TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतीय क्रिकेट को महान क्रिकेटरों ने ही बचाया, आज के ‘महान’ उसे डूबो रहे हैं

अब खिलाड़ी एक 'खिलाड़ी' से ज्यादा 'एक्टर' बन गए हैं!

Awanish Tiwari द्वारा Awanish Tiwari
24 September 2022
in खेल
भारतीय क्रिकेट

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

पूरा देश चाहता है कि भारतीय क्रिकेट टीम बेहतरीन प्रदर्शन करे. टीम के खिलाड़ी सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर फोकस करे और टीम को जीत दिलाने में ज्यादा से ज्यादा अपना योगदान दे. वोकिज्म से दूर रहे, बकवास से दूर रहे, टीका टिप्पणी से दूर रहे, अपने जूनियर्स के लिए आदर्श बने, खेल पर फोकस करे लेकिन हमारे क्रिकेटर्स को ‘क्रिकेट छोड़ कर’ बाकी सब कुछ आता है. पहले के खिलाड़ियों की बात ही अलग थी लेकिन हमारे नए जमाने के खिलाड़ियों का खेल भी नया ही हो गया है और यह इतना नया है कि खुद उन्हें भी नहीं पता. भारतीय क्रिकेट को सीनियर्स ने तराशा था और उस काबिल बनाया था कि टीम देश ही नहीं विदेशों में भी सफलता के झंडे गाड़ सके लेकिन अब स्थिति क्या है, यह बताने की आवश्यकता नहीं है.

और पढ़ें: फॉर्म अभी 1 प्रतिशत भी वापस नहीं आया और ‘औकात’ पर आ गए कोहली!

संबंधितपोस्ट

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान

टी20 वर्ल्ड कप 2026 स्क्वॉड से बाहर शुभमन गिल, BCCI के फैसले ने चौंकाया

‘कोहली का वीडियो…RCB की ज़िद’: बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने टीम को ठहराया ज़िम्मेदार

और लोड करें

कपिल देव और तेंदुलकर जैसा कोई नहीं

भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े लीजेंड्स की बात करें तो कपिल देव का नाम सबसे ऊपर आता है. कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहली बार विश्व कप पर कब्जा जमाया था. उन्होंने 1983 विश्व कप के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 175 रनों की शानदार पारी खेली थी. 1983 विश्व कप में जीत भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी खेल उपलब्धियों में से एक है. कपिल देव के नेतृत्व में ही पहली बार भारतीय टीम ने विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाई. उनके बाद अगर सबसे बेहतरीन खिलाड़ी की बात करे तो वो हैं मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर.

क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले तेंदुलकर ने अपने 24 वर्ष के करियर में एक से बढ़कर रिकार्ड स्थापित किए. उनके कई रिकार्ड्स तो आज भी ज्यों के त्यों बने हुए हैं. तेंदुलकर एक शांत स्वभाव के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे. उनके करियर के दौरान अगर आप उनके विवादों पर नजर डाले तो वह लगभग शून्य ही मिलता है. भारत के अलावा दुनिया के तमाम दिग्गज तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं. तेंदुलकर ने भी कई वर्षों तक भारतीय टीम की कप्तानी की और काफी हद तक सफल भी रहे. लेकिन हां, उनके खेल पर उनकी कप्तानी का भार अवश्य देखने को मिलता था.

गांगुली ने टीम को संवारा

लेकिन अगला परिवर्तन आया दादा के साथ. सौरव गांगुली जब भारतीय टीम के कप्तान बने तो टीम की हालत नाजुक थी. टीम के खिलाड़ियों पर अभी अभी फिक्सिंग के आरोप लगे थे, कुछ खिलाड़ियों पर बैन लगा दिया गया था और ऐसे समय में गांगुली को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई थी. उन्होंने अपने नेतृत्व में भारतीय टीम को दलदल से बाहर निकाला. उनकी कप्तानी के किस्से आज भी सुनने को मिल जाते हैं. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी निकल कर सामने आए. वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ियों ने दादा की कप्तानी में अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया. लगभग 15 वर्षों तक टीम की हालत काफी बेहतरीन रही और टीम के दिग्गज खिलाड़ी अपना प्रभाव छोड़ते रहे. दादा के नेतृत्व में ही भारतीय टीम ने विदेशियों को उनके ही सरजमीं पर हराना सीखा. उन्होंने टीम में संतुलन बनाए रखा. दादा के बाद महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय टीम की कमान मिली.

महेंद्र सिंह धोनी का करियर उपलब्धियों से भरा पड़ा है. मैदान पर एकदम शांत दिखने वाला यह खिलाड़ी विरोधियों के लिए काल था. धोनी का दिमाग और धोनी की फुर्ती का कोई सानी नहीं है. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई रिकॉर्ड्स बनाए. 2007 में टी20 वर्ल्ड कप से लेकर 2011 का विश्व कप जीतने तक, धोनी ने अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया. धोनी की बल्लेबाजी जानदार थी, उनके सामने आने से गेंदबाजों में खौफ पैदा हो जाता था. अंतिम ओवरों में गेंदबाजों की सबसे ज्यादा धुलाई करने के मामले में एम एस धोनी का रिकॉर्ड अभी भी सबसे ऊपर है. धोनी ने भी अपनी कप्तानी के दौरान टीम में संतुलन बनाए रखा. टीम पॉलिटिक्स कहीं दूर दूर तक नहीं था. खिलाड़ियों का ज्यादा फोकस अपने खेल तक ही सीमित था. धोनी के उत्तराधिकारी बने विराट कोहली.

और पढ़ें: रविचंद्रन अश्विन: एक ऐसा खिलाड़ी जिसे वो प्यार कभी नहीं मिला, जिसका वो हक़दार था

‘वोक’ कोहली

कोहली के कप्तान बनते ही भारतीय टीम डाउनग्रेड होनी शुरू हो गई. कोहली स्वयं खेल के साथ-साथ अपने दूसरे अवतारों के लिए भी खबरों में बने रहने लगे. हिंदू त्याहारों जैसे दिवाली आदि पर ज्ञान देने के साथ-साथ अन्य धर्मों के त्याहारों पर चुप्पी साधने वाले कोहली का हश्र ऐसा हुआ कि धीरे-धीरे उनका फॉर्म खत्म हो गया. वो इधर उधर ही उलझ कर रह गए. वोक बनने के चक्कर में उन्होंने अपने हाथों से अपने खेल की तिलांजलि दे दी. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम कुछ ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम एक बार भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाई. इसके बावजूद उन्हें कप्तान बनाए रखा गया लेकिन स्थिति बदली, समय बदला और कोहली से कप्तानी छीन ली गई. उनके स्थान पर रोहित शर्मा को कप्तान बनाया गया.

‘हीरो कल्चर’ कर रहा टीम को बर्बाद

अब रोहित शर्मा के कप्तान बनने के बाद स्थिति ऐसी हो गई है कि टीम बिखरती जा रही है. रोहित शर्मा अपने फॉर्म से ज्यादा अपने व्यवहार को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. पिछले दिनों भुवनेश्वर कुमार से एक कैच झूटने के बाद उनके मुंह के सामने से जूते से गेंद को मारने वाले रोहित शर्मा हाल ही में आस्ट्रेलिया से हो रहे मैच के दौरान दिनेश कार्तिक का टी-शर्ट पकड़े दिखाई दिए. हालांकि, मामले को हंसी हंसी में टाल दिया गया लेकिन यह मामला इतना छोटा भी नहीं है. इनकी कप्तानी में भी भारतीय टीम ने कोई बड़ा तीर नहीं मारा है. टीम का प्रदर्शन काफी सामान्य रहा है. यहां तक कि एशिया कप में हमें पाकिस्तान के हाथों हार झेलनी पड़ी और हम टूर्नामेंट से ही बाहर हो गए. उसके बाद अह आस्ट्रेलिया के साथ हुए टी20 सीरीज में भी भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर ज्यादातर फ्लॉप साबित हुए है. ऐसे में सवाल उठता है कि इसी वर्ष कुछ ही हफ्तों में टी20 विश्व कप की शुरुआत होने वाली है और भारतीय टीम की तैयारी क्या है? सब कुछ बेहतर मिलने के बावजूद भी खिलाड़ी प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहे हैं?  टीम ऐसे खिलाड़ियों को क्यों ढो रही है, जो पिछले लंबे समय से फ्लॉप साबित हो रहे हैं? टीम से ‘हीरो कल्चर’ को मिटाया क्यों नहीं जा रहा?

हीरो कल्चर पर ज्यादा फोकस इसलिए है क्योंकि मौजूदा समय में खिलाड़ी अपने खेल के अलावा हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. आइपीएल से कमाई हो ही जा रही, विज्ञापनों की कमाई अलग है, अब खिलाड़ी एक खिलाड़ी से ज्यादा एक्टर बन गया है और इसका सीधा असर उनके खेल पर दिख रहा है. केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी टीम के हीरो बने हुए हैं, वो भी बिना बेहतरीन प्रदर्शन किए! ऐसे में सवाल उठना तो लाजमी ही है. इन खिलाड़ियों के पिछले कुछ मैचों के आंकड़े उठाकर देख लिए जाएं तो इनमें से कोहली को छोड़ दे (जिन्होंने 3 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद एक शतक मारा है) तो ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जिसका प्रदर्शन बेहतरीन हो. इसके बावजूद भी टीम में उन्हें ढोया जा रहा है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि जिस भारतीय टीम को हमारे दिग्गजों ने अपने पसीने से सींच-सींच कर इस काबिल बनाया, उसी भारतीय टीम की साख को मॉर्डन लीजेंड धराशायी कर रहे हैं.

और पढ़ें: मोहम्मद शमी को मुसलमान होने के कारण टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर कर दिया गया हैं?

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: बीसीसीआईभारतीय टीमरोहित शर्माविराट कोहली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अगले 20 वर्षों में हिजाब मुक्त होंगे इस्लामिक मुल्क लेकिन एशिया और दक्षिण एशिया नहीं

अगली पोस्ट

व्याकरण किसे कहते हैं? एवं व्याकरण के सभी भेद का वर्णन

संबंधित पोस्ट

Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t
खेल

Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

18 March 2026

If you’ve ever spent a few minutes watching online game Crazy Time, you probably had the same thought as everyone else: “There has to be...

Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level
खेल

Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

18 March 2026

In the highly competitive realm of online betting, bonuses are crucial for enhancing the user experience and increasing the potential for profitable outcomes. And in...

सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल
खेल

सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

17 March 2026

इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग  द हनडरेंड के प्लेयर्स ऑक्शन में एक फैसला काफी चर्चा और विवाद का कारण बन गया। लीग की टीम सनराइजर्स...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited