TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    पीएम रोम में

    पीएम मोदी और और जॉर्जिया मेलोनी की रोम में खास मुलाकात, देखें तस्वीर

    ममता सरकार के दौर में हुए ओबीसी विस्तार पर उठे सवाल

    ओबीसी विस्तार पर उठे सवाल, बंगाल ने आरक्षण घटाकर 7% किया, 66 जातियों की सूची बहाल, राजनीतिक जांच तेज

    डेनमार्क की पीएम से मुलाकात

    ओस्लो में पीएम मोदी की डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड नेताओं से मुलाकात, हरित ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    पीएम रोम में

    पीएम मोदी और और जॉर्जिया मेलोनी की रोम में खास मुलाकात, देखें तस्वीर

    ममता सरकार के दौर में हुए ओबीसी विस्तार पर उठे सवाल

    ओबीसी विस्तार पर उठे सवाल, बंगाल ने आरक्षण घटाकर 7% किया, 66 जातियों की सूची बहाल, राजनीतिक जांच तेज

    डेनमार्क की पीएम से मुलाकात

    ओस्लो में पीएम मोदी की डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड नेताओं से मुलाकात, हरित ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नागपुर हिंसा के पीछे की सोच को समझना होगा

Awadhesh Kumar द्वारा Awadhesh Kumar
28 March 2025
in मत
नागपुर हिंसा के पीछे की सोच को समझना होगा
Share on FacebookShare on X

नागपुर के दृश्य निस्संदेह फिर देश को भयभीत कर रहे हैं। 33 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का घायल होना, भारी संख्या में वाहनों की तोड़फोड़ या जलाना, जगह-जगह घरों और दुकानों का क्षतिग्रस्त होना बताता है कि हमले सुनियोजित थे। विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान भी दिया कि यह सुनियोजित हमला लगता है। नागपुर पुलिस की प्राथमिकी, अभी तक की छानबीन तथा हिंसा के पैटर्न बताते हैं कि यह त्वरित उत्तेजना और गुस्से की परिणति नहीं थी। तत्काल किसी मुद्दे, विषय या बयान से उत्तेजना हो तो छिटपुट समूह निकलकर हल्की-फुल्की हिंसा कर सकता है।

वीडियो फुटेज में हमलावर चेहरे ढंके हुए हैं,नकाबपोश हैं , कई के पत्थरबाजी, तोड़फोड़ करते समय चेहरे से नकाब उतार रहे हैं , फिर वे लगा रहे हैं। पेट्रोल बम तक चले। इतने व्यापक क्षेत्र में बगैर पूर्व योजना और षड्यंत्र के वैसी हिंसा संभव नहीं। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक 13 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है तथा 100 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी भी।

संबंधितपोस्ट

TCS धर्मांतरण केस: आरोपियों की जमानत याचिका ख़ारिज, कोर्ट ने क्या बताया ?

महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर विरोध और समर्थन के बीच सियासी विवाद गहराया

MNS की गुंडागर्दी फिर शुरू : कार्यकर्ताओं ने कोचिंग सेंटर के शिक्षक को पीटा, लगाया मराठी भाषा का अपमान

और लोड करें

घटनाक्रम देखिए, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने 17 मार्च को औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर प्रतीकात्मक पुतला जलाया। माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के शहर अध्यक्ष फ़हीम अहमद लगभग 50-60 लोगों को लेकर गणेशपेठ पुलिस थाना पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई कि हरे कपड़े पर पवित्र कुरान की आयत लिखकर जलाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि पवित्र कुरान की आयतें जलाई गई है , लोगों के घर से निकलने की अपील की गई। सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया गया कि हिंसा में दो लोगों की मृत्यु हो गई है। एक सोशल मीडिया अकाउंट बांग्लादेश से मिला है जिसमें लिखा गया कि यह छोटा दंगा था, इससे बड़ा दंगा आगे होगा।

फहीम खान थाने से आकर 400-500 लोगों, जिनके हाथों में हथियार थे को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज चौक यानी धरना स्थल पर पहुंच गया। पुलिस द्वारा भीड़ से वापस जाने के आग्रह को अनसुना करते हुए भड़काऊ और उकसाऊ नारे लगे। आप सोचिए, अगर कुछ निहत्थे लोग मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हों, पुतले जल रहे हों और वहां कुल्हाड़ियों ,पत्थरों, लाठी, रोड और अन्य ऐसी सामग्रियां लेकर 400-500 लोग लहराने लगें तथा दृश्य ऐसे हों मानो टूट पड़ने वाले हैं तो लोगों की कैसी मनोदशा होगी।

इसी दौरान भालदारपुरा में पुलिस पर पत्थरों से हमले की भी घटना हुई। सबसे शर्मनाक अंधेरे का लाभ उठाकर महिला पुलिस के साथ छेड़खानी और दुर्व्यवहार था। गीतांजलि चौक पर भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पेट्रोल बम से हमला किया और पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी। गंजीपुरा में फ्लाईओवर निर्माण के लिए खड़ी दो क्रेन को पेट्रोल बम से आग लगा दी गई। ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों पर पत्थरों और घातक हथियारों से हमलाकर घायल कर दिया गया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग आक्रामक तेवर और तैयारी में महल, कोतवाली, गणेशपेठ और चिटनिस पार्क समेत शहर के विभिन्न इलाकों में हिंसा करने लगे।

नागपुर के सीए रोड, भालदारपुरा, गंजी पेठ, हंसापुरी, गांधी बाग, चिटनवीस पार्क, आदि क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें पुराने मोटरसाइकिल एवं ऑटो स्पेयर पार्ट्स की हैं। सभी दुकानें मुस्लिम समुदाय की है। सोमवार को दुकानें सुबह से ही बंद रखी गई थी। क्यों? मोबिनपुरा में 150 गाड़िया इन्हीं लोगों की खड़ी रहती थी, वहां एक भी गाड़ी नहीं थी। क्यों? शाम की हिंसा में केवल हिंदू घर एवं दुकान ही निशाना बने।

नागपुर के डीसीपी निकेतन कदम पत्‍थरबाजी की घटना में घायल हुए। उनका वक्तव्य देखिए, “जिस तरह से हर तरफ से पत्थरबाजी हुई, उसमें कई अधिकारी घायल हो गए। एक घर में कुछ लोग छिपकर पत्थरबाजी कर रहे थे। टीम वहां गई तो दूसरी ओर से 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ आई। मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो एक ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। कई छतों से पत्थर फेंके जा रहे थे। पत्थर छत पर कैसे पहुंचे, कुछ तो प्लानिंग थी।”

भीड़ उन्मादित और कुछ भी करने पर उतारू थी तो कारण सामान्य नहीं हो सकता। पुलिस वालों से मोर्चाबंदी कर रहे हैं, घायल कर रहे हैं तो इसका गहराई से विश्लेषण करना होगा।

ऐसी घटना को हम सामान्य राजनीतिक और दलीय चश्मे से देखेंगे तो भविष्य में होने वाले भयावह परिणामों के भागीदार बनेंगे। सच को सच के रूप में समझ कर स्पष्ट न बोला जाए तो परिणाम सतत भयावह से भयावहतम की ओर बढ़ेंगे। सामान्य सामाजिक व्यवहार की दृष्टि से देखें तो इस हिंसा का कोई कारण नहीं था। कोई समूह किसी विषय पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहा है तो उसे मजहब विरोधी कार्रवाई मानकर हमले की व्याख्या कैसे की जाएगी?

साफ है कि ऐसा कुछ जलाया ही नहीं गया जिसका प्रचार किया गया। असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया कि हरे कपड़े पर पवित्र पाक कुरान शरीफ की आयतें लिखकर जलाई गई है। इस तरह के अफवाह फैलाने वाले कौन हो सकते हैं? भारी संख्या में सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए गए हैं और उनके आधार पर लोगों की गिरफ्तारियां हुई है।

मानकर चलना चाहिए कि प्रदेश सरकार या अगर जांच केंद्रीय एजेंसी को दी जाती है तो केंद्र दोषियों को अंतिम सीमा तक दंड दिलाएगा। केवल दंड दिलाने से ऐसी समस्याओं का निदान नहीं हो सकता। विचार करने वाली बात है कि पूरे देश में जगह-जगह इस तरह की हिंसा के पैटर्न क्यों पैदा हो रहे हैं? इतने ईंट , पत्थर , पेट्रोल बम आदि तत्काल पैदा नहीं हो सकते। इसकी पूरी तैयारी करनी होती है।

हाल ही में महू, संभल से लेकर नागपुर तक मोटा-मोटी एक ही तरह का पैटर्न देखा जिसमें हमलावर पूरी तरह तैयार थे तथा सबके पास हमले की पर्याप्त सामग्रियां थीं। कोई औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहा है तो उससे इतनी संख्या में किसी समुदाय के लोगों के अंदर गुस्सा क्यों पैदा हो गई? औरंगजेब जैसे आततायी, धर्मांध, बुरे शासक के लिए उसकी मृत्यु के 300 से ज्यादा वर्षों बाद इतने लोगों के अंदर उसे अपना या इस्लाम का आदर्श मानने की इतनी संवेगी भावना कि मरने-मारने को उतारू हो जाएं कैसे पैदा हो गई?

पहले भी सोशल मीडिया पर औरंगजेब का महिमामंडन कर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई है। केवल औरंगजेब नहीं, महमूद गजनवी और उसके भांजे सालार मसूद तक के प्रति इतना समर्थन कैसे कि उन पर प्रश्न उठाने के विरुद्ध खुलेआम बयानबाजी और हिंसा तक की घटनाएं हो रही हैं? क्या कल कोई नादिर शाह और अहमदशाह अब्दली को भी इस्लाम का ध्वजवाहक मानकर लड़ना शुरू कर देगा? कल्पना करिए कि कोई जनरल डायर , लॉर्ड क्लाइव आदि के पक्ष में खड़ा हो तो देश उसे किस दृष्टि से दिखेगा? यही दृष्टि औरंगजेब, महमूद गजनवी, सालार मसूद गाजी जैसों के प्रति क्यों नहीं पैदा होती?

यह विचारधारा है जिसमें इस्लाम के नाम पर काफिरों या विरोधियों के विरुद्ध अत्याचार, पवित्रतम स्थलों को ध्वस्त कर इस्लामी ढांचा खड़ा करना सही माना जाता है। इस्लाम को उच्च तथा काफिरों या विरोधियों के साथ बुरे व्यवहार की विचारधारा को व्यापक स्वीकृति मिलती दिख रही है।

यही आचरण दुनिया में आतंकवाद और अन्य प्रकार की हिंसा का है। भारत विभाजन के पीछे भी यही था। इसलिए दलीय बयानबाजी द्वारा ऐसे तत्वों को परोक्ष समर्थन देना इनको हिंसा के लिए प्रोत्साहित करना है जो भविष्य में आत्मघाती साबित होगा।

शिवसेना नेता संजय राऊत का बयान देखिए, “नागपुर में हिंसा होने का कोई कारण नहीं है। यहीं पर आरएसएस का मुख्यालय है। यह देवेंद्र जी का निर्वाचन क्षेत्र भी है। यहां हिंसा फैलाने की हिम्मत कौन कर सकता है? हिंदुओं को डराने, अपने ही लोगों से उन पर हमला करवाने और फिर उन्हें भड़काकर दंगों में शामिल करने का यह एक नया पैटर्न है।”

हिंसा कौन कर रहे थे साफ दिख रहा है और संजय राऊत को भाजपा और संघ दोषी नजर आ रहा है। इसी समय बेंगलुरु में संघ की प्रतिनिधि सभा से अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर का बयान है कि औरंगजेब अप्रासंगिक है और हिंसा अनुचित। सामना के संपादकीय में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करने वालों को हिंदू तालिबान कहा गया। लिखा गया कि औरंगजेब की कब्र मराठों और शिवाजी के शौर्य का प्रतीक है और उसे खत्म करने की मांग करने वाले इतिहास को समझने की कोशिश नहीं कर रहे। जब अबू आजमी ने औरंगजेब को महान शासक बताया तो अखिलेश यादव ने एक्स पर सच्चाई छुप नहीं सकती जैसे पोस्ट कर दिया।

संसद के अंदर और बाहर सारा विपक्ष हमलावरों की आलोचना की जगह केवल प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने पर लगा रहा। भाजपा की आलोचना और विरोध करिए किंतु इतने बड़े खतरे की अनदेखी कर आप कैसे तत्वों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, इसका परिणाम क्या होगा इन पर अवश्य विचार कर लीजिए।

Tags: MaharashtraNagpur Violenceradical Islamistsइस्लामी कट्टरपंथीनागपुर हिंसामहाराष्ट्र
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का एलान जल्द; चर्चाओं के बीच 10 अप्रैल को CM, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया

अगली पोस्ट

‘घुसपैठियों के पास होता है पश्चिम बंगाल का आधार कार्ड’: ममता बनर्जी पर जमकर बरसे अमित शाह, कहा- बॉर्डर पर तार नहीं लगाने दे रहे TMC के लोग

संबंधित पोस्ट

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited