TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वक्फ कानून संशोधन बिल को JPC में भेजना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक या मजबूरी ?

मोदी सरकार के बिल को JPC में भेजने के पीछे की Inside Story, क्या है बांग्लादेश कनेक्शन ?

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
9 August 2024
in चर्चित
वक्फ कानून संशोधन बिल को JPC में भेजना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक या मजबूरी ?
Share on FacebookShare on X

वक्फ कानून संशोधन बिल को केंद्र सरकार ने कल यानी 8 अगस्त को लोकसभा में पेश तो कर दिया, लेकिन इतना हंगामा हुआ कि सरकार ने खुद ही इसे संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी को भेज दिया।

दरअसल संसदीय कार्यमंत्री किरेण रिजिजू ने पहले ये बिल सदन में पेश किया, फिर इस पर चर्चा हुई। इस दौरान एनडीए के साथी दल जैसे जेडीयू और टीडीपी भी इस बिल के पक्ष में खड़े रहे, तो वहीं कांग्रेस, सपा,  AIMIM, TMC और लेफ्ट पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया था।

संबंधितपोस्ट

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

और लोड करें

लेकिन हैरानी तब हुई जब, बहुमत होने के बाद भी सरकार ने इस बिल पर वोटिंग नहीं करवाई, उल्टा खुद किरेण रिजिजू ने बिल को जेपीसी के पास भेजने की सिफारिश कर दी, ताकि इस बिल की और अच्छी तरह स्क्रूटनी की जा सके।

इसके बाद से ही जेपीसी का नाम चर्चा में है, जैसे ये क्या होती है, क्या काम करती है, इसके पास कितनी ताकत होती है और अब जब ये बिल जेपीसी के पास भेजा जा चुका है, तब इस बिल का क्या होगा ? क्या ये कभी वोटिंग के लिए दोबारा सदन में आएगा या वहीं अटका रहेगा?

संसद में कितनी समितियां होती हैं?

दरअसल आजादी के बाद से आज  तक इतने सा्लों में सिर्फ 8 बार ही ऐसी नौबत आई है, जब जेपीसी का गठन किया गया हो, और ये तो एकदम रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला है, जब सरकार ने खुद ही आगे बढ़कर जेपीसी का गठन कर दिया हो, नहीं तो जेपीसी को लेकर संसद में हमेशा हंगामा ही हुआ है।

तो चलिए पहले तो ये समझते हैं कि जेपीसी होती क्या है, और फिर समझेंगे कि जेपीसी को ये बिल सरकार ने खुद क्यों भेज दिया? क्या ये कोई सीक्रेट डील थी, या फिर इसका बांग्लादेश के ताजा हालात से कोई संबंध है?

शुरुआत पहले सवाल के जवाब से। दरअसल किरेण रिजिजू ने बिल पेश करने के बाद कहा कि इस बिल पर और चर्चा होनी चाहिए. स्क्रूटनी होनी चाहिए। हम इससे बच कर भाग नहीं रहे, क्योंकि हमारी मंशा साफ है। इसलिए इस बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी बनाकर वहां भेजा जाए, ताकि वहां इस पर विस्तार से चर्चा हो।

संसद में मुख्यत: दो तरह की समितियां होती हैं। ये समितियां कई तरह के विधाई कार्यों में संसद की और सरकार की मदद करने और उसे सलाह देने के लिए बनाई जाती हैं।

पहली प्रकार तरह की कमेटी स्टैंडिंग कमेटी होती है, इसे हिंदी में स्थाई समिति कहा जाता है।

जबकि दूसरी समिति होती है एडहॉक कमेटी, जिसे हिंदी में तदर्थ समिति कहते हैं।

अब जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, स्थाई समिति वो समिति होती है, जिसे एक स्थाई समय के लिए निर्वाचित किया जाता है या फिर उसका एक तय कार्यकाल होता है और ये अनवरत रूप से कार्य करती रहती हैं। यानी ये कभी भी विघटित नहीं होतीं।

जबकि दूसरी कमिटी जिसे एडहॉक या तदर्थ कमिटी कहते हैं वो किसी विशेष मुद्दे को लेकर गठित की जाती हैं। और जब ये कमिटी उस पर अपनी जांच पूरी कर लेती हैं, या अपनी रिपोर्ट जमा कर देती है, तो उसका अस्तित्व अपने आप ही समाप्त हो जाता है।

क्या होती है JPC?

JPC यानी ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी भी एडहॉक श्रेणि की समिति है। इसमें संसद के दोनों सदन यानी लोकसभा और राज्यसभा, दोनों के मेंबर्स शामिल होते हैं। इसलिए इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी कहते हैं।

अब ये कमिटी तभी बनाई जा सकती है, जब संसद के किसी भी एक हाउस में इसे लेकर प्रस्ताव पारित हो। अब वो सदन हाउस लोकसभा भी हो सकता है और राज्यसभा भी, लेकिन इस समिति के गठन के लिए दूसरे सदन की मंजूरी लेनी भी जरूरी है।

वैसे JPC में कितने मेंबर्स होंगे, इसका कोई नियत नियम  नहीं है, फिर भी इसमें 30 से 31 मेंबर हो सकते हैं। हां एक नियम ये जरूर है कि इस कमेटी में राज्यसभा से जितने भी मेंबर होंगे, उससे दोगुने सदस्य लोकसभा से होंगे।

जैसे कि मान लीजिए कुल 30 लोगों की समिति बनी, तो  इसमें 10 सदस्य राज्यसभा से, जबकि 20 सदस्य लोक सभा से होंगे।

अब दूसरा बड़ा सवाल आता है ये कि कमेटी में किस पार्टी के कितने सदस्य होंगे ? तो इसका जवाब ये है कि ऐसी समतियों में हर पार्टी का फिक्स कोटा होता है। यानी सदन में जिस पार्टी का जितना प्रतिनिधित्व होगा, उसी अनुपात में उनका जेपीसी में भी प्रतिनिधित्व होगा।

जैसे फिलहाल बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, तो इस जेपीसी में सबसे ज्यादा सदस्य भी बीजेपी के ही होंगे और अध्यक्ष भी बीजेपी या NDA  से ही हों।

अब ये पार्टी का अधिकार होता है कि वो किस सांसद को JPC का सदस्य  बनाएगी। वो अपने सांसदों का नाम इस कमिटी के लिए स्पीकर को भेज सकती है, और फिर स्पीकर उन्हें मंजूर कर देते हैं।

एक बार जब JPC गठित हो जाती है, तो इसे काफी ताकत मिल जाती है। वो इनका इस्तेमाल कर जरूरी जानकारियां जुटा सकती है। सरकारी विभागों, संस्थाओं से जानकारी मांग सकती है, उन्हें तलब कर सकती है। विषय से संबंधित विशेषज्ञों की सलाह ले सकती है। जेपीसी के सामने पेश नहीं होने को अवमानना माना जाता है।

वक्फ कानून के मामले में भी ये समिति सभी पार्टियों के सदस्यों और विशेषज्ञों से बात करेगी और उनके सुझावों और आपत्तियों को रिपोर्ट में शामिल कर सकती है।

हालांकि दिलचस्प बात ये है कि जेपीसी के सुझाव सरकार के लिए सिर्फ सुझआव ही होते हैं। सरकार इन्हें मानने के लिए बाध्य नहीं होती। हालांकि इसमें ज्यादातर सांसद और अध्यक्ष सत्ताधारी पार्टी के ही होते हैं, इसलिए अक्सर इन्हें मंजूर कर लिया जाता है।

अब तक 8 बार ही गठित हुई है JPC

वैसे एक और दिलचस्प जानकारी है। आज तक 8 बार जेपीसी का गठन हुआ है और पांच बार ऐसे मौके आए हैं, जब जेपीसी गठित होने के बाद वो सरकार अगला चुनाव नहीं जीत पाई, सिर्फ मोदी सरकार इसमें अपवाद है।

बहुमत के बावजूद सरकार ने बिल को JPC में क्यों भेजा ?

अब बात दूसरे सवाल की कि आखिर सरकार  को इस बिल को जेपीसी को भेजने की जरूर क्यों पड़ी। आखिर जब सरकार के पास बहुमत है, तो उसने इस बिल पर वोटिंग करवा कर इसे पारित क्यों नहीं करवाया।

सूत्रों की मानें तो बांग्लादेश में जिस तरह के हालात हैं, और जिस तरह वहां कट्टरपंथी ताकतें पैर पसार रही हैं, उसे देखते हुए सरकार इस बिल को लाकर अभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। क्योंकि इस बिल का विरोध पहले से ही तेज था और आशंका थी कि विपक्ष की आड़ में कई कट्टरपंथी ताकतें इस बिल के बहाने हालात बिगाड़ने की कोशिश में न जुट जाएं।

ऐसे में अब सरकार ने इस बिल को जेपीसी के पास भेज कर दो बड़े निशाने साधे हैं। पहला तो उसने स्थितियों के लिहाज से सही कदम उठाया है। यही नहीं सरकार ये मैसेज भी दे रही है कि देखो हम खुले दिल से चर्चा करने में यकीन करते हैं। इसीलिए बिल को जेपीसी में भेज दिया ।

Tags: JPCकट्टरपंथी ताकतेंकिरेण रिजिजूबांग्लादेश कनेक्शनभाजपामोदी सरकारलोकसभावक्फ कानून संशोधनविपक्ष का विरोधसंसदीय समितियां
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुस्लिम देशों से ज्यादा वक्फ बोर्ड हिंदुस्तान में कैसे हुआ मजबूत? सेना से ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड ने कैसे जुटाई ?

अगली पोस्ट

हरियाणा चुनाव : रायशुमारी के जरिये उम्मीदवारों की लोकप्रियता जांचेगी भाजपा

संबंधित पोस्ट

गगनयान मिशन: ISRO ने Crew और Service Module को अलग करने का टेस्ट किया सफल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों है अहम?
चर्चित

गगनयान मिशन: ISRO ने Crew और Service Module को अलग करने का टेस्ट किया सफल, अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्यों है अहम?

16 October 2026

भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक अहम पड़ाव पार किया है। इसरो ने Crew...

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी
चर्चित

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

16 October 2026

केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इस सत्र में लोकसभा की सीटें बढ़ाने, परिसीमन की प्रक्रिया में बदलाव और महिला...

मेरठ सर्पदंश हत्याकांड
चर्चित

मेरठ सर्पदंश हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

16 October 2026

मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में हुए चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited