TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है,” राज्यपाल महोदय टिप्पणी करने से पहले मान्यताएं जान लीजिए

भगवान जगन्नाथ मंदिर की प्रवेश प्रक्रिया के बारे में यहां विस्तार से जानना होगा ताकि समझा जा सके कि राज्यपाल गणेशी लाल ने जो टिप्पणी की है उसका कोई औचित्य ही नहीं है।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
19 January 2023
in मत
जगन्नाथ मंदिर प्रवेश प्रक्रिया

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

जगन्नाथ मंदिर प्रवेश प्रक्रिया: ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर अपनी भव्यता और अपनी अद्भुत रथ यात्रा के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यह मंदिर हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यही नहीं ओडिशा के लोग कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद अवश्य लेते हैं। लेकिन ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर इन दिनों अपनी भव्यता या अद्भुत रथ यात्रा के चलते नहीं बल्कि वहां के राज्यपाल गणेशी लाल के विवादित बयानों के चलते चर्चा में है। वर्षों से चली आ रही जगन्नाथ मंदिर की प्रवेश प्रक्रिया पर उन्होंने टिप्पणी की है जिसके बाद सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से लेकर आम जनता तक गणेशी लाल की जमकर आलोचना कर रही है।

आज के इस लेख में हम भगवान जगन्नाथ मंदिर की प्रवेश प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए जानेंगे कि मंदिर की प्रवेश प्रक्रिया क्या है और राज्यपाल गणेशी लाल ने जो टिप्पणी की है वो उचित है या नहीं।

संबंधितपोस्ट

उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

समुद्री हमले की तैयारी में लश्कर-ए-तैयबा, भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

कनाडा ने भारत की ईमानदारी को किया स्वीकार,कार्नी की यात्रा से पहले कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव

और लोड करें

और पढ़ें- कनाडा, ब्रिटेन के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों के निशाने पर हिंदू मंदिर

जगन्नाथ मंदिर की प्रवेश प्रक्रिया

दरअसल, बीते सप्ताह गुरुवार यानी 12 जनवरी को ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने भुवनेश्वर के “उत्कल विश्वविद्यालय” में आयोजित विजन कॉन्क्लेव में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में सिर्फ हिंदुओं को नहीं बल्कि दूसरे धर्म के लोगों को भी प्रवेश मिलना चाहिए। यही नहीं उन्होंने मंदिर में विदेशियों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को भी हटाने के लिए कहा।

वास्तव में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना के बाद से ही मंदिर में गैरहिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। ऐसे में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल का टिप्पणी करना उड़िया लोगों को नहीं भाया और सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि राज्यपाल साहब को बोलने के पहले एक बार भगवान जगन्नाथ के मंदिर की परंपराओं के बारे में जान लेना चाहिए। यहां पर इस मुद्दे को और अच्छे से समझने के लिए पहले जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियों की उत्पत्ति के बारे में जान लेना होगा।

और पढ़ें- सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में मुख्य भूमिका निभाने वाले के. एम. मुंशी की अनकही कहानी

अंतिम संस्कार

महाभारत के छत्तीस वर्ष बाद, भगवान श्री कृष्ण ने जब एक शिकारी के तीर से घायल होकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया तो उनके शरीर का अंतिम संस्कार अर्जुन ने किया, लेकिन भगवान का पूरा शरीर राख में बदल गया लेकिन उनका हृदय जीवित ही रहा और धड़कता रहा, अर्जुन ने इसे समुद्र में विसर्जित कर दिया। हृदय कई वर्षों तक समुद्र में तैरता रहा और एक नीले रंग की मूर्ति में परिवर्तित हो गया। इस मूर्ति को हिंदू धर्म में नीलमाधव के नाम से जाना जाता है। यह मूर्ति तैरते-तैरते द्वारका से पुरी के पूर्वी तट तक पहुंच गई। वहां इस मूर्ति को कलिंग के विश्ववासु नामक एक आदिवासियों के सरदार ने प्राप्त किया और इसे एक गुफा में रखवा दिया।

कंलिग के राजा इंद्रदुयुम्न ने जब इस मूर्ति के बारे में सुना तो उन्हें मूर्ति को प्राप्त करने की चाह होने लगी। इसलिए उन्होंने अपने मंत्री विद्यापति को भेजा। विद्यापति को विश्ववासु की बेटी से प्रेम था और उसने विश्ववासु की बेटी से विवाह करने के बदले मूर्ति को एक बार देखने की शर्त रखी लेकिन वह मूर्ति को देखने के बाद लौट न सका। तब कुछ दिनों बाद, राजा इंद्रदुयुम्न मूर्ति को प्राप्त करने के लिए अपनी विशाल सेना के साथ वहां पहुंचे लेकिन उन्होंने जब उस गुफा में भीतर जाकर देखा तो मूर्ति वहां नहीं थी। राजा आश्चर्य चकित हुए और अपनी करतूत पर पछतावा करते हुए क्षमा-याचना की और अपने राज्य लौट गए।

और पढ़ें- उत्कृष्ट वास्तुकला का प्रदर्शन करने वाले भारत के सूर्य मंदिरों के बारे में जानिए

जब राजा को आया सपना

राजा को इसके बाद सपने में एक दिव्य आवाज ने पुरी के समुद्र तट पर जाने के लिए कहा, जहां उसे भगवान विष्णु के निशान वाली एक लकड़ी की वोट (लकड़ी का लट्ठा) मिलेगा। भविष्यवाणी के अनुसार, राजा को शंख के निशान के साथ एक लकड़ी मिली, यह भगवान कृष्ण का हृदय था जो पहले नीलमाधव में बदल गया था और बाद में लकड़ी में बदल गया।

राजा ने इसके बाद पुरी में एक मंदिर का निर्माण करवाया और मूर्तिकारों को इस लकड़ी से मूर्तियां बनाने के लिए कहा। लेकिन कोई भी उस लकड़ी पर एक निशान तक न बना सका। बाद में, एक बूढ़े आदमी ने दावा किया कि वह लकड़ी को मूर्ति बना सकता है लेकिन उन्होंने राजा के समक्ष एक शर्त रखी कि जब तक वह दरवाजा बंद करके मूर्ति बनाएंगे तब तक कोई भी उन्हें परेशान नहीं करेगा। लेकिन रानी गुंडिचा मंदिर के अंदर से आने वाली आवाज को छिपकर सुना करती थीं। एक दिन जब कोई आवाज नहीं आई तो राजा-रानी ने अंदर प्रवेश किया, दोनों ने पाया कि वहां कोई नहीं था। सिर्फ जगन्नाथ, बालभाद्र और सुभद्रा की अपूर्ण प्रतिमाएं बड़ी गोल आंखों और शरारती मुस्कुराहट के साथ वहां खड़ी थीं।

और पढ़ें- कैलाश मंदिर: इंजीनियर्स के लिए आज भी रहस्य, औरंगजेब नष्ट करना चाहता था लेकिन हार गया

जल्दबाजी पर पश्चाताप

राजा को अपनी जल्दबाजी पर पश्चाताप हुआ क्योंकि मूर्तियों के हाथ नहीं बने थे, इसीलिए राजा परेशान रहने लगे। लेकिन एक किंवदंति के अनुसार, भगवान जगन्नाथ ने राजा को एक दिन सपने में आकर कहा कि “मैं पूरे ब्रह्मांड को देख रहा हूं और ऐसा करना जारी रखूंगा, मैं चाहता हूं कि मेरे उत्साही भक्त ही मेरी देखभाल करें। यदि मेरे हाथ होंगे, तो आप लोग मेरे भरोसे हो जाएंगे इसलिए मैं चाहता हूं कि आप लोग आत्मनिर्भर हों और मुझे बचाने के लिए स्वयं मजबूत हों।”

इस प्रकार भगवान जगन्नाथ के मंदिर की स्थापना हुई और ओडिशा के लोग मानते हैं भगवान जगन्नाथ ने हमें अपने गौरव और भूमि की रक्षा करने के लिए चुना है इसलिए हम उसकी रक्षा करते रहेंगे।

और पढ़ें- आप क्रोनोलॉजी समझिए: राम मंदिर पर अल-कायदा, कांग्रेस और आरजेडी ने क्या बोला है?

एक लंबा इतिहास

ये तो हुई भगवान जगन्नाथ की मूर्ति स्थापना की बात, अब जगन्नाथ मंदिर में गैरहिंदुओं के प्रवेश न करने के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो इसके पीछे एक लंबा इतिहास है जो हमें बताता है कि जिस व्यक्ति की किसी दूसरे धर्म में आस्था नहीं है तो वह मंदिर में जाकर उसे क्षति पहुंचाने और वहां की परंपराओं को भंग करने का प्रयास ही करेगा। उदाहरण के लिए इतिहास में जगन्नाथ मंदिर पर 20 बार आक्रमण किया गया था।

“मदला पानजी” नामक एक ऐतिहासिक अभिलेख के अनुसार, पहला आक्रमण, यवन सम्राट (संभवत: एक अरब देश का शासक) रक्ताबहू द्वारा किया गया था, जो 319-323 ईस्वी के दौरान राजा शोभनदेव के शासनकाल में हुआ था। मंदिर के पुरोहितों ने मूर्तियों का अपमान न किए जाने और आक्रमणकारियों से बचाए रखने के लिए स्वर्णपुर में एक बरगद के पेड़ के नीचे 150 साल तक मूर्तियों को दबा कर रखा था। इसके अलावा फिरोज शाह तुगलक, बंगाल सुल्तान के सेनापति इस्माइल गाजी जैसे कई मुस्लिम शासकों ने मंदिर पर आक्रमण किया था।

और पढ़ें- बृहदेश्वर मंदिर मानव इतिहास की उत्कृष्ट कलाओं में से एक क्यों है?

मंदिर की परंपराएं

देखने वाली बात है कि गुरु नानक देवजी जैसे गैरहिंदुओं को जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश दिया गया था। ऐसा इसीलिए क्योंकि वे भगवान में आस्था रखने वाले और धर्म को मानने वाले थे फिर चाहे वह किसी भी रूप में मानते हों। लेकिन आज के समय में जो लोग हिंदू धर्म में आस्था नहीं रखते हैं उनका मंदिर में प्रवेश करना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है क्योंकि जिस व्यक्ति की हिंदू धर्म में आस्था नहीं है वो कहीं न कहीं मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकता है।

यदि ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल की टिप्पणी को लेकर संक्षेप में कहा जाए तो उन्हें पहले जगन्नाथ मंदिर की परंपराओं और इतिहास के बारे में अध्ययन करना चाहिए ताकि वे ओडिशा के लोगों और देश के अन्य हिंदुओं की भावनाओं को समझ सकें और उनकी भावनाओं को आहत न करें।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: HindusIndiaJgannath PuriNon HinduRitualsTempleWhy only Hindus are allowed in Jagannath Temple Puri?अनुष्ठानगैर हिंदूजगन्नाथ पुरीभारतमंदिरहिंदू
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“हिंदुओं की बात जो करते हैं…” बागेश्वर धाम सरकार के पीछे वामपंथी गैंग हाथ धोकर पड़ा है

अगली पोस्ट

‘राहुल गांधी मुक्त अमेठी’ अब AK 203 राइफल देश के लिए बना रही है और दुनिया को भी बेचेगी

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited