पांव पीछे कर लिए। इनकी ऐसी हालत हो गयी कि अब वो खुल कर भी इस युद्ध में ज्यादा कुछ नहीं बोल पा रहे है। और जब ये देश चारों तरफ से लज्जित हो गए तो बड़ी ही  चालाकि से इस मामले को कूटनीतिक स्तर से सुलझाने के प्रयास करने लगे। इन देशों ने अपनी वैश्विक इज्जत बचाने के लिए उस देश को चुना जो की विश्व स्तर पर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए जाना जाता है।

और पढ़े- आपदा को अवसर में बदलते हुए भारत रूस के साथ व्यापार के लिए रुपया-रूबल भुगतान पर विचार कर रहा है!

संबंधितपोस्ट

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव

पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

और लोड करें

भारत रूस के खिलाफ नहीं जाने वाला

जी हां हम बात कर रहे हैं भारत की जो आज वैश्विक स्तर पर एक ऐसा देश है जिसे हर देश अपने पाले में लाना चाहता है। ऐसा क्यों -चलिए आपको विस्तार से समझाते हैं। दरअसल इस रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत में ही पश्चिम देशों को यह पता चल गया था कि भारत अपने सबसे करीबी और विश्वसनीय मित्र रूस के खिलाफ नहीं जाने वाला और हुआ भी ऐसा ही। भारत ने विश्व पटल पर UN में बार-बार रूस के खिलाफ वोट करने से इंकार कर दिया और दोनों देशों को शांति से मामला सुलझाने की बात कहता रहा जिसके बाद पश्चिम देशों का भारत के विरुद्ध भौंएं चढ़ गयी लेकिन अब ये पश्चिम देश बेचारे भला क्या हीं करते एक तो रूस ने उनकी जगहंसाई पहले ही कर दी थी इसलिए पहले वो भारत  को धमकाने का प्रयास करते रहे पर भारत ने साफ शब्दों में पश्चिम देशों को हड़का दिया और कहा कि भारत विश्व का शक्तिशाली देश है और वो अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है। इसके बाद अमेरिका और पश्चिम देश की सारी हेकड़ी निकल गयी और फिर वो भारत को मनाने में जुट गया। इसी क्रम में अमेरिका भारत के लिए सुरक्षा संबंध मजबूत करने और रूसी हथियारों पर देश की निर्भरता कम करने के लिए सैन्य सहायता पैकेज तैयार कर रहा है।

विचाराधीन पैकेज के अनुसार 500 मिलियन डॉलर का विदेशी सैन्य वित्तपोषण शामिल होगा, जो भारत को इजरायल और मिस्र के बाद इस तरह की सहायता प्राप्त करने वाले सबसे बड़े प्राप्तकर्ताओं में से एक बना देगा। पर अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सौदे की घोषणा कब की जाएगी या इसमें कौन से हथियार शामिल होंगे। वहीं एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस की आलोचना करने की अनिच्छा के बावजूद यह प्रयास राष्ट्रपति जो बिडेन के प्रशासन द्वारा भारत को एक दीर्घकालिक सुरक्षा भागीदार के रूप में पेश करने के लिए एक बहुत बड़ी पहल का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन पूरे भारत के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जाना चाहता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पास आवश्यक उपकरण हैं। अधिकारी ने कहा कि भारत पहले से ही रूस से दूर अपने सैन्य प्लेटफार्मों में विविधता ला रहा है लेकिन अमेरिका इसे तेजी से करने में मदद करना चाहता है।

यहां ध्यान देने वाली बात ये हैं कि अमेरिका रक्षा सौदे को आगे करके भारत को रूस से दूर करना चाहता है पर भारत अमेरिका की सारी चालांकी जानता है और वो अपने मित्र देश रूस को कभी साथ नहीं छोड़ेगा। ज्ञात हो कि भारत रूसी हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार है, हालांकि इसने हाल के दिनों में उस रिश्ते को कम कर दिया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत ने अमेरिका से $4 बिलियन से अधिक मूल्य के सैन्य उपकरण और रूस से $25 बिलियन से अधिक मूल्य के खरीदे हैं।

चीन और पाकिस्तान के विरुद्ध हथियारों के लिए रूस पर भारत की निर्भरता एक बड़ी वजह है कि मोदी सरकार यूक्रेन में युद्ध को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आलोचना करने से बचती रही है. जैसे ही अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए पर भारत ने अपना कड़ा रुख जारी रखा और बता दिया कि यहां कोई धमकी नहीं चलने वाली।

और पढ़ें- ‘चीनी कनेक्शन’ में फंस गया ‘बेबी चिदंबरम’, भारत में घुसाए थे 250 चीनी नागरिक

एक और घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है

यहां एक और घटना ने वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है और वो हैं भारत का कट्टर प्रतिद्वंदी चीन का भारत के पक्ष में बोलना। गेहूं के निर्यात को विनियमित करने के फैसले पर जी7 की आलोचना के बाद चीन रविवार को भारत के बचाव में आया और चीन ने साफ़ कहा कि भारत जैसे विकासशील देशों को दोष देने से वैश्विक खाद्य संकट का समाधान नहीं होगा। दरअसल पिछले हफ्ते भारत सरकार ने अपने निर्यात को “निषिद्ध” श्रेणी के तहत रखकर गेहूं की निर्यात नीति में संशोधन किया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सरकार ने “तत्काल प्रभाव” से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन का भारत के पक्ष में बोलना कोई चमत्कार नहीं है बल्कि देश की मोदी सरकार की कूटनीतिक जीत है जिसके बाद से चीन को भारत का साथ देना पड़ रहा है। यही नहीं चीन भी अच्छे से जानता है कि आज भारत को अपने पाले में करने के लिए पश्चिम देश सहित अमेरिका डोरे डाल रहा है।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि, मध्य एशिया में भारत, चीन, पाकिस्तान और अन्य एससीओ सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल सोमवार को विभिन्न क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, विशेष रूप से अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति से निपटने में सहयोग बढ़ाने के लिए एकत्र हुए हैं और ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि, एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन कर भारत अफगानिस्तान के मुद्दे पर अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है, जो एशिया में शांति की दिशा में बढ़ने का एक संकेत है।

चीन को भी समझ आ चूका है कि अमेरिका और पश्चिम देश की प्रतिष्ठित NATO की शक्ति का मुकाबला करने के लिए एशिया में एक नया कॉरिडोर बनाया जा सकता है जिसमें चीन के साथ भारत और रूस साथ आ सकते हैं जिसके बाद पश्चिम देशों की खोखली शक्ति का अस्तित्व भी ख़त्म हो जाएगा वरना यह बात सभी को पता है चीन हमेशा से भारत के विरुद्ध विष उगलता आया है। कभी लद्दाख तो कभी कश्मीर मुद्दे को लेकर लेकिन मोदी सरकार ने चीन को भी झुका दिया।

और पढ़ें- इस्तीफा देने जा रहे हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

पश्चिम देश बहुत परेशान हैं

वहीं दूसरी तरफ पश्चिम देश इतने परेशान हैं कि अब ‘वैश्विक नाटो’ की बात छिड़कर इशारा दिया है कि पश्चिम देश अब एशिया में अपने पांव पसारना चाह रहे हैं। ब्रिटिश विदेश सचिव लिज़ ट्रस ने “वैश्विक नाटो” के निर्माण का आह्वान किया है। उनके अनुसार हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को नियंत्रित करने के लिए संगठन का विस्तार आवश्यक है।

इस घोषणा से एशियाई देश भी सतर्क हो गये हैं और वो समझ चुके हैं कि पश्चिम देश अब इंडो पैसिफिक को युद्ध का अड्डा बनाना चाहता है और इसके लिए भारत की उसे सबसे अधिक आवश्यकता है, उनका मुख्य उद्देश्य है भारत को नाटो में शामिल करके एशिया में अपनी पैठ जमाना लेकिन भारत सब समझता है वो आज इतना ताकतवर है कि वो किसी भी देश से अकेले लड़ सकता है और हरा सकता है। आज भारत ONE MAN ARMY हो चूका है जिसे हर देश अपने साथ रखना चाहता है और अमेरिका और चीन भी इसी फिराक में लगे हैं पर भारत पहले भी कह चूका है कि वो अपना फैसला खुद लेना जानता है और वो हर वैश्विक मोर्चे पर सक्षम है चाहे वो रक्षा क्षेत्र हो या फिर कूटनीति या फिर आर्थिक इन सभी क्षेत्रों में भारत का विश्व में कोई सानी नहीं है।

Tags: अमेरिकाऑस्ट्रेलियाभारत सरकारयूरोपराष्ट्रपति व्लादिमीर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मस्जिद के अंदर हिंदुओं के ‘मंदिर’ को दी जाए सुरक्षा, ज्ञानवापी मामले पर ‘सुप्रीम’ फैसले के मायने

अगली पोस्ट

दिल्ली में अल्पसंख्यक बच्चों के लिए मुफ्त निजी स्कूल शिक्षा, क्यों हिंदुओं स्वाद आया!

संबंधित पोस्ट

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान
अर्थव्यवस्था

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

5 October 2026

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सोमवार को हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत की एक दूसरी बड़ी व्यापार वार्ता—अमेरिका के साथ प्रस्तावित...

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र
चर्चित

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र

5 October 2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। पत्रकार रुचि तिवारी ने महिला सुरक्षा...

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?
चर्चित

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?

5 October 2026

इंसान डरता क्यों है? किसी पुरानी घटना की याद अचानक क्यों लौट आती है? खुशी महसूस होने पर दिमाग में कौन-से न्यूरॉन सक्रिय होते हैं?...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited