TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बंगाल में ‘बारूद’ वाली चुनावी जंग: भांगर में 100 जिंदा बम मिलने के बाद EC का महा-एक्शन, 24 घंटे का अल्टीमेटम और NIA की एंट्री

    बंगाल में ‘बारूद’ वाली चुनावी जंग: भांगर में 100 जिंदा बम मिलने के बाद EC का महा-एक्शन, 24 घंटे का अल्टीमेटम और NIA की एंट्री

    ममता बनर्जी की ‘जातिसूचक’ टिप्पणी पर गरमाई सियासत: NCSC ने थमाया नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम, बंगाल में छिड़ा नया विवाद

    ममता बनर्जी की ‘जातिसूचक’ टिप्पणी पर गरमाई सियासत: NCSC ने थमाया नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम, बंगाल में छिड़ा नया विवाद

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बंगाल में ‘बारूद’ वाली चुनावी जंग: भांगर में 100 जिंदा बम मिलने के बाद EC का महा-एक्शन, 24 घंटे का अल्टीमेटम और NIA की एंट्री

    बंगाल में ‘बारूद’ वाली चुनावी जंग: भांगर में 100 जिंदा बम मिलने के बाद EC का महा-एक्शन, 24 घंटे का अल्टीमेटम और NIA की एंट्री

    ममता बनर्जी की ‘जातिसूचक’ टिप्पणी पर गरमाई सियासत: NCSC ने थमाया नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम, बंगाल में छिड़ा नया विवाद

    ममता बनर्जी की ‘जातिसूचक’ टिप्पणी पर गरमाई सियासत: NCSC ने थमाया नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम, बंगाल में छिड़ा नया विवाद

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जलियांवाला नरसंहार के अगले दिन जब पंजाब के इस इलाके में अंग्रेज़ों ने 3 लड़ाकू विमानों से बरसाए थे बम

घरों से लेकर स्कूलों तक पर बरसाए थे बम

himanshumishra द्वारा himanshumishra
21 April 2025
in इतिहास
वायुसेना ने गुजरांवाला में बम बरसाए, हवा से दागी गोलियां

वायुसेना ने गुजरांवाला में बम बरसाए, हवा से दागी गोलियां (image Source: BRITISH PATHE)

Share on FacebookShare on X

Kesari 2 में जिस तरह ब्रिटिश हुकूमत के अमानवीय चेहरे को बेनकाब किया गया है, उसने एक बार फिर 1919 के जलियांवाला बाग़ जैसे ज़ख्मों को ताज़ा कर दिया है। उस हृदयविदारक नरसंहार की कहानी कोई इतिहास नहीं, बल्कि आज़ादी की कीमत पर लिखे गए लहू के वो धब्बे हैं जिन्हें आज भी देशभक्त भूल नहीं पाए हैं। सोशल मीडिया पर एक बार फिर क्राउन से माफ़ी की मांग उठ रही है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि जलियांवाला बाग़ में निहत्थे नागरिकों पर 1650 गोलियां चलाने के बाद भी जब आज़ादी की चिंगारी बुझती न दिखी, तो ब्रिटिश हुकूमत ने अपनी सबसे घिनौनी चाल चली। अगले ही दिन, 14 अप्रैल 1919 को, पंजाब के गुजरांवाला (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है) में इस नरसंघार का विरोध कर रहे भारतियों को पहले तीन लड़ाकू विमानों में लगी मशीन गन से चलनी किया गया और फिर उनके घरों से लेकर स्कूलों तक पर बमबारी की गई।

मशीनगनों से दागी गई गोलियां, आसमान से बरसाए गए बम, और एक डरावनी ख़ामोशी जो आज भी उस ज़मीन की रूह में गूंजती है। इस लेख में हम बात करेंगे ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा गुजरांवाला में की गई उसी भुला दी गई बर्बरता की, जो जलियांवाला बाग़ से कहीं कम नहीं थी बल्कि एक ऐसा सच थी जिसे इतिहास की किताबों में जानबूझकर दबा दिया गया।

संबंधितपोस्ट

कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

और लोड करें

पृष्ठभूमि: जब ब्रिटिश कानून ने इंसानियत का गला घोंटा

1919 का जलियांवाला बाग़ हत्याकांड महज़ इतिहास की एक तारीख़ नहीं, बल्कि वो जख्म है जो आज भी भारतीय आत्मा में धधकता है। यह घटना सिर्फ़ जनरल डायर की सनक नहीं थी बल्कि अंग्रेज़ी हुकूमत की एक ठोस रणनीति का हिस्सा थी, जिसके तहत पूरे भारत में उभरती आज़ादी की लहर को कुचलने का फैसला किया गया था। प्रथम विश्व युद्ध के बाद भारत में जब राजनैतिक चेतना तेज़ी से बढ़ने लगी, तब ब्रितानी साम्राज्य ने इसे अपनी सत्ता के लिए ख़तरा माना। विरोध को रोकने के लिए उन्होंने एक ऐसा क़ानून पास किया जिसने नागरिकों की स्वतंत्रता की नींव ही हिला दी। ये था 1919 का रॉलेट एक्ट जिसने बिना किसी मुकदमे के गिरफ्तारी और अनिश्चितकालीन हिरासत जैसे अधिकार पुलिस को सौंप दिए। प्रेस की आज़ादी और सार्वजनिक अभिव्यक्ति पर भी कड़ी बंदिशें लगा दी गईं।

यह कानून ब्रिटिश न्यायाधीश सर सिडनी रॉलेट की अध्यक्षता में बनी समिति के सुझावों पर आधारित था, और इसीलिए इसे रॉलेट एक्ट कहा गया। इसके खिलाफ़ देशभर में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया। इतना कि मोहम्मद अली जिन्ना जैसे नेता ने भी लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफा दे दिया। इन आंदोलनों का दमन करने की मंशा से ही 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में जुटे हज़ारों निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं। एक बंद बाग़ में चारों ओर से घिरे लोगों पर 1650 गोलियां दागी गईं। यह न केवल अमानवीय था, बल्कि भारत में ब्रिटिश शासन के असली चेहरे को भी सामने लाने वाला कुकृत्य था। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जलियांवाला में हुए नरसंहार के अगले ही दिन, ब्रिटिश हुकूमत ने अपने बर्बर इरादों को और गहरा करते हुए पंजाब के गुजरांवाला इलाके पर तीन लड़ाकू विमानों से बमबारी करवाई। घर, स्कूल, बाज़ार कुछ भी नहीं छोड़ा गया। आसमान से बरसती गोलियों और बमों ने यह साफ़ कर दिया कि ब्रिटिश सरकार सिर्फ विरोध नहीं कुचलना चाहती थी, वो पूरे देश को खामोशी की ट्रेनिंग देना चाहती थी।

गुजरांवाला, जो आज पाकिस्तान का हिस्सा है, उस वक़्त एक शांत इलाका था लेकिन जब वायुसेना से हमला हुआ, तो यह औपनिवेशिक शासन के उस अध्याय में बदल गया जिसे पढ़ना भी रूह कंपा देता है। इस घटना की जांच के लिए बनी हंटर कमेटी (Disorder Inquiry Committee) ने उस वक़्त की रिपोर्ट में गुजरांवाला पर हुए इस हमले का बहुत सतही ज़िक्र किया। लेकिन उन्हीं रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैसे ब्रिटिश वायसराय और प्रशासन ने पूरे इलाके को दहशत में झोंकने के लिए सैन्य बल का खुलेआम दुरुपयोग किया।

वायुसेना ने बरसाए बम….. आसमान से दागी गोलियां

14 अप्रैल 1919 की सुबह गुजरांवाला रेलवे स्टेशन के पास स्थित कच्ची पुल पर एक बछड़े की लाश लटकी हुई पाई गई। जैसे ही यह खबर फैली, तत्कालीन डिप्टी सुपरिटेंडेंट पुलिस चौधरी ग़ुलाम रसूल मौके पर पहुंचे और बछड़े को नीचे उतरवाकर दफना दिया। लेकिन शहर में यह अफ़वाह तेज़ी से फैल गई कि हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने के लिए यह सब खुद प्रशासन ने करवाया है। रौलट एक्ट के विरोध में पहले से ही लोग आक्रोशित थे, और इस अफ़वाह ने आग में घी डालने का काम किया।

दिन चढ़ते ही शहर के विभिन्न हिस्सों में भीड़ जुटने लगी। लोगों ने दुकानों को बंद करवाना शुरू कर दिया। रौलट एक्ट के खिलाफ और हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थन में गली-कूचों में नारे गूंजने लगे। प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे थे। हालात पर काबू पाने के लिए डिप्टी एसपी चौधरी ग़ुलाम रसूल ने फिर हस्तक्षेप किया, लेकिन तब तक भीड़ ने सरकारी इमारतों, रेलवे स्टेशन और पोस्ट ऑफिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। दिनभर शहर के अलग-अलग हिस्सों में जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन होते रहे।

पुलिस के साथ आम लोगों की झड़पें बढ़ती चली गईं। कई इलाकों में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। स्टेशन की ओर बढ़ रही भीड़ ने रेलवे स्टेशन में आग लगा दी, गोदामों से माल लूटा, ‘सेशन इंडस्ट्रियल स्कूल’ को फूंक डाला। चर्चों पर हमले किए गए और उन्हें भी जला दिया गया। अब प्रशासन को यह अहसास हुआ कि स्थितियाँ उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं। सेना बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन सबसे निकट की टुकड़ी सियालकोट में थी, जो तत्काल नहीं पहुंच सकती थी। ऐसे में एयर फोर्स की सहायता ली गई। दोपहर करीब 3:10 बजे लाहौर के वाल्टन एयरपोर्ट से रॉयल एयर फोर्स के तीन BE2c युद्धक विमान कैप्टन डीएचएम कारबेरी की अगुवाई में उड़ान भरते हैं। कैप्टन कारबेरी प्रथम विश्व युद्ध के अनुभवी पायलट थे और यह विमान स्क्वाड्रन नंबर 31 के अंतर्गत आते थे।

सबसे पहले गुजरांवाला के पास स्थित गांव दुल्ला को निशाना बनाया गया, जहां 20-20 पाउंड के तीन बम गिराए गए। इनमें से एक बम फटा नहीं। इसके बाद विमान जब गुजरांवाला की ओर बढ़ा, तो रास्ते में लगभग 150 लोगों की भीड़ पर मशीनगन से 50 राउंड गोलियां दागीं। अंग्रेजी दस्तावेज़ों के अनुसार इस हमले में एक महिला और एक लड़की की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए। कुछ ही मिनटों बाद विमान ने पास के ही गांव घरजाख पर दो बम गिराए। इसके साथ ही लगभग 50 लोगों की भीड़ पर मशीनगन से 25 राउंड फायरिंग की गई। अंग्रेजी रिकॉर्ड यह दावा करता है कि इस हमले में कोई नहीं मारा गया, लेकिन स्थानीय जनश्रुतियों में इससे अलग तस्वीर मिलती है।

इसके बाद कैप्टन कारबेरी का विमान गुजरांवाला शहर के खालसा हाई-स्कूल और बोर्डिंग हाउस की ओर मुड़ा, जहां उस वक्त करीब 200 भारतीय नागरिक इकट्ठा थे। इन पर एक बम गिराया गया और फिर मशीनगन से 30 राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में कई लोगों की जान गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। जब बाद में कारबेरी से पूछा गया कि उन्होंने मासूमों पर क्यों हमला किया, तो उनका जवाब साम्राज्यवादी मानसिकता की क्रूरता को उजागर करता है। उसने कहा, “गुजरांवाला में 200 फीट की ऊंचाई से मुझे कोई निर्दोष भारतीय नजर नहीं आया, इसलिए मैंने मशीनगन का उपयोग किया।” ये वही वक्त था जब अंग्रेजी राज, जिसे खुद को न्याय और सभ्यता का प्रतीक बताने का शौक था, हकीकत में अपने ही नागरिकों पर हवाई हमलों और बमबारी से जवाब दे रहा था। इन हमलों ने न सिर्फ पंजाब की धरती को रक्तरंजित किया, बल्कि भारत की स्वतंत्रता की चेतना को और तेज कर दिया।

स्रोत: गुजरांवाला, गुजरांवाला बमबारी, पंजाब, पकिस्तान, जलियांवाला नरसंहार, केसरी, केसरी 2, Gujranwala, Gujranwala Bombing, Punjab, Pakistan, Jallianwala Massacre, Kesari, Kesari 2
Tags: GujranwalaGujranwala BombingJallianwala MassacreKesariKesari 2PakistanPunjabकेसरीकेसरी 2गुजरांवालागुजरांवाला बमबारीजलियांवाला नरसंहारपकिस्तानपंजाब
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मोहन भागवत के बाद होसबाले ने की ‘जातिविहीन’ समाज की वकालत; क्या है RSS का लक्ष्य?

अगली पोस्ट

राहुल गांधी ने अमेरिका में फिर किया भारत का अपमान, कहीं ये ‘डीप स्टेट’ की भाषा तो नहीं?

संबंधित पोस्ट

नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’
इतिहास

नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

23 April 2026

‘इतिहास’ केवल बीते समय की घटनाओं का क्रम नहीं होता, बल्कि किसी राष्ट्र की चेतना, उसकी स्मृतियों और उसकी पहचान का आधार भी होता है।...

बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम
इतिहास

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

14 April 2026

बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ बेहद मुखर थे। वे मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम ना ही स्वभाव में एक हैं, ना...

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited