TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

न्यूनतम वेतन की जगह यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही सरकार

भारत कथित तौर पर न्यूनतम वेतन के स्थान पर जीवन निर्वाह वेतन अपनाने की योजना बना रहा है। 2025 तक बदलवा की उम्मीद की जा सकती है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
27 March 2024
in अर्थव्यवस्था, चर्चित
न्यूनतम वेतन, जीवन निर्वाह वेतन, भारत सरकार, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, आईएलओ, वेतन,
Share on FacebookShare on X

भारत कथित तौर पर न्यूनतम वेतन के स्थान पर जीवन निर्वाह वेतन अपनाने की योजना बना रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स (ईटी) की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 यानी अगले साल तक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नई दिल्ली ने जीवनयापन मजदूरी का आकलन और संचालन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने में मदद करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) से संपर्क किया है। भारत ILO का संस्थापक सदस्य है, जिसकी स्थापना 1919 में हुई थी। 

संबंधितपोस्ट

भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

लोकसभा में अमित शाह ने बताया- पहलगाम हमले के तीनों आतंकवादी ऑपरेशन महादेव में मारे गए

कैसे बचेगी निमिषा प्रिया, क्या है अल्लाह का किसास कानून? यमन में जिसकी हो रही मांग, जानें पूरा मामला

और लोड करें

जीवन निर्वाह मजदूरी क्या हैं और इनसे भारत में श्रमिकों को क्या लाभ होगा? आइये समझते हैं।

जीवन निर्वाह मजदूरी क्या है?

ILO जीवनयापन वेतन को पारिश्रमिक के स्तर के रूप में परिभाषित करता है, जो “देश की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और काम के सामान्य घंटों के दौरान किए गए काम के लिए गणना करके श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक सभ्य जीवन स्तर वहन करने के लिए आवश्यक है”।

ग्लोबल लिविंग वेज कोएलिशन का कहना है कि इस सभ्य जीवन स्तर में भोजन, पानी, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन, कपड़े और आकस्मिकताओं के प्रावधान सहित अन्य बुनियादी जरूरतों को वहन करने में सक्षम होना शामिल है।

जीवनयापन वेतन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों को संतोषजनक जीवन स्तर के लिए पर्याप्त आय मिले और साथ ही गरीबी भी कम हो। इन्वेस्टोपेडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जीवनयापन वेतन का 30 प्रतिशत से अधिक किराया या बंधक पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।

और पढ़ें:- भारत में इलेक्शन ऑपरेशन सेंटर एक्टिव करेगा Meta 

जीवनयापन मजदूरी बनाम न्यूनतम मजदूरी

जीवन निर्वाह मजदूरी अक्सर न्यूनतम मजदूरी से काफी अधिक होती है। न्यूनतम वेतन वह न्यूनतम आय है जो एक कर्मचारी को कानून द्वारा प्राप्त हो सकती है। यह सुनिश्चित करता है कि श्रमिक भोजन, आश्रय और कपड़े जैसी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

भारत में, न्यूनतम वेतन की गणना राज्य, श्रमिक के कौशल स्तर और अन्य कारकों के बीच उनके काम की प्रकृति के आधार पर की जाती है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी अर्जित करने के बावजूद, श्रमिक अक्सर गरीबी रेखा से नीचे आते हैं।

न्यूनतम मजदूरी के विपरीत, जो कानून द्वारा आवश्यक है, जीवनयापन मजदूरी स्वैच्छिक है। हालाँकि, यदि कोई सरकार न्यूनतम वेतन को जीवनयापन वेतन के स्तर पर निर्धारित करती है तो यह अनिवार्य हो सकता है।

जीवन निर्वाह मजदूरी के पक्ष और विपक्ष

जीवन निर्वाह मजदूरी एक विभाजनकारी मुद्दा है। जीवन निर्वाह वेतन के समर्थकों का कहना है कि लोगों को अधिक वेतन मिलता है, जिससे कर्मचारियों की संतुष्टि में वृद्धि होती है। इन्वेस्टोपेडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि से उत्पादकता में वृद्धि होने की संभावना है। इससे कर्मचारियों के टर्नओवर में गिरावट के कारण कंपनियों के लिए भर्ती और प्रशिक्षण लागत भी बचती है।

दूसरी ओर, इस अवधारणा के आलोचकों का कहना है कि इन्वेस्टोपेडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यदि बढ़ी हुई मजदूरी का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया तो कंपनियां नियुक्तियों में कटौती कर सकती हैं, जिससे अधिक नौकरियां खत्म हो सकती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विरोधियों का यह भी तर्क है कि जीवित मजदूरी लगाने का मतलब वेतन स्तर बनाना है, जो व्यवसायों को प्रभावित करके अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा, खासकर वे जो बढ़ी हुई वेतन का भुगतान नहीं कर सकते हैं।

जीवन निर्वाह मजदूरी से भारत को कैसे लाभ होगा?

ईटी ने बताया कि भारत में 500 मिलियन (50 करोड़) से अधिक श्रमिक हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र में हैं। राष्ट्रीय फ्लोर लेवल न्यूनतम वेतन एनएफएलएमडब्ल्यू (एक राशि जिसके नीचे कोई भी राज्य सरकार न्यूनतम वेतन तय नहीं कर सकती है) 2023 में स्थान के आधार पर 178 रुपये प्रति दिन या उससे अधिक थी। इसे 2017 में 176 रुपये प्रति दिन निर्धारित किया गया था और तब से इसे नहीं बदला गया है। 

वर्तमान में, कुछ राज्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को एनएफएलएमडब्ल्यू से भी कम भुगतान करते हैं। संसद द्वारा पारित वेतन संहिता, 2019 में कहा गया है कि न्यूनतम वेतन राष्ट्रीय वेतन स्तर से नीचे तय नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, यह कोड, जो सभी राज्यों पर बाध्यकारी है, अभी तक लागू नहीं किया गया है।

यदि भारत न्यूनतम मजदूरी को जीवनयापन मजदूरी से बदल देता है, तो श्रमिकों को अधिक कमाई की उम्मीद है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया, ”हम एक साल में न्यूनतम मजदूरी से आगे बढ़ सकते हैं।”

भारत ने इस संबंध में ILO से तकनीकी सहायता मांगी है। इससे पहले मार्च में, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने जीवनयापन वेतन पर एक समझौता किया था, जिसका इसके शासी निकाय ने भी समर्थन किया था। ILO के अनुसार, जीवनयापन वेतन की गणना उसके सिद्धांतों और वेतन-निर्धारण प्रक्रिया का पालन करते हुए की जानी चाहिए।

एक अधिकारी ने ईटी को बताया कि भारत ने आईएलओ से “क्षमता निर्माण, डेटा के प्रणालीगत संग्रह और जीवनयापन मजदूरी के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप सकारात्मक आर्थिक परिणामों के साक्ष्य” में मदद करने के लिए कहा है।

अधिकारियों ने कहा, “नई दिल्ली 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास कर रही है और ऐसा विचार है कि न्यूनतम मजदूरी को जीवनयापन मजदूरी के साथ बदलने से लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के भारत के प्रयासों में तेजी आ सकती है।” बिजनेस अखबार के हवाले से कहा गया।

हाल की रिपोर्टों के बीच कि 2000 के दशक की शुरुआत से भारत की असमानता आसमान छू रही है, शीर्ष एक प्रतिशत के पास राष्ट्रीय आय का 22.6 प्रतिशत हिस्सा है, के बीच जीवित मजदूरी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार गरीबी का स्तर गिर गया है, लेकिन आय असमानता अमीर और गरीब की वास्तविकताओं की याद दिलाती है। इस प्रकार, भारत को इस असमानता से निपटने के लिए एक बेहतर डिज़ाइन वाली वेतन प्रणाली की आवश्यकता है।

और पढ़ें:- भारत के 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट को मिली हरी झंडी

Tags: ILOIndian GovernmentInternational Labor Organizationliving wageminimum wageWagesअंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठनआईएलओजीवन निर्वाह वेतनन्यूनतम वेतनभारत सरकारवेतन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

साइबर हमलों को लेकर चीन पर US और UK ने की कार्रवाई।

अगली पोस्ट

ऑस्ट्रेलियाई पर्यटन में भारतीय पर्यटकों की संख्या में हुई 6% की वृद्धि

संबंधित पोस्ट

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान
अर्थव्यवस्था

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

5 October 2026

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सोमवार को हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत की एक दूसरी बड़ी व्यापार वार्ता—अमेरिका के साथ प्रस्तावित...

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र
चर्चित

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र

5 October 2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। पत्रकार रुचि तिवारी ने महिला सुरक्षा...

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?
चर्चित

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?

5 October 2026

इंसान डरता क्यों है? किसी पुरानी घटना की याद अचानक क्यों लौट आती है? खुशी महसूस होने पर दिमाग में कौन-से न्यूरॉन सक्रिय होते हैं?...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited