TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Kesari 2: कहानी शंकरन नायर और उस ऐतिहासिक कोर्ट केस की जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख दिया

13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुआ नरसंहार शंकरन नायर को भीतर तक झकझोर गया। जनरल डायर के नेतृत्व में निहत्थे और निर्दोष लोगों पर की गई बेरहम गोलीबारी के खिलाफ उन्होंने तत्काल वायसराय की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया और ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइटहुड’ की उपाधि भी लौटा दी

himanshumishra द्वारा himanshumishra
21 April 2025
in चर्चित
कौन थे सर चेट्टूर शंकरन नायर

कौन थे सर चेट्टूर शंकरन नायर (Image Source: @anantsanjar)

Share on FacebookShare on X

1857 में केरल के पलक्कड़ जिले की मिट्टी में जन्मे सर चेट्टूर शंकरन नायर एक ऐसा नाम है जिसे आज़ादी की लड़ाई में उसके न्याय के हथियार और साहसिक फैसलों के लिए याद किया जाना चाहिए था, लेकिन अफ़सोस… इतिहास की किताबों ने उस नाम को हाशिये पर डाल दिया गया। कल जब मैंने Kesari Chapter 2: The Untold Story of Jallianwala Bagh देखी, तो ऐसा महसूस हुआ जैसे इतिहास पर जमी धूल अचानक हट गई हो। फ़िल्म ने सिर्फ जालियांवाला बाग की त्रासदी को पर्दे पर नहीं उतारा, बल्कि शंकरन नायर जैसे दबे हुए नायक को एक सशक्त रूप में सामने रखा। अक्षय कुमार का अभिनय यहां किसी नाटकीयता से परे जाकर, तथ्य और गंभीरता से भरा हुआ था। उन्होंने शंकरन नायर की छवि को उसी अंदाज में निभाया, जैसे वो व्यक्ति खुद अपने विचारों और फैसलों में रहा करता था निडर, स्पष्ट और औपनिवेशिक सत्ता से सीधा टकराने वाला।

हर दृश्य में उनके हावभाव और संवाद उस असहज सन्नाटे को तोड़ते हैं, जो वर्षों से इस अध्याय पर पसरा हुआ था। कोर्ट रूम के अंदर बहस करते हुए जब अक्षय का किरदार कानून की भाषा में ब्रिटिश सत्ता को जवाब देता है, तो एहसास होता है कि यह सिर्फ एक फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि इतिहास के उस पल की पुनरावृत्ति है जिसे जानबूझकर छिपाया गया।

संबंधितपोस्ट

फोटोशॉप स्किल्स के लिए मशहूर इन्फ्लुएंसर ‘एथीस्ट कृष्णा’ का निधन, पीएम मोदी और अक्षय कुमार ने की थी तारीफ

जलियांवाला नरसंहार के अगले दिन जब पंजाब के इस इलाके में अंग्रेज़ों ने 3 लड़ाकू विमानों से बरसाए थे बम

बचपन में ही अनाथ हो गए थे उधम सिंह: कहानी उस क्रांतिकारी की, जिन्होंने 21 साल बाद जालियाँवाला नरसंहार का बदला लेकर पूरी की शपथ

और लोड करें

मगर यहीं से असल सवाल खड़े होते हैं। कौन थे शंकरन नायर? क्यों शंकरन नायर जैसे व्यक्तित्व को आज़ादी के विमर्श से बाहर रखा गया? क्यों हर बार देश की आज़ादी की कहानी कुछ तय चेहरों और कुछ सीमित आख्यानों तक सिमट कर रह गई? आइए आपको एक ऐसे किरदार से रूबरू कराते हैं, जिसे आज़ादी की लड़ाई में उसकी क़लम, क़ानून और उसूलों के लिए याद किया जाना चाहिए था, लेकिन जिसे हमारी इतिहास की किताबों ने लंबे वक्त तक गुमनाम बनाए रखा।

कौन थे शंकरन नायर

सर चेट्टूर शंकरन नायर इतिहास के पन्नों में दबा वही नाम है, जो अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ न्याय और वैचारिक मजबूती के साथ अदालत के भीतर खड़ा रहा, लेकिन दुर्भाग्य से, हमें इसकी कहानी कभी विस्तार से नहीं बताई गई। 11 जुलाई 1857 को केरल के मालाबार जिले के पलक्कड़ में जन्मे शंकरन नायर का पूरा नाम था चेट्टूर शंकरन नायर। उनके पिता ब्रिटिश सरकार में तहसीलदार थे, यानी परिवार शासन व्यवस्था का हिस्सा था। मगर नायर ने बड़े होते-होते उसी सत्ता से सवाल करने की हिम्मत दिखाई।

1880 में उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट से अपने वकालत के करियर की शुरुआत की। उनका सफर तेज़ी से आगे बढ़ा और 1908 तक वो मद्रास हाईकोर्ट के महाधिवक्ता और कार्यवाहक न्यायाधीश बन गए। फिर 1915 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया। नायर अपने फैसलों में सिर्फ कानून नहीं, इंसाफ की आत्मा ढूंढते थे। उन्होंने एक अहम केस में हिंदू धर्म में धर्मांतरण को सामाजिक रूप से स्वीकार्य ठहराया और साफ कहा कि ऐसे लोगों को समाज से अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए। ये फैसला उस वक्त के हिसाब से काफी आगे की सोच का था।

1897 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। दिलचस्प बात ये रही कि वे सबसे कम उम्र में मलयाली कांग्रेस अध्यक्ष बने। अपने भाषणों में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नीतियों को खुलकर चुनौती दी और भारत के लिए डोमिनियन स्टेटस और स्वशासन की मांग की।1915 में उन्हें वायसराय की कार्यकारिणी परिषद का हिस्सा बनाया गया यह सम्मान पाने वाले वो पहले भारतीय बने। इसी दौरान ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ‘नाइट’ की उपाधि भी दी, लेकिन ये सब कुछ ज्यादा दिन टिक नहीं पाया।

13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में जो हुआ, उसने शंकरन नायर को झकझोर कर रख दिया। जनरल डायर के नेतृत्व में निर्दोष नागरिकों पर की गई गोलीबारी के विरोध में नायर ने तुरंत वायसराय की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया और ‘नाइटहुड’ की उपाधि लौटा दी। ये कदम सिर्फ भावनात्मक नहीं था, ये ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ एक साफ-साफ कानूनी और नैतिक असहमति का संकेत था।

द केस दैट शुक द एम्पायर

जलियांवाला बाग की त्रासदी के बाद सी शंकरन नायर ने ब्रिटिश सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए एक किताब लिखी Gandhi and Anarchy। इस किताब में उन्होंने महात्मा गांधी की रणनीतियों से कुछ असहमति जताने के साथ-साथ पंजाब में हुए अत्याचारों का विस्तार से ज़िक्र किया। खासतौर पर उन्होंने यह संकेत दिया कि जलियांवाला बाग जैसी घटनाएं वहां के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’ड्वायर की जानकारी और सहमति से हुई थीं।

बस फिर क्या था जनरल ओ’ड्वायर तिलमिला उठा और 1922 में शंकरन नायर के खिलाफ लंदन की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। उसने मांग की कि नायर किताब वापस लें, सार्वजनिक माफी मांगें और जुर्माना भरें। लेकिन शंकरन नायर झुकने वालों में नहीं थे। उन्होंने न सिर्फ माफी से इनकार किया, बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ ब्रिटेन जाकर मुकदमा लड़ने का फैसला किया।

यह कोई साधारण केस नहीं था। एक भारतीय, गुलाम देश से निकलकर ब्रिटेन के कानूनी सिस्टम को उसी की ज़मीन पर चुनौती दे रहा था जहां जज और जूरी सभी अंग्रेज थे। केस चला और पूरे साढ़े पाँच हफ़्तों तक चला। जैसे-जैसे गवाही हुई, दस्तावेज़ सामने आए, और सवाल-जवाब हुए दुनिया के सामने जलियांवाला बाग की सच्चाई एक बार फिर पूरी ताकत से उभरकर आई। पंजाब में हुए अन्याय और ब्रिटिश साम्राज्य की क्रूरता अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई।

हालांकि कोर्ट ने फैसला ओ’ड्वायर के पक्ष में दिया और शंकरन नायर को 500 पाउंड का जुर्माना भरना पड़ा, लेकिन असली जीत नायर की थी। क्योंकि ये मुकदमा ब्रिटिश हुकूमत के ढांचे में मौजूद विरोधाभासों और अत्याचारों को पूरी दुनिया के सामने ले आया। इसी ऐतिहासिक केस पर अब एक फिल्म Kesari Chapter 2: The Case That Shook The Empire बनाई गई है। इसकी कहानी सी शंकरन नायर के परपोते रघु पलात और उनकी पत्नी पुष्पा पलात द्वारा लिखी गई किताब The Case That Shook the Empire से ली गई है।

स्रोत: सर चेट्टूर शंकरन नायर, शंकरन नायर, केसरी, केसरी 2, Kesari 2, C Sankaran Nair, Jallianwala Bagh, Dwyer, Akshay Kumar
Tags: Akshay KumarC Sankaran NairDwyerJallianwala BaghKesari 2The Case That Shook the Empireकेसरीकेसरी 2द केस दैट शुक द एम्पायरशंकरन नायरसर चेट्टूर शंकरन नायर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत-इजरायल के सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश का खुलासा, UP एटीएस ने 3 को दबोचा

अगली पोस्ट

कंप्यूटर से भी 12 सेकेंड ‘तेज़’: जानें ‘ह्यूमन कंप्यूटर’ शकुंतला की कहानी जिन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ लड़ा था चुनाव

संबंधित पोस्ट

कैसे खुली ‘एंटी हिंदू एजेंडे’ की पोल? एफिल टावर विवाद में जांच ने क्या बताया
चर्चित

कैसे खुली ‘एंटी हिंदू एजेंडे’ की पोल? एफिल टावर विवाद में जांच ने क्या बताया

2 October 2026

पेरिस का एफिल टावर। दुनिया की सबसे मशहूर इमारतों में से एक। सितंबर की शुरुआत में यही जगह एक ऐसे विवाद का केंद्र बन गई,...

कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया, विमान में मौत से जंग के दौरान क्यों पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा? ‘
चर्चित

कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया, विमान में मौत से जंग के दौरान क्यों पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा? ‘

2 October 2026

Jiफ्लाईदुबई की उस उड़ान में जब सब कुछ कुछ ही सेकंड में बदल गया था, तब कॉकपिट में मौजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के...

फ्लाईदुबई FZ1073 में बड़ा सवाल
चर्चित

फ्लाईदुबई FZ1073 में बड़ा सवाल, घायल कैप्टन ने आखिर कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा?

2 October 2026

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि चाकू से घायल कप्तान ने कॉकपिट का मजबूत दरवाजा आखिर कैसे खोला। एयरलाइन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited