TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रीहरिकोटा में ISRO ने जड़ा शतक, शून्य से लेकर सौवें प्रक्षेपण तक का गौरवशाली इतिहास

ISRO at 100*

himanshumishra द्वारा himanshumishra
29 January 2025
in चर्चित
GSLV-F15 lifts off with NVS-02 satellite in Isro's 100th launch

GSLV-F15 lifts off with NVS-02 satellite in Isro's 100th launch

Share on FacebookShare on X

एक समय था जब भारत के वैज्ञानिक सैटेलाइट्स को साइकिल पर ढोकर लॉन्च पैड तक ले जाते थे, और आज वही भारत GSLV-F15 जैसे अत्याधुनिक प्रक्षेपण यान के जरिए अंतरिक्ष में धाक जमा रहा है। कभी अमेरिका और पश्चिमी शक्तियों ने भारत को क्रायोजेनिक इंजन तकनीक देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि भारत आत्मनिर्भर बने। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन और ISRO के शतत प्रयासों ने वह कर दिखाया, जो कभी असंभव माना जाता था।

stunning visuals from the GSLV-F15/NVS-02 launch (Image Source: ISRO X)
stunning visuals from the GSLV-F15/NVS-02 launch (Image Source: ISRO X)

आज, जब ISRO ने अपने 100वें मिशन के रूप में श्रीहरिकोटा से GSLV-F15 ने श्री हरिकोटा से NVS-02 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया, तो यह न केवल भारत की वैज्ञानिक श्रेष्ठता का प्रमाण है, बल्कि उन सभी वैश्विक शक्तियों के लिए एक करारा जवाब भी है, जिन्होंने कभी भारत की अंतरिक्ष यात्रा को रोकने का प्रयास किया था। NVS-02 सैटेलाइट, जिसे इस मिशन के तहत सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया, भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

संबंधितपोस्ट

वेनेज़ुएला में विनाशकारी भूकंप: राजधानी काराकास में भारी तबाही, 32 की मौत, हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से खुल सकती है शांति की राह: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार

और लोड करें

ISRO का शतक

46 साल पहले, जब भारत ने पहला Satellite Launch Vehicle-3 (SLV-3) प्रक्षेपण किया था, तो वह दुर्भाग्यवश बंगाल की खाड़ी में गिर गया था। लेकिन इस असफलता ने भारतीय वैज्ञानिकों के हौसले को कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्हें और मजबूत बना दिया। आज उसी संघर्ष और मेहनत का नतीजा है कि ISRO ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपनी 100वीं सफल लॉन्चिंग को अंजाम देकर इतिहास रच दिया।

बुधवार, 29 जनवरी 2025 की सुबह 6:23 बजे, इसरो ने GSLV-F15 के जरिए NVS-02 उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजकर एक और स्वर्णिम उपलब्धि अपने नाम कर ली। स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन से लैस इस शक्तिशाली रॉकेट ने मात्र 19 मिनट में उपग्रह को सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया, जो भारत की बढ़ती वैज्ञानिक ताकत और आत्मनिर्भरता का एक और प्रमाण है।

🌍 A view like no other! Watch onboard footage from GSLV-F15 during the launch of NVS-02.

India’s space programme continues to inspire! 🚀 #GSLV #NAVIC #ISRO pic.twitter.com/KrrO3xiH1s

— ISRO (@isro) January 29, 2025

GSLV-F15 का यह मिशन केवल एक लॉन्च नहीं, बल्कि भारत की अपनी वैश्विक नेविगेशन प्रणाली (NavIC – Navigation with Indian Constellation) को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उपग्रह भारत को सटीक नेविगेशन, सैन्य उपयोग, आपदा प्रबंधन और संचार सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाएगा। GSLV-F15 जब 2,250 किलोग्राम वजनी NVS-02 उपग्रह को लेकर सुबह के आसमान में गरजा, तो यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया। लॉन्च के 19 मिनट बाद, यह सैटेलाइट Geosynchronous Transfer Orbit (GTO) में स्थापित कर दिया गया। GTO वह कक्षा है, जो सैटेलाइट्स को Geostationary Orbit में पहुँचाने में मदद करती है, जिससे वे संचार, मौसम विज्ञान और सामरिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कर सकते हैं।

ISRO की यह 100वीं लॉन्चिंग कई ऐतिहासिक अभियानों की सफलता के बाद आई है। चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य L-1, गगनयान जैसे मिशनों ने पहले ही भारत को एक अंतरिक्ष महाशक्ति बना दिया है। PSLV, GSLV और SSLV जैसे लॉन्च वाहनों के माध्यम से इसरो लगातार अंतरिक्ष की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

क्या है NavIC सिस्टम?

NavIC (Navigation with Indian Constellation) भारत का स्वदेशी GPS प्रणाली है, जिसे सटीक स्थिति (Position), गति (Velocity) और समय (Timing – PVT) सेवाएं प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली भारत और इसके 1,500 किलोमीटर के दायरे तक सटीक नेविगेशन सेवाएं देने में सक्षम है।

NavIC दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है— स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विस (SPS) और रिस्ट्रिक्टेड सर्विस (RS)। SPS आम जनता के लिए उपलब्ध है और यह 20 मीटर से बेहतर लोकेशन सटीकता और 40 नैनोसेकंड से बेहतर समय सटीकता प्रदान करता है। वहीं, RS विशेष रूप से अधिकृत उपयोगकर्ताओं, जैसे कि रक्षा और सरकारी एजेंसियों के लिए सुरक्षित और अधिक उन्नत सेवा है।

NavIC प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए NVS-01 से NVS-05 तक के पाँच नए सेकंड-जनरेशन NavIC उपग्रहों की योजना बनाई गई है। इन उपग्रहों में L1 बैंड संचार प्रणाली जोड़ी गई है, जिससे यह अधिक उपकरणों और अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी बन सके। इस श्रृंखला का पहला उपग्रह NVS-01 को 29 मई 2023 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।

अब NVS-02 उपग्रह NavIC की सेवाओं को और सटीक बनाने में मदद करेगा। यह उपग्रह नेविगेशन, सटीक कृषि, आपातकालीन सेवाएं, फ्लीट मैनेजमेंट और मोबाइल लोकेशन सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें L1, L5 और S बैंड्स पर काम करने वाला एक उन्नत नेविगेशन पेलोड मौजूद है, जिससे यह उच्च स्तर की सटीकता सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा, इसमें रूबिडियम एटॉमिक फ्रिक्वेंसी स्टैंडर्ड (RAFS) नामक अत्यंत सटीक परमाणु घड़ी है, जो समय मापन में अद्भुत सटीकता प्रदान करती है। NavIC प्रणाली भारत को आत्मनिर्भर बनाते हुए, संचार और नेविगेशन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा रही है।

आसान नहीं थी क्रायोजेनिक स्वतंत्रता की यात्रा

29 जनवरी को ISRO के GSLV-F15 ने अपने 100वें लॉन्च के साथ एक नई सफलता को छुआ। इस उड़ान में स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का 11वां इस्तेमाल किया गया, और भारत ने फिर से यह साबित किया कि वह अब किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष की दुनिया में एक मजबूत महाशक्ति बन चुका है। लेकिन इस यात्रा की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी।

1990 के दशक में जब भारत ने क्रायोजेनिक इंजन के लिए रूस से संपर्क किया था, तब अमेरिका, फ्रांस और चीन जैसे कुछ ही देशों के पास यह तकनीक थी। क्रायोजेनिक इंजन की संवेदनशीलता, खासकर उनके सैन्य उपयोगों के कारण, कई देश भारत की मदद करने में हिचकिचा रहे थे।

1991 में सोवियत संघ की अंतरिक्ष एजेंसी, ग्लेवकोस्मोस ने भारत को क्रायोजेनिक तकनीक देने पर सहमति दी थी, लेकिन अमेरिका ने इसका कड़ा विरोध किया और दोनों देशों के अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिए। इसके बाद जब सोवियत संघ का विघटन हुआ, तो रूस ने यह तकनीक देने से इनकार कर दिया और भारत को सिर्फ क्रायोजेनिक इंजन बेचने का प्रस्ताव दिया, बिना उसकी तकनीक के। यह एक बड़ा झटका था, लेकिन भारत ने इसे अपनी क्षमता को साबित करने का एक अवसर माना।

भारत ने इस चुनौती का सामना किया और 2003 में अपने पहले स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया। इसके बाद, 2014 में भारत ने अपने पहले स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के साथ सफल उड़ान भरकर अंतरिक्ष में अपनी ताकत साबित की।

आज, 29 जनवरी को GSLV-F15 की सफलता इस यात्रा का एक और अहम पड़ाव है, जो दिखाता है कि भारत ने अपनी तकनीकी और रणनीतिक ताकत को विश्व पटल पर मजबूत किया है। यह सफलता सिर्फ एक तकनीकी जीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रतीक है। भारत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है और इसकी शक्ति पूरी दुनिया के सामने है।

स्रोत: GSLV-F15, इसरो, NVS-02 सैटेलाइट, श्रीहरिकोटा, सोवियत संघ, अमेरिका, क्रायोजेनिक इंजन, GSLV-F15, ISRO, NVS-02 satellite, Sriharikota, Soviet Union, America, cryogenic engine
Tags: Americacryogenic engineGSLV-F15ISRONVS-02 satelliteNVS-02 सैटेलाइटSoviet UnionSriharikotaअमेरिकाइसरोक्रायोजेनिक इंजनश्रीहरिकोटासोवियत संघ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘भगदड़ मच सकती है, उठ जाओ-स्नान कर लो’: यूपी पुलिस ने पहले ही भांप लिया था ख़तरा, घूम-घूम कर माइक से समझा रहे थे कमिश्नर

अगली पोस्ट

1954 में 1000 मौतें, 1986 में 200 मरे: कभी नेहरू तो कभी कांग्रेसी CM को VIP ट्रीटमेंट बना हादसे का कारण

संबंधित पोस्ट

CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली में हंगामा
चर्चित

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

20 July 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली में कई जगह तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन को देखते हुए...

CJP के 'चलो संसद' मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट
चर्चित

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, कई रास्तों पर सुरक्षा कड़ी

20 July 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस...

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited