कांग्रेस के शासनकाल में चीन ने आक्रमण करके भारत की 40,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया था...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ से चीन के हित तक, क्यों बार-बार फिसलती है राहुल गांधी के गुरु सैम पित्रोदा की ज़बान?

कांग्रेस के शासनकाल में चीन ने आक्रमण करके भारत की 40,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया था

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
18 February 2025
in राजनीति, विश्व
सैम पित्रोदा के बयान पर जब-जब विवाद हुआ, कांग्रेस ने अपने हाथ खड़े कर दिए और पित्रोदा के बयान को उनका निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया

सैम पित्रोदा के बयान पर जब-जब विवाद हुआ, कांग्रेस ने अपने हाथ खड़े कर दिए और पित्रोदा के बयान को उनका निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया

Share on FacebookShare on X

कांग्रेस की एक विंग ‘ओवरसीज कांग्रेस’ के अध्यक्ष सैम पित्रोदा उर्फ सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा ने एक बार फिर विवादित बयान देकर भारत की फजीहत कराने की कोशिश की है। हालाँकि, हर तरफ से आलोचना होने के बाद कांग्रेस ने अपने पुराने महारथी के बयान से खुद को अलग कर लिया है। पित्रोदा ने कहा है कि भारत के पड़ोसी देश चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। भारत को चीन को अपना दुश्मन मानना ​​बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे समझ में नहीं आता है कि आखिर चीन से हमें क्या खतरा है। मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, क्योंकि अमेरिका की प्रवृत्ति दुश्मन को परिभाषित करने की है। मेरा मानना ​​है कि सभी देशों के लिए सहयोग करने का समय आ गया है, टकराव का नहीं। शुरुआत से ही हमारा रवैया टकराव वाला रहा है और यह तरीका दुश्मन खड़े करता है। इसके बदले देश के अंदर से समर्थन हासिल किया जाता है। हमें इस मानसिकता को बदलना होगा और यह मानना बंद करना होगा कि चीन पहले से ही हमारा दुश्मन है।”

पित्रोदा का यह बयान सामने आते ही कांग्रेस की चौतरफा आलोचना होने लगी। पित्रोदा के बयान पर भाजपा बिफर गई। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पित्रोदा के बयान से ऐसा लगता है कि भारत ही चीन के प्रति आक्रामक है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस का चीन के प्रति नरम रवैया क्यों है। त्रिवेदी ने पित्रोदा के बयान को भारत की संप्रभुता और कूटनीति पर गहरा आघात बताया है। सैम पित्रोदा का बयान गलवान में बलिदान देने वाले जवानों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गाँधी भी समय-समय पर चीन की तारीफ करते रहते हैं। इससे कांग्रेस का चीन के प्रति नरम रवैये का पता चलता है। सुधांशु त्रिवेदी के साथ ही सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस को लेकर यूज़र्स सवाल उठा रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि जिस चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया, गलवान में जवानों के साथ झड़प की, उसकी तरफदारी आखिर कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी क्यों कर रही है।

संबंधितपोस्ट

सऊदी-पाक-तुर्की का ‘सुपर ब्लॉक’: तीनों में से किसी एक पर हमला तो तीनों मिलकर लड़ेंगे जंग; क्या है भारत का प्लान ?

म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान से चल रहे 480 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक

और लोड करें

इसके बाद कांग्रेस के नेताओं को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इसको लेकर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “सैम पित्रोदा द्वारा चीन पर व्यक्त किए गए कथित विचार निश्चित रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नहीं हैं। चीन हमारी विदेश नीति, बाहरी सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने चीन के प्रति मोदी सरकार के दृष्टिकोण पर बार-बार सवाल उठाए हैं, जिसमें 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से चीन की दी गई क्लीन चिट भी शामिल है। चीन पर हमारा सबसे हालिया बयान 28 जनवरी 2025 को जारी किया गया था। यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद को इस स्थिति पर चर्चा करने और इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।”

जयराम रमेश चाहे जो कुछ कहें, लेकिन सैम पित्रोदा ही नहीं, उनके आका राहुल गाँधी भी समय-समय पर चीन के कसीदे पढ़ते रहते हैं। राहुल गाँधी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान चीन के तारीफ के पुल बाँधे थे और कहा था कि उसने एक मुल्क के रूप में बहुत संघर्ष किया है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि चीन ने बेरोजगारी से निपटने के लिए बहुत अच्छा काम किया है। इसका परिणाम यह है कि वहाँ बेरोजगारी की दर सिर्फ 24 प्रतिशत है। चीन लगातार आर्थिक विकास के अपने लक्ष्य को हासिल कर रहा है। समय-समय पर मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के नेता भारत से ज्यादा प्रेस की आजादी चीन में बता देते हैं। इस तरह की बातें अगर कोई छोटा-मोटा नेता कहता तो इग्नोर भी किया जा सकता था, लेकिन ये बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गाँधी खुद कहते रहे हैं। अब जयराम रमेश भले ही सैम पित्रोदा की बातों को पार्टी के नजरिए से अलग बताएँ, लेकिन पित्रोदा ने वही बातें कही हैं, जो राहुल गाँधी कहते आ रहे हैं।

एक तरफ भारत वैश्विक कूटनीतिक मंच पर चीन के आक्रामक रवैये और लद्दाख में हमले एवं अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ को लेकर उसे बेनकाब रहा है। वहीं, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी उस चीन के गुणों का बखान करके भारत को ही कठघरे में खड़ा कर भारत की कूटनीति को पलीता लगा रही है। इस तरह का उदाहरण आमतौर पर कांग्रेस ही पेश करती रही है। सैम पित्रोदा उस पार्टी से संबंध रखते हैं, जिसके शासनकाल में चीन ने आक्रमण करके भारत की 40,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसके बावजूद उस दल के एक बड़े नेता को चीन निरीह नजर आ रहा है। यह पहली बार नहीं है कि सैम पित्रोदा ने भारत की विदेश नीति को सवालों के घेरे में खड़ा किया है। इससे पहले भी उन्होंने इस तरह के बयान देकर अपनी पार्टी को असहज कर दिया है। वे जब भी मुँह खोलते हैं तो विवाद उत्पन्न कर देते हैं और कांग्रेस उनके बयान से खुद को अलग करने का दिखावा करती है।

लोकसभा चुनावों के दौरान भी गुजराती मूल के सैम पित्रोदा ने ऐसा बयान दिया था कि उन्होंने कांग्रेस की लाज बचाने के लिए अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालाँकि, यह इस्तीफा नाम का ही होता है। वे फिर से कांग्रेस में आ जाते हैं। दरअसल, लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने एक अखबार को साक्षात्कार देते हुए कहा था कि भारत में पूरब के लोग चाइनीज, दक्षिण के लोग अफ्रीकी, पश्चिम के लोग अरबी और उत्तर के लोग गोरे लगते हैं। इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस को खूब घेरा। इसके बाद पार्टी ने पित्रोदा के बयान से किनारा कर लिया था। उस समय कांग्रेस ने यह कहकर अपनी लाज बचाने की कोशिश की थी कि भारत विविधता वाला देश है और यह परिभाषा गलत है।

इसके बाद पित्रोदा ने 8 मई 2024 को इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि, यह बस दिखावा ही था। सिर्फ डेढ़ महीने बाद ही 26 जून को पित्रोदा को फिर से इसी पद पर बैठा दिया गया। इसी तरह उन्होंने भारत के मध्यम वर्ग को स्वार्थी बता दिया था। मध्यम वर्ग को स्वार्थी नहीं होना चाहिए और थोड़ा अधिक टैक्स देने के लिए उसका दिल बड़ा होना चाहिए। पित्रोदा ने कहा था, “अमेरिका में इनहेरिटेंस टैक्स लगता है। किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और अगर वह मर जाता है तो उसमें से केवल 45 फीसदी संपत्ति उसके बच्चों को ट्रांसफर होगी। बाकी 55 प्रतिशत सरकार के पास चली जाती है।” इस बयान को भाजपा ने चुनावों में अपना मुद्दा बनाया था। इसके बाद कांग्रेस की खूब फजीहत हुई थी।

पित्रोदा राजनीति के बहाने हिंदू और मंदिरों पर भी सवाल उठाते रहे हैं। राम मंदिर को लेकर पित्रोदा ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार मंदिर जा रहे हैं। वे राष्ट्रीय नेता नहीं, एक पार्टी के नेता के रूप में बात कर रहे हैं। उनके बयान भगवान, राम मंदिर, हनुमान, इत‍िहास, व‍िरासत, बजरंग दल और ऐसे ही मुद्दों पर केंद्रित होते हैं। उन्होंने जून 2018 में कहा था कि देश में शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं करता है। हर कोई राम, हनुमान की बात करता है। मंदिर बनाने से लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा। यहाँ तक कि पाकिस्तान के बालाकोट में मोदी सरकार द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक पर भी उन्होंने सवाल उठाया था। उन्होंने 2019 में कहा था कि पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं। कुछ आतंकवादियों ने हमला किया था। जिसकी सजा पूरे पाकिस्तान को नहीं दी जा सकती। उसी साल लोकसभा चुनावों के दौरान पित्रोदा ने 1984 के सिख नरसंहार को कह दिया कि ‘हुआ तो हुआ’। तब कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह का गलत और किसी समुदाय को दुख पहुँचाने वाला बयान देता है तो उसे पार्टी का बयान नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पित्रोदा के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है।

इस तरह सैम पित्रोदा के बयान पर जब-जब विवाद हुआ, कांग्रेस ने अपने हाथ खड़े कर दिए और पित्रोदा के बयान को उनका निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया। हालाँकि, राहुल गाँधी के बयान को लेकर पार्टी ने शायद ही कभी पल्ला झाड़ा हो, ऐसा देखने में नहीं आता। उधर, राहुल गाँधी और सैम पित्रोदा के चिंतन, विचार और बयान में एकरूपता है। वे हमेशा भारत और हिंदुत्व के खिलाफ नकारात्मकता का प्रदर्शन करते रहे हैं। सैम पित्रोदा ने चीन का बचाव करके कांग्रेस की उसी नकारात्मक राजनीति का परिचय दिया है। हालाँकि, कांग्रेस ने खुद की साख बचाने के लिए उनके बयान से किनारा कर लिया है।

स्रोत: सैम पित्रोदा, राहुल गांधी, कांग्रेस, चीन, जयराम रमेश, पाकिस्तान, Sam Pitroda, Rahul Gandhi, Congress, China, Jairam Ramesh, Pakistan,
Tags: ChinaCongressJairam RameshPakistanRahul GandhiSam Pitrodaकांग्रेसचीनजयराम रमेशपाकिस्तानराहुल गाँधीसैम पित्रोदा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राम मंदिर में भगदड़ मचाने की साज़िश!, हज़ारों राम भक्तों के ऊपर अचानक आ गई ‘आसमानी आफत’

अगली पोस्ट

यूँ ही नहीं भाजपा ने चुना रामलीला मैदान – ‘सिंहासन खाली करो’ से लेकर ‘मैं हूँ आम आदमी’ और ‘आप-दा हटाओ’ तक, इस ऐतिहासिक मैदान ने लिखी है सत्ता के उत्थान-पतन की कहानी!

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited