TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

साम्यवादी, इस्लामी, रूपांतरण माफिया प्रभावित केरल में केवल आदि शंकराचार्य ही हिंदू धर्म की समीक्षा कर सकते हैं

'आदि शंकराचार्य के बड़े योगदान के लिए आने वाली पीढ़ियां हमेशा उनकी ऋणी रहेंगी'

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
3 September 2022
in चर्चित, मत
PM Modi
Share on FacebookShare on X

हाल ही में केरल यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण स्थलों की यात्रा की। बृहस्पतिवार को ही उन्होंने ‘आदि शंकर जन्म भूमि क्षेत्रम’ में प्रार्थना की जो केरल के एर्णाकुलम जिला में स्थित कलाडी गांव में आदि शंकराचार्य की जन्म स्थली है।

पीएम मोदी का ट्वीट बहुत कुछ कहता है

नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “मैं श्री आदि शंकर जन्मभूमि क्षेत्रम जाकर बहुत धन्य महसूस कर रहा हूं। यह निश्चित तौर पर एक खास जगह है। महान आदि शंकाराचार्य द्वारा हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए दिए गए बड़े योगदान के वास्ते आने वाली पीढ़ियां हमेशा उनकी ऋणी रहेंगी” –

संबंधितपोस्ट

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

और लोड करें

I feel very blessed to be at the Sri Adishankara Janmabhumi Kshetram. It is indeed a special place. Generations to come will remain indebted to the great Adi Shankaracharya for his rich contribution towards protecting our culture. pic.twitter.com/5VCwxcEbFq

— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2022

पीएम मोदी ने आदि शंकराचार्य के महत्व को गिनाते हुए कहा कि उनकी धरोहर को श्री नारायण गुरु, चट्टम्पी स्वामीकल और अय्यंकाली जैसे कई संत एवं समाज सुधारक केरल से बाहर ले गए। आदि शंकराचार्य अपने ‘अद्वैत’ दर्शन को लेकर जाने जाते हैं। परंतु आदि शंकराचार्य के महत्व को पीएम मोदी इतना क्यों रेखांकित कर रहे हैं? आखिर ऐसा क्या है उनमें जो किसी अन्य में नहीं? असल में जब बौद्ध धर्म भारत में अपनी जड़ें मजबूत कर रहा था, और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सनातन धर्म की महिमा अब क्षीण हो रही है, तो ये आदि शंकराचार्य ही थे जिन्होंने अखंड भारत में धर्म की ध्वजा को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया।

25 वर्षों के लघु अंतराल में उन्होंने ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, मांडूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, बृहदारण्यक और छान्दोग्य उपनिषदों पर भाष्य लिखें। 16 वर्ष की आयु में उन्होंने ब्रह्मसूत्र पर भाष्य लिखा। पश्चिम में द्वारका, उत्तर में बद्रीनाथ, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में श्रृंगेरी, 4 पुरियों में मठों की स्थापना कर, उन्होंने धर्म की दिग्विजय का उद्घोष किया। यह मान्यता है कि 4 दिशाओं में चार मठों की स्थापना का उद्देश्य इस सत्य को स्थापित करना था कि धर्म का शासन राजनीतिक संस्थाओं से श्रेष्ठ है।

केवल 32 की आयु में जो कार्य उन्होंने किए, उतना तो शायद सम्पूर्ण जीवन में कोई योद्धा, कोई राजनीतिज्ञ, कोई बुद्धिजीवी समस्त भारतवर्ष के लिए नहीं कर पाया। आज भी भारतवर्ष के शूरवीर सेवकों में आदि शंकराचार्य का नाम सम्मान सहित लिया जाता है, जिन्होंने अपना सर्वस्व मां भारती की सेवा में अर्पण कर दिया।

द कश्मीर फाइल्स के इस संवाद से आप भली भांति समझ सकते हैं, कि आदि शंकराचार्य के भारत निर्माण में क्या भूमिका थी, “फिर मैंने देखा, शंकराचार्य केरल से पैदल चलते हुए कश्मीर पहुंचे, केरल से कश्मीर। उनके पास कोई पुष्पक विमान तो था ही नहीं, सो He literally walked। उन्होंने सालों हिमालय की गोद में बैठकर शोध किया, क्योंकि दर्शन में जो शोध वे कर रहे थे वह केवल स्वर्ग में संभव थी, यानी कश्मीर!” वो आदि शंकराचार्य ही थे जिन्होंने चार ज्योतिर्मठ की स्थापना की।

और पढ़ें- पुरी शंकराचार्य के विरुद्ध विष उगलने के लिए भाजपा सांसद ने लगाई मीडिया की क्लास

ताम्रपत्र अभिलेख में क्या लिखा गया है

उनके ताम्रपत्र अभिलेख में शंकर का जन्म युधिष्ठिराब्द २६३१ शक् (५०७ ई०पू०) तथा शिवलोक गमन युधिष्ठिराब्द २६६३ शक् (४७५ ई०पू०) सर्वमान्य है। इसके प्रमाण सभी शांकर मठों में मिलते हैं।

आदि शंकराचार्य जी ने जो चार पीठ स्थापित किये, उनके काल निर्धारण में उत्थापित की गयी भ्रांतियां-

  1. उत्तर दिशा में बदरिकाश्रम में ज्योतिर्पीठ: स्थापना-युधिष्ठिर संवत् 2641-2645
  2. पश्चिम में द्वारिका शारदापीठ- यु.सं. 2648

3.दक्षिण शृंगेरीपीठ- यु.सं. 2648

  1. पूर्व दिशा जगन्नाथपुरी गोवर्द्धनपीठ – यु.सं. 2655

आदिशंकर जी अंतिम दिनों में कांची कामकोटि पीठ 2658 यु.सं. में निवास कर रहे थे।

शारदा पीठ में लिखा है –

“युधिष्ठिर शके 2631 वैशाखशुक्लापंचम्यां श्रीमच्ठछंकरावतार:।

……तदनु 2663 कार्तिकशुक्लपूर्णिमायां ……श्रीमच्छंकरभगवत्पूज्यपादा…… निजदेहेनैव…… निजधाम प्राविशन्निति।

अर्थात् युधिष्ठिर संवत् 2631 में वैशाखमासके शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रीशंकराचार्य का जन्म हुआ और युधि. सं.2663 कार्तिकशुक्ल पूर्णिमा को देहत्याग हुआ। [युधिष्ठिर संवत् 3139 B.C. में प्रवर्तित हुआ था]

चार धार्मिक मठों में दक्षिण के शृंगेरी शंकराचार्य पीठ, पूर्व (ओडिशा) जगन्नाथपुरी में गोवर्धन पीठ, पश्चिम द्वारिका में शारदामठ तथा बद्रिकाश्रम में ज्योतिर्पीठ भारत की एकात्मकता को आज भी दिग्दर्शित कर रहा है। कुछ लोग शृंगेरी को शारदापीठ तथा गुजरात के द्वारिका में मठ को काली मठ कहते हैं। उक्त सभी कार्य को सम्पादित कर 32 वर्ष की आयु में केदारनाथ तीर्थ में यह ब्रह्मलीन हुए।

और पढ़ें- आदि शंकराचार्य सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान के प्रतीक हैं और उन्हें केदारनाथ में पुनर्स्थापित किया गया है!

आदि शंकराचार्य का इतना राजनीतिक उल्लेख क्यों?

परंतु प्रश्न तो अब भी व्याप्त है – आदि शंकराचार्य का इतना राजनीतिक उल्लेख क्यों? किसलिए? असल में केरल को ‘God’s own Country’ यानी ईश्वर का अपना देश कहा जाता है, क्योंकि अनेक धर्मों ने यहीं से भारत में प्रवेश किया था। यहीं पर भारत के सर्वप्रथम मस्जिद एवं गिरजाघर का निर्माण भी हुआ था और मंदिरों की कभी कोई कमी ही नहीं थी। अनेक तीर्थों की भूमि है केरल, परंतु अब यहां पर कम्युनिस्टों एवं इस्लामिस्टों का कुशासन व्याप्त है, जो बस कैसे भी करके इस राज्य को नोच खाना चाहते हैं।

अब यह कम्युनिस्ट इस्लामिस्ट गठजोड़ काफी सफल भी रहा है, जिसमें सेक्युलर बुद्धिजीवी भी अपना भरपूर योगदान देते रहते हैं। इनके कारण जो केरल कभी संस्कृति, इतिहास एवं विज्ञान के क्षेत्र में भारत का प्रतीक चिन्ह हुआ करता था, वह अब भारत की नैतिक दुर्दशा का प्रतीक चिह्न है। कहने को यह राज्य 100 प्रतिशत साक्षर, लेकिन नैतिक और सांस्कृतिक रूप से यह 100 प्रतिशत निरक्षर है।

ऐसे में आदि शंकराचार्य के कीर्ति का प्रचार प्रसार कराना अपने आप में एक क्रांतिकारी निर्णय है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम में जगतगुरू आदि शंकराचार्य की क्लोराइड से बनी एक मूर्ति का अनावरण किया। यह मूर्ति केदारनाथ धाम के विकास के लिए बनी वृहत्तर योजना के अंतर्गत बनायी गयी है। 35 टन वजनी मूर्ति की ऊंचाई 12 फीट है, इसे 130 टन के एक पत्थर को काट कर बनाया गया है। कटाई के दौरान लगातार नारियल पानी का प्रयोग किया गया है, जिससे आदि शंकराचार्य की मूर्ति काफी चमकदार और चिकनी बनी है। मूर्ति निर्माण में विशेष रूप से नारियल पानी का प्रयोग इसलिए हुआ है कि मूर्ति की चमक जगतगुरू आदि शंकराचार्य के तेज को प्रतिबिंबित कर सके।

पीएम मोदी के अभिभाषण के अनुसार, “हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। देश अपने पुनर्निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है। इस कड़ी में हम आदि गुरु शंकराचार्य को एक नयी प्रेरणा के तौर पर देख सकते हैं, क्योंकि देश अपने लिए बड़े लक्ष्य तैयार कर रहा है। हमने इसकी समय सीमा भी तैयार की है। तो लोग इस पर सवाल उठाते हैं कि ये जो तय किया है, यह हो भी पाएगा कि नहीं…तब मेरे मुंह से यही निकलता है कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है।’

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि यदि केरल को कोई कम्युनिज़्म एवं इस्लामिस्टों के प्रकोप से मुक्त कर सकता है, तो वह केवल आदि शंकराचार्य की यश एवं कीर्ति है, जिसे चहुंओर फैलाने में पीएम मोदी कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ रहे हैं।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: आदि शंकराचार्यनरेंद्र मोदीश्री आदि शंकर जन्मभूमि क्षेत्रम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

नीतीश कुमार के 5 जवान टीम भाजपा में शामिल

अगली पोस्ट

UN ने शिनजियांग में उइगर मुसलमानों पर अत्याचारों को मानवता के विरुद्ध अपराध घोषित किया लेकिन OIC चुप है

संबंधित पोस्ट

राघव चड्ढा और सीक्रेट लिफाफा! पत्र पढ़ते ही सुरक्षा में तैनात CRPF से क्यों नाराज़ हो गए चड्ढा ?
चर्चित

राघव चड्ढा और सीक्रेट लिफाफा! पत्र पढ़ते ही सुरक्षा में तैनात CRPF से क्यों नाराज़ हो गए चड्ढा ?

17 July 2026

किस्सा हाल ही में AAP छोड़ भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा से जुड़ा है।और सूत्रों की मानें तो पूरा मामला एक गुप्त लिफाफे से...

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा
चर्चित

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा, स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो बच्चों समेत तीन की मौत

17 July 2026

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक वैन रेलवे क्रॉसिंग पार...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited