TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देवेंद्र फडणवीस के साथ पटरी पर महाराष्ट्र की राजनीति

पीएम मोदी और शाह के नेतृत्व में भाजपा ने अपनी पार्टी और दोनों साझेदारों को किसी स्तर पर नाराज होने का अवसर नहीं दिया

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
6 December 2024
in मत, राजनीति
देवेंद्र फडणवीस के साथ पटरी पर महाराष्ट्र की राजनीति
Share on FacebookShare on X

देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के साथ महाराष्ट्र की राजनीति के स्थिर आयाम तक पहुंचने का संकेत मिल रहा है‌। वर्तमान विधानसभा चुनाव परिणाम का स्वाभाविक राजनीतिक फलितार्थ यही हो सकता था। 2014 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र की राजनीति के जिस दौर की शुरुआत हुई उस पर 2019 में ग्रहण लगने का कोई स्वाभाविक कारण नहीं था। भाजपा और शिवसेना दोनों को मिलाकर जनता ने 161 सीटों का बहुमत दिया था लेकिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मुख्यमंत्री के रूप में फडणवीस को समर्थन देने से इनकार कर स्वयं अपनी दावेदारी पेश की। यहां से महाराष्ट्र की राजनीति अस्वाभाविक, अनैतिक और अस्थिरता के ऐसे दौर में उलझी जहां राजनीतिक विचारधारा का सबसे बड़ा संभ्रम कायम हुआ। शरद पवार के नेतृत्व में राकांपा और कांग्रेस तो राजनीतिक साझेदार थे ही लेकिन महाराष्ट्र में आक्रामक हिंदुत्व की राजनीति वाले शिवसेना ने सत्ता के नेतृत्व के लिए जिस तरह रंग बदला उसे जनता की स्थाई स्वीकृति मिलनी 2014 से भारत में आरंभ हुई राजनीति के दौर के बीच असाधारण घटना होती।

सच कहें तो महाराष्ट्र की राजनीतिक सत्ता अब स्वाभाविक विचारधारा की पटरी पर आ गई है। वैसे तो जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के अंदर हुए विद्रोह ने ही संदेश दे दिया कि अस्वाभाविक वैचारिकता के घुटन को बड़ा वर्ग स्वीकार करने को तैयार नहीं। दूसरी ओर जब अजीत पवार के नेतृत्व में राकांपा भी इस ओर आ गई तो साफ हो गया कि महाराष्ट्र के सत्ता समीकरण में कांग्रेस को छोड़ किसी दल के अंदर सहजता नहीं थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी के प्रभावी प्रदर्शन ने फिर एक बार स्वाभाविक राजनीति पर ग्रहण लगाया लेकिन निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ विश्लेषक मान रहे थे कि यह भी एक अस्थाई परिघटना ही है। लोकसभा चुनाव में कई कारकों ने महाराष्ट्र के साथ उत्तर प्रदेश तथा इससे कम परिमाण में कुछ दूसरे राज्यों में अपनी भूमिका निभाई जिसे भाजपा नेतृत्व में राजग की सीटें कम हुईं। परिणाम के बाद स्वयं मतदाताओं को भी लगा उनसे गलती हो चुकी है। पहले हरियाणा और फिर महाराष्ट्र में मतदाताओं ने अनुकूल परिस्थितियों, सक्षम नेतृत्व एवं समीकरणों की सहजता को देखते हुए अपना जनादेश दे दिया।

संबंधितपोस्ट

DUSU Results 2026: छात्रों की गूंज किसके साथ? ABVP की 3 सीटों की जीत, क्या बता रहे हैं Gen Z के ये नतीजे?

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

और लोड करें

किसी भी नेता के मुख्यमंत्री बनने के बाद गठबंधन विजयी हो और सरकार में होते हुए फिर उसे पद पर न लाया जाए तो समस्या होती है। चुनाव परिणाम के बाद सरकार गठन में लगभग दो सप्ताह का समय इसी कारण लगा क्योंकि देवेंद्र को नेता के रूप में स्वीकार करने के लिए एकनाथ शिंदे को तैयार करना था या उन्हें तैयार होना था। चुनाव परिणाम से इतना तो साफ है कि एकनाथ शिंदे के विद्रोह को शिव सैनिकों ने स्वीकार किया और उन्होंने इतने प्रभावी परिवार से पार्टी को अलग कर स्वाभाविक पटरी पर लाने की अकल्पनीय भूमिका निभाई। जून 2022 में भाजपा नेतृत्व के सामने सरकार की स्थिरता और सुदृढ़ता के लिए आवश्यक था कि शिंदे को नेतृत्व दिया जाए। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें स्थाई रूप से मुख्यमंत्री बनाने का कोई वचन दिया होता तो वह अवश्य इसकी चर्चा करते। पूरे चुनाव अभियान के दौरान कोई भी मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश नहीं किया गया। शिंदे के समर्थक और शिवसैनिकों का निश्चित रूप से एक बड़ा वर्ग फिर से उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता होगा लेकिन ऐसा जारी रहना ही फिर महाराष्ट्र की राजनीति के अस्वाभाविक अस्थिर होने का कारण बन जाता। शिंदे को भी जन प्रतिक्रिया का आभास होगा एहसास हो गया होगा कि उद्धव ठाकरे के विरुद्ध विद्रोह से निर्मित सशक्त नेता की उनकी छवि सरकार गठन में बाधा बनने से काफी कमजोर हो रही है। उनकी वर्तमान भूमिका भविष्य पर ग्रहण लग रहा था। कह सकते हैं कि दूसरे साझेदार अजीत पवार के साथ भाजपा को बहुमत मिल गया था और इसमें शिंदे की अपरिहार्यता नहीं रह गई थी। यह सतह पर दिखने वाला एक पहलू है। भाजपा नेतृत्व को पता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में उनके लिए शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना का साथ विचारधारा के आधार पर दीर्घकालिक काम करने के लिए आज आवश्यक है।

वैसे गठबंधन में साझेदार होने के कारण अजीत पवार के मंतव्य का भी नेतृत्व के संदर्भ में महत्व था और उन्होंने भी परिपक्वता दिखाई। सच कहें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने दूरगामी सोच के साथ अपनी पार्टी और दोनों साझेदारों को किसी स्तर पर असंतुष्ट और नाराज होने का अवसर नहीं दिया। संघ की भी प्रभावी सक्रियता थी। यही कारण था कि सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन तक में थोड़ी बहुत हल्के फुल्के मतभेद होते हुए भी तीनों पार्टियों तथा प्रमुख नेता बिल्कुल एकजुट होकर चुनाव लड़ते रहे। किसी ने भी एक दूसरे के विरुद्ध भ्रम पैदा होने का एक बयान नहीं दिया। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है एकनाथ शिंदे जब उद्धव ठाकरे के विरुद्ध विद्रोह कर बाहर आए थे तो उन्हें भी भान नहीं था कि भाजपा उनके हाथों सरकार का नेतृत्व सौंप देगी।भाजपा के पास विधानसभा में 105 सीटें थीं। जब पत्रकार वार्ता में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में उनके नाम की घोषणा की तो उन्होंने बिल्कुल एक शत-प्रतिशत कृतज्ञ भरे भाव के साथ इसे देवेंद्र की महानता और विशेष कृपा करार दिया था। तो उनके अंदर भी यह भाव अवश्य रहा होगा कि देवेंद्र फडणवीस ही भाजपा और गठबंधन के स्वाभाविक नेता होंगे। वैसे देवेंद्र की शिंदे को गठबंधन से बाहर लाने में बहुत बड़ी भूमिका थी। उन्होंने उद्धव ठाकरे और शरद पवार दोनों के विरुद्ध राजनीतिक मोर्चा खोला और पवार को तो सीधी चुनौती दी।

अब प्रश्न है कि आगे सरकार की दिशा क्या होगी? पूरे चुनाव अभियान में देवेंद्र फडणवीस की छवि एक परिपक्व व आत्मविश्वास से भरे हिन्दुत्ववादी शुद्ध स्वयंसेवक भाजपा नेता की बनी। उन्होंने प्रदेश में कट्टरपंथी मुस्लिम नेताओं और उनका समर्थन देने वाले महाविकास आघाड़ी के विरुद्ध लगातार प्रखर आक्रमणों से अपनी छवि वर्तमान राजनीतिक धारा के अनुरूप बनाई। संघ और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इसकी हरी झंडी थी इसलिए उन्हें खुलकर सामने आने में समस्या भी नहीं हुई। इस मंच से उनके द्वारा द्वारा गाए जा रहे जागो हिंदू गीत भी वायरल था और इसका असर हुआ। भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि पहले से प्रखर हिंदुत्ववादी नेता की है। देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक जीवन का यहां से नए दौर की शुरुआत हुई है और महाराष्ट्र में भी आने वाले समय में हमें देश व प्रदेश के लिए अति आवश्यक कट्टर इस्लामवाद के विरुद्ध प्रखर हिंदुत्व की नीति साफ दिखाई देगी। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में हिंदवी स्वराज से लेकर अहिल्याबाई होल्कर का नाम लिया और फिर उसी श्रेणी में बाबा साहब से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य भाजपा नेताओं तथा समर्थन देने वाले विधायकों तक का उल्लेख कर अपनी राजनीतिक धारा को बिल्कुल स्पष्ट किया।

एक है तो सेफ है और बंटेंगे तो कटेंगे नारे को लेकर महायुति में लगा कि मतभेद है। अजीत पवार ने योगी आदित्यनाथ के बटेंगे तो कटेंगे के विरुद्ध बयान दिया। लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने अपने साक्षात्कार में स्पष्ट कह दिया कि योगी जी ने कुछ भी गलत नहीं बोला है। औरंगाबाद में उन्होंने वोट जिहाद को वोट के धर् युद्ध से पराजित करने की घोषणा की और इनका भी चमत्कारी कसर हुआ। अजीत पवार के बारे में भी उनकी टिप्पणी थी कि वह बहुत बाद गठबंधन में आए हैं और धीरे-धीरे उन्हें भी समझ में आ जाएगा। यह सरकार गठन के पूर्व भावी नीतियों को लेकर घोषणा थी। यानी गठबंधन का कोई दबाव संघ तथा भाजपा के अपने हिंदुत्व एजेंडा के मार्ग में बाधा नहीं बनेगा। यही विचारधारा शिवसेना शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के भी भाजपा के साथ बने रहने की गारंटी होगी। धीरे-धीरे शिंदे का व्यवहार भी समान्य पटरी पर आएगा। जब 5 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद देवेंद्र फडणवीस दूरगामी राजनीतिक हित को देखते हुए उपमुख्यमंत्री के रूप में काम कर सकते हैं तो फिर एकनाथ शिंदे क्यों नहीं?

स्रोत: देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र, नरेंद्र मोदी, एकनाथ शिंदे, अजित पवार, शिवसेना, बीजेपी, एनसीपी, शरद पवार, Devendra Fadnavis, Chief Minister, Maharashtra, Narendra Modi, Eknath Shinde, Ajit Pawar, Shiv Sena, BJP, NCP, Sharad Pawar
Tags: Ajit PawarBJPChief MinisterDevendra FadnavisEknath ShindeMaharashtraNarendra ModiNCPSharad PawarShiv Senaअजित पवारएकनाथ शिंदेएनसीपीदेवेंद्र फडणवीसनरेंद्र मोदीबीजेपीमहाराष्ट्रमुख्यमंत्रीशरद पवारशिवसेना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मराठा ‘चाणक्य’ जिसने बचा कर रखा मराठा सम्राज्य: तब अंग्रेज-निजाम-टीपू से था ख़तरा, बुद्धि से सबको दी मात

अगली पोस्ट

संसद में ‘कैश कांड’ पर बवाल, राज्यसभा में सिंघवी की सीट पर मिली नोटों की गड्डी

संबंधित पोस्ट

टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?
चर्चित

Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

23 September 2026

टाटा समूह के भीतर चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया कारोबारी कनेक्शन सामने आया है। चंद्रशेखरन...

Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान
चर्चित

Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

23 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC के लिए समर्थन जताते हुए पश्चिम एशिया की ऊर्जा व्यवस्था को ऐसे रास्तों पर...

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा
चर्चित

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

23 September 2026

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि पीएम मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited