TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन की गोद में जाकर बैठ गया मालदीव, होगा श्रीलंका जैसा हाल।

मालदीव को झूठे सपने दिखाकर चीन अपने सपने को पूरा करने का जाल बिछा रहा है। हिंद महासागर पर चीन अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। जिसके लिए ड्रैगन मालदीव को अपनी मोहर बना रहा है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
24 January 2024
in चर्चित, भू-राजनीति
मावदीव, चीन, चीन डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी, भारत
Share on FacebookShare on X

भारत और मालदीव के बीच राजनयिक विवाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ और दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों तक पहुंच गया। यह सब 4 जनवरी को शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा किया और खूबसूरत द्वीप के छायाचित्र पोस्ट किए। जबकि पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहीं भी मालदीव का जिक्र नहीं किया था।

इन छायाचित्रों को देख मालदीव के तीन नेताओं ने भारत और पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। ट्रोल्स के बीच जो युद्ध था उसे कूटनीतिक स्थिति तक बढ़ा दिया गया। इसी के बाद भारत को जवाब देना पड़ा।

संबंधितपोस्ट

नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

भारत–न्यूज़ीलैंड समझौता: वैश्विक व्यापार में गहरी भागीदारी की ओर कदम

अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

और लोड करें

भारत में मालदीव के उच्चायुक्त इब्राहिम शाहीब को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और उन्हें पीएम मोदी के खिलाफ मालदीव के कुछ मंत्रियों की टिप्पणियों पर भारत की कड़ी चिंताओं के बारे में बताया गया। हालांकि यह वार्तालाप केवल 5 मिनट ही चली जिसमें भारत ने कड़े शब्दों में अपना रुख साफ कर दिया। जिसके बाद मोइज्जू प्रशासन ने अपने तीनों नेताओं को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया। 

वहीं, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोझ्ज्जू ने अपने ताजा बयान में कहा है कि भारत 15 मार्च तक मालदीव में रह रहे अपने सैनिकों को वापस बुला ले। मोइज्जू ने चीन की यात्रा से वापस लौटने के बाद यह समय सीमा तय की है। हालांकि भारत ने अब तक उनकी इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आइये जानते हैं मालदीव में भारत के कितने सैनिक हैं और वे वहां क्या कर रहे हैं?

मालदीव में क्या कर रहे है भारतीय सैनिक 

भारत का कहना है कि सैनिक मालदीव के नागरिकों को मानवीय मदद पहुंचाने के साथ राहत बचाव कार्य में मदद करते हैं। भारत ने मालदीव को दो हेलीकॉप्टर और एक ड्रॉनियर विमान भी दे रखा है। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से समुदी निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान और चिकित्सा निकासी में किया जाता है। 

भारत के पहले हेलीकॉप्टर और चालक दल ने मालदीव में 2010 में काम शुरू किया था। मालदीव में भारत के 77 सैनिक तैनात है। इसके अलावा भारतीय सशस्त्र बलों की 12 मेडिकल टीम भी वहां है। 

मालदीव का चीन के प्रति झुकाव

मालदीव को झूठे सपने दिखाकर चीन अपने सपने को पूरा करने का जाल बिछा रहा है। हिंद महासागर पर चीन अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। जिसके लिए ड्रैगन मालदीव को अपनी मोहर बना रहा है। चीन के प्रेम में अंधे हो चुके मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू को कोई साजिश नजर नहीं आ रही है। जिसके कारण वे चीन के चक्रव्यूह में फंसते जा रहे हैं और अपने देश की बर्बादी की शुरुआत कर रहे हैं। 

मालदीव का भारत को आंख दिखाने की कोशिश करने के पीछे भी चीन ही है। शी जिनपिंग के साथ बढ़ती मोइज्जू की दोस्ती के पीछे चीन का ही फायदा है। पाकिस्तान और श्रीलंका की तरह ही मालदीव भी चीन के डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी में फंसते जा रहा है। इन देशों को भी चीन ने अपना मित्र बनाया और कर्ज के जाल में फंसाया था। चीन पहले कमजोर देशों को कर्ज के जाल में फंसाता है। उसके बाद कर्ज वसूलने के नाम पर मनमानी करता है.

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने मालदीव के कर्ज के बारे में रिपोर्ट पेश की है। जिसके अनुसार मालदीव ने जितना कर्ज ले रखा है उसका 60 फीसदी हिस्सा चीन से लिया है। कर्ज की यह राशि 1.37 बिलियन डॉलर है। लगभग 5.21 लाख जनसंख्या वाला छोटा सा देश मालदीव चीन की डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी में फंस रहा है। चीन वहां मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्क्चर सेक्टर में भी निवेश कर रहा है। आने वाले निकट समय में अगर मालदीव और चीन की दोस्ती इतनी ही घनिष्ठ रही तो मालदीव को दूसरा श्रीलंका और पाकिस्तान बनने में तनिक भी देर नहीं लगेगी। 

कर्ज देकर अपने चंगुल में फंसाता है चीन  

चीन हर गरीब देश को पैसे देता है, चाहे वह अफ्रीका में हो या साउथ ईस्टर्न एशिया में। चीन ने कई सालों से पाकिस्तान, किर्गिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और आसपास के कई देशों को मदद करने के बहाने बड़े-बड़े कर्ज दिए हैं या फिर उन्हें इस तरीके प्रोजेक्ट बनाकर दिए, जिसका आउटपुट उस देश को कुछ नहीं मिलता। इसके बाद यह देश चीन के कर्ज तले फंस जाते हैं और वह आगे जाकर ऐसे नेगोशिएशंस करता है, जिसके बाद कर्ज लेने वाले देश को अपना कुछ हिस्सा उसे देना पड़ता है। 

श्रीलंका ने हंबनटोटा और पाकिस्तान ने ग्वादर बंदरगाह चीन के कर्ज नहीं चुका पाने के  कारण उसको लीज पर दे दिया है. मालदीव भी एक ऐसा देश है, जो करीब 1.5 बिलियन डॉलर के चीनी कर्ज में डूब चुका है।

विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू समस्याओं से मतदाताओं का ध्यान भटकाने के लिए मालदीव के राजनीतिक दल इंडिया आउट नामक कैंपिंग चलकर राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में मालदीव की आंतरिक राजनीति भारत के साथ उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर रही है, लेकिन इसके बाद भी मालदीव में भारत की भूमिका को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता है।

भारत और चीन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मालदीव

भारत और चीन दोनों के लिए मालदीव भी रणनीतिक रूप से काफी अहम है और इसी कारण दोनों ही देश इसपर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। हिंद महासागर में मालदीव की लोकेशन उसे अहमियत प्रदान करती है, क्योंकि मालदीव हिंद महासागर में स्थित एक टोलगेट की तरह काम करता है। इस द्वीप श्रृंखला के दक्षिणी और उत्तरी हिस्स में संचार के दो महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्थित है। 

यह पश्चिमी एशिया में अदन की खाड़ी एवं दक्षिण पूर्व एशिया में मल्लिका जलडमरू के बीच समुद्री व्यापार के लिए प्रमुख है। इसके साथ ही खाड़ी देशों से जो भी तेल आता है, वह यहीं से होकर गुजरता है। ऐसे में चीन तेजी से बढ़ते हुए मालदीव में अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास कर रहा है।

भारत के लिए मालदीव भी अहम है, क्योंकि ये लक्षद्वीप से मात्र 700 किलोमीटर दूर है और भारत के मुख्य भूभाग से मात्र 1200 किलोमीटर की दूरी पर है। भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और सागर सुरक्षा सहायता के तहत भी मालदीव जरूरी हो जाता है। मालदीव लंबे समय तक भारत के प्रभाव में रहा है। 

मालदीव में मौजूदगी से भारत को हिंद महासागर के एक प्रमुख हिस्से पर नजर रखने की क्षमता मिल जाती है। यहां पर जब भी कोई राष्ट्रपति चुना जाता था तो वह सबसे पहले भारत आता था, लेकिन इस बार राष्ट्रपति चुने गए मोहम्मद मोइज्जू ने सबसे पहले तुर्की की यात्री की और अब हाल ही में वह चीन का दौरा कर के आएं हैं। इससे यह साफ हो जाता है कि मालदीव और भारत के रिश्ते मोइज्जू की लीडरशिप में खराब होते जा रहे हैं। 

पिछले कुछ सालों में मालदीव ने भारत से बनाई दूरी 

भारत पिछले कुछ सालों से मालदीव से दूर होता आ रहा है, इसकी वजह यह रही कि पूर्व की अब्दुल्ला यामीन की सरकार को चीन ज्यादा रास आया और उन्होंने भारत के साथ बेरुखी दिखाई। मालदीव में चीन की दिलचस्पी हाल के वर्षों में काफी बढ़ी है और इससे भारत का असहज होना लाजिमी है। वैश्विक संबंधों में या आम राय बन रही है कि जहां-जहां चीन होगा, वहां-वहां भारत मजबूत नहीं रह सकता है। 

मालदीव से लक्षद्वीप की दूरी महज 1200 किलोमीटर है, ऐसे में भारत यह नहीं चाहता है कि चीन पड़ोसी देशों के जरिए उसके और करीब पहुंचे। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस छोटे से देश पर चीन का करीब 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज है। यह कर्ज उसकी जीडीपी के एक तिहाई से भी ज्यादा है। 

पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने यामीन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि चीन ने मालदीव के करीब 16 छोटे द्वीप लीज पर ले रखे हैं और वहां पर वह निर्माण कार्य कर रहा है। नशीद ने यामीन सरकार पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया था। यह कयास लगाए जा रहे थे कि चीनी निर्माण कार्यों के कारण मालदीव के चीनी कर्ज के जाल में फंसने की आशंका है. हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय ने नशीद के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि मालदीव में वह कोई राजनीति नहीं कर रहा है।

Tags: चीनचीन डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसीभारतमालदीव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का एलन मस्क ने किया सर्मथन

अगली पोस्ट

इजरायल और हमास का युद्ध और इसमें भारत का पक्ष

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था
इतिहास

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

16 December 2025

16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय और बांग्लादेशी कमांडरों की मौजूदगी में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पाकिस्तान की ईस्टर्न कमांड...

अंडमान में एक मंच पर होंगे अमित शाह और मोहन भागवत; वीर सावरकर के कार्यक्रम में संघ-भाजपा के मजबूत तालमेल का संदेश
चर्चित

अंडमान में एक मंच पर होंगे अमित शाह और मोहन भागवत; वीर सावरकर के कार्यक्रम में संघ-भाजपा के मजबूत तालमेल का संदेश

12 December 2025

अंडमान-निकोबार में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक ही नहीं, राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहने वाला है। क्योंकि आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited