नरसिंह राव का शव आया लेकिन कांग्रेस के मुख्यालय का द्वार नहीं खुला और बाहर ही सोनिया गांधी समेत बाकी नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम का आखिरी संदेश

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार का आखिरी संदेश, इस महान शख्स को किया था याद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर

    केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम का आखिरी संदेश

    हादसे से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार का आखिरी संदेश, इस महान शख्स को किया था याद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मनमोहन सिंह के स्मारक की मांग से खुद को ही कठघरे में लाई कांग्रेस

नरसिंह राव का शव आया लेकिन कांग्रेस के मुख्यालय का द्वार नहीं खुला और बाहर ही सोनिया गांधी समेत बाकी नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की

Awadhesh Kumar द्वारा Awadhesh Kumar
10 January 2025
in मत, राजनीति
गृह मंत्री अमित शाह जी की ओर से स्पष्ट किया गया कि मनमोहन सिंह का स्मारक बनाया जाएगा

गृह मंत्री अमित शाह जी की ओर से स्पष्ट किया गया कि मनमोहन सिंह का स्मारक बनाया जाएगा

Share on FacebookShare on X

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की मृत्यु उपरांत अंतिम संस्कार और स्मारक पर हुई और अभी तक हो रही राजनीति उचित तो नहीं विचित्र और विडंबनापूर्ण है। जो 10 वर्ष प्रधानमंत्री, 5 वर्ष वित्त मंत्री और इसके अलावा तीन दशक तक भारत के आर्थिक और वित्तीय नीति निर्माण से जुड़े रहे हों, उन्हें लेकर उनकी पार्टी और समर्थकों को संयमित वक्तव्य देना चाहिए। जब कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी तो उनके काल के निर्णयों, घटित घटनाओं आदि उनकी भूमिका सहित पार्टी के वर्तमान और अतीत की वो भूमिकाएं सामने लाई जाएंगी जिनका उत्तर देना कठिन होगा। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने उनकी मृत्यु के तुरंत बाद प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अंतिम संस्कार ऐसी जगह करने की मांग कर दी जहां स्मारक बनाया जा सके।

उसके बाद पार्टी ने सरकार को आरोपित करना आरंभ कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह जी की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनका स्मारक बनाया जाएगा और अंतिम संस्कार राजधानी दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया। प्रश्न उठाया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार निगम बोध पर क्यों किया गया? देश में जब ऐसे विवाद उठते हैं तो ज्यादातर लोग तात्कालिक भावनाओं और वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं और राजनीति में जितना तीखा विभाजन है, पक्ष-विपक्ष में हमले-प्रतिहमले, आरोप-प्रत्यारोप आरंभ हो जाते हैं। ऐसे विषयों पर निष्पक्षता से सच्चाई और तथ्यों के साथ वर्तमान और संभाली परिदृश्यों को नहीं रखा जाए तो अनेक प्रकार की गलतफहमियां बनी रहतीं हैं। कांग्रेस द्वारा बड़ा मुद्दा बनाए जाने के बाद भाजपा ने अतीत के पन्ने पलटे हैं।

संबंधितपोस्ट

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि, 1943 में पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराने की घटना को किया याद

और लोड करें

पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार समुचित सम्मान के साथ होना चाहिए और व्यक्तित्व प्रेरिक है तो स्मारक भी बनना चाहिए। पहले इस मामले में कांग्रेस के अतीत पर बात करते हैं। कांग्रेस और मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाले संप्रग सरकार के दौरान चार पूर्व प्रधानमंत्रियों पीवी नरसिंह राव, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर और इंदर कुमार गुजराल की मृत्यु हुई। क्या इनमें से किसी के दिल्ली में स्मारक बनाने पर चर्चा भी हुई? पीवी नरसिंह राव कांग्रेस के थे और डॉ मनमोहन सिंह को उन्होंने ही वित्त मंत्री बनाया जहां से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। उनका परिवार राजधानी में अंतिम संस्कार चाहता था। वे कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके थे और पार्टी मुख्यालय में उनका शव अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए रखा जाना चाहिए था।

नरसिंह राव का शव आया लेकिन कांग्रेस के मुख्यालय का द्वार नहीं खुला और बाहर ही तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित बाकी नेताओं और मंत्रियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। यह किसके आदेश या इशारे पर हुआ होगा क्या यह बताने की आवश्यकता है? कांग्रेस का तर्क है कि नरसिंह राव ने स्वयं प्रदेश में अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी। ऐसा था तो उनके परिवार से बात किसी ने क्यों नहीं की? आज भी उनके परिवार के लोग बताते हैं कि उनकी किसी ने नहीं सुनी। पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणव मुखर्जी की बेटी समिष्ठा मुखर्जी ने कहा है कि हमारे पिताजी ने उनके शव को कांग्रेस कार्यालय के अंदर लाने के लिए कहा किंतु ऐसा नहीं किया गया। शायद भारत के राजनीतिक इतिहास में मृत्यु के बाद इस तरह का व्यवहार किसी के साथ नहीं हुआ होगा।

यह भी सही है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की मुंबई में मृत्यु के पश्चात प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद को कहा था कि आपको किसी कैबिनेट मंत्री के अंतिम संस्कार में भाग नहीं लेना चाहिए। नौकरशाहों से लेकर अनेक लोगों को यह संदेश दिया गया था। हालांकि पंडित नेहरू स्वयं गए थे और उनकी बात न मानकर डॉ राजेंद्र प्रसाद सहित अनेक लोगों ने पहले गृह मंत्री के अंतिम संस्कार में भाग लिया। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में नहीं हुआ लेकिन स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर संविधान निर्माण और विभाजन की विभीषिका के पश्चात रियासतों का विलय कर देश की एकता-अखंडता सुरक्षित रखने की उनकी सर्वोपरि भूमिका का ध्यान रखते हुए स्मारक अवश्य बनना चाहिए था।

डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष और पहले राष्ट्रपति थे। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर गांधी विचारों और भारतीय संस्कृति के अनुरूप त्यागमयी जीवन जीने वाले राजेंद्र बाबू का कोई स्मारक दिल्ली में नहीं बनाया। संविधान निर्माण के बाद संविधान सभा के भाषणों को पढ़िए तो राजेंद्र बाबू के योगदान को उस समय के नेताओं ने किन शब्दों में वर्णित किया है पता चल जाएगा। राजेंद्र बाबू को राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत होने के बाद पटना के सदाकत आश्रम में समय बिताना ना पड़ा और वही छोटी जगह में उन्होंने शरीर त्यागा। कोई वहां जाकर उनकी सादगी को देख सकता है।

इस पृष्ठभूमि में कांग्रेस की मांग को राजनीति के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता। राजधानी में महात्मा गांधी जी की समाधि राजघाट से आगे बढ़ते जाइए आपको अगले चौराहे सड़क तक राजीव गांधी, संजय गांधी ,इंदिरा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के स्मारक व समाधियां मिलेंगी। वहां जाने वालों की संख्या न के बराबर है तथा जंगल झाड़ इतने हैं कि कुछ ही क्षेत्र में कोई घूम सकता है। स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की समाधि के लिए सड़क के आगे जगह बनानी पड़ी। यूपीए शासन में राजीव गांधी की समाधि पर बार-बार नई परियोजनाएं आईं और बिना किसी आदेश के गांधी जी की समाधि के जमीनों का उपयोग हुआ, काफी भाग उसमें समाहित हो चुका है।

चौधरी चरण सिंह की मृत्यु के बाद जब दबाव बना तो गांधी जी की समाधि से ही काट कर जमीन दिया गया। नेहरू जी या अन्य की समाधि के कारण उस तरफ जगह नहीं मिली। सच यह है कि वर्तमान स्थिति के कायम रहते हुए भविष्य के प्रधानमंत्रियों के लिए उस क्षेत्र में जगह नहीं है। यह तभी हो सकता है जब इन्ही समाधियों के अंदर उनका अंतिम संस्कार हो और स्मारक बने। रास्ता प्रधानमंत्री संग्रहालय की तरह निकल सकता है। जवाहरलाल नेहरू स्मारक संग्रहालय आज प्रधानमंत्री संग्रहालय में बदल चुका है और उसकी बायलॉज ऐसे बने हैं कि अब किसी भी पार्टी के प्रधानमंत्री की मृत्यु के बाद उनकी स्मृतियां वहां रखी जाएगी। आने वाले समय में न जाने कितने प्रधानमंत्री होंगे इनका ध्यान रखते हुए संग्रहालय का यह परिवर्तन समयोचित और व्यावहारिक है। इसी तरह अंतिम संस्कार और स्मारकों की भी व्यवस्था हो सकती है। क्या कांग्रेस अपने प्रथम परिवार के लोगों के स्थान से दूसरे को जगह देने के लिए तैयार होगी?

क्या देश में केवल प्रधानमंत्री को लेकर ही स्मारक या सम्मानजनक अंतिम संस्कार की बात होनी चाहिए? देश में बगैर पद लिए हुए भी अनेक लोगों का अमूल्य योगदान होता है। 1942 की क्रांति के हीरो लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ राम मनोहर लोहिया कोई स्मारक दिल्ली में नहीं बनाया गया। जयप्रकाश जी ने 1950 के बाद पूरा जीवन गांधी जी के ग्राम स्वराज को समर्पित कर दिया था। विकट परिस्थितियों में उन्हें 1974 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का नेतृत्व संभालना पड़ा जिसके बाद आपातकाल लगा। विविध क्षेत्र में ऐसे अनेक लोगों का योगदान इस देश को यहां तक पहुंचाने या जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में है।

इसलिए हमारे सोचने का तरीका बदलना चाहिए। बगैर जनता के बीच काम कर लोकप्रियता प्राप्त किए हुए भी कोई प्रधानमंत्री बन सकता है। इंदर कुमार गुजराल और डॉ मनमोहन सिंह इसके उदाहरण हैं। निश्चित रूप से देश को इस दृष्टि से विचार करना चाहिए। तो तात्कालिक भावुकता या क्षणिक उत्तेजना में निष्कर्ष नहीं निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डॉ मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार संपूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया, सात दिनों का राजकीय शोक घोषित हुआ। कई पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों ने नहीं किया।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारतीय संस्कार अध्यात्म और संस्कृति दृष्टि है। यहां शरीर को नश्वर माना गया है और मृत्यु के पश्चात इसका कोई मूल्य नहीं। आत्मा मूल है, अजर-अमर है, पुनर्जन्म लेती है या मोक्ष मिलता है। भारतीय दृष्टि से सोचें तो जीवन अनंत यात्राओं का नाम है। शरीर के जीवन में हमारा नाम यहां दिया गया। अगले जन्म में कोई और रुप और नाम। इसी का ध्यान रखते हुए हमारे पूर्वजों ने मृत्यु के बाद मृतक से संबंधित सामग्रियां तक दान करने और तस्वीर तक न रखने की परंपरा बनी। समाधियां केवल उनकी होती थी जो दिव्यता प्राप्त कर समाधि लेते थे। कब्र के रुप में समाधियों की प्रवृत्ति इस्लाम, ईसाई या यहूदी आदि में रही है। किसी का स्मारक बने इसका जीवन सत्य से कोई लेना-देना नहीं है।

स्रोत: कांग्रेस, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पीवी नरसिंह राव, अटलबिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी, राजघाट, राजीव गांधी, चौधरी चरण सिंह, अमित शाह, नरेंद्र मोदी, Congress, Manmohan Singh, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, PV Narasimha Rao, Atal Bihari Vajpayee, Indira Gandhi, Rajghat, Rajiv Gandhi, Chaudhary Charan Singh, Amit shah, Narendra Modi
Tags: Amit ShahAtal Bihari VajpayeeChaudhary Charan SinghCongressIndira GandhiManmohan SinghNarendra ModiPV Narasimha RaoRahul GandhiRajghatRajiv Gandhisonia gandhiअटलबिहारी वाजपेयीअमित शाहइंदिरा गाँधीकांग्रेसचौधरी चरण सिंहनरेंद्र मोदीपीवी नरसिंह रावमनमोहन सिंहराजघाटराजीव गांधीराहुल गाँधीसोनिया गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दलितों को जातिसूचक गालियाँ, पीटा, बेटी को उठा ले गए… फिर भी मुस्लिमों को पीड़ित दिखा रहा मीडिया, कुशीनगर में कब थमेगा अत्याचार?

अगली पोस्ट

वर्क लाइफ बैलेंस: L&T चेयरमैन का वेतन कर्मियों के औसत से 534 गुना अधिक, हर हफ्ते 90 घंटे काम सेहत के लिए कितना खतरनाक?

संबंधित पोस्ट

भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा
भारत

भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

28 January 2026

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में एक बार फिर से नजदीकी देखने को मिल रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर विदेश मंत्री डॉ....

राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत
भारत

हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

28 January 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय संघ (EU) के  नेताओं के सम्मान में एक भव्य रात्रि भोज का आयोजन किया। इस...

केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर
भारत

केंद्रीय बजट 2026 से पहले देश की नजरें वित्त मंत्री पर, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं

28 January 2026

केंद्रीय बजट 2026 से पहले देशभर में बजट को लेकर उम्मीदें तेज़ हो गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को अपना...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited