TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मराठी भाषा को लेकर फिर हुआ विवाद

    MNS की गुंडागर्दी फिर शुरू : कार्यकर्ताओं ने कोचिंग सेंटर के शिक्षक को पीटा, लगाया मराठी भाषा का अपमान

    अलीगढ़ की सास ने किया चौंकाने वाला काम

    ‘दामाद’ के साथ भागने वाली महिला अब ‘जीजा’ के साथ भागी, लेकिन प्रश्न ये है कि किसने-किसके साथ विश्वासघात किया है ?

    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मराठी भाषा को लेकर फिर हुआ विवाद

    MNS की गुंडागर्दी फिर शुरू : कार्यकर्ताओं ने कोचिंग सेंटर के शिक्षक को पीटा, लगाया मराठी भाषा का अपमान

    अलीगढ़ की सास ने किया चौंकाने वाला काम

    ‘दामाद’ के साथ भागने वाली महिला अब ‘जीजा’ के साथ भागी, लेकिन प्रश्न ये है कि किसने-किसके साथ विश्वासघात किया है ?

    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तारा रानी की सम्पूर्ण कथा हिंदी में

Trending News Team द्वारा Trending News Team
6 February 2023
in मुझे हिंदी में खबर बताओ
Tara Rani ki Katha
Share on FacebookShare on X

Tara Rani ki Katha : तारा रानी की सम्पूर्ण कथा हिंदी में

स्वागत है आपका आज के इस लेख में हम जानेंगे Tara Rani ki Katha साथ ही इससे जुड़े सम्पूर्ण कथा के बारें में भी चर्चा की जाएगी अतः आपसे निवेदन है कि यह लेख अंत तक जरूर पढ़ें

Tara Rani ki Katha in hindi-

महाराजा दक्ष की दो पुत्रियां तारा देवी और रुक्मण भगवती दुर्गा देवी की भक्ति में अटूट विश्वास रखती थी दोनों बहने नियम पूर्वक एकादशी का व्रत किया करती थी और माता के जागरण में एक साथ दोनों भजन और कीर्तन सुना करती थी|एकादशी के दिन एक बार भूल से छोटी बहन रुक्मण ने मांस खा लिया जब तारा देवी को पता लगा तो उन्हें रुक्मण पर बड़ा क्रोध आया और वह बोली कि तू है तो मेरी बहन परंतु मनुष्य देह पाकर भी तूने नीच योनि के प्राणी जैसा कर्म किया है तू तो छिपकली बनने योग्य है|बड़ी बहन के मुख से निकले शब्दों को रुक्मण ने स्वीकार कर लिया और साथ ही प्रायचित का उपाय पूछा तारा ने कहा त्याग और परोपकार से सब पाप छूट जाते हैं|

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

दूसरे जन्म में तारा देवी इंद्रलोक की अप्सरा बनी और छोटी बहन रुक्मण छिपकली की योनि में प्रायचित का अवसर ढूंढने लगी द्वापर युग में जब पांचों पांडवों ने अश्वमेध यज्ञ किया था|तब उन्होंने दूत भेजकर दुर्वासा ऋषि सहित तेंतीस करोड़ देवी देवताओं को निमंत्रण दिया था|जब दूत दुर्वासा ऋषि के आंगन में निमंत्रण लेकर गया तो दुर्वासा ऋषि बोले यदि तेंतीस करोड़ देवी देवता उस यज्ञ में भाग लेंगे तो मैं उस में सम्मिलित नहीं हो सकता|दूत तेंतीस करोड़ देवी देवताओं को निमंत्रण देकर वापस पहुंचा और दुर्वासा ऋषि का सारा वेदांत पांडवों को सुनाया कि वह सभी देवताओं को यज्ञ में बुलाने पर हमारे यज्ञ में नहीं आएंगे|

जब यज्ञ शुरू हुआ तो तेंतीस करोड़ देवी देवता यज्ञ में भाग लेने आए पर दुर्वासा ऋषि को यज्ञ में ना देखकर पांडवों ने पूछा की ऋषिवर को क्यों नहीं बुलाया|इस पर पांडवों ने नम्रता पूर्वक उत्तर दिया कि उन्हें निमंत्रण भेजा था पर वह अहंकार के कारण नहीं आए यज्ञ में पूजन हवन आदि समाप्त हुए तत्पश्चात भोजन के लिए भंडारे की तैयारी होने लगी दुर्वासा ऋषि ने जब देखा कि पांडवों ने उनकी उपेक्षा कर दी है|तो उन्होंने अत्यंत क्रोध करके पक्षी का रूप धारण करके और अपनी चोंच में एक मरा हुआ सर्प लेकर भंडारे में फेंक दिया जिसका किसी को पता ही ना चला|

वह सिर्फ खीर की कढ़ाई में गिरकर छुप गया एक छिपकली जो पिछले जन्म में तारा देवी की छोटी बहन रुक्मण थी तथा बहन के शब्दों को सर्वधारया कर इस जन्म में छिपकली बनी हैं और वह सर्प का भंडारे में गिरना देख रही थी|

उसे त्याग और परोपकार की शिक्षा अभी तक याद थी वह भंडार घर के दीवार पर चिपकी और समय की प्रतीक्षा करती रही थी|कई लोगों के प्राण बचाने हेतु उसने अपने प्राण न्योछावर करने का मन ही मन संकल्प बना लिया था जब खीर भंडारे में दी जाने वाली थी सबकी आंखों के सामने वह छिपकली दीवार से कूदकर खीर की कड़ाही में जा गिरी|सभी लोग छिपकली को भला बुरा कहते हुए खीर की कढ़ाई को खाली करने लगे तभी उसमें सब ने एक मरे हुए सर्प को देखा|अब सबको मालूम हुआ कि छिपकली ने अपने प्राण देकर उन सब के प्राणों की रक्षा की है|इस प्रकार उपस्थित सभी सज्जनों ने देवताओं ने उस छिपकली के लिए प्रार्थना की उसे सभी योनियों में उत्तम मनुष्य जन्म प्राप्त हो तथा अंत में वह मोक्ष को प्राप्त हो|तीसरे जन्म में वह छिपकली राजा सरपरस्त के घर कन्या बनी दूसरी बहन तारा देवी ने फिर मनुष्य जन्म लेकर तारामती के नाम से अयोध्या के प्रतापी राजा हरिश्चंद्र के साथ विवाह किया| Tara Rani ki Katha

राजा सरपरस्त ने ज्योतिषियों से कन्या की कुंडली बनवाई ज्योतिषियों ने राजा को बताया कि यह कन्या राजा के लिए हानिकारक सिद्ध होगी इसलिए इसे मरवा दीजिए राजा बोले लड़की को मारने का पाप बहुत बड़ा है|मैं उस पाप का भागी नहीं बन सकता तब ज्योतिषियों ने विचार करके राय दी कि हे राजन आप एक लकड़ी के संदूक में ऊपर से सोना आदि जड़वा कर फिर उस संदूक के भीतर लड़की को बंद करके प्रवाहित कर दीजिए|सोने चांदी से जड़ा हुआ संदूक भी अवश्य ही कोई लालच से निकाल देगा और आपकी कन्या को भी पाल लेगा अतः आपको किसी प्रकार का पाप भी नहीं लगेगा|ऐसा ही किया गया नदी में तैरता हुआ संदूक काशी के समीप भंगी को दिखाई दिया भंगी संदूक को नदी से बाहर निकाल लाया उसने जब संदूक को खोला तो सोने चांदी के अतिरिक्त अत्यंत रूपवान कन्या दिखाई दी|उस भंगी को कोई संतान भी ना थी तब उसने अपनी पत्नी को वह कन्या लाकर दी तो उसकी पत्नी की प्रसन्नता का ठिकाना ही ना रहा|उसने अपने संतान के ही समान उस बच्चे को छाती से लगा लिया भगवती वैष्णो मां की कृपा से उसके स्तनों में दूध उतर आया भंगी और उसकी पत्नी ने प्रेम से उस कन्या का नाम रुको रख दिया|

रुको की सास महाराजा हरिश्चंद्र के घर सफाई का काम करने जाया करती थी एक दिन वह बीमार पड़ गई तो रुको महाराजा हरिश्चंद्र के घर काम करने के लिए चली गई|महाराजा की पत्नी तारामती ने जैसे ही रुको को देखा तो वह अपने पूर्व जन्मों के पुण्य से उसे पहचान गयी|तब तारावती ने रुको से कहा कि हे बहन तुम मेरे यहां निकट आकर बैठो महारानी की बात सुनकर रुको बोली रानी जी मैं तो नीची जात की भंगी हूं भला मैं आपके पास कैसे बैठ सकती हूं|तब तारामती ने कहा बहन पूर्व जन्म में तुम मेरी सगी बहन थी एकादशी का व्रत खंडित करने के कारण तुम्हें छिपकली की योन में जाना पड़ा था जो होना था|वह हो चुका अब तुम इस जन्म को सुधारने का उपाय करो तथा भगवती माता वैष्णो देवी की सेवा करके अपने इस जन्म को सफल बनाओ|यह सुनकर रुको बड़ी प्रसन्न हुई और उसने उपाय पूछा रानी ने बताया कि वैष्णो माता सभी मनोरथो को पूरा करने वाली है|

जो लोग श्रद्धा पूर्वक माता का जागरण और पूजन करवाते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं रुको ने प्रसन्न होकर माता की मनौती मांगते हुए कहा कि हे माता यदि आपकी कृपा से मुझे एक पुत्र प्राप्त हो जाए|तो मैं भी आपकी पूजा व जागरण विधि विधान से करवाऊंगी माता ने मन ही मन रुको की प्रार्थना को स्वीकार कर ली|फल स्वरुप दसवें महीने में उसके गर्भ से एक अत्यंत सुंदर बालक ने जन्म लिया परंतु दुर्भाग्यवश रुको को माता का जागरण कराने का ध्यान ही नहीं रहा|

परिणाम यह हुआ जब वह बालक पांच वर्ष का हुआ तो उसे एक दिन माता चेचक निकल आई रुको दुखी होकर|अपने पूर्व जन्म की बहन तारामती के पास आयी और अपने बच्चे की बीमारी का सब वेदांत सुनाया तब तारामती ने कहा तू जरा ध्यान करके देख की माता के पूजन तथा जागरण में कोई भूल तो नहीं हुई| तब रुको को 6 वर्ष पुरानी बात याद आ गई कि मैंने तो जागरण और पूजन करवाया ही नहीं और उसने मन में ही अपने अपराध स्वीकार कर लिए और फिर से मन में निश्चय किया कि हे मां बच्चे को आराम होने पर इस बार अवश्य ही आपका जागरण और पूजन करवाऊंगी|भगवती वैष्णो देवी की कृपा से बच्चा दूसरे दिन स्वस्थ हो गया और बिल्कुल ठीक हो गया|तब रुको ने देवी जी के मंदिर में जाकर पंडित जी से कहा कि मुझे अपने घर माता का जागरण करवाना है अतः आप मंगलवार को मेरे घर पधार कर मुझे कृतार्थ करें पंडित जी बोले अरे रुको तो यही पांच रुपये देजा हम तेरे नाम का यही जागरण करवा देंगे तू तो नीची जात की स्त्री है|

इसलिए हम तेरे घर में जाकर देवी का जागरण नहीं कर सकते रुको ने कहा पंडित जी माता के दरबार में तो ऊंच-नीच का कोई भेदभाव नहीं होता वह तो सब भक्तों पर समान रूप से कृपा करती हैं|अतः आपको कोई एतराज नहीं होना चाहिए इस पर पंडितों ने आपस में विचार कर कर कहा यदि महारानी तारामती तुम्हारे घर जागरण में पधारे तो हम भी आना स्वीकार करेंगे यह सुनकर जब रुको महारानी के पास गई और सारा वृत्तांत कह सुनाया तब तारामती ने जागरण में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया जिस समय रुको पंडितों से यह बात कहने गई कि तारामती रानी जागरण में आएंगी|उस समय सायन नाई ने बात को सुन लिया था और उसने महाराजा हरिश्चंद्र को जाकर सूचना दे दी राजा ने सायन नाई की बात को सुन कर कहा कि तेरी बात तो झूठी है|महारानी भंगियों के घर जागरण में कभी नहीं जा सकती फिर भी परीक्षा लेने के लिए राजा ने उस रात अपनी उंगली में थोड़ा सा चीरे का निशान लगा लिया|जिससे राजा को नींद ना आवे रानी तारामती ने देखा अब जागरण का समय हो रहा है परंतु महाराज को नींद नहीं आ रही है|तो उसने माता वैष्णो देवी से मन ही मन प्रार्थना की हे माता आप किसी उपाय से मेरे महाराज को सुला दें ताकि मैं आपके जागरण में सम्मिलित हो सकूं|तब राजा को नींद आ गई तो तारामती ने रोशनदान से रस्सा बांधकर महल से उतरकर रुको के घर जागरण में जा पहुंची|उस समय जल्दी के कारण रानी के हाथ से रेशमी रुमाल तथा पांव का एक कंगन रास्ते में ही गिर पड़ा|उधर थोड़ी देर बाद राजा हरिश्चंद्र की नींद खुल गई तब वह भी रानी का पता लगाने के लिए निकल पड़े|मार्ग में कंगन और रुमाल उन्होंने देखा और राजा ने दोनों चीजें रास्ते से उठाकर अपने पास रख ली और जागरण वाले स्थान पर जा पहुंचे|जहां जागरण हो रहा था वहां एक कोने में चुपचाप बैठ कर सब दृश्य देखने लगे जब जागरण समाप्त हुआ| Tara Rani ki Katha

तो सबने माता की आरती व अरदास की उसके बाद प्रसाद बांटा गया रानी तारामती को जब प्रसाद मिला तो उसने झोली में रख लिया|यह देखकर लोगों ने पूछा कि आपने प्रसाद क्यों नहीं खाया यदि आप प्रसाद नहीं खाएंगे तो कोई भी प्रसाद नहीं खाएगा|रानी मुस्कुराते हुए बोली कि तुमने जो प्रसाद दिया वह मैंने अपने महाराज के लिए रख लिया है|अब मुझे मेरा प्रसाद दो अबकी बार प्रसाद लेकर तारा रानी ने खा लिया इसके बाद सब भक्तों ने माता का प्रसाद खाया|इस प्रकार जागरण समाप्त करके प्रसाद खाने के पश्चात रानी तारामती महल की ओर चल पड़ी तब राजा ने आगे बढ़कर कहा की तुमने नीचे के घर का खाना खाकर अपना धर्म भ्रष्ट किया है|

Also Read-

अब तुझे मैं इस घर में कैसे राखु तूने तो कुल की मर्यादा वह मेरी प्रतिष्ठा का भी कोई ध्यान नहीं रखा जो प्रसाद तू अपनी झोली में रखकर मेरे लिए लाई है|उसे खिलाकर मुझे भी अपवित्र करना चाहती है क्या ऐसा कहते हुए जब राजा ने झोली की ओर देखा तब भगवती वैष्णो देवी की कृपा से प्रसाद के स्थान पर उसमें चंपा, गुलाब, गेंदा के फूल और कच्चे चावल और सुपारियां दिखाई दी|यह चमत्कार देखकर राजा आश्चर्यचकित रह गया राजा हरिश्चंद्र तारा को महल में साथ लेकर लौट आए|रानी ने ज्वाला माई की शक्ति से बिना किसी माचिस या चमक पत्थर की सहायता से राजा को अग्नि प्रजलित करके दिखाई जिसे देखकर राजा का आश्चर्य और बढ़ गया| राजा के मन में भी देवी के प्रति विश्वास और श्रद्धा जाग उठी राजा ने रानी से कहा की मैं माता के प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहता हूं रानी बोली महाराज प्रत्यक्ष दर्शन पाने के लिए बहुत बड़ा त्याग होना चाहिए|

यदि आप अपने पुत्र रोहिताक्ष की बलि दे सके तो आपको दुर्गा जी के प्रत्यक्ष दर्शन हो सकते हैं राजा के मन में तो देवी के दर्शन की लगन हो गई थी|राजा ने पुत्र मोह त्यागकर रोहिताक्ष का सर देवी के चरणों में अर्पित कर दिया ऐसी सच्ची श्रद्धा और बलिदान देख दुर्गा माता सिंह पर सवार होकर उसी समय वहां प्रकट हो गई और राजा हरिश्चंद्र दर्शनकृत्य के कृतज्ञ से मरा हुआ पुत्र रोहिताश भी जीवित हो गया|यह देखकर राजा हरिश्चंद्र गदगद हो गए इसके बाद सुखी रहने का आशीर्वाद देकर माता अंतर्ध्यान हो गई|राजा ने तारा रानी की भक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि हे तारा मैं तुम्हारे आचरण से अति प्रसन्न हूं मेरे धन्य भाग हैं जो तुम मुझे पत्नी के रूप में प्राप्त हुई हूं|इसके पश्चात राजा हरिश्चंद्र ने तारा रानी की इच्छा अनुसार अयोध्यापुरी में माता का भव्य मंदिर तैयार करवा दिया और सुख भोगने के पश्चात राजा हरिश्चंद्र ,रानी तारा और भंगन रुक्मण तीनों ही मनुष्य जीवन से छूट कर देवलोक को प्राप्त हुए|माता रानी के जागरण में तारा रानी की इस कथा को जो मनुष्य विधिपूर्वक पढ़ता है या सुनता है|उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं सुख और समृद्धि बढ़ती है शत्रुओं का नाश होता है और सर्व मंगल होता है |

आशा करते है कि Tara Rani ki Katha के बारे में सम्बंधित यह लेख आपको पसंद आएगा एवं ऐसे लेख पढ़ने के लिए हमसे फेसबुक के माध्यम से जुड़े।

Tags: Tara Rani ki Katha
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सोम प्रदोष व्रत कथा हिंदी में एवं मंत्र

अगली पोस्ट

श्रीमद भागवत सम्पूर्ण कथा हिंदी में एवं मुहूर्त

संबंधित पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
चर्चित

विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

20 November 2025

20 नवंबर को एक ऐतिहासिक जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के...

सुप्रीम कोर्ट, बुलडोजर
मुझे हिंदी में खबर बताओ

नहीं चलेगा सड़क या रेलवे लाइन पर कब्ज़ा, सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया बुलडोजर चलाने का आदेश

1 October 2024

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान मंगलवार को सड़कों पर बने धार्मिक ढांचों को लेकर सख्त टिप्पणी की है।...

Emotional Father Daughter Quotes in Hindi
मुझे हिंदी में खबर बताओ

Emotional Father Daughter Quotes in Hindi : इमोशनल फादर डॉटर कोट्स हिंदी में

11 February 2023

 Emotional Father Daughter Quotes in Hindi :इमोशनल फादर डॉटर कोट्स हिंदी में स्वागत है आपका आज के इस लेख में हम जानेंगे Emotional Father Daughter...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited