TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जलियांवाला नरसंहार के अगले दिन जब पंजाब के इस इलाके में अंग्रेज़ों ने 3 लड़ाकू विमानों से बरसाए थे बम

घरों से लेकर स्कूलों तक पर बरसाए थे बम

himanshumishra द्वारा himanshumishra
21 April 2025
in इतिहास
वायुसेना ने गुजरांवाला में बम बरसाए, हवा से दागी गोलियां

वायुसेना ने गुजरांवाला में बम बरसाए, हवा से दागी गोलियां (image Source: BRITISH PATHE)

Share on FacebookShare on X

Kesari 2 में जिस तरह ब्रिटिश हुकूमत के अमानवीय चेहरे को बेनकाब किया गया है, उसने एक बार फिर 1919 के जलियांवाला बाग़ जैसे ज़ख्मों को ताज़ा कर दिया है। उस हृदयविदारक नरसंहार की कहानी कोई इतिहास नहीं, बल्कि आज़ादी की कीमत पर लिखे गए लहू के वो धब्बे हैं जिन्हें आज भी देशभक्त भूल नहीं पाए हैं। सोशल मीडिया पर एक बार फिर क्राउन से माफ़ी की मांग उठ रही है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि जलियांवाला बाग़ में निहत्थे नागरिकों पर 1650 गोलियां चलाने के बाद भी जब आज़ादी की चिंगारी बुझती न दिखी, तो ब्रिटिश हुकूमत ने अपनी सबसे घिनौनी चाल चली। अगले ही दिन, 14 अप्रैल 1919 को, पंजाब के गुजरांवाला (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है) में इस नरसंघार का विरोध कर रहे भारतियों को पहले तीन लड़ाकू विमानों में लगी मशीन गन से चलनी किया गया और फिर उनके घरों से लेकर स्कूलों तक पर बमबारी की गई।

मशीनगनों से दागी गई गोलियां, आसमान से बरसाए गए बम, और एक डरावनी ख़ामोशी जो आज भी उस ज़मीन की रूह में गूंजती है। इस लेख में हम बात करेंगे ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा गुजरांवाला में की गई उसी भुला दी गई बर्बरता की, जो जलियांवाला बाग़ से कहीं कम नहीं थी बल्कि एक ऐसा सच थी जिसे इतिहास की किताबों में जानबूझकर दबा दिया गया।

संबंधितपोस्ट

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पंजाब में भारत-पाक सीमा के पास बड़ी कार्रवाई: ड्रोन से भेजे गए हथियारों का जखीरा बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

और लोड करें

पृष्ठभूमि: जब ब्रिटिश कानून ने इंसानियत का गला घोंटा

1919 का जलियांवाला बाग़ हत्याकांड महज़ इतिहास की एक तारीख़ नहीं, बल्कि वो जख्म है जो आज भी भारतीय आत्मा में धधकता है। यह घटना सिर्फ़ जनरल डायर की सनक नहीं थी बल्कि अंग्रेज़ी हुकूमत की एक ठोस रणनीति का हिस्सा थी, जिसके तहत पूरे भारत में उभरती आज़ादी की लहर को कुचलने का फैसला किया गया था। प्रथम विश्व युद्ध के बाद भारत में जब राजनैतिक चेतना तेज़ी से बढ़ने लगी, तब ब्रितानी साम्राज्य ने इसे अपनी सत्ता के लिए ख़तरा माना। विरोध को रोकने के लिए उन्होंने एक ऐसा क़ानून पास किया जिसने नागरिकों की स्वतंत्रता की नींव ही हिला दी। ये था 1919 का रॉलेट एक्ट जिसने बिना किसी मुकदमे के गिरफ्तारी और अनिश्चितकालीन हिरासत जैसे अधिकार पुलिस को सौंप दिए। प्रेस की आज़ादी और सार्वजनिक अभिव्यक्ति पर भी कड़ी बंदिशें लगा दी गईं।

यह कानून ब्रिटिश न्यायाधीश सर सिडनी रॉलेट की अध्यक्षता में बनी समिति के सुझावों पर आधारित था, और इसीलिए इसे रॉलेट एक्ट कहा गया। इसके खिलाफ़ देशभर में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया। इतना कि मोहम्मद अली जिन्ना जैसे नेता ने भी लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफा दे दिया। इन आंदोलनों का दमन करने की मंशा से ही 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में जुटे हज़ारों निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं। एक बंद बाग़ में चारों ओर से घिरे लोगों पर 1650 गोलियां दागी गईं। यह न केवल अमानवीय था, बल्कि भारत में ब्रिटिश शासन के असली चेहरे को भी सामने लाने वाला कुकृत्य था। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जलियांवाला में हुए नरसंहार के अगले ही दिन, ब्रिटिश हुकूमत ने अपने बर्बर इरादों को और गहरा करते हुए पंजाब के गुजरांवाला इलाके पर तीन लड़ाकू विमानों से बमबारी करवाई। घर, स्कूल, बाज़ार कुछ भी नहीं छोड़ा गया। आसमान से बरसती गोलियों और बमों ने यह साफ़ कर दिया कि ब्रिटिश सरकार सिर्फ विरोध नहीं कुचलना चाहती थी, वो पूरे देश को खामोशी की ट्रेनिंग देना चाहती थी।

गुजरांवाला, जो आज पाकिस्तान का हिस्सा है, उस वक़्त एक शांत इलाका था लेकिन जब वायुसेना से हमला हुआ, तो यह औपनिवेशिक शासन के उस अध्याय में बदल गया जिसे पढ़ना भी रूह कंपा देता है। इस घटना की जांच के लिए बनी हंटर कमेटी (Disorder Inquiry Committee) ने उस वक़्त की रिपोर्ट में गुजरांवाला पर हुए इस हमले का बहुत सतही ज़िक्र किया। लेकिन उन्हीं रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैसे ब्रिटिश वायसराय और प्रशासन ने पूरे इलाके को दहशत में झोंकने के लिए सैन्य बल का खुलेआम दुरुपयोग किया।

वायुसेना ने बरसाए बम….. आसमान से दागी गोलियां

14 अप्रैल 1919 की सुबह गुजरांवाला रेलवे स्टेशन के पास स्थित कच्ची पुल पर एक बछड़े की लाश लटकी हुई पाई गई। जैसे ही यह खबर फैली, तत्कालीन डिप्टी सुपरिटेंडेंट पुलिस चौधरी ग़ुलाम रसूल मौके पर पहुंचे और बछड़े को नीचे उतरवाकर दफना दिया। लेकिन शहर में यह अफ़वाह तेज़ी से फैल गई कि हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने के लिए यह सब खुद प्रशासन ने करवाया है। रौलट एक्ट के विरोध में पहले से ही लोग आक्रोशित थे, और इस अफ़वाह ने आग में घी डालने का काम किया।

दिन चढ़ते ही शहर के विभिन्न हिस्सों में भीड़ जुटने लगी। लोगों ने दुकानों को बंद करवाना शुरू कर दिया। रौलट एक्ट के खिलाफ और हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थन में गली-कूचों में नारे गूंजने लगे। प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे थे। हालात पर काबू पाने के लिए डिप्टी एसपी चौधरी ग़ुलाम रसूल ने फिर हस्तक्षेप किया, लेकिन तब तक भीड़ ने सरकारी इमारतों, रेलवे स्टेशन और पोस्ट ऑफिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। दिनभर शहर के अलग-अलग हिस्सों में जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन होते रहे।

पुलिस के साथ आम लोगों की झड़पें बढ़ती चली गईं। कई इलाकों में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। स्टेशन की ओर बढ़ रही भीड़ ने रेलवे स्टेशन में आग लगा दी, गोदामों से माल लूटा, ‘सेशन इंडस्ट्रियल स्कूल’ को फूंक डाला। चर्चों पर हमले किए गए और उन्हें भी जला दिया गया। अब प्रशासन को यह अहसास हुआ कि स्थितियाँ उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं। सेना बुलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन सबसे निकट की टुकड़ी सियालकोट में थी, जो तत्काल नहीं पहुंच सकती थी। ऐसे में एयर फोर्स की सहायता ली गई। दोपहर करीब 3:10 बजे लाहौर के वाल्टन एयरपोर्ट से रॉयल एयर फोर्स के तीन BE2c युद्धक विमान कैप्टन डीएचएम कारबेरी की अगुवाई में उड़ान भरते हैं। कैप्टन कारबेरी प्रथम विश्व युद्ध के अनुभवी पायलट थे और यह विमान स्क्वाड्रन नंबर 31 के अंतर्गत आते थे।

सबसे पहले गुजरांवाला के पास स्थित गांव दुल्ला को निशाना बनाया गया, जहां 20-20 पाउंड के तीन बम गिराए गए। इनमें से एक बम फटा नहीं। इसके बाद विमान जब गुजरांवाला की ओर बढ़ा, तो रास्ते में लगभग 150 लोगों की भीड़ पर मशीनगन से 50 राउंड गोलियां दागीं। अंग्रेजी दस्तावेज़ों के अनुसार इस हमले में एक महिला और एक लड़की की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए। कुछ ही मिनटों बाद विमान ने पास के ही गांव घरजाख पर दो बम गिराए। इसके साथ ही लगभग 50 लोगों की भीड़ पर मशीनगन से 25 राउंड फायरिंग की गई। अंग्रेजी रिकॉर्ड यह दावा करता है कि इस हमले में कोई नहीं मारा गया, लेकिन स्थानीय जनश्रुतियों में इससे अलग तस्वीर मिलती है।

इसके बाद कैप्टन कारबेरी का विमान गुजरांवाला शहर के खालसा हाई-स्कूल और बोर्डिंग हाउस की ओर मुड़ा, जहां उस वक्त करीब 200 भारतीय नागरिक इकट्ठा थे। इन पर एक बम गिराया गया और फिर मशीनगन से 30 राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में कई लोगों की जान गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। जब बाद में कारबेरी से पूछा गया कि उन्होंने मासूमों पर क्यों हमला किया, तो उनका जवाब साम्राज्यवादी मानसिकता की क्रूरता को उजागर करता है। उसने कहा, “गुजरांवाला में 200 फीट की ऊंचाई से मुझे कोई निर्दोष भारतीय नजर नहीं आया, इसलिए मैंने मशीनगन का उपयोग किया।” ये वही वक्त था जब अंग्रेजी राज, जिसे खुद को न्याय और सभ्यता का प्रतीक बताने का शौक था, हकीकत में अपने ही नागरिकों पर हवाई हमलों और बमबारी से जवाब दे रहा था। इन हमलों ने न सिर्फ पंजाब की धरती को रक्तरंजित किया, बल्कि भारत की स्वतंत्रता की चेतना को और तेज कर दिया।

स्रोत: गुजरांवाला, गुजरांवाला बमबारी, पंजाब, पकिस्तान, जलियांवाला नरसंहार, केसरी, केसरी 2, Gujranwala, Gujranwala Bombing, Punjab, Pakistan, Jallianwala Massacre, Kesari, Kesari 2
Tags: GujranwalaGujranwala BombingJallianwala MassacreKesariKesari 2PakistanPunjabकेसरीकेसरी 2गुजरांवालागुजरांवाला बमबारीजलियांवाला नरसंहारपकिस्तानपंजाब
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मोहन भागवत के बाद होसबाले ने की ‘जातिविहीन’ समाज की वकालत; क्या है RSS का लक्ष्य?

अगली पोस्ट

राहुल गांधी ने अमेरिका में फिर किया भारत का अपमान, कहीं ये ‘डीप स्टेट’ की भाषा तो नहीं?

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited