TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिंद महासागर में अंतत: भारत ने अपना कब्जा जमा ही लिया

हाल ही में भारत ने समुद्र में अपनी ताकत का एहसास दुनिया को कराया है.

Deeksha Sharma द्वारा Deeksha Sharma
10 August 2022
in समीक्षा
हिंद महासागर

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

कई बार वस्तु अपनी होते हुए भी जब तक आप उसपर अपना अधिकार व्यक्त नहीं करते, तब तक कोई आपका प्रभुत्व उसपर स्वीकार नहीं करता. ऐसा ही कुछ भारत के साथ हिंद महासागर में हुआ. हिन्द महासागर जो कि हमेशा से भारत का था, है, और रहेगा वहां कभी भारत ने उस तरह से अपना दावा नहीं किया जिस तरह से चीन दक्षिण चीन सागर में करता है. यही कारण था कि भारत के ही समुद्र में आकर चीन, अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देश भारत को ही धमकाने का प्रयास करते रहें लेकिन अब स्थिति बदल गई है. ‘भारत एक शांति प्रिय देश है ये तो पूरी दुनिया ने देखा, पर हम शांति के लिए अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन कर सकते हैं.’ ये शब्द हैं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पं. अटल विहारी वाजपेयी के और पहली बार भारत हिंद महासागर क्षेत्र में इस सिद्धांत का पालन कर रहा है. इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे हिंद महासागर में भारत अपनी पकड़ को मजबूत करने में लगा हुआ है.

हम आपको लेकर चलते हैं वर्ष 1971 में, जब भारत ने सोवियत संघ के साथ एक ‘शांति और मित्रता’ संधि पर हस्ताक्षर किए थे. यह संधि ही भारत और रूस के मजबूत रिश्तों की प्रारंभ बिन्दु थी. पाकिस्तान से आज़ादी पाने के लिए बांग्लादेश संघर्ष कर रहा था. उस संघर्ष के दौरन भारत की तत्कालीन प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी ने 27 मार्च 1971 को निर्णय लिया कि भारत पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के लोगों के स्वतंत्रता संग्राम में पूर्ण समर्थन देगा क्योंकि उन्हें यह भारी मात्रा में आने वाले शरणार्थियों को भारत में लेने से बेहतर विकल्प लगा. हालांकि, यह बात अलग है कि आज भी बांग्लादेश से कई घुसपैठिये भारत में आये दिन घुसते रहते हैं.

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

वेनेज़ुएला में विनाशकारी भूकंप: राजधानी काराकास में भारी तबाही, 32 की मौत, हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

और लोड करें

ध्यान देने वाली बात है कि उस संघर्ष में अमेरिका और ब्रिटेन के साथ-साथ चीन भी पाकिस्तान के पक्ष में था. भारत के लिए केवल एक ही मार्ग बचा था कि वह सोवियत संघ को अपने पक्ष में कर ले. उस समय अमेरिका ने पाकिस्तान की सहायता के लिए अपने युद्धपोत भेजे, जिसमें यूएसएस एंटरप्राइज परमाणु विमान वाहक के साथ-साथ 70 लड़ाकू विमानों और बम वर्षकों को शामिल किया गया था. अमेरिका बंगाल की खाड़ी (हिंद महासागर के पूर्वोत्तर भाग) में, ब्रिटेन अरब सागर में, जबकि पाकिस्तान जमीन पर, भारत तीनों तरफ से घिर चुका था.

और पढ़ें: हिंद महासागर को भारत ‘दक्षिण चीन सागर’ नहीं बनने देगा, डोभाल तैयार हैं

अमेरिका और ब्रिटेन को उम्मीद थी कि चीन भी भारत पर हमला करेगा लेकिन चीन जानता था कि भारत को सोवियत संघ का समर्थन प्राप्त है और इसलिए उसने भारत के खिलाफ कुछ नहीं किया. भारत ने रूस को सहायता के लिए संदेश भेजा और जवाब में रूस ने अपने युद्धपोत, सबमरीन और मिसाइलें भेजी और समुद्र में ही ब्रिटेन और अमेरिका को घेर लिया. आखिर में यह जंग भारत और पाकिस्तान के बीच हुई और युद्ध छिड़ने के 13 दिन बाद 16 दिसंबर को पाकिस्तान के कमांडर जनरल अमीर अबुल्ला खान नियाज़ी ने आत्मसमर्पण करते हुए अपनी सर्विस रिवॉल्वर भारतीय लेफ्टिनेंट-जनरल जेएस अरोड़ा को सौंप दी थी.

भारत और रूस की उस संधि को 50 वर्ष हो गए हैं और इन पचास वर्षों में बहुत कुछ बदला है. जहां रूस और भारत के रिश्ते और मजबूत हुए हैं वहीं, रूस और चीन भी नज़दीक आये है जो कि भारत के लिए थोड़ी चिंता का विषय है. कभी भारत के खिलाफ पकिस्तान को युद्धपोत भेजने वाला अमेरिका आज भारत से दोस्ती और मजबूत करना चाहता है और भारत में लूट मचाने वाले और कभी भारत के खिलाफ पाकिस्तान को समर्थन देने वाले ब्रिटेन में एक भारतीय मूल का व्यक्ति प्रधानमंत्री की दौड़ में खड़ा है. अब समय बदल रहा है और भारत अपनी पहचान पूरे विश्व में बना रहा है.

इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि चीन को किसी ने ‘न’ कहा है. यह बात अभी भी चीन के गले के नीचे नहीं उतर रही है लेकिन यही सच है. 11 अगस्त को एक चीनी शोधपोत श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर डॉक करना चाहता था, जिसे एक दशक पहले एक चीनी कंपनी ने बनाया था. यह कोई आम जहाज़ नहीं था बल्कि अंतरिक्ष और उपग्रह ट्रैकिंग सैटेलाइट से लैस एक ऐसा जहाज़ था जो जासूसी करने और ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने में इस्तेमाल किया जाता है. भारत ने इस बात पर जब चिंता व्यक्त की तो द्वीप देश श्रीलंका, जिसने कभी चीन के आगे चूं नहीं की उसने भारत को खुश करने के लिए  चीनियों से उनके जहाज़, युआन वांग 5 की यात्रा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया.

श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर निर्माण कार्य में चीन ने भारी निवेश किया था और इस समय वह बंदरगाह श्रीलंका ने चीन को लीज़ पर दिया है. लेकिन श्रीलंका पिछले कुछ महीनों में यह भी भली भांति समझ गया है कि यदि आज भी उसके लोग जीवित हैं और उनके पास पेट भरने के लिए अन्न की व्यवस्था हो रही है तो इसका कारण भारत ही है. चीन ने तो उन्हें कर्जजाल में ऐसा जकड़ा है कि वे बर्बादी की कगार पर हैं लेकिन इस समय भारत उनके लिए प्राणवायु से कम नहीं है.

और पढ़ें: प्रोजेक्ट 75 और 75 I: भारत का हिंद महासागर पर अंतिम अधिकार था, है और रहेगा

भारत ने श्रीलंका के आर्थिक आपातकाल को कम करने और द्वीप देश को हरसंभव सहायता पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, इस द्वीप देश के लिए अपने अन्न-धन के भंडार खोल दिए. जबकि श्रीलंका को इस मुसीबत में डालने वाले चीन ने उनसे अपना पल्ला झाड़ते हुए किनारा कर लिया. श्रीलंका ने फरवरी में चीन से अनुरोध किया था कि वे श्रीलंका के ऋण का पुनर्निर्धारण करे लेकिन चीन ने उसकी इस मांग को ठुकराते हुए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के नए ऋण की बात कही जिससे कि चीन के कर्ज़ में डूबे इस देश को और डुबाया जा सके.

ऐसे में श्रीलंका भी आखिरकार समझ गया है कि यदि इस बार उसने भारत को धोखा दिया तो यह न केवल अपने सहायक की पीठ में छुरा घोंपने जैसा होगा और अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मारने जैसा भी होगा. यही कारण है कि श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने भी भारत को आश्वासन दिया है कि जहाज निर्धारित समय पर नहीं आएगा. जहां एक तरफ चीनी जहाज़ को रोक दिया गया वहीं दूसरी तरफ एक अमेरिकी जहाज़ ने “मरम्मत और रखरखाव” कार्य कराने के लिए भारतीय बंदरगाह में डॉक किया है जो भारत की तकनीकी दक्षता और भारत के कद को दर्शाता है. इसके साथ ही इससे भारत और अमेरिका के रिश्ते की प्रगाढ़ता भी उजागर होती है.

इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध के मध्य जब पूरे पाश्चात्य जगत ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, ऐसे समय में भारत उससे तेल खरीद रहा है और व्यापार कर रहा है. अमेरिका यदि आज भी 50 वर्षों पूर्व वाला ‘अमेरिका’ होता तो भारत पर नाराज़गी दिखाता और कई तरह के प्रतिबंध भी लगा देता लेकिन इसके ठीक विपरीत अमेरिका, भारत से मजबूत रिश्ते चाहता है. श्रीलंका, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश अब भारत के साथ खड़े हैं और भारत का पलड़ा भारी हो चला है. इसी के कारण आज भारत पूरे जोश और ताकत के साथ हिंद महासागर में नियंत्रण की रस्सियां खींच रहा है क्योंकि देश जानता है कि जिन्हें सबसे अधिक आपत्ति हो सकती है वे पहले ही हमारे साथ खड़े हो गए है. हिन्द महासागर का सही मालिक होते हुए भी कभी अपने अधिकार का इस्तेमाल न करने के कारण जो शक्ति फीकी पड़ गयी थी अब भारत उसे जगा रहा है और हिंद महासागर में आने वाले अपने विशेष हिस्सों में अपनी प्रधानता का दावा कर रहा है.

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: अमेरिकाभारतरूसहिंद महासागर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

केजरीवाल से न कोई मदद मिली, न इनाम और अब देश की बेटी से कागज मांग रही है AAP

अगली पोस्ट

मुस्लिम देश UAE में बन रहे भव्य हिंदू मंदिर से इस्लामिस्टों की जल क्यों रही है?

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited