TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“यदि नहीं सुधरे तो देर हो जाएगी…”, इन स्थानों को ‘जोशीमठ’ बनने से बचाना होगा

जोशीमठ के अलावा और भी कई ऐसे स्थान हैं जो संकटों से घिरे हैं, सतर्कता बरतने और त्वरित समाधान की अति आवश्यकता है

Yogesh Sharma द्वारा Yogesh Sharma
17 January 2023
in चर्चित
Joshimath is sinking government should also think about these places

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

Joshimath Sinking Crisis: जोशीमठ के संकट को देखकर पूरा देश कराह रहा है। सबसे अधिक परेशानी तो जोशीमठ के स्थानीय निवासियों को हो रही है। जिन घरों में वहां के स्थानीय लोग परिवार के साथ सुख पूर्वक रह रहे थे, अब उन्हीं घरों में दरारें हैं, आज वही घर उनके लिए सुरक्षित नहीं हैं। इतनी मुश्किलों के बाद भी कुछ लोग तो अपना घर तक नहीं छोड़ना चाहते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सामने जोशीमठ के वासियों की दु:खभरी तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। इन तस्वीरों को देखकर किसी का भी मन विचलित हो सकता है। निस्संदेह, इस समस्या पर जोर देने और समाधान प्रदान करने की त्वरित आवश्यकता है लेकिन बुद्धिमत्ता इसी में है कि इस संकट से सीख ली जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपादा का सामना लोगों को नहीं करना पड़े।

ध्यान देने वाली बात है कि केवल जोशीमठ ही वो स्थान नहीं है जहां पर ऐसी आपदा आई है या फिर इस तरह की स्थितियां पैदा हुई हैं। ऐसे कई और स्थान हैं जिनकी ओर भयानक संकट बढ़ रहा है क्योंकि जो कुछ आज जोशीमठ (Joshimath Sinking) में हो रहा है वो सब अचानक नहीं हुआ है। इसको लेकर पहले से ही चेतावनी दी जा रही थी।

संबंधितपोस्ट

हिंदू सेना ने पूरे देश में ‘डिस्टर्ब्ड एरियाज एक्ट’ लागू करने की मांग

नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

90 वर्ष बाद फिर अखंड हुआ ‘वंदे मातरम्’- मोदी सरकार ने सरकारी समारोहों में वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन को किया अनिवार्य, मिलेगा राष्ट्रगान जैसा सम्मान

और लोड करें

और पढ़ें-  सम्मेद शिखरजी एक तीर्थ स्थल है और उसे वही रहने देना चाहिए

Joshimath Sinking: जोशीमठ का बुरा हाल

नौकरशाह एम.सी. मिश्रा ने 1976 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि इस इलाके में होने वाले सड़कों के निर्माण के लिए चट्टानों की खुदाई और विस्फोट के साथ-साथ बेरोकटोक कंस्ट्रक्शन खतरा साबित होंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि जोशीमठ (Joshimath Sinking) में रेत और पत्थर का जमाव है- यह ठोस चट्टान नहीं है। लेकिन जोशीमठ में घरों, बहुमंजिला इमारतों और सड़कों का जमकर निर्माण किया गया। यहां की जनसंख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। द प्रिंट की खबर के अनुसार, जोशीमठ की आबादी 1872 में लगभग 400 थी लेकिन वर्तमान में यही आबादी लगभग 25000 हो गई है।

कुछ ऐसे स्थान भी हैं जिनकी परिस्थिति जोशीमठ की ही तरह है वहां के लोगों और जिम्मेदार लोगों को सीख लेनी चाहिए कि पहले से भी अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। ऐसे कई स्थान हैं जहां भूमि धसने का खतरा है, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जोशीमठ के अलावा कई अन्य शहरों पर भी इसी तरह का खतरा मंडरा रहा है, आइए उन जगहों के बारे में जानते हैं।

और पढ़ें- हल्द्वानी अतिक्रमण यदि नहीं हटा तो…

भयानक संकट से घिरे हैं ये स्थान

टिहरी

टिहरी गढ़वाल जिला एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जहां टिहरी जिले के अटाली गांव से होकर गुजरने वाली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन ने स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। यहां के दर्जनों घरों में दरारें आ गई हैं। गांव के दूसरे छोर पर सुरंग का काम चल रहा है जिसके काम से भी मकानों में दरारें आ रही है। जिसके चलते गांव के लोग अटाली गांव से अपने पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।

बागेश्वर

बागेश्वर के कपकोट का खरबगड़ गांव भी संकटों से घिरा हुआ है। यहां जलविद्युत परियोजना की सुरंग के ऊपर पहाड़ी में गड्ढे बना दिए गए हैं जिससे जगह-जगह से पानी का रिसाव हो रहा है। जिससे गांव वाले डरे हुए हैं। वहीं कपकोट से भूस्खलन की खबरें भी आ रही हैं जो बेहद चिंताजनक है। सोराग गांव में भी भूमि में कई स्थानों पर भारी दरार पड़ गई है।

मसूरी

मसूरी एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने जाते हैं। यहां भी लंढौर क्षेत्र में कुछ समय से लोगों के घरों व दुकानों में दरारें आई हुई हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि Joshimath में आए Sinking संकट को देखकर यहां के लोग भी दहशत में हैं। यहां की कोहिनूर बिल्डिंग तक के धंसने की खबर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंढौर बाजार करीब तीन दशक से धीरे-धीरे धंस रहा है।

और पढ़ें- सनातन के पवित्र स्थल जोशीमठ पर खतरा है, दरक रही है जमीन

पौड़ी

उत्तराखंड के पौड़ी में हालात खराब हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे प्रोजेक्ट के चलते यहां घरों में दरारें आ गई हैं। जिसके चलते यहां के लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे दिन रात ब्लास्टिंग करता है। जिससे कंपन के कारण घरों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द फैसला लेना होगा और मैनुअली काम करना होगा ताकि उनके घरों को नुकसान न पहुंचे।

रुद्रप्रयाग

रुद्रप्रयाग में भी संकट के बादल मंडराए हुए हैं। गांव में सुरंग निर्माण के कारण कुछ घर धराशायी हो गए हैं और कई धाराशायी होने की कगार पर हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अगर जल्द ही ग्रामीणों को यहां से नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं रेलवे का निर्माण भी कार्य जोरों पर है। पहाड़ों में भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए अधिकतर ट्रैक सुरंगों के माध्यम से होंगे जिसके चलते सुरंगों का निर्माण चल रहा है। जिससे लोगों के घरों में दरारें पड़ गई हैं।

और पढ़ें- जोशीमठ दरक रहा है, तुरंत कार्रवाई नहीं की तो देर हो जाएगी…

सतर्क रहना होगा

पहाड़ों में लोग बड़ी संख्या में घूमने जाते हैं जिसके कारण यहां पर कंस्ट्रक्शन का कार्य भी बड़े लेवल पर होता है। लेकिन कसंट्रक्शन कार्य यहां के स्थानीय लोगों के लिए बड़ी आफत बन रहा है। जोशीमठ को लेकर जैसा कि पहले ही चेतावनी (Joshimath Sinking) दी गई थी लेकिन इसके बाद भी यहां कंट्रक्शन का कार्य चलता रहा है जिससे जोशीमठ के लोग गहरे संकट में आ गए है। इसलिए उन तमाम क्षेत्रों को जोशीमठ से सबक लेने की आवश्यकता है। साथ ही सरकार को भी इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए कुछ नियम बनाने चाहिए।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Alakananda RiverCentral GovernmentHimalayasJoshimathMilitaryuttarakhand governmentअलकनंदा नदीउत्तराखंड सरकारकेंद्र सरकारजोशीमठसेनाहिमालय
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Alt News के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा पर लगे यौन शोषण के आरोप

अगली पोस्ट

“विदेश में बनी दारू पर केजरीवाल की कृपा”, Make in India को केजरीवाल डूबो देंगे

संबंधित पोस्ट

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?
अर्थव्यवस्था

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

20 March 2026

हॉर्मुज क्राइसिस की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, लेकिन भारत में न सिर्फ कीमतें, बल्कि सप्लाई भी स्थिर...

1000 किमी की ‘बारिश पट्टी’ का कहर: दिल्ली में 3 साल की सबसे ज्यादा बारिश, मार्च बना रिकॉर्ड तोड़ महीना
चर्चित

1000 किमी की ‘बारिश पट्टी’ का कहर: दिल्ली में 3 साल की सबसे ज्यादा बारिश, मार्च बना रिकॉर्ड तोड़ महीना

20 March 2026

भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में इस समय एक असामान्य मौसम सामने आ रहा है, जो तेज बारिश, आंधी-तूफान, तेज हवाएं और यहां...

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले
चर्चित

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

20 March 2026

दुनिया के कई हिस्सों में पहले से मौजूद तनाव अब एक खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited