TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“पहले स्वयं में सुधार करो”, भारत को धमकाने की कोशिश कर रहा था WTO, धो दिया

WTO को भी लगता है भारत से सुनने की आदत हो गई है!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
28 September 2022
in चर्चित
wto
Share on FacebookShare on X

भारत एक ऐसा देश है जो समय आने पर हर किसी की सहायता करने के लिए हमेशा ही सबसे आगे खड़ा रहता हैं। जब दुनिया को कोरोना जैसी भयंकर महामारी ने घेरा, तो कथित तौर पर विकसित देश तो स्वार्थी होते हुए तमाम चीजों की जमाखोरी करने में जुट गए। वहीं इस दौरान भारत ही वो देश था, जो अपने यहां की स्थिति संभालने के साथ अन्य देशों की मदद भी करने लग गया। कोरोना के दौरान भारत ने दवाईयों से लेकर ऑक्सीजन और वैक्सीन तक कई चीजें जरूरतमंद देशों को मुहैया कराई। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण खाद्यान्न संकट गहराया, तो भारत ने दुनिया का पेट भरने का काम किया।

परंतु मदद भी तब तक ही की जाती है, जब तक उसके कारण आपके लिए समस्या खड़ी न हो। इसी को ध्यान में रखकर भारत ने कुछ ऐसे कदम उठाए, जिससे स्वयं को विश्व का ठेकेदार मानने वाले WTO को समस्या होने लगी। WTO ने फिर वही किया जो उसकी हमेशा से ही आदत रही है, वह यह कि उसने एक बार फिर इस मामले को लेकर भारत को ज्ञान बांटने लगा। परंतु भारत तो भारत है। नए भारत को आदत नहीं किसी की भी सुनने की। यही कारण है कि भारत ने एक बार फिर WTO को करारा जवाब दिया।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

S. Jaishankar के मजाकिया कमेंट पर फिनलैंड की विदेश मंत्री का रिएक्शन वायरल, बोले- ‘आपको ये नहीं कहना था

भारत के बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बने युवा: पीएम मोदी के 12 वर्षों के शासन का सबसे अहम केंद्र युवाशक्ति

और लोड करें

और पढ़े: विश्व में कैसे भुखमरी का निर्माण कर रहा है WTO?

निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर जताई चिंता

दरअसल, देश की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत ने गेहूं के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी थी। इस रोक के बाद भी भारत ने जरूरतमंद देशों को अनाज की सहायता प्रदान की। वहीं इसके बाद इसी माह सरकार द्वारा टुकड़ा चावल के निर्यात पर भी रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया गया। हाल ही में WTO के कुछ सदस्य देशों भारत द्वारा चावल और गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर चिंता जताई गई थीं। जिसके पश्चात भारत ने उनके आगे अपना पक्ष करते हुए एक बैठक में गेहूं और चावल के निर्यात पर पाबंदी लगाने के अपने फैसले को सही बताया है।

WTO की बैठक बीते दिनों जिनेवा में हुई थी, जिसमें अमेरिका, यूरोपीय संघ ने इस निर्णय पर प्रश्न उठाते हुए कहा है कि वैश्विक बाजारों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने अपने इस फैसले का बचाव करते हुए यह बात स्पष्ट की है- “टूटे हुए चावल के निर्यात पर प्रतिबंध घरेलू बाजार को देखते हुए लगाया गया था। चावल का सबसे अधिक उपयोग पोल्ट्री फीड में किया जाता है। निर्यात पर पाबंदी इसलिए लगाई गई क्योंकि अभी हाल के महीनों में अनाज के निर्यात की दर मे बढ़ोत्तरी हुई थी। इस वजह से घरेलू बाजार पर भी दबाव बढ़ गया था। वहीं गेहूं के निर्यात पर पाबंदी की बात करें तो खाद्य सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर इसकी आवश्यकता पड़ी।”

और पढ़े: भारत के मामले में ‘उगते सूरज को सलाम’ वाले ढर्रे पर WTO को करना होगा काम

टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध

यहां ध्यान देने योग्य बात है कि मई महीने में भारत ने अपनी घरेलू उपलब्धता मे बढ़ोत्तरी को ध्यान में रखकर गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंधित लगा दिया था। अब इस महीने भारत ने टूटे हुए चावल के निर्यात पर भी बैन लगा दिया है। इसके अलावा उसना को छोड़कर गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगा दिया था। एक अधिकारी के अनुसार- “भारत ने यह भी कहा है कि यह उपाय अस्थायी प्रकृति का है और इस पर निरंतर निगरानी रखी जा रही हैं।” अधिकारी के अनुसार भारत के टूटे चावल के एक प्रमुख आयातक सेनेगल ने भारत से खाद्य पर्याप्तता सुनिश्चित करने के लिए इस मुश्किल समय में व्यापार को खुला रखने का आग्रह किया है।

और पढ़े: WTO की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद, पीयूष गोयल यूरोपीय संघ पर विजय प्राप्त करने को हैं तैयार

इससे पूर्व WTO के कई सदस्यों ने भारत की कृषि सब्सिडी को कृषि पर समझौता (AoA) नियमों के खिलाफ बताया था और वो इसके विरोध में उतर आए थे। उनका मानना था कि भारत में कृषि सब्सिडी को रोका जाना चाहिए। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों ने भारत सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली हर तरह की एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करने के लिए पूरी ताकत भी झोंक दी थी। परंतु भारत ने भी इनके समक्ष झुकने से इनकार कर दिया। अब जब भारत ने गेहूं और चावल के निर्यात पर पाबंदी के लगाने के अपने फैसले का समर्थन किया है तो भी WTO के कुछ सदस्य इस पर आपत्ति जता रहे हैं। यानी इन्हें भारत के हर कदम से समस्या ही है।

WTO सम्मेलन में भारत का बजा था डंका

WTO जैसे संगठन जो खुद को वैश्विक ठेकेदार मानते हैं और दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाते रहते है। इन संगठनों में मानवता दूर-दूर तक नजर नहीं आती। इसके विपरीत यह तो पश्चिमी देशों की कठपुतली बनते जा रहे हैं। WTO जैसे संगठनों द्वारा विकासशील देशों के साथ किस तरह से भेदभाव किया जाता है, इसके कई उदाहरण देखने को मिल चुके हैं। हालांकि अब भारत भी WTO जैसे संगठनों के आगे झुकने को मजबूर करने लगा है।

ऐसा जून महीने में WTO सम्मेलन के दौरान देखने मिला था। तब WTO के सदस्य नौ साल के लंबे अंतराल के बाद मत्स्यपालन सब्सिडी समझौते पर एकमत हुए थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत की दमदार उपस्थिति के चलते विकसित देशों की मौजूदगी में देश को सौ फीसदी कामयाबी मिली है। ऐसा पहली बार हुआ  जब आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना, गहरे समुद्र में मछली पकड़ना, अवैध, गैर-सूचित और अनियमित तरीके से मछली पकड़ने के विषय पर प्रस्तावित समझौते लाए जाने लगे।

इसके अतिरिक्त WTO के इसी सम्मेलन में पीयूष गोयल के द्वारा डिजिटल एक्सपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी लगाने का भी प्रस्ताव दिया गया था। उनके अनुसार डिजिटल एक्स्पोर्टस पर भी कस्टम ड्यूटी लगाने का प्रावधान किया जाना चाहिए, जिससे कुछ चुनिंदा देशों को मिलने वाले फायदे का वर्चस्व अब ‘विकासशील और उभरते हुए देशों को भी प्राप्त हो पाए।’

और पढ़े: आखिरकार WTO को घुटने पर लाने में कामयाब हुआ भारत

डिजिटल एक्स्पोर्ट पर अमेरिका जैसे देशों पर कटाक्ष करते हुए पीयूष गोयल ने यह भी कहा था कि एक तरफ जहां बड़े-बड़े तकनीक को संचालित करने वाले लोग और राष्ट्र बिना कोई विशेष कर (ड्यूटी) दिए बच निकलते हैं, वहीं कपड़ा उद्योग जैसे छोटे काम के लिए भी तरह तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा भेदभाव नहीं चलेगा। इस रवैये से पहले ही यह स्पष्ट हो गया था कि अब भारत किसी भी संगठन के दबाव में आकर झुकेगा नहीं। भारत हर तरह के भेदभाव का खुलकर विरोध करेगा और इन मंचों के माध्यम से कथित महाशक्तियों को जवाब भी देगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: WTOगेहूं निर्यातचावलभारत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

उद्धव ठाकरे के पास बस ‘ठाकरे’ सरनेम बचेगा, शिंदे की हो जाएगी शिवसेना

अगली पोस्ट

PFI प्रतिबंधित, उसके आतंकवादी कनेक्शन, फंडिंग और इरादे समझ लीजिए

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

रामपुर में गरजे सीएम
चर्चित

रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

30 June 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान समाजवादी...

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव
चर्चित

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

29 June 2026

भारतीय सेना जल्द ही अपने पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (Integrated Battle Group-IBG) को ऑपरेशनल करने जा रही है। इसे सेना की युद्ध संरचना में पिछले...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited