TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वो मुगल बादशाह जो बनवाता था अपनी नग्न पेंटिंग, तवायफों की टांगों पर कराता था चित्रकारी: जब अय्याशी में डूबी गद्दी और लुटी दिल्ली

दिल्ली दरबार को ही पूरे भारत का इतिहास बताने पर तुली किताबें मुगलों के बारे में औरंगजेब पर आकर चुप क्यों हो जाती हैं?

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
25 November 2024
in इतिहास
रंगीला के दौर में सिर्फ ना गीत-संगीत और शायरी को बढ़ावा मिला बल्कि उसके दौर में पीर-फकीरों की गिनती भी दिल्ली में उतनी ही बढ़ गयी थी।

रंगीला के दौर में सिर्फ ना गीत-संगीत और शायरी को बढ़ावा मिला बल्कि उसके दौर में पीर-फकीरों की गिनती भी दिल्ली में उतनी ही बढ़ गयी थी।

Share on FacebookShare on X

सबसे पहली बात तो ये है कि जिन्हें हमलोग मुगल कहते हैं, उन्हें मुगल नाम से बड़ी चिढ़ थी। वो लोग खुद को तैमूरी कहना कहलवाना पसंद करते थे। इस खानदान का जिक्र औरंगजेब के समय तक तो आता है, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, ये कोई नहीं बताता। जिस बहादुरशाह जफर का जिक्र सुनाई देता भी है, वो तो औरंगजेब के बाद दस से अधिक पीढ़ियों के गुजरने के बाद का था। असल में ये चर्चा इसलिए नहीं होती क्योंकि औरंगजेब के जीते-जी ही, 1702 में मुहम्मद शाह रंगीला पैदा हो चुका था। कट्टरपंथी औरंगजेब जहाँ एक तरफ इस्लामिक ताकतों को बढ़ावा दे रहा था। 1661 में दारा शिकोह को इस्लाम से दूर जाने के कारण कत्ल करके जबसे वो सत्ता में आया था, तभी से उसके ऐसे प्रयास जारी थे।

औरंगजेब का मजहबी दौर

दारा शिकोह के गुरुओं में से एक माने जाने वाले सरमद को उसने बादशाह बनते ही दरबार में बुलवा लिया था। पूछताछ में सरमद को कलमा पढ़ने कहा गया था और सरमद “ला इलाहा” तक बोलकर चुप हो गए। वाक्य के इतने से टुकड़े का अर्थ होता है कोई खुदा नहीं है! दरबार में मौजूद मौलवी इस बात पर भड़क उठे और सरमद को घसीटते हुए ले जाकर उसका सर कलम कर दिया गया। असल में मौलानाओं को सरमद के नंगे घूमने से भी आपत्ति थी। उस दौर में दिल्ली में रह रहे अंग्रेज चिकित्सक बर्नियर ने जो वाकये लिखे हैं, उनसे ऐसा लगता है कि जब औरंगजेब सत्ता में आया था, उस समय केवल सरमद ही नहीं, कई फकीर दिल्ली की सड़कों पर नंगे घूमते दिख जाते थे और लोगों को ये आपत्तिजनक भी नहीं लगता था।

संबंधितपोस्ट

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

कुरुक्षेत्र से हरित संदेश: धर्म और प्रकृति का राष्ट्रीय संकल्प

कोहिनूर: भारत की धरती से ब्रिटिश ताज तक – लूट और अपमान की गाथा

और लोड करें

अपने दौर में औरंगजेब ने इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक गीत-संगीत को हराम मानते हुए, उसपर पाबन्दी भी लगा दी थी। कहते हैं कि इसकी वजह से संगीतकार वगैरह भूखों मरने लगे और विरोध करने के लिए उन्होंने वाद्य यंत्रों का जनाजा भी जामा मस्जिद से निकाला था। सिक्खों के गुरु तेगबहादुर की हत्या के पीछे भी औरंगजेब की इस्लामिक मान्यताएं ही थीं। जब गुरु तेगबहादुर इस्लाम कबूलने को तैयार नहीं हुए तो उनके शिष्यों को अनगिनत यातनाएं देकर मारने के बाद गुरु तेगबहादुर का भी सर-तन जुदा कर दिया गया। जब पाबंदियां इतनी बढ़ रही हों तो जाहिर है अन्दर ही अन्दर जनता में विरोध भी बढ़ रहा होगा।

मुहम्मद शाह रंगीला का काल

जब 1702 में मुहम्मद शाह रंगीला पैदा हुआ तो उसका नाम रौशन अख्तर था। बाद में जब 29 सितम्बर 1719 को शाही ईमाम सैय्यद ब्राद्रान ने सत्रह साल की उम्र में ताजपोशी की तो उसका नाम अबु अल फतह नसीरुद्दीन रोशन अख्तर मुहम्मद शाह का नाम दे दिया। इतना लम्बा नाम कोई बोलना-लिखना नहीं चाहता इसलिए उनका तखल्लुस ‘सदा रंगीला’ जोड़कर उनका नाम ही मुहम्मद शाह रंगीला पड़ गया है। ऐसा नहीं है कि मुहम्मद शाह रंगीला के दौर में सिर्फ गीत-संगीत और शायरी इत्यादि को ही बढ़ावा मिला। उस दौर में पीर-फकीरों की गिनती भी दिल्ली में उतनी ही बढ़ गयी थी। यानि कि औरंगजेब ने जिन दो चीजों पर इस्लामिक पाबंदियां लगवाई थीं, उन दोनों को मुहम्मद शाह रंगीला के दौर में खूब प्रश्रय मिला।

तवायफ ने निचले हिस्से पर बनाईं फूल-पत्तियां

दिल्ली में मुहम्मद शाह रंगीला के दौर में हजरत अली, निजामुद्दीन औलिया, कुतुब साहब की दरगाह और ऐसी दूसरी दरगाहों पर उनके मानने वालों की भीड़ लगी रहती थी। संगीत के मामले में उस दौर में अदा रंग और सदा रंग का खूब नाम हुआ। यहाँ तक कि नादिर शाह ने जो दिल्ली को लूटा, उसमें भी उसकी मदद एक तवायफ कर रही थी जो अमीरों का पता बताती जाती थी और कोहिनूर हीरे के बारे में भी बता दिया था, ऐसा माना जाता है।

नूर बाई नाम की इस तवायफ के बारे में कहा जाता है कि अमीरों की ऐसी भीड़ उसकी महफिल में लगती थी कि हाथियों से सड़क जाम हो जाती थी। एक दूसरी तवायफ अद बेगम के बारे में कहा जाता था कि वो पायजामा नहीं पहनती बल्कि बदन के निचले हिस्से पर फूल-पत्तियां बना लेती हैं। ऐसी नक्काशी होती है कि कारीगरी है, पायजामा नहीं पहना, ये कोई भांप ही नहीं पाता! ये दौर शायर मीर तकी मीर की जवानी का दौर था।

नपुंसकता की उड़ी खबर तो बनवाई नग्न पेंटिंग

औरंगजेब के दौर में कला के सभी तरीकों पर जो पाबंदियां लगीं, उसमें चित्रकारी भी बंद थी। वो मुहम्मद शाह रंगीला के दौर में दोबारा जीवित हो गयी। तवायफ के पैरों पर ही नहीं, दूसरे माध्यमों पर भी चित्रकारी होने लगी। कला का रूप भी बदलने लगा। जैसे अकबर के दौर के मुगल पेंटिंग में जब चित्तौड़ पर विजय के बाद कटे सरों की मीनारें बनवाने वाली पेंटिंग में कोई खाली जगह नहीं होती। पूरा कैनवास भरा होता है। मुहम्मद शाह रंगीले के दौर में मुगल पेंटिंग (जिसे शायद तैमूरी पेंटिंग कहना चाहिए) में काफी खाली जगह और हल्के रंगों का प्रयोग होने लगा। एक तस्वीर में मुहम्मद शाह रंगीला एक कनीज के साथ सम्भोग करते नजर आते हैं। कहा जाता है कि एक बार दिल्ली में अफवाह उड़ी कि मुहम्मद शाह रंगीला नपुंसक है। उसी अफवाह को झूठ साबित करने के लिए ये पेंटिंग बनवाई गयी थी।

जाहिर ही है कि रंगीला अपने नाम की ही तरह रंगीन मिजाज का था और युद्ध आदि से उसका ज्यादा वास्ता नहीं था। अपने जीवन काल में वो सिर्फ एक बार जंग के मैदान में उतरा, जब अय्याश हो चुकी, लाख से ऊपर की मुगल फौजें करीब 55 हजार नादिर शाह की फौजों से बुरी तरह हार गयी। इसके नतीजे में दिल्ली को नादिर शाह ने जमकर लूटा था। इसे मानवीय इतिहास की सबसे बड़ी डकैती माना जाता है। उस वक्त के हिसाब से 70 करोड़, यान आज के हिसाब से दस लाख पचास हजार करोड़ रूपए की लूट ईरानी नादिर शाह के हाथ लगी थी।

रंगीले की मौत

मुहम्मद शाह रंगीला बेहिसाब शराब पीने के अलावा अफीम का भी नशा करता था। एक दिन अचानक दौर पड़ा और अप्रैल 1748 में मुहम्मद शाह रंगीला की मौत हो गयी। ये वही साल था जब नादिर शाह के ही सिपहसालारों में से एक रहे अहमद शाह अब्दाली ने हिन्दुस्तान पर हमलों की शुरुआत कर दी थी। उसके हमलों से मराठे लड़ रहे थे, इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि औरंगजेब के बाद मुगल सल्तनत का क्या हाल था। दिल्ली दरबार को ही पूरे भारत का इतिहास बनाने-बताने पर तुली हमारी वामपंथी झुकाव वाली इतिहास की किताबें मुगलों के बारे में औरंगजेब पर आकर चुप क्यों हो जाती हैं, ये मुहम्मद शाह रंगीला के नाम से पता चल जाता है।

स्रोत: मुगल सम्राट, औरंगजेब, मुहम्मद शाह रंगीला, मुगल इतिहास, इस्लामिक पाबंदियाँ, दारा शिकोह, सरमद, गुरु तेग बहादुर, नादिर शाह, दिल्ली का इतिहास, अहमद शाह अब्दाली, Mughal Emperor, Aurangzeb, Muhammad Shah Rangeela, Mughal History, Dara Shikoh, Sarmad, Guru Tegh Bahadur, Nadir Shah, History of Delhi, Ahmed Shah Abdali
Tags: Ahmed Shah AbdaliAurangzebDara ShikohGuru Tegh BahadurHistory of DelhiMughal EmperorMughal HistoryMuhammad Shah RangeelaNadir ShahSarmadअहमद शाह अब्दालीइस्लामिक पाबंदियाँऔरंगजेबगुरु तेग बहादुरदारा शिकोहदिल्ली का इतिहासनादिर शाहमुगल इतिहासमुगल सम्राटमुहम्मद शाह रंगीलासरमद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान के मंदिर: वरुण देव के 1000 साल पुराने मंदिर को बना दिया था शौचालय, अब हिंदू करवा रहे भव्य निर्माण

अगली पोस्ट

बांग्लादेश में ISKCON के अध्यक्ष को उठा ले गई पुलिस, सनातन ध्वज फहराने पर लगा दिया देशद्रोह का केस: हिन्दुओं को कर रहे थे एकजुट

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited