TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एमनेस्टी इंटरनेशनल यूक्रेन के विरुद्ध बोला, वैश्विक वामपंथी झपट पड़े

कब सोचा था, एक दिन ये भी देख सकेंगे!

Deeksha Sharma द्वारा Deeksha Sharma
7 August 2022
in विश्व
Amnesty International

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

यूक्रेनी बलों ने स्कूलों और अस्पतालों सहित आबादी वाले रिहायशी इलाकों में अपने मिलिट्री ठिकाने स्थापित करके और हथियार प्रणाली चलाकर नागरिकों को जोखिम में डाला है। इस तरह की रणनीति अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करती है और नागरिकों को खतरे में डालती है क्योंकि वे नागरिक स्वामित्व वाली इमारतों को सैन्य लक्ष्यों में बदल देते हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में आगामी रूसी हमलों ने नागरिकों को मार डाला और बुनियादी ढांचों को नष्ट कर दिया।

यह कहना हमारा नहीं बल्कि प्रसिद्द अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल का बयान है। यूनाइटेड किंगडम में स्थित मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले यह कार्यालय यूँ तो जन्मजात ही भारत से दुश्मनी लिए बैठा है और आए दिन भारत के बारे में कई ऐसी झूठी खबरें भी फैलाता है जो दंगों को अंजाम देने की ताकत रखती है। भारत में अशांति फैलाने वाले इस संगठन को ईडी ने “ब्रेकिंग इंडिया” संगठन साबित कर चुका है। जो विदेश से पैसा लेकर भारत में दंगे भड़काने का काम करता है।

संबंधितपोस्ट

ग्रीनलैंड के बाद आइसलैंड पर ट्रंप की नजर? अमेरिकी झंडे वाले नक्शे ने बढ़ाई चिंता

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

और लोड करें

Such tactics violate international humanitarian law and endanger civilians, as they turn civilian objects into military targets 👇https://t.co/EysZtcqqci

— Amnesty International (@amnesty) August 4, 2022

 

लेकिन इस बार ऐसा लग रहा है जैसे मानो सूरज पश्चिम से निकला है क्योंकि पश्चिम में जन्मा यह संगठन पश्चिम के ही विरुद्ध शब्द बोल रहा है। जहाँ एक तरफ पूरा यूरोप रूस का बहिष्कार करते हुए यूक्रेन के साथ खड़ा है वहीं यूरोप के इस संगठन का कहना है कि “यूक्रेन अपने नागरकों को रूस के हमलों से बचने के लिए मानव कवच के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। रक्षात्मक स्थिति में होने से यूक्रेनी सेना को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करने से छूट नहीं मिलती है।”

और पढ़ें: भारत में नफरत फैलाने और ‘हिंसा भड़काने’ के लिए एमनेस्टी इंडिया को यूके से होती थी फंडिंग

एमनेस्टी इंटरनेशनल के शोधकर्ताओं द्वारा

अप्रैल और जुलाई के बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल के शोधकर्ताओं ने खार्किव, डोनबास और मायकोलाइव क्षेत्रों में रूसी हमलों की जांच में कई सप्ताह व्यतीत किए। संगठन ने हमले हुए स्थलों का निरीक्षण किया। बचे हुए लोगों, गवाहों और हमलों के पीड़ितों के रिश्तेदारों का साक्षात्कार लिया और हथियारों का विश्लेषण किया। इन सभी जांचों के दौरान, शोधकर्ताओं ने यूक्रेनी बलों द्वारा आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों के भीतर से हमले शुरू करने के साथ-साथ क्षेत्रों के 19 शहरों और गांवों में नागरिक भवनों में खुद को स्थापित करने के सबूत पाए।

संगठन की क्राइसिस एविडेंस लैब ने इनमें से कुछ घटनाओं की पुष्टि करने के लिए उपग्रह इमेजरी का विश्लेषण किया है। डोनबास, खार्किव और मायकोलाइव क्षेत्रों में रूसी हमलों के बचे चश्मदीदों ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के शोधकर्ताओं को बताया कि “यूक्रेनी सेना उनके घरों के  आसपास अपना ठिकाना बनाकर काम कर रही थी, जिसके कारण यूक्रेन के आम नागरिक रूसी सेना की जवाबी गोलीबारी का शिकार हुए हैं।” रिपोर्ट में कहा गया है, “कई व्यवहार्य विकल्प उपलब्ध थे जिनका उपयोग किया जा सकता था और जो नागरिकों को खतरे में नहीं डालते लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया गया।” 

और पढ़ें: रूस से युद्ध के बीच असंवेदनशील ज़ेलेंस्की ने ‘VOUGE’ फोटोशूट के माध्यम से अपनी पत्नी को लॉन्च किया

एमनेस्टी की रिपोर्ट को यूक्रेनी अधिकारियों ने नकारा

यूक्रेन की आलोचना करने वाली एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट कथित तौर से मानव अधिकार के लिए लड़ने वाले इन एमनेस्टी समूह को विभाजित कर रही है। रिपोर्ट को यूक्रेनी अधिकारियों और सामाजिक नेताओं ने ठुकराया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के एक शीर्ष सहयोगी, मायखाइलो पोदोलयक ने कीव द्वारा नागरिकों को हमला हो रहे क्षेत्रों से निकालने के प्रयासों का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों के जीवन की सुरक्षा “यूक्रेन के लिए प्राथमिकता” है। साथ ही पोडोलीक ने एमनेस्टी पर रूस के “विघटन और प्रचार अभियान” के रूप में वर्णित में भाग लेने का भी आरोप लगाया, जिसका उद्देश्य यूक्रेन की सेना को बदनाम करना है ताकि देश के समर्थकों को हथियारों की आपूर्ति जारी रखने से हतोत्साहित किया जा सके।

The only thing that poses a threat to Ukrainians is 🇷🇺 army of executioners and rapists coming to 🇺🇦 to commit genocide. Our defenders protect their nation and families. People's lives are the priority for Ukraine, that is why we are evacuating residents of front-line cities. 1/2

— Михайло Подоляк (@Podolyak_M) August 4, 2022

अब तक यूक्रेन कई बार रूस पर यूक्रेनी नागरिकों को लक्षित कर उन्हें मारने का आरोप लगा चुका है और साथ ही यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाने का दोषी भी ठहराया है। लेकिन मास्को ने इन सभी दोषों को खारिज किया है। अब एमनेस्टी की यह रिपोर्ट मॉस्को के किये अपने पिछले दावों के साथ मेल खाती है कि यूक्रेनी लड़ाकों ने नागरिक क्षेत्रों में कब्जा कर लिया था। जिस कारण से रूस को जवाबी फायरिंग के लिए मजबूर होना पड़ा। खैर, इन सबके बीच यह देखने वाला होगा कि क्या एमनेस्टी इंटरनेशनल का ये बयान उसके टुकड़े-टुकड़े कर देगा या फिर यह संगठन अपने किये दावों से पलट जाएगा।

और पढ़ें: लीजिए अब हताशा में यूक्रेनी राष्ट्रपति भारतीयों को ‘ब्लैकलिस्ट’ कर रहे हैं

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: एमनेस्टी समूहयूक्रेनयूक्रेनी नागरिकोंरूसवलोडिमिर ज़ेलेंस्की
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

आरे पर अब ‘सुप्रीम’ झंडी, विकास विरोधियों का क्या होगा?

अगली पोस्ट

भगवान राम का अस्तित्व नकारने वाली कांग्रेस अब उन्हीं की शरण में पहुंची

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?
विश्व

अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

10 October 2026

अमेरिका में एक दोषी को मौत की सजा देने की तैयारी अब बड़े विवाद में बदल गई है। अमेरिकी सेना के पूर्व मेजर निदाल मलिक...

भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर
विश्व

भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

9 October 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भारतीय IT कंपनियों और विदेशी पेशेवरों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई, तो भारत ने भी अपनी बात स्पष्ट...

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है
विश्व

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

21 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले को Truth Social पर चांद की तस्वीर के साथ लिखा—“The Moon Is Ours”। तस्वीर में चांद की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited