TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राहुल गांधी के पास यह किताब कैसे आई लोग कर रहे सवाल

    Four Stars of destiny…राहुल गांधी ने एक ‘अप्रकाशित’ किताब को लेकर अच्छा खासा ‘रायता’ फैला दिया है और ‘सफाई’ के लिए जनरल नरवणे को उसमें घसीट रहे हैं

    नरवणे ने साझा की किताब की मौजूदा स्थिति

    पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी आत्मकथा को लेकर किया खुलासा, कहा-किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई

    बांग्लादेश चुनाव अंतरराष्ट्रीय फोकस में

    बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

    कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं मिली राहत

    कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं मिली राहत: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को कहा ,जल्द सख्त फैसला लें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राहुल गांधी के पास यह किताब कैसे आई लोग कर रहे सवाल

    Four Stars of destiny…राहुल गांधी ने एक ‘अप्रकाशित’ किताब को लेकर अच्छा खासा ‘रायता’ फैला दिया है और ‘सफाई’ के लिए जनरल नरवणे को उसमें घसीट रहे हैं

    नरवणे ने साझा की किताब की मौजूदा स्थिति

    पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी आत्मकथा को लेकर किया खुलासा, कहा-किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई

    बांग्लादेश चुनाव अंतरराष्ट्रीय फोकस में

    बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

    कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं मिली राहत

    कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं मिली राहत: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को कहा ,जल्द सख्त फैसला लें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सम्राट बिंदुसार की वो कहानी जो आपको कभी बताई नहीं गई

सम्राट बिंदुसार मौर्य साम्राज्य के सच्चे रक्षक थे, परंतु षड्यंत्र के तहत उनके बारे में इतिहास में अधिक उल्लेख नहीं किया गया।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
13 November 2022
in इतिहास, ज्ञान
बिंदुसार, The unknown story about Bindusara

source tfi

Share on FacebookShare on X

इतिहास में जय उसी की होती है जो विजयी हो। ये सत्य है, परंतु एक सत्य ये भी है कि इतिहास में कुछ ऐसे नायक भी हुए जो जय के योग्य तो हैं परंतु उनकी कीर्ति तो छोड़िए उनका उल्लेख तक नहीं किया गया। मौर्य शासन स्थापित करने वाले चन्द्रगुप्त मौर्य के बारे में सब परिचित हैं, एवं उसे शिखर तक ले जाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अशोकवर्धन मौर्य अथवा सम्राट अशोक से भी कई परिचित हैं, परंतु इस बात से कौन परिचित है कि इस साम्राज्य को अक्षुण्ण रखने में एक अन्य व्यक्ति का भी हाथ था जिसकी कीर्ति कम ही गाई जाती है। इस लेख में जानेंगे कि कैसे सम्राट बिंदुसार मौर्य (Bindusara) साम्राज्य के संकटमोचक बने थे, परंतु उनका यश आधुनिक इतिहास में कम ही संकलित हुआ किया गया है।

और पढ़ें- सच्ची रामायण-1: प्रभु श्रीराम ने धोबी के कहने पर माता सीता को राज्य से निकाल दिया था?

संबंधितपोस्ट

क्यों अजय देवगन को आचार्य चाणक्य के रूप में आना होगा

अशोक कोई ‘महान’ नहीं बल्कि विशाल मौर्य वंश का बेड़ा गर्क करने वाले शासक थे

और लोड करें

सम्राट बिंदुसार

मौर्य साम्राज्य की स्थापना कैसे हुई? जब आचार्य चाणक्य के मार्गदर्शन में चन्द्रगुप्त मौर्य ने नन्द वंश को अपदस्थ कर दिया। मौर्य वंश अपने शिखर पर कैसे पहुंचा? सम्राट अशोक के नेतृत्व में उसकी पहुंच भारतवर्ष से आगे चारों दिशाओं में फैलने लगी, और बौद्ध एवं जैन धर्म को बढ़ावा मिलने लगा। परंतु ठहरिए, कुछ अधूरा नहीं लग रहा आपको? है क्यों नहीं, बीच में सम्राट बिंदुसार भी तो थे!

अमित्रघात के नाम से प्रसिद्ध बिंदुसार का जन्म 340 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र में हुआ था। इनके जन्म की कथा बड़ी अनोखी है। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को हरसंभव संकट से बचाने हेतु आचार्य चाणक्य प्रशिक्षित करते थे, जिसके अंतर्गत वे उनके भोजन में थोड़ा थोड़ा विष मिलाते थे, ताकि वे विष को ग्रहण करने के आदी हो जाएं और यदि कभी शत्रु उन्हें विष का सेवन कराकर मारने की कोशिश भी करे तो उसका राजा पर कोई विशेष प्रभाव न पड़ सके। साथ ही उन्होंने ये आदेश दिया कि यह भोजन सम्राट के अतिरिक्त कोई अन्य न ग्रहण करें।

परंतु भाग्य का कुचक्र कहिए, एक दिन विष मिलाया हुआ खाना राजा की पत्नी दुर्धरा ने ग्रहण कर लिया, जो उस समय गर्भवती थीं। अब विष से पूरित खाना खाते ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी, और जब आचार्य को इस बात का पता चला तो उन्होंने तुरंत रानी के गर्भ को काटकर उसमें से शिशु को बाहर निकाला और राजा के वंश की रक्षा की। यह शिशु आगे चलकर राजा बिंदुसार के रूप में विख्यात हुए, क्योंकि विष का एक तिल या बिन्दु समान अंश उनके मस्तक पर रह गया था।

और पढ़ें- सरदार पटेल और वीपी मेनन ने कैसे रचा आधुनिक भारत का इतिहास?

आचार्य चाणक्य को लेकर फैली बात

आचार्य चाणक्य ने ऐसा करके मौर्य साम्राज्य के वंश को खत्म होने से बचाया था लेकिन बाद में किसी ने यह गलत बात फैला दी कि रानी की मृत्यु आचार्य के कारण हुई। अंतत: बाद में जब राजा बिंदुसार को दाई से जब पूरा सत्य पता चला तो उन्होंने आचार्य के सिर पर लगा दाग हटाने के लिए उन्हें महल में वापस लौटने को कहा लेकिन आचार्य ने अस्वीकार कर दिया, और उन्होंने सन्यास ग्रहण करने की इच्छा धारण की। कोई कहते हैं कि आचार्य इसके पश्चात कभी वापस नहीं आए, ऐसे में उनके वास्तविक अंत पर अभी तक संशय है, परंतु इस बारे में फिर कभी।

अब बिंदुसार ने ऐसा क्या किया कि उनका गुणगान करना चाहिए? तिब्बती इतिहासकार तारानाथ  के अनुसार, बिंदुसार ने न केवल मौर्य साम्राज्य को अक्षुण्ण रखा, अपितु अपने अल्पकालिक जीवन में सम्पूर्ण भारत की एकता कायम रखी। कई विद्वानों के अनुसार बिंदुसार ने दक्षिण पर विजय प्राप्त की। ‘दिव्यावदान‘ के अनुसार तक्षशिला में राज्य के प्रति विद्रोह हुआ, जिसे शांत करने के लिए बिंदुसार ने वहां अपने लड़के अशोक को कुमारामात्य बनाकर भेजा। जब वह वहाँ पहुंचा तो लोगों ने कहा कि हम न बिंदुसार से विरोध करते हैं न राजकुमार से ही, हम केवल दुष्ट मंत्रियों के प्रति विरोध प्रदर्शित करते हैं। बिंदुसार की विजयों को पुष्ट करने अथवा खंडित करने के लिए कुछ भी प्रमाण उपलब्ध नहीं है। कई लोगों का मानना है कि बिंदुसार ने कुछ नहीं किया, परंतु यदि ऐसा होता तो कलिंग अथवा कुछ एक राज्यों को छोड़कर लगभग दक्षिण भारत तक उनका साम्राज्य कैसे फैलता?

अब सम्राट अमित्रघात या बिंदुसार का इतना गुणगान क्यों नहीं होता, जितना सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य या सम्राट अशोक का होता है?  क्या इसलिए कि वे अयोग्य थे, या इसलिए कि उनमें कोई विशेषज्ञता नहीं थी? ऐसा तो नहीं है, क्योंकि लगभग 49 वर्ष की आयु में मृत्यु को प्राप्त होने वाले मौर्य वंश ये शासक एक सशक्त साम्राज्य के रक्षक रहे।

और पढ़ें- Ancient Indian cities: भारत के वो प्राचीन शहर जो आज भी विश्व के नक्शे पर हीरे की तरह चमकते हैं

मूल कारण

तो मूल कारण क्या है? कहते हैं कि सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य अंत समय में अन्न जल त्यागकर आत्मार्पण की प्रक्रिया अपना रहे थे, उन्होंने जैन भिक्षुओं का सनिध्य भी प्राप्त किया था और इस तरह वो अपने शासनकाल के कुछ वर्षों बाद शांति की खोज में निकल पड़े। जिसके बाद सत्ता का नेतृत्व तब 22 वर्ष के रहे बिंदुसार को दे दिया गया जिन्होंने विशाल मगध साम्राज्य की रक्षा की। तब भी चाणक्य ही बिंदुसार के प्रधानमंत्री थे। गुप्त शासन का विस्तार करते हुए उन्होंने 16 राज्यों को जीता और तमिलनाडु तक को अपने राज्य में मिला लिया। हालांकि, दक्षिण के इतिहासकार इस सत्य से मना करते हैं।

वह बिंदुसार का ही शासनकाल था जब अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मगध साम्राज्य का फैलाव हो चुका था। Egypt से लेकर ग्रीस तक इस साम्राज्य के प्रगाढ़ संबंध रहे। 25 वर्षों के अपने शासनकाल में कई बड़े काम किए लेकिन उन्हें भूला दिया गया। चंद्रगुप्त, बिंदुसार और अशोक, मौर्य वंश के ये 3 शीर्ष राजाओं ने 90 वर्षों तक शासन चलाया लेकिन बिंदुसार का 25 वर्ष बड़ी सरलता से भुला दिया जाता है क्योंकि वो हिंदू थे।

हुआ यह कि मौर्य काल में जैन और बौद्ध धर्म का प्रसार प्रचार हुआ जिसमें चंद्रगुप्त ने जैन धर्म को धारण किया, जिसके कारण जैन धर्मग्रंथों में उनके बारे में बहुत बताया गया और उसी तरह अशोक ने बौद्ध धर्म को धारण किया तो इस तरह से बौद्ध ग्रंथों में उनकी चर्चा हुई। जबकि बिंदुसार राजा बने तो वो सनातन धर्म में ही रहे। समकालीन जैन और बौद्धग्रंथों में तब सनातन धर्म को कुरीतियों का अड्डा कहा गया। और इस तरह पूरे षड्यंत्र के साथ बिंदुसार को भुला दिया गया।

और पढ़ें- बहिर्जी नाईक– एक ऐसे योद्धा जिनके शौर्य की चर्चा कभी नहीं की गई

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि सम्राट अमित्रघात यानी बिंदुसार ने मौर्य साम्राज्य के यश को विद्यमान रखा, और उसके कीर्ति को आगे बढ़ाया। परंतु चूंकि उन्होंने सनातन धर्म की महिमा के साथ कोई समझौता नहीं किया, इसलिए उन्हें उतना सम्मान नहीं मिला, जिसके वे योग्य थे और वे अपने पिता और अपने पुत्र के कीर्ति के बीच दबकर रह गए।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Acharya Chanakyabindusarachandragupta mauryaआचार्य चाणक्यचंद्रगुप्त मौर्यबिंदुसारमौर्य साम्राज्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रूसी तेल पर भारत को समझाने आईं थी अमेरिकी वित्त मंत्री, खुद ही ‘समझ कर’ लौट गईं

अगली पोस्ट

भगवान श्रीराम की अयोध्या का कोरिया से वो संबंध जिससे आप अभी तक परिचित नहीं होंगे

संबंधित पोस्ट

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited