TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मायावती बोलीं ब्राह्मणों की भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर मायावती का विरोध, ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरीं

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    नागालैंड के विकास में पीएम मोदी का सहयोग

    पूर्वी नागालैंड समझौते पर पीएम मोदी का बयान, बोले—विकास और शांति को मिलेगी नई गतिू

    मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बचाव में उतरे पीएम मोदी

    रवनीत बिट्टू सिख हैं इसलिए राहुल गांधी ने उन्हें गद्दार कहा: प्रधानमंत्री मोदी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मायावती बोलीं ब्राह्मणों की भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर मायावती का विरोध, ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरीं

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    नागालैंड के विकास में पीएम मोदी का सहयोग

    पूर्वी नागालैंड समझौते पर पीएम मोदी का बयान, बोले—विकास और शांति को मिलेगी नई गतिू

    मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बचाव में उतरे पीएम मोदी

    रवनीत बिट्टू सिख हैं इसलिए राहुल गांधी ने उन्हें गद्दार कहा: प्रधानमंत्री मोदी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जो दर्द भारत ने झेला अब अमेरिका झेला रहा है।

समय का पहिया बहुत तेजी से चलता है। भारत में जिस अराजकता का समर्थन अमेरिका जैसे देश कर रहे थे, अब वही आजादी की अराजकता वहां पर अपने चरम रूप में आ रही है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
26 April 2024
in भू-राजनीति, विश्व, समीक्षा
अमेरिका, भारत, यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन, इजरायल, गाजा,
Share on FacebookShare on X

भारत में अराजकता की हद तक अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने वाला अमेरिका इन दिनों अपने यहां अराजकता की अभिव्यक्ति की आजादी का रूप देख रहा है। यह सभी ने देखा था कि जब भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर शाहीन बाग में आंदोलन चल रहा था और किसान आंदोलन को लेकर भारत में करोड़ों लोग परेशान हो रहे थे, उस समय अमेरिका समेत कथित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नारा लगाने वाले देश भारत को नसीहतें दे रहे थे। अमेरिका से बार-बार यह कहा जा रहा था कि अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आजादी होनी चाहिए।

भारत को बताया जा रहा था तानाशाह देश

यह भी सभी को याद होगा कि कैसे प्रदर्शनों की आजादी के पीछे भारत और हिंदुओं को नष्ट करने की भी बातें लगातार की जा रही थीं। भारत की तस्वीर ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत की जा रही थी, जहां पर बात करने की, अपना मत रखने की आजादी नहीं है। 

संबंधितपोस्ट

भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

और लोड करें

मगर अमेरिका सहित पश्चिमी देश अभिव्यक्ति की आजादी और अराजकता के बीच अंतर या तो समझ नहीं पा रहे थे या फिर जानबूझकर समझना नहीं चाहते थे। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अराजकता का वीभत्स रूप भारत ने देखा था और उस अराजकता का विरोध करने पर भारत को तानाशाह देश या अभिव्यक्ति की आजादी न होने वाला देश बताया जा रहा था। 

जो दर्द भारत ने झेला अब अमेरिका झेला रहा

परंतु समय का पहिया बहुत तेजी से चलता है। भारत में जिस अराजकता का समर्थन अमेरिका जैसे देश कर रहे थे, अब वही आजादी की अराजकता वहां पर अपने चरम रूप में आ रही है। जो आजादी के नारे भारत के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए आमदा थे, वही टुकड़े-टुकड़े आजादी के नारे अमेरिका मे पहुंचे, जैसा हमने पिछले दिनों देखा था।

मगर अब यह आजादी की आंच और भी तेज हुई है और अब वहां की कई यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले छात्र इजरायल विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। कई वीडियो दिखाते हैं कि वहां पर कैसे फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है। 

यह भी हैरानी की बात है कि भारत में पुलिस बल के प्रयोग की बात न करने वाला अमेरिका अपने यहां विद्यार्थियों को हिरासत मेन ले रहा है और भारत मे शाहीन बाग मे महीनों-महीनों तक सड़क जाम करके “फक हिन्दुत्व” के नारों को अभिव्यक्ति की आजादी मानने वाला अमेरिका अपने यहां से उन टेंटों को पुलिस बल द्वारा उखड़वा रहा है, जो विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करने के लिए लगाए थे। 

इजरायल के खिलाफ हो रहे सारे विरोध प्रदर्शन 

दरअसल यह सारे विरोध प्रदर्शन इजरायल के खिलाफ और गाजा के पक्ष में हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इजरायल गाजा के साथ युद्ध कर रहा है, और अत्याचार कर रहा है, इसलिए इस युद्ध को रोका जाना चाहिए और इसी को लेकर वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

मगर ये प्रदर्शन कितने शांतिपूर्ण है, यह इससे पता चलता है कि येल यूनिवर्सिटी में जब यह कथित शांतिपूर्ण आंदोलन आरंभ हुए थे, तब एक यहूदी विद्यार्थी पत्रकार सहर तरतक, जो येल फ्री प्रेस की एडिटर है, और जो उस समय चल रहे विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रही थीं, प्रदर्शनकारियों द्वारा हमला कर दिया गया था।

तरतक का कहना था कि चूंकि उन्होनें यहूदियों वाली पोशाक पहनी हुई थी, तो उन्हें अलग किया गया, और भीड़ ने उन्हें शूटिंग नहीं करने दी और उन पर झंडे के डंडे से आंख पर हमला किया था, जिससे उनकी आंख में चोट आई।

येल यूनिवर्सिटी में अपनाया गया शाहीन बाग मॉडल 

येल यूनिवर्सिटी में उन्होनें एक लिबरेशन ज़ोन या गाजा ज़ोन का निर्माण कर लिया था, जहां पर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं थी। दूसरे शब्दों मे कहा जाए कि बंधक बना लिया गया था। 

भारत में शाहीन बाग के बहाने दिल्ली बंधक बनी रही थी और यही फॉर्मूला था, कथित शांतिपूर्वक प्रदर्शन का। और लोग परेशान होते रहे थे। पूरे हिंदू समाज के प्रति घृणा का वातावरण तैयार कर दिया गया था। यह भी याद होगा कि कैसे पोस्टर्स मे हिंदू देवियों को ही हिजाब में दिखा दिया गया था। 

यह सब उसे अभिव्यक्ति और प्रदर्शन की आजादी के नाम पर हो रहा था, जो इन दिनों अमेरिका में चल रहा है। जहां पर यूनिवर्सिटीज में कथित शांतिपूर्ण प्रदर्शन गाजा को बचाने के लिए किये जा रहे हैं। बुधवार को इस आजादी के नारे का भयंकर रूप तब दिखाई दिया जब इजरायल के गाजा के युद्ध को लेकर अमेरिका की कई यूनिवर्सिटी इस आजादी की अराजकता की भेंट चढ़ने लगीं।

टेक्सस ऑस्टिन कैंपस में प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन करना आरंभ किया और मांग की कि इजरायल जो युद्ध गाजा के साथ कर रहा है, उसमें इजरायल को हथियार आपूर्ति बंद की जाए। और यह विरोध प्रदर्शन जिम से आरंभ हुआ था, और देखते ही देखते 200 के करीब विद्यार्थी जमा हो गए।

यूनिवर्सिटी बनती जा रही इन प्रदर्शनों की शरणास्थली 

परंतु शाहीन बाग से लेकर येल, कोलम्बिया और टेक्सस ऑस्टिन तक ऐसा क्या है जो आम है? जो सामान्य है? क्या है जो कड़ियां जोड़ता है? दरअसल पिछले कई वर्षों से यह देखा जा रहा है कि यूनिवर्सिटी वोक्स, कम्युनिस्ट एवं कट्टर इस्लामिस्ट विचारों की सबसे बड़ी शरणास्थली बन गई हैं। भारत में भी शाहीन बाग हो या फिर किसान आंदोलन, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र संगठनों के नाम और सहभागिता स्पष्ट नजर आई थी। 

वहीं जब से इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को स्वयं के नागरिकों के हमास के आतंकियों द्वारा मारे जाने और बंधक बनाए जाने को लेकर हमास पर पलटवार आरंभ किया है, तब से अमेरिका मे कई यूनिवर्सिटी मे इजरायल के विरोध मे और गाजा के समर्थन मे प्रदर्शन हो रहे हैं। 

यह भी याद होगा कि कैसे उस समय पैरा- ग्लाइडर से उतरते हमास के आतंकी की फ़ोटो एक क्रांतिकारी तस्वीर के रूप मे प्रस्तुत की गई थी। और यह भी कई यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों ने कहा था कि इजरायल पर हमला अकारण नहीं था।

पुलिस से मांगी गई मदद

परंतु अब यह प्रदर्शन संभवतया कथित आजादी की सीमा पार कर गए हैं, ऐसा प्रतीत होता है, और अब विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। कोलम्बिया यूनिवर्सिटी ने न्यूयॉर्क पुलिस विभाग से मदद मांगी कि वे कैंपस से फिलिस्तीन समर्थक विद्यार्थियों को हटाएं। और उसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसमें इसरा हिरसी भी शामिल है।

इसरा हिरसी कट्टर इस्लामिस्ट और हमास की हमदर्द तथा भारत का विरोध करने वाली इलहान ओमार की बेटी है। इलहान ओमार ने पुलिस की कार्यवाही की निंदा की है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, येल यूनिवर्सिटी, इलिनोइस यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले, और दक्षिणी कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी सहित कई शैक्षणिक संस्थानों में यह आग फैल गई है। और अब दंगा रोधी उपायों के साथ पुलिस इनसे निपटने के लिए आगे आई है 

वहीं मिनेसोटा यूनिवर्सिटी मे इलहान ओमार भी फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले विद्यार्थियों के पक्ष में खड़ी नजर आईं और उन्होनें मीडिया और राजनेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि मीडिया और राजनेता गाजा में हो रही घटनाओं के स्थान पर अमेरिकी यूनिवर्सिटी में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर ध्यान दे रहे हैं।

जब इलहान ओमार की संलग्नता इस अभियान मे है तो इसकी दिशा क्या होगी यह पूरी तरह से समझ मे आता है। यह आग मैनहट्टन के फैशन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मे भी पहुंची और वहाँ पर फिलिस्तीन समर्थकों ने हल्ला बोल दिया।

भारत ने कहा स्थिति पर नजर है 

भारत की ओर से भी इस स्थिति को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार 25 अप्रेल को अमेरिका की विभिन्न यूनिवर्सिटी में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की ओर से प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जिम्मेदारी की भावना और सार्वजनिक सुरक्षा एवं व्यवस्था के बीच सही संतुलन होना चाहिए। 

लोकतंत्रों को विशेष रूप से अन्य साथी लोकतंत्रों के संबंध में यह समझ प्रदर्शित करनी चाहिए। आख़िरकार, हम सभी का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाता है कि हम घर पर क्या करते हैं, न कि हम विदेश में क्या कहते हैं।

भारत का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसमें यह कहा गया है कि हम सभी का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाता है कि हम घर पर क्या करते हैं, न कि हम विदेश में क्या कहते हैं”। यह बहुत ही मजबूत वक्तव्य है जो अमेरिका जैसे देशों और वहां की मीडिया को अपने दायरे में रहने के लिए कहता है।

पश्चिम का औपनिवेशिक मीडिया जहां भारत को लेकर तमाम तरह की अभिव्यक्ति की आजादी की बात करता है, उसे अमेरिका मे हो रही घटनाओं को देखकर अभिव्यक्ति की आजादी और अराजकता में अंतर समझ मे आ रहा होगा। 

भारत में शाहीन बाग में अभिव्यक्ति की आजादी ने किस प्रकार से पूरे देश को बंधक बनाकर रखा हुआ था, यह उन्हें समझ आ रहा होगा और कैसे किसान आंदोलन के नाम पर पूरे के पूरे रास्ते बंद पड़े रहे, जिससे उद्योगों का नुकसान हुआ और आम जन को कष्ट, और वह भी मात्र प्रदर्शन की आजादी के नाम पर?

यह बहुत ही विख्यात कहावत है कि आपकी मुट्ठी घुमाने की आजादी की सीमा वहाँ पर समाप्त हो जाती है जहां से मेरी नाक आरंभ होती है। अर्थात आजादी असीमित नहीं होती है। जो आजादी यह नहीं समझे कि मुट्ठी तभी तक आजाद घूम सकती है, जब तक उसके सामने किसी की नाक नहीं आती, तो वह आजादी आजादी नहीं दूसरे को घायल करने की सनक है।

यह आशा की जानी चाहिए कि अब अमेरिका और पश्चिमी मीडिया को यह समझ आएगा कि आजादी की सीमा क्या होती है और बिना उत्तरदायितवबोध के आजादी-आजादी नहीं, मात्र अराजकता होती है और जिसे जितना जल्दी समाप्त कर दिया जाए उतना ही बेहतर होता है। भारत इस अराजकता की आजादी या आजादी की अराजकता का सामना लगातार कर रहा है और घाव भी खा चुका है, कुछ घाव तो बहुत ताजे हैं।

और पढ़ें:- हमास के प्रस्ताव को इजरायल ने ठुकराया, PM बोले- हमास के पूर्ण विनाश तक चलेगा युद्ध

Tags: AmericaGazaIndiaIsraelProtest in american universityProtest in universityअमेरिकाअमेरिकी यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शनइजरायलगाजाभारतयूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: हाईकोर्ट ने रद्द की 24 हजार स्कूल टीचर्स की भर्ती, लौटाना होगा वेतन।

अगली पोस्ट

पत्‍नी की संपत्ति में पति का कोई हक नहीं- सुप्रीम कोर्ट

संबंधित पोस्ट

भारत–EU सहयोग को नई गति
भारत

समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

3 February 2026

पिछले सप्ताह भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए “मदर ऑफ ऑल डील्स” ने भले ही सुर्खियाँ बटोरी हों, लेकिन इसी दौरान एक और...

एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका
AMERIKA

एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

30 January 2026

भारत ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को उसके नए Gen 2 सैटेलाइट सिस्टम के लिए मंज़ूरी नहीं दी है। इससे भारत में मोबाइल फोन...

तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा
चर्चित

तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

29 January 2026

पचहत्तर वर्ष पहले, जब चीनी सेनाएं मध्य तिब्बत की ओर बढ़ रही थीं, तब 14वें दलाई लामा तिब्बत के आधुनिक इतिहास के एक निर्णायक मोड़...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited