TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

60 साल पुराने हिंसक आंदोलन को फिर हवा देने की कोशिश कर रही डीएमके! जानें क्या है थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला जिसके खिलाफ युद्ध की चेतावनी दे रहे स्टालिन

हिंदी विरोध के नाम पर सियासी रोटियां सेक रहे रहे सीएम स्टालिन

himanshumishra द्वारा himanshumishra
26 February 2025
in चर्चित, राजनीति
Tamil Nadu Hindi Controversy

Tamil Nadu Hindi Controversy

Share on FacebookShare on X

तमिलनाडु(Tamil Nadu) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम.के. स्टालिन इस नीति के खिलाफ खुलकर विरोध जता रहे हैं। उनका दावा है कि यह नीति तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की साजिश है। लेकिन क्या यह सच में भाषा की लड़ाई है, या फिर डीएमके की वही पुरानी विभाजनकारी राजनीति।

तमिल अस्मिता और द्रविड़ गौरव के नाम पर डीएमके ने तमिलनाडु की जनता को दशकों तक हिंदी विरोध के ज़रिए गुमराह किया है। जब देश के बाकी हिस्से बहुभाषी शिक्षा अपनाकर युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, तब डीएमके अब भी भाषा विवाद को हवा देकर तमिलनाडु के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा से दूर कर रही है।

संबंधितपोस्ट

भ्रष्टाचार की सड़ांध और चेन्नई से Wintrack Inc की विदाई: जब सरकार और अफ़सर दोनों जिम्मेदार हों

करुर भगदड़: राजनीति के मंच पर मानव जीवन की त्रासदी

भाजपा का चुनावी महायज्ञ: तमिलनाडु से बंगाल और बिहार तक हर किले पर भगवा फहराने की तैयारी

और लोड करें

2026 के विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं, और डीएमके को फिर वही पुराना मुद्दा चाहिए – हिंदी विरोध। मुख्यमंत्री स्टालिन ने मंगलवार को इस विवाद को और हवा देते हुए इसे ‘एक और भाषा युद्ध’ करार देते हुए कहा कि 1965 में डीएमके ने “बलिदान” देकर हिंदी से तमिल की रक्षा की थी। लेकिन क्या यह वास्तव में तमिल भाषा की रक्षा का मुद्दा है, या फिर चुनावी फायदा उठाने की एक और चाल?

ऐसे में जहां तमिलनाडु की इस राजनीति ने सुर्खियां बटोर ली हैं वहां आपके मन में दो बड़े सवाल जरूर उठ रहे होंगे। पहला थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला के खिलाफ इतना गुस्सा क्यों? डीएमके समर्थक सरकारी बोर्डों पर हिंदी मिटा रहे हैं, लेकिन क्या यह सिर्फ भाषा का मुद्दा है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक एजेंडा छिपा है? और दूसरा भाषा विवाद का अतीत क्यों याद दिला रहे हैं स्टालिन? क्या डीएमके सच में तमिल भाषा की रक्षा कर रही है, या फिर जनता की भावनाओं को भड़काने की रणनीति अपना रही है?

थ्री लैंग्वेज फार्मूला का विरोध या डीएमके का चुनावी पैंतरा

2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही डीएमके ने फिर से अपना पुराना हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है—तमिल अस्मिता और हिंदी विरोध का ज़हर फैलाकर जनता को गुमराह करने की साज़िश। हर बार चुनाव से पहले डीएमके तमिल पहचान की रक्षा के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेलती है, और इस बार इसका बहाना बना है राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020। डीएमके इसे जबरन हिंदी थोपने की चाल बताकर पूरे राज्य में एक नया भाषा युद्ध भड़काने की कोशिश कर रही है।

तमिलनाडु में डीएमके समर्थकों ने सरकारी बोर्डों और रेलवे स्टेशनों पर हिंदी मिटाने का अभियान छेड़ दिया है। पोल्लाची रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने साइनबोर्ड से हिंदी शब्दों पर कालिख पोत दी, और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक समर्थक डाक विभाग के बोर्ड पर लिखी हिंदी को मिटाते हुए देखा गया। डीएमके इसे ‘आंदोलन’ बता रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह सिर्फ भाषा की लड़ाई है या इसके पीछे डीएमके का चुनावी खेल छिपा है?

क्या है थ्री लैंग्वेज फार्मूला

इसकी गहराई में जाने से पहले आइये समझते हैं कि क्या है थ्री लैंग्वेज फार्मूला। दरअसल NEP 2020 के तहत केंद्र सरकार ने तीन-भाषा नीति लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसका मकसद छात्रों को बहुभाषी बनाना और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। तीन-भाषा नीति के अनुसार—पहली भाषा छात्र की मातृभाषा या राज्य की आधिकारिक भाषा होती है (जैसे तमिलनाडु में तमिल, उत्तर प्रदेश में हिंदी), दूसरी भाषा कोई अन्य भारतीय भाषा हो सकती है (राज्य अपनी सुविधा से तय कर सकते हैं, इसमें हिंदी या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा शामिल हो सकती है), और तीसरी भाषा एक अंतरराष्ट्रीय भाषा होती है (जैसे अंग्रेज़ी, जर्मन, फ्रेंच आदि)। इस नीति का उद्देश्य भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और छात्रों को एक समृद्ध भाषा ज्ञान देना है। लेकिन डीएमके इसे हिंदी थोपने की साजिश बताकर जनता को भड़काने में लगी है।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस विवाद को और बढ़ाने के लिए ऐलान कर दिया कि तमिलनाडु “एक और भाषा युद्ध” के लिए तैयार है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि हिंदी वर्चस्व के खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक इसे खत्म नहीं कर दिया जाता। डीएमके बार-बार तमिल अस्मिता की रक्षा का दावा करती है, हालांकि यह तमिल को बचाने की जंग कम और सियासी पैंतरा जायदा मालूम होता है। आप जरा खुद सोच के देखिये की अगर डीएमके ने हिंदी को लागू रखा तो ऐसा करना राज्य में हिंदी की पैरोकार रही बीजेपी को तमिलनाडु में पैर पसारने का मौका देना होगा और यही कारण है कि डीएमके जैस पार्टियां हिंदी का विरोध करती आयी हैं।

6 दशक पुराने वो हिंसक दंगे

तमिलनाडु में हिंदी विरोध की जड़ें गहरी और सुनियोजित रही हैं। इसका इतिहास 1937 से जुड़ा है, जब चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की सरकार ने मद्रास प्रांत में हिंदी को लागू करने का समर्थन किया था। इस फैसले के खिलाफ द्रविड़ कड़गम (डीके) ने उग्र विरोध शुरू कर दिया, जिसने हिंसक रूप ले लिया और दो लोगों की जान चली गई। डीके, जिसकी स्थापना पेरियार ने की थी, खुद को सामाजिक सुधार का झंडाबरदार बताता था, लेकिन इसकी राजनीति हमेशा उत्तर भारत, हिंदू धर्म और हिंदी के खिलाफ घृणा फैलाने के इर्द-गिर्द घूमती रही। इसी विचारधारा से आगे चलकर डीएमके और एआईएडीएमके जैसी पार्टियां बनीं, जिन्होंने तमिल पहचान के नाम पर हिंदी विरोध को अपनी राजनीति का हथियार बना लिया।

1965 में जब हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की कोशिश हुई, तो डीएमके ने इसे “हिंदी साम्राज्यवाद” करार देकर एक बार फिर जनता को भड़काया। पार्टी के नेतृत्व में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने हिंसक विरोध शुरू कर दिया। रेलवे स्टेशन जलाए गए, सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया गया, हिंदी साइनबोर्ड पर स्याही पोती गई और यहां तक कि कई लोगों ने आत्मदाह कर लिया। इस हिंसा में लगभग 70 लोगों की जान गई, जिसके बाद केंद्र सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। 1967 में भाषा नीति में संशोधन कर अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा बनाए रखने का फैसला लिया गया। डीएमके ने इसे अपनी जीत बताई, लेकिन असल में यह आंदोलन तमिल पहचान की रक्षा से ज्यादा हिंदी विरोध के नाम पर जनता को राजनीतिक रूप से भड़काने और वोट बैंक सुरक्षित करने की चाल थी—एक रणनीति, जिसे आज भी जिंदा रखा गया है।

स्रोत: तमिलनाडु , तमिलनाडु हिंदी विवाद, सीएम स्टालिन, हिंदी विरोध, थ्री लैंग्वेज फार्मूला, NEP 2020, हिंदी, द्रविड़ आंदोलन, Tamil Nadu, Tamil Nadu Hindi Controversy, CM Stalin, Anti-Hindi Sentiment, Three Language Formula, Hindi, Dravidian Movement
Tags: Anti-Hindi SentimentCM StalinDravidian MovementhindiNEP 2020Tamil NaduTamil Nadu Hindi ControversyThree Language Formulaतमिलनाडुतमिलनाडु हिंदी विवादथ्री लैंग्वेज फार्मूलाद्रविड़ आंदोलनसीएम स्टालिनहिंदीहिंदी विरोध
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जम्मू-कश्मीर के युवाओं को समर्पित ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप महोत्सव 2025’, जानें कैसे ‘बैंगनी क्रांति’ से लैवेंडर किसानों ने बदली घाटी की सूरत

अगली पोस्ट

पुण्यतिथि विशेष: जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के लिए नेहरू सरकार ने किया था सावरकर को क़ैद

संबंधित पोस्ट

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

20 January 2026

नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शनिवार रात एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके आख़िरी पलों की बेहद...

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

20 January 2026

भारतीय जनता पार्टी में नवीन अध्याय की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन औपचारिक रूप से पार्टी के 12वें...

मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी
भारत

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

20 January 2026

भारत–जापान संबंध अब एक व्यावहारिक क्रियान्वयन चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण से वास्तविक परिणामों की ओर कदम बढ़ाया जा रहा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited