TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सूरत पहला मामला नहीं, पहले भी जेल जाते जाते रह गए राहुल

अपनी लंका स्वयं लगाते राहुल!

Yogesh Sharma द्वारा Yogesh Sharma
24 March 2023
in चर्चित, राजनीति
Rahul Gandhi arrest

Source: Google

Share on FacebookShare on X

अगर कांग्रेस पार्टी सारा समय एक ही व्यक्ति को पॉलिश करने में ना लगाती तो स्थिती शायद कुछ बेहतर होती। अगर कांग्रेस पार्टी एक व्यक्ति की लॉचिंग और रिलॉचिंग करने का विफल प्रयास नही करती तो शायद पार्टी और देश के लिए अच्छा होता। अगर कांग्रेस अपनी आत्मुग्धता से बाहर निकल सशक्त पार्टी होने की राह पर चलने का प्रयास करती तो शायद अच्छा होता। परतुं मुद्दे की राजनीति और कांग्रेस पार्टी का नाता सदियों से ही विपरीत रहा है। पार्टी के इन्हीं पदचिन्हों पर चलते हुए वर्षों से राहुल गाँधी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैँ। अब धीरे धीरे कांग्रेस के अस्तित्व हीन पार्टी बनने की राह पर निकल चुकी है और इसका पूर्ण श्रेय नही तो आधा श्रेय कांग्रेस के “युवराज” राहुल गाँधी को ही जाता है। यही कारण है कि सशक्त विपक्ष तो छोड़िए, एक सशक्त राजनीतिक पार्टी के रूप में कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में है। और यही कारण है कि आज के समय में  राजनितिक मुद्दे तो छोडिए कांग्रेस के लिए खुद को डिफेंड करना भी कठिन प्रतीत हो रहा है।

इस लेख में पढिये राहुल गांधी के कर्मकांडों को  और कैसे कांग्रेस पार्टी ने एक आदमी को तराशने के चक्कर पूरी पार्टी का अस्तित्व लगभग समाप्त सा कर लिया है।

संबंधितपोस्ट

Delimitation 2026: दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यही समय ही सही समय है। Explained

पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर सरकार सख्त, मेटा के अधिकारियों को भारत बुलाया

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

और लोड करें

“हर चोर मोदी क्यों” पर बुरा फंसे राहुल 

खुद को पीड़ित दिखाकर सहानुभूति लूटने का कांग्रेस पार्टी का पुरानी पद्वति रही है। परंतु यह तरीका बार बार सफल नहीं होता। हाल ही में गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल गाँधी को पीएम मोदी पर दिए एक बयान के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई। हालाँकि उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई। राहुल गाँधी ने 2019 में कर्नाटक की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?” इस बयान के बाद राहुल गाँधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

परंतु वो बयान था क्या?13 अप्रैल 2019 को राहुल गाँधी ने कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी इन सभी के नाम में मोदी लगा हुआ है। सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों लगा होता है।”

इस बयान के बाद भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज कराया था। राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज करवाया था, जो आपराधिक मानहानि से संबंधित है। 4 साल के बाद अदालत ने मामले में राहुल गाँधी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी। अगर सज़ा लागू होती, तो राहुल गांधी की संसद सदस्यता खतरे में आ जाती। परंतु इसके बारे में फिर कभी।

और पढ़ें: राहुल गांधी हैं “मोदी की सबसे बड़ी टीआरपी” : ममता बनर्जी

ये पहला मामला नहीं, और न ही होगा अंतिम मामला….

अब आते हैं कांग्रेस के निचले लेवेल कि राजनीति पर, राहुल बाबा दोषी क्या सिद्ध हुए,  कांग्रेस का  सोशल मीडिया उन्ही की चमचागीरी में पट गया। कुछ कांग्रेस  के नेता राजकुमार राहुल गाँधी की तुलना भगत सिंह से करने लग गए कहने लगे कि भई आज क्रांति का दिन है, उस समय शहीद भगत सिंह को अंग्रेजों ने सजा दी थी , आज राहुल गांधी दोषी बनाए गए हैं। लेकिन राहुल गाँधी को 2 वर्ष की सजा ऐसे ही तो  नही मिल गई। पहले जो मुंह में आए वो बोलों और फिर पीडित बनने की घटिया राजनीति करो, और सिस्टम, प्रशासन, वो क्या होता है?

अब भले ही कांग्रेस और वामपंथी गाँधी परिवार के राहुल गांधी को पीड़ित दिखाने में लगे हुए हो, परंतु देश के लोग भली भांति इनके पैंतरों से परिचित है। इससे पूर्व में भी राहुल को अपने बड़बोलेपन के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़े थे। 2019 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया। साथ ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है।

लेकिन बाद में ये ही नारा कांग्रेस पर भारी पड़ गया था। देशभर के मोदी समर्थकों ने मैं भी चौकीदार की मुहिम छेड़ दी थी। यानि इसमें भी राहुल गाँधी ने भाजपा का प्रचार करने में पूर्ण सफलता प्राप्त की। इतनी ही नहीं कांग्रेस के राजकुमार ने मानहानि का केस भी लगवा लिया, वो अलग बात थी कि  इन्हे ही सुप्रीम कोर्ट से क्षमा याचना करने पर विवश होना पड़ा। राहुल ने अपने माफीनामे में कहा था, “कोर्ट का अपमान करने की न तो मेरी कोई मंशा थी और न ही मैंने जानबूझकर ऐसा किया। मैं अदालत की न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचाना चाहता। भूलवश मुझसे ये गलती हुई। लिहाजा इसके लिए मैं माफी चाहता हूं”।

और पढ़ें: पक्षपाती विदेशी मीडिया को राहुल गाँधी का “गुप्त” टेलीग्राफ

बिन “बेल” सब सून….

इसके अलावा चाहे नेशनल हेराल्ड हो या अगस्टा वेस्टलैंड, सभी को पता है कि कैसे सोनिया गांधी और राहुल गांधी बेल के सहारे अपनी राजनीति चला रहे हैं। वहीं नेशनल हेराल्ड केस से तो सभी परिचित ही हैं कि किस प्रकार सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी इस मामले में फंसे हुए हैं और ईडी इसकी जांच कर रही है।

ऐसे ही राहुल गाँधी पर एक मामला महाराष्ट्र के भिवंडी में चल रहा है। इसमें आरोप है कि 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।  भिवंडी के स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते ने दर्ज कराया था। कुंते ने दलील दी थी कि राहुल गांधी के बयान से आरएसएस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

ऐसे ही राहुल गांधी पर महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विनायक दामोदर सावरकर पर भी कथित तौर पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप है।  एडवोकेट नृपेंद्र पांडेय ने लखनऊ की अदालत में ये केस दर्ज कराया था. उन्होंने आईपीसी की धारा 156(3) के तहत केस दर्ज कराया था।

इसके अतिरिक्त राहुल ने अपने हाथों से अपना मार्ग अवरुद्ध किया है। वो कैसे? स्मरण है वो अध्यादेश, जिसमें राजनेताओं को आपराधिक मुकदमों से सुरक्षा मिल रही थी?  सुप्रीम कोर्ट के जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 8(4) को रद्द करने के फैसले के खिलाफ 2013 में केंद्र की तात्कालिक यूपीए-2 सरकार ने सदन में एक बिल पेश किया था। कोर्ट के फैसले के बाद उस वक्त कानून मंत्री रहे कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने जनप्रतिनिधि एक्ट में बदलाव के लिए विधेयक पेश किया था। सितंबर 2013 में सरकार ने इसे अध्यादेश के तौर पर लागू करने की कोशिश की। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत दोषी एमपी या एमएलए की सदस्यता फौरन रद्द नहीं हो सकती थी, यानि दोषी सिद्ध होने के बाद भी वह संसद की कार्यवाही में भाग ले सकता था।

27 सितंबर 2013 को इसी अध्यादेश के प्रारंभिक ड्राफ्ट को राहुल गाँधी ने भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नॉनसेंस बताते हुए फाड़ दिया था। तब राहुल ने कहा था, “इस कानून को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।” बाद में इस अध्यादेश को वापस ले लिया गया था। अब लोगों का कहना है कि यदि राहुल उस बिल को पास हो जाने देते तो आज उनकी संसद सदस्यता पर खतरा नहीं पैदा होता।

और पढ़ें: भारत जोड़ो यात्रा की “अपार सफलता” के बाद राहुल गांधी फिर से “लोकतंत्र के अभाव” पर रोने लगे

इन्ही सब कारणों से राहुल गांधी अपने पार्टी से अधिक भाजपा को फायदा पहुंचाते आए हैं। भाजपा तो भाजपा, स्वयं ममता बनर्जी जैसे नेता भी मानते हैं कि राहुल गांधी भाजपा के “स्टार प्रचारक” हैं, जो अपनी और अपनी पार्टी की मिट्टी पलीद करा लेते हैँ और फिर बाद में जब उनके खिलाफ केस ठोक दिए जाते हैं तो या तो पूरी कांग्रेस पार्टी गाँधी परिवार के बचाव मैदान में उतर जाती है। यही कारण है एक ही व्यक्ति पूरी कांग्रेस पर भारी पड़ रहा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: appealArrestbailCasecaseschargesCongressconvictioncourtCriminalevidenceFIRHistoryimprisonmentindian politicsInvestigationjudiciaryJusticeKarnatakalawlegaloffenseparolePM ModiPolicepreviousprobationPunishmentRahulRahul GandhiRallyreformReportsentenceSloganSupreme CourtSurat caseSurat Sessions Courttoughtrialकांग्रेस पार्टीगांधी परिवारगुजरातपीएम मोदीराजनीतिराहुल गाँधीसूरतसूरत सेशन कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिंदुस्तान रिपब्लिकन असोसिएशन के 100 वर्ष : अदम्य साहस एवं जीवटता का अद्भुत संगम

अगली पोस्ट

अमृतपाल के निर्लज्ज समर्थक

संबंधित पोस्ट

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है
इतिहास

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

14 August 2026

15 अगस्त का दिन कहता आजादी अभी अधूरी है  सपने सच होने बाकी है रावी की शपथ ना पूरी है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई द्वारा 15 अगस्त 1947 के दिन लिखी गई यह कविता है जिसमें बताया गया है कि 31 दिसंबर 1929 को रावी नदी के तट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय तिरंगा झंडा फहरा कर पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। एवं आगामी 26 जनवरी को देश भर मे  शपथ के कार्यक्रम का आयोजन का निर्णय किया था। उस समय अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और इस प्रस्ताव का समर्थन महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने किया,...

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप
चर्चित

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप, हाई कोर्ट समेत 6 जगहों को ईमेल से धमकी

14 August 2026

स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप मच गया। राजधानी में छह अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों को ईमेल के जरिए बम से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited