TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत बनेगा हथियारों के निर्यात का नया हब, सैन्य ज़रूरतों के लिए दुनियाभर में देगा सस्ते ऋण

रक्षा सौदों में भारत सरकार खुद लेगी कमान

himanshumishra द्वारा himanshumishra
16 April 2025
in रक्षा
सैन्य ज़रूरतों के लिए दुनियाभर में सस्ते ऋण देगा भारत

सैन्य ज़रूरतों के लिए दुनियाभर में सस्ते ऋण देगा भारत

Share on FacebookShare on X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मेक इन इंडिया” मुहिम ने अब तक दुनिया को सस्ते स्मार्टफोन और दवाइयों की आपूर्ति करने वाले एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र के रूप में भारत को स्थापित कर दिया है। लेकिन अब यह पहल एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रही है जहां मिसाइल, हेलिकॉप्टर और युद्धपोत जैसे उन्नत हथियार भी “मेड इन इंडिया” मुहर के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह बना रहे हैं। भारत, जो हाल ही तक खुद हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार रहा है, अब एक निर्यातक के रूप में उभरने की तैयारी में है। इसके तहत सरकार ने एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM Bank) की ताकत बढ़ाई है ताकि वो उन देशों को भी लंबी अवधि के सस्ते ऋण उपलब्ध करा सके, जिन्हें आमतौर पर राजनीतिक अस्थिरता या कमजोर क्रेडिट रेटिंग के चलते पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय फाइनेंसिंग नहीं मिल पाती। यह पहल सिर्फ व्यापारिक रणनीति नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भारत की बदलती भूमिका की झलक है।

जिन देशों की सैन्य ज़रूरतें अब रूस पूरी नहीं कर पा रहा, वे भारत की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। ऐसे में भारत न सिर्फ एक विकल्प बन रहा है, बल्कि एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार भी। इस कदम से भारत न केवल अपने रक्षा निर्यात को मजबूती देगा, बल्कि विकासशील देशों को एक नया रास्ता भी दिखाएगा जहां सैन्य मजबूती के लिए पश्चिमी दवाब और शर्तों के बिना सहयोग मिल सकेगा।

संबंधितपोस्ट

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

और लोड करें

रक्षा डील्स के लिए फ्रंटलाइन पर आएगी सरकार

नई दिल्ली अब केवल रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं रहना चाहती भारत अब दुनिया के सामने एक वैश्विक हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में खड़ा हो रहा है। एक नए रणनीतिक कार्यक्रम के तहत, भारत अपनी विदेशों में मौजूद दूतावासों में रक्षा अटैचों की संख्या को कई गुना बढ़ाने जा रहा है। ये अधिकारी सिर्फ कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि अब सीधे हथियारों की बिक्री और सौदेबाज़ी में सरकार की भूमिका निभाएंगे।

चार वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, भारत की रणनीति अब उस दिशा में बढ़ रही है जहाँ सरकार खुद रक्षा डील्स को मूर्त रूप देने के लिए फ्रंटलाइन पर रहेगी। ख़ासकर उन देशों के साथ जो दशकों से रूस के हथियारों पर निर्भर थे अब जब रूस यूक्रेन युद्ध में उलझा है और उसकी डिफेंस सप्लाई हिचकचाने लगी है, भारत उन बाजारों को अपने पक्ष में मोड़ने की तैयारी में है। रॉयटर्स की एक विशेष रिपोर्ट में इस पूरे प्लान का खुलासा किया गया है, जिसमें 15 से अधिक सूत्रों ने जानकारी साझा की। यह पहल भारत के लिए अभूतपूर्व मानी जा रही है क्योंकि पहली बार भारत सरकार सीधे विदेशी ग्राहकों के साथ सौदे करने, उन्हें वित्तीय सहायता देने और उनकी रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने की भूमिका में आ रही है।

अब तक भारतीय नौकरशाही का ध्यान मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों को देखते हुए अमेरिका से होविट्ज़र तोपें और रूस से सुखोई विमान जैसे हथियार खरीदने पर था। लेकिन अब भारत की निजी कंपनियाँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं और अब वे सिर्फ छोटे हथियार नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले गोला-बारूद, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और सैन्य साज़ो-सामान बना रही हैं, जो वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं। हालांकि इस रणनीति पर भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय ने टिप्पणी से इनकार किया है, और EXIM बैंक ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

लेकिन तस्वीर तब और साफ हो जाती है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस महीने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखते हैं, “भारत रक्षा निर्यात के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।” भारत के इस रुख का असली मोड़ तब आया जब फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी, जिन्हें भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, ने बताया कि इस युद्ध ने वैश्विक हथियार बाजार को झकझोर दिया और भारत को यह समझ में आया कि पुराने भरोसे अब टिकाऊ नहीं रहे, और यह समय है कि भारत खुद एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आए।

भारत में रक्षा उत्पादन

वर्ष
रक्षा उत्पादन मूल्य (बीएन रुपये में)
2016-17
740.54
2017-18
788.2
2018-19
811.2
2019-20
790.71
2020-21
846.43
2021-22
948.45
2022-23
1,086.84
2023-24
1,274.34
नोट: मूल्य बीएन रुपये में हैं। स्रोत: भारत का रक्षा मंत्रालय।

भारत का हथियार बाजार अब केवल विकल्प नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक स्पष्ट लक्ष्य तय किया है 2029 तक भारत के रक्षा निर्यात को दोगुना करते हुए 6 अरब डॉलर तक पहुँचाना। आज जो निर्यात गोला-बारूद, छोटे हथियार और कुछ चुनिंदा डिफेंस कंपोनेंट्स तक सीमित है, सरकार अब चाहती है कि भारत पूरे हथियार सिस्टम, तोपों और उच्च श्रेणी के सैन्य उपकरणों की एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला बन जाए।

हालांकि भारत 2023-24 के लिए तय किए गए $3.5 बिलियन के रक्षा निर्यात लक्ष्य से एक तिहाई पीछे रह गया, फिर भी यह एक क्रांतिकारी छलांग मानी जा रही है क्योंकि महज़ एक दशक पहले, 2014 में यह आंकड़ा $230 मिलियन से भी कम था। आज जब दुनिया के अधिकतर देशों के रक्षा बजट खिंच चुके हैं और हथियारों की वैश्विक माँग अपने चरम पर है, भारत खुद को एक “अत्यधिक किफायती और भरोसेमंद उत्पादक” के रूप में पेश कर रहा है।

दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के अनुसार, भारत की 155 मिमी तोपों के गोले प्रत्येक $300 से $400 में बन जाते हैं, जबकि यूरोपीय देशों में यही गोला $3000 से भी ऊपर बिकता है।यहाँ तक कि भारतीय कंपनियों द्वारा बनाए गए होविट्ज़र तोप लगभग $3 मिलियन में उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो कि यूरोपीय निर्माताओं की कीमत से लगभग आधा है। जहाँ पश्चिमी देश जिन्होंने शीत युद्ध के बाद अपनी तोपखाना और हथियार निर्माण क्षमताएँ कम कर दी थीं अब फैक्ट्रियों को दोबारा चालू करने की दौड़ में हैं, वहीं भारत की “म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड” जैसी सरकारी कंपनियाँ इस पूरी अवधि में अपनी उत्पादन क्षमता बनाए रखे हुए थीं।

रिटायर्ड नौसेना कमांडर गौतम नंदा, जो KPMG की भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस कंसल्टिंग का नेतृत्व कर रहे हैं, बताते हैं, “भारत की रणनीतिक स्थिति हमेशा अलग रही है। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी मुल्कों से तनाव के चलते हमने कभी अपने उत्पादन पर कटौती नहीं की।” आज भारत की निजी कंपनियाँ भी इस रेस में शामिल हो चुकी हैं। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, और SMPP जैसी कंपनियाँ अब 155 मिमी तोप के गोले बनाने लगी हैं और इनमें से कई के लिए विदेशी सरकारों से ऑर्डर भी आ चुके हैं। SMPP के CEO आशीष कंसल का कहना है, “बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में तोपों और गोला-बारूद की माँग विस्फोटक रूप से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम बड़ी कैलीबर की 155 मिमी तोप गोलों की फैक्ट्री स्थापित कर रहे हैं।”

स्रोत: भारत, भारत रक्षा निर्यात, मोदी सरकार, India, Indian Defence Exports, Modi Government, New Era of Self-Reliance, Global Recognition, National Pride
Tags: Global recognitionIndiaIndian Defence ExportsModi governmentNational PrideNew Era of Self-Relianceभारतभारत रक्षा निर्यातमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान को भारत ने जमकर लगाई लताड़, वक्फ कानून पर ज्ञान देने पर मिला ये जवाब

अगली पोस्ट

Waqf Act: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई, 10 सवालों के जवाब से जानें धारणाएं और सच्चाई

संबंधित पोस्ट

Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat
रक्षा

भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

19 August 2026

भारतीय नौसेना के पास फिलहाल दो ऑपरेशनल एयरक्राफ्ट कैरियर हैं—INS विक्रमादित्य और स्वदेशी INS विक्रांत। इसके बावजूद लगातार लंबे समय से तीसरे विमानवाहक पोत की...

Chinese CCTV RISK
रक्षा

CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

11 August 2026

हाल ही में ब्रिटेन की रॉयल नेवी के अत्याधुनिक K3 Scout ड्रोन्स में लगे कैमरों में चीनी कलपुर्जों का पता चला है, जो महीनों से...

Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry
Uncategorized

टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

10 August 2026

रक्षा मंत्रालय टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) के ढांचे में एक बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। मंत्रालय की योजना है कि AI डेवलपर्स, साइबर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited