TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब और क्यों स्थानांतरित हुई? विस्तार से जानिए

दिल्ली को राजधानी बनाने के पीछे के क्या कारण रहे और राजधानी के रूप में अंग्रेजों ने दिल्ली को ही क्यों चुना, इस लेख में जानिए।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
7 December 2022
in इतिहास, ज्ञान
दिल्ली राजधानी

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

भारत पर अंग्रेजों ने 200 सालों तक राज किया या यूं कहें कि 200 सालों तक यहां की धन संपदा को लूटा और अपना घर भर लिया। ब्रिटिश शासन की बात करें तो एक प्रश्न यह उठता है कि भारत में अंग्रजों की राजधानी कहां हुआ करती थी और दिल्ली को अंग्रजों ने अपनी राजधानी कब, कैसे और क्यों बनाया? इस लेख में हम जानेंगे कि दिल्ली को राजधानी बनाने के पीछे के क्या कारण रहे और राजधानी के रूप में अंग्रेजों ने दिल्ली को ही क्यों चुना।

और पढ़ें- कभी अंग्रेजों को कर्ज देता था, बाद में उनकी गुलामी करते हुए मर गया, जगत सेठ की कहानी

संबंधितपोस्ट

संसद में शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा, विपक्षी हंगामे पर राजनाथ सिंह नाराज़

अंग्रेज़ और न्यायपूर्ण शासन ? गुलाम मानसिकता में जीने वालों को अब अपनी आंखों से औपनिवेशिक पट्टी हटा लेनी चाहिए

क्या हिंदू होना अब राजनीतिक अपराध है? प्रियंका गांधी के बयान से उठ रहे कई सवाल”

और लोड करें

व्यापारिक और राजनीतिक केंद्र था कलकत्ता

दरअसल, भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के आने के बाद और 1757 के प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रजों ने शुरुआत से ही कलकत्ता को अपने व्यापारिक केंद्र और राजनीतिक केंद्र के रूप में चुना था। इसके अलावा कलकत्ता को राजधानी बनाने के पीछे का कारण यहां का समुद्री तट और बंगाल की संपन्नता भी थी जहां से वे आसानी से पूरी दुनिया में व्यापार कर सकते थे। परन्तु प्रश्न यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंग्रजों ने अपनी राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला कर लिया। हालांकि इसके कई जवाब हो सकते हैं परन्तु जो मुख्य कारण हैं वे हैं 1857 का स्वतंत्रता संग्राम, 1905 का बंगाल विभाजन और भारत के अन्य भागों पर नियंत्रण करना।

1857 की क्रांति से तो आप सभी परिचित होंगे ही किस प्रकार यह मंगल पांडे के प्रयास से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल जाती है और अंग्रेजी सत्ता की जड़ों को हिलाकर रख देती है। इस 1857 की क्रांति को संचालित करने का काम दिल्ली ने ही किया था। इस क्रांति के बाद अंग्रेजों को आभास हो चुका था कि अगर भारत पर राज करना है तो यहां के लोगों की एकजुटता को तोड़ना होगा इसलिए 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल को दो भागों में बांट दिया जिसे बंगभंग के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इसके जवाब में वहां के लोगों ने आंदोलन भी किए परन्तु बंगाल को एक न कर सके।

और पढ़ें- अंग्रेजों ने सुनियोजित तरीके से भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बर्बाद क्यों किया?

गर्मियों के लिए शिमला थी राजधानी

इसके अलावा राजधानी स्थानंतरित करने का तीसरा कारण है भारत के दूसरे राज्यों पर निंयत्रण करना और वहां की धन-संपदा को लूटना। दिल्ली को राजधानी बनाने का एक कारण यह भी बताया जाता है कि अंग्रेजों को एक ऐसा स्थान चाहिए था जहां वे सभी प्रकार के मौसम में रह सकें। परन्तु दिल्ली तो इस प्रकार का शहर नहीं है जहां का मौसम समान रहता हो, यहां तो गर्मी और सर्दी दोनों ही भयंकर पड़ती हैं। हालांकि दिल्ली को राजधानी बनाने के बाद भी अंग्रेजों ने गर्मियों के लिए शिमला को अपनी राजधानी के रूप में चुना।

दरअसल, दिल्ली को राजधानी बनाने की आधिकारिक शुरुआत वॉयसराय जॉर्ज पंचम के राज तिलक के साथ होती है। उत्तरी दिल्ली के किंग्स वे कैंप, जिसे आज हम गुरु तेग बहादुर नगर के नाम से जानते हैं, यहीं पर 1911 में जॉर्ज पंचम का वॉयसराय के रूप में राजतिलक किया गया था और दिल्ली को आधिकारिक रूप से राजधानी बनाने की घोषणा की गई थी।

और पढ़ें- देवदासी प्रथा को कम्युनिस्टों और अंग्रेजों ने वेश्यावृत्ति बताकर बदनाम कर दिया, सच ये है

दिल्ली के सरकारी भवनों के बारे में

इसके इतर एक प्रश्न यह है कि दिल्ली में आज हम जिन सरकारी भवनों को देखते हैं उन्हें किस प्रकार बनवाया गया और राजधानी बनाने का निर्णय कितना सही था। हालांकि दिल्ली के जिन सरकारी भवनों को हम देखते हैं वे 1931 में बनकर तैयार हुए थे। परन्तु तब तक अस्थाई रूप से उत्तरी दिल्ली में सचिवालय भवन का निर्माण किया गया जहां से 1931 तक अंग्रेजी सरकार को चलाया गया।

दिल्ली को राजधानी बनाने के वाले वास्तुकारों के बारे में बात की जाए तो हमारे सामने लुटियंस और बेकर ये दो नाम आते हैं। असल में इन दोनों वास्तुकारों ने ही रायसिना पहाड़ी पर बने वाइसराय भवन यानी आज के राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन और तमाम सरकारी भवनों की रुपरेखा तैयार की। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन को लेकर कहा जाता है कि ये दोनों भारतीय वास्तुकला से प्रवाभित होकर ही बनाए गए थे परन्तु अंग्रेजों ने इस बात को कभी स्वीकार नहीं किया। भवनों के निर्माण में आए व्यय के बारे में बताया जाता है कि इसमें 10 करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए थे।

और पढ़ें-सनातनियों ने किया सम्मान, मुगलों ने की छेड़खानी, अंग्रेजों ने बहिष्कृत, भारत में किन्नरों की कहानी 

यदि दिल्ली को राजधानी बनाने के फैसले को अच्छे से समझा जाए तो यह एक अत्यन्त खर्चीला और सत्ता की लोलुपता के कारण लिया गया फैसला था। क्योंकि यह तो स्पष्ट है कि दिल्ली भौगोलिक दृष्टी से एक ऐसा स्थान है जहां न कोई तटीय क्षेत्र है न तो कोई विशेष जलवायु। यानी इस फैसले के लिए यह कह सकते हैं कि अंग्रेजों का लिया गया यह एक मूर्खतापूर्ण फैसला था।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: East India Companyईस्ट इंडिया कंपनीनया संसद भवनमंगल पांडेवॉयसराय जॉर्ज पंचमसंसद भवन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इस बजट में पूर्वोत्तर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अगली पोस्ट

सऊदी को कर दिया लेकिन अमेरिका ने भारत को नहीं किया ब्लैक लिस्ट, वजह जयशंकर हैं

संबंधित पोस्ट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
चर्चित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

15 June 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़े कथित धन के दुरुपयोग की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited