TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नवीन पटनायक के किले में भाजपा ने कैसे मारी सेंध।

ओडिशा में BJP की जीत सत्ता के समीकरणों में एक बड़ा बदलाव है। जिसने नवीन पटनायक के 24 साल के शासन का अंत कर दिया।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
6 June 2024
in राजनीति, समीक्षा
ओडिशा, भाजपा, बीजद, ओडिशा विधानसभा चुनाव, ओडिशा में भाजपा की जीत, नवीन पटनायक
Share on FacebookShare on X

भारतीय राजनीति के जटिल ताने-बाने में, कुछ राज्य ओडिशा की तरह परिवर्तनशील और रणनीतिक चालों का प्रदर्शन करते हैं। हाल के चुनावी घटनाक्रम ने ओडिशा को एक मनोरंजक राजनीतिक नाटक की तरह प्रस्तुत किया है। इस कहानी के केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है, जिसकी तेज़ी से बढ़ती सफलता ने ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य को फिर से आकार दिया है, और नई संभावनाओं और चुनौतियों के युग की शुरुआत की है।

24 साल का शासन खत्म

ओडिशा में भाजपा की जीत केवल एक संख्यात्मक जीत से अधिक है, यह सत्ता के समीकरणों में एक बड़ा बदलाव है, जिसने बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक के 24 साल के शासन का अंत कर दिया और भाजपा को राज्य की राजनीति में एक प्रमुख ताकत के रूप में स्थापित कर दिया। 147 में से लगभग 78 सीटों के साथ, भाजपा की बढ़ती शक्ति और जटिल चुनावी परिदृश्य में उसकी रणनीतिक कौशल को रेखांकित करती है।

संबंधितपोस्ट

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

और लोड करें

ओडिशा की राजनीति में भाजपा लेकर आई बदलाव

भाजपा की सफलता की विशिष्टता यह है कि उसने लंबे समय से एक ही राजनीतिक इकाई द्वारा वर्चस्व वाले राज्य में बदलाव लाया। जमीनी स्तर की भागीदारी, एक मजबूत विकास एजेंडा, और नेतृत्व की कमी का कुशलतापूर्वक उपयोग करके, भाजपा ने स्थापित बाधाओं को तोड़कर ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरने में सफलता प्राप्त की।

भाजपा ने जमीनी स्तर तक की महनत

पार्टी की सफलता की कहानी रणनीतिक योजना और अथक दृढ़ता की शक्ति का प्रमाण है। मतदाताओं की आकांक्षाओं के साथ जुड़कर और पारंपरिक विभाजनों को पार करके, भाजपा ने विभिन्न जनसांख्यिकी में समर्थन जुटाया। जमीनी स्तर के कैडरों और संगठनात्मक मशीनरी द्वारा रखी गई नींव ने उनके पक्ष में चुनावी लहर को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा का रहा शानदार प्रदर्शन

इसके अलावा, लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में भाजपा का शानदार प्रदर्शन उसकी बहुआयामी अपील और संगठनात्मक लचीलेपन को उजागर करता है। पार्टी का जोर चुनावी जीत को ठोस शासन परिणामों में बदलने पर है, जिससे ओडिशा के लोगों के लिए प्रगति और समृद्धि का एक नया युग शुरू होने का वादा किया गया है।

भाजपा की जीत सवाल और चुनौतियां भी खड़ी करती है

हालांकि, भाजपा की जीत सवाल और चुनौतियां भी खड़ी करती है। सत्ता के साथ जिम्मेदारी आती है, और अब पार्टी को मतदाताओं की उच्च अपेक्षाओं को पूरा करना होगा, समावेशी विकास और समृद्धि के युग की शुरुआत करनी होगी। असली परीक्षा चुनावी सफलता को ठोस विकासात्मक परिणामों में बदलने में है, यह सुनिश्चित करना है कि अभियान के दौरान किए गए वादे शासन की वास्तविकताओं के साथ मेल खाएं।

इस चुनावी तमाशे के बीच, एक और महत्वपूर्ण शख्सियत थी: वी कार्तिकेयन पांडियन। पांडियन के प्रभाव और संभावित उत्तराधिकार के इर्द-गिर्द की अटकलों ने राजनीतिक बर्तन को हिलाया, जिससे भाजपा को समर्थन जुटाने के लिए एक कथा मिली। पार्टी ने विकास पर केंद्रित राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देकर स्थिति का लाभ उठाया।

पांडियन के इर्द-गिर्द के विवाद से खुद को दूर करने और अपने विकास एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने की भाजपा की रणनीति सफल रही। सत्तारूढ़ बीजद के लिए एक स्पष्ट विकल्प प्रस्तुत करके, भाजपा ने यथास्थिति से निराश मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण समर्थन हासिल किया। इस दृष्टिकोण ने न केवल इसकी अपील को व्यापक बनाया बल्कि ओडिशा के जटिल राजनीतिक परिदृश्य को नेविगेट करने में पार्टी की रणनीतिक चतुराई को भी रेखांकित किया।

भाजपा की एंटी-इन्कम्बेंसी भावनाओं का उपयोग करने और मुख्य मुद्दों को संबोधित करने की क्षमता ने इसकी उल्लेखनीय जीत का मार्ग प्रशस्त किया। हालांकि, आगे का रास्ता चुनौतियों से भरा हुआ है, और अब भाजपा को अपने वादों को पूरा करना होगा, यह साबित करना होगा कि ओडिशा के लिए उसकी नई दृष्टि को वास्तविकता में बदला जा सकता है।

ओडिशा में भाजपा की सत्ता में आने की प्रक्रिया को समझने के लिए उन जटिल गतिशीलताओं में गहराई से जाना महत्वपूर्ण है जिन्होंने चुनावी परिदृश्य को आकार दिया। राज्य का राजनीतिक इतिहास, बीजद के वर्चस्व और मुख्यमंत्री के रूप में नवीन पटनायक के लंबे कार्यकाल द्वारा चिह्नित, 2024 में नाटकीय बदलाव के लिए मंच तैयार किया। भाजपा का रणनीतिक दृष्टिकोण, एंटी-इन्कम्बेंसी भावना और मतदाताओं के बीच बदलाव की इच्छा जैसे कारकों के साथ मिलकर, इसके चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भाजपा की जीत के कुछ प्रमुख कारक

भाजपा की जीत के पीछे के प्रमुख कारकों में से एक इसकी सटीक योजना और जमीनी स्तर पर निष्पादन था। चुनावों से पहले महीनों तक फैले पार्टी के व्यापक जमीनी कार्यों में स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ, सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम और प्रभावशाली स्थानीय नेताओं के साथ गठबंधन बनाना शामिल था। इस नीचे से ऊपर के दृष्टिकोण ने भाजपा को जमीनी स्तर पर मतदाताओं से जुड़ने, उनकी चिंताओं और आकांक्षाओं को सीधे समझने की अनुमति दी।

इसके अलावा, भाजपा की संदेश रणनीति को ओडिशा के विविध मतदाताओं के साथ प्रतिध्वनित होने के लिए अच्छी तरह से तैयार किया गया था। विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचा संवर्द्धन और कल्याण योजनाओं पर पार्टी का जोर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं के साथ तालमेल बिठा रहा था। ओडिशा के भविष्य के लिए एक सुसंगत और प्रेरक दृष्टि प्रस्तुत करने की भाजपा की क्षमता, ठोस योजनाओं और नीतिगत पहलों द्वारा समर्थित, इसे अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग करती है।

भाजपा की चुनावी रणनीति का एक और महत्वपूर्ण पहलू गठबंधन और विपक्षी गतिशीलताओं का कुशलतापूर्वक प्रबंधन था। बीजद के साथ संभावित सहयोग की प्रारंभिक चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई, लेकिन स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का भाजपा का निर्णय एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। इस कदम ने भाजपा को एंटी-इन्कम्बेंसी भावना का पूरी तरह से लाभ उठाने की अनुमति दी, बिना बीजद की विरासत से बंधे हुए या उसकी अलोकप्रियता का बोझ उठाए हुए।

बीजद के शासन की विफलताओं को उजागर करने और खुद को एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भाजपा के लक्षित अभियान ने यथास्थिति से निराश मतदाताओं के साथ तालमेल बिठाया। पार्टी की सार्वजनिक असंतोष को चुनावी लाभ में बदलने की क्षमता स्पष्ट थी, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विकास के वादे बीजद शासन के तहत अधूरे रहे। भाजपा का बदलाव और प्रगति का दृष्टिकोण मतदाताओं के साथ प्रतिध्वनित हुआ, जिससे भाजपा के नेतृत्व में एक नए युग का संदेश मजबूत हुआ।

भाजपा की जीत में इन नेताओं की रही अहम भूमिका

भाजपा की चुनावी जीत में प्रमुख नेताओं और प्रचारकों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। श्रीकांत जेना, प्रताप सारंगी, बैजयंत पांडा और राजश्री मलिक जैसे नेताओं ने समर्थन जुटाने, पार्टी कैडरों को ऊर्जा देने और भाजपा की दृष्टि को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी अथक मेहनत, रणनीतिक चतुराई, और जमीनी स्तर पर मतदाताओं से जुड़ने की क्षमता चुनावी समर्थन को ठोस जीत में बदलने में महत्वपूर्ण थी।

चुनाव के बाद शासन और विकास पर भाजपा का जोर ओडिशा में उसके प्रक्षेपवक्र को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा। चुनावी वादों को पूरा करने, कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने, बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। चुनावी जीत को ठोस शासन परिणामों में बदलने में भाजपा की सफलता उसकी दीर्घकालिक संभावनाओं और मतदाताओं के बीच विश्वसनीयता को निर्धारित करेगी।

ओडिशा में भाजपा के सामने आने वाले चुनौतियां कई हैं। पार्टी को एक जटिल सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य का सामना करना होगा, जैसे-जैसे गरीबी, कृषि संकट, बुनियादी ढांचे की कमी, और रोजगार सृजन। भाजपा की यह योजनाएं, विपक्षी पार्टियों के साथ संरचित तरीके से संघर्ष करने की क्षमता, और वादों को पूरा करने की क्षमता, ओडिशा की राजनीतिक इतिहास में उसके विरासत को आकार देगी।

और पढ़ें:- वाराणसी में ‘मोदी’ की जीत का घटा अंतर और उसके राजनीतिक संकेत।

Tags: BJDBJPBJP wins in OdishaNaveen PatnaikOdishaOdisha Assembly Electionsओड़िशाओडिशा में भाजपा की जीतओडिशा विधानसभा चुनावनवीन पटनायकबीजदभाजपा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा के विकास कार्यों पर बहुमत की कमी का क्या पड़ेगा प्रभाव?

अगली पोस्ट

ओडिशा में सीएम बनाने के लिए इन नामों पर भाजपा कर रही विचार

संबंधित पोस्ट

LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई
चर्चित

भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

27 January 2026

26 जनवरी 2026 – भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अपनी सबसे उन्नत स्वदेशी सैन्य तकनीक लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-AShM) का अनावरण...

भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर
चर्चित

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

27 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक...

शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल
चर्चित

दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

27 January 2026

पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा नई दिल्ली से वर्चुअल भाषण देने के बाद बांग्लादेश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited