TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    रितु तावड़े तीन बार की पार्षद से BMC मेयर तक का सफर

    जानिए कौन हैं रितु तावड़े? बीएमसी मेयर पद की दौड़ में बीजेपी का भरोसेमंद चेहरा

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    ओला , उबर और रेपिडों का आज हड़ताल

    ओला, उबर और रैपिडो के ड्राइवर आज 6 घंटे की हड़ताल पर , जानें क्या है वजह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    रितु तावड़े तीन बार की पार्षद से BMC मेयर तक का सफर

    जानिए कौन हैं रितु तावड़े? बीएमसी मेयर पद की दौड़ में बीजेपी का भरोसेमंद चेहरा

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    ओला , उबर और रेपिडों का आज हड़ताल

    ओला, उबर और रैपिडो के ड्राइवर आज 6 घंटे की हड़ताल पर , जानें क्या है वजह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब और क्यों स्थानांतरित हुई? विस्तार से जानिए

दिल्ली को राजधानी बनाने के पीछे के क्या कारण रहे और राजधानी के रूप में अंग्रेजों ने दिल्ली को ही क्यों चुना, इस लेख में जानिए।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
7 December 2022
in इतिहास, ज्ञान
दिल्ली राजधानी

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

भारत पर अंग्रेजों ने 200 सालों तक राज किया या यूं कहें कि 200 सालों तक यहां की धन संपदा को लूटा और अपना घर भर लिया। ब्रिटिश शासन की बात करें तो एक प्रश्न यह उठता है कि भारत में अंग्रजों की राजधानी कहां हुआ करती थी और दिल्ली को अंग्रजों ने अपनी राजधानी कब, कैसे और क्यों बनाया? इस लेख में हम जानेंगे कि दिल्ली को राजधानी बनाने के पीछे के क्या कारण रहे और राजधानी के रूप में अंग्रेजों ने दिल्ली को ही क्यों चुना।

और पढ़ें- कभी अंग्रेजों को कर्ज देता था, बाद में उनकी गुलामी करते हुए मर गया, जगत सेठ की कहानी

संबंधितपोस्ट

संसद में शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा, विपक्षी हंगामे पर राजनाथ सिंह नाराज़

अंग्रेज़ और न्यायपूर्ण शासन ? गुलाम मानसिकता में जीने वालों को अब अपनी आंखों से औपनिवेशिक पट्टी हटा लेनी चाहिए

क्या हिंदू होना अब राजनीतिक अपराध है? प्रियंका गांधी के बयान से उठ रहे कई सवाल”

और लोड करें

व्यापारिक और राजनीतिक केंद्र था कलकत्ता

दरअसल, भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के आने के बाद और 1757 के प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रजों ने शुरुआत से ही कलकत्ता को अपने व्यापारिक केंद्र और राजनीतिक केंद्र के रूप में चुना था। इसके अलावा कलकत्ता को राजधानी बनाने के पीछे का कारण यहां का समुद्री तट और बंगाल की संपन्नता भी थी जहां से वे आसानी से पूरी दुनिया में व्यापार कर सकते थे। परन्तु प्रश्न यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंग्रजों ने अपनी राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला कर लिया। हालांकि इसके कई जवाब हो सकते हैं परन्तु जो मुख्य कारण हैं वे हैं 1857 का स्वतंत्रता संग्राम, 1905 का बंगाल विभाजन और भारत के अन्य भागों पर नियंत्रण करना।

1857 की क्रांति से तो आप सभी परिचित होंगे ही किस प्रकार यह मंगल पांडे के प्रयास से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल जाती है और अंग्रेजी सत्ता की जड़ों को हिलाकर रख देती है। इस 1857 की क्रांति को संचालित करने का काम दिल्ली ने ही किया था। इस क्रांति के बाद अंग्रेजों को आभास हो चुका था कि अगर भारत पर राज करना है तो यहां के लोगों की एकजुटता को तोड़ना होगा इसलिए 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल को दो भागों में बांट दिया जिसे बंगभंग के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इसके जवाब में वहां के लोगों ने आंदोलन भी किए परन्तु बंगाल को एक न कर सके।

और पढ़ें- अंग्रेजों ने सुनियोजित तरीके से भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बर्बाद क्यों किया?

गर्मियों के लिए शिमला थी राजधानी

इसके अलावा राजधानी स्थानंतरित करने का तीसरा कारण है भारत के दूसरे राज्यों पर निंयत्रण करना और वहां की धन-संपदा को लूटना। दिल्ली को राजधानी बनाने का एक कारण यह भी बताया जाता है कि अंग्रेजों को एक ऐसा स्थान चाहिए था जहां वे सभी प्रकार के मौसम में रह सकें। परन्तु दिल्ली तो इस प्रकार का शहर नहीं है जहां का मौसम समान रहता हो, यहां तो गर्मी और सर्दी दोनों ही भयंकर पड़ती हैं। हालांकि दिल्ली को राजधानी बनाने के बाद भी अंग्रेजों ने गर्मियों के लिए शिमला को अपनी राजधानी के रूप में चुना।

दरअसल, दिल्ली को राजधानी बनाने की आधिकारिक शुरुआत वॉयसराय जॉर्ज पंचम के राज तिलक के साथ होती है। उत्तरी दिल्ली के किंग्स वे कैंप, जिसे आज हम गुरु तेग बहादुर नगर के नाम से जानते हैं, यहीं पर 1911 में जॉर्ज पंचम का वॉयसराय के रूप में राजतिलक किया गया था और दिल्ली को आधिकारिक रूप से राजधानी बनाने की घोषणा की गई थी।

और पढ़ें- देवदासी प्रथा को कम्युनिस्टों और अंग्रेजों ने वेश्यावृत्ति बताकर बदनाम कर दिया, सच ये है

दिल्ली के सरकारी भवनों के बारे में

इसके इतर एक प्रश्न यह है कि दिल्ली में आज हम जिन सरकारी भवनों को देखते हैं उन्हें किस प्रकार बनवाया गया और राजधानी बनाने का निर्णय कितना सही था। हालांकि दिल्ली के जिन सरकारी भवनों को हम देखते हैं वे 1931 में बनकर तैयार हुए थे। परन्तु तब तक अस्थाई रूप से उत्तरी दिल्ली में सचिवालय भवन का निर्माण किया गया जहां से 1931 तक अंग्रेजी सरकार को चलाया गया।

दिल्ली को राजधानी बनाने के वाले वास्तुकारों के बारे में बात की जाए तो हमारे सामने लुटियंस और बेकर ये दो नाम आते हैं। असल में इन दोनों वास्तुकारों ने ही रायसिना पहाड़ी पर बने वाइसराय भवन यानी आज के राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन और तमाम सरकारी भवनों की रुपरेखा तैयार की। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन को लेकर कहा जाता है कि ये दोनों भारतीय वास्तुकला से प्रवाभित होकर ही बनाए गए थे परन्तु अंग्रेजों ने इस बात को कभी स्वीकार नहीं किया। भवनों के निर्माण में आए व्यय के बारे में बताया जाता है कि इसमें 10 करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए थे।

और पढ़ें-सनातनियों ने किया सम्मान, मुगलों ने की छेड़खानी, अंग्रेजों ने बहिष्कृत, भारत में किन्नरों की कहानी 

यदि दिल्ली को राजधानी बनाने के फैसले को अच्छे से समझा जाए तो यह एक अत्यन्त खर्चीला और सत्ता की लोलुपता के कारण लिया गया फैसला था। क्योंकि यह तो स्पष्ट है कि दिल्ली भौगोलिक दृष्टी से एक ऐसा स्थान है जहां न कोई तटीय क्षेत्र है न तो कोई विशेष जलवायु। यानी इस फैसले के लिए यह कह सकते हैं कि अंग्रेजों का लिया गया यह एक मूर्खतापूर्ण फैसला था।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: East India Companyईस्ट इंडिया कंपनीनया संसद भवनमंगल पांडेवॉयसराय जॉर्ज पंचमसंसद भवन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इस बजट में पूर्वोत्तर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अगली पोस्ट

सऊदी को कर दिया लेकिन अमेरिका ने भारत को नहीं किया ब्लैक लिस्ट, वजह जयशंकर हैं

संबंधित पोस्ट

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited