अमेरिकी धरती से पाक सेना प्रमुख की गीदड़भभकी, आधी दुनिया को ले जाएंगे अपने साथ
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिकी धरती से पाक सेना प्रमुख की गीदड़भभकी, आधी दुनिया को ले जाएंगे अपने साथ

भारत के साथ चार दिवसीय संघर्ष के बाद दो महीने में अपनी दूसरी अमेरिकी यात्रा पर आए मुनीर ने सिंधु नदी पर नियंत्रण को लेकर भारत पर साधा निशाना।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
11 August 2025
in भारत, भू-राजनीति, विश्व
अमेरिकी धरती से पाक सेना प्रमुख की गीदड़भभकी, आधी दुनिया को ले जाएंगे अपने साथ

अमेरिकी धरती से पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने दी परमाण धमकी।

Share on FacebookShare on X

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने परमाणु धमकी दी है। इस बाद ये धमकी उन्होंने पाकिस्तान से नहीं, अमेरिकी धरती से दी है। इतिहास में यह पहली बार है जब किसी पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख ने अमेरिका की आधिकारिक यात्रा का इस्तेमाल दुनिया को परमाणु हथियारों की धमकी देने के लिए किया है। मुनीर की यह टिप्पणी, जो शत्रुता से भरी हुई है और एक परमाणु-सशस्त्र देश से अपेक्षित किसी भी ज़िम्मेदारी से अलग है। उन्होंने यह बयान देकर दुनिया भर में लोगों को चौंका दिया है। दुनिया लंबे समय से पाकिस्तान की सेना, चरमपंथी विचारधारा और उसके परमाणु शस्त्रागार के बीच खतरनाक गठजोड़ से वाकिफ है। लेकिन, यह तथ्य कि अमेरिकी धरती पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया और वाशिंगटन ने इसकी तुरंत निंदा नहीं की, “ज़िम्मेदार परमाणु शक्तियों” के प्रति पश्चिम के दृष्टिकोण में दोहरे मानदंड को स्पष्ट उजागर करता है।

संबंधितपोस्ट

अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

और लोड करें

अमेरिका के टैम्पा में मुनीर ने निवर्तमान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह और एडमिरल ब्रैड कूपर, जिन्होंने CENTCOM प्रमुख का पदभार संभाला के कमान परिवर्तन समारोह में भाग लिया। मुनीर ने कुरिल्ला के नेतृत्व और अमेरिका-पाकिस्तान के सैन्य संबंधों में उनके योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कूपर को साझा सुरक्षा मुद्दों से निपटने में सफलता की कामना की।

मिसाइल से तोड़ देंगे सिंधु नदी का बांध

भारत के साथ चार दिवसीय संघर्ष के बाद दो महीनों में अपनी दूसरी अमेरिकी यात्रा पर गये मुनीर ने सिंधु नदी पर नियंत्रण को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम भारत के बांध बनाने का इंतज़ार करेंगे और जब वह ऐसा करेगा, तो हम उसे दस मिसाइलों से नष्ट कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है। हमारे पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं है, अल्हम्दुलिल्लाह।

कहा, हम एक परमाणु संपन्न राष्ट्र

रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि हम परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं। अगर हमें लगता है कि हम डूब रहे हैं, तो हम आधी दुनिया को अपने साथ ले जाएंगे। विश्व के लिए ये बातें पाकिस्तानी सेना के आम बयान लग सकती हैं, लेकिन इसका संदर्भ इन्हें अभूतपूर्व बनाता है। यह कोई घरेलू स्तर पर भावनात्मक विस्फोट नहीं था, यह एक विदेशी देश में उच्च-स्तरीय राजनयिक यात्रा के दौरान सोच-समझकर तैयार किया गया बयान था। संदेश जानबूझकर दिया गया, वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करते हुए पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार को भारत के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में पेश करना।

पाकिस्तान का परमाणु जुनून और रणनीतिक गैरज़िम्मेदारी

पाकिस्तान का भारत के खिलाफ आतंकी अभियानों को अंजाम देने के लिए अपनी परमाणु क्षमता को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का लंबा इतिहास रहा है। 1999 के कारगिल युद्ध से लेकर जम्मू-कश्मीर में अनगिनत सीमा पार आतंकी हमलों तक, पाकिस्तानी प्रतिष्ठान इस तर्क पर निर्भर रहे हैं कि भारत “परमाणु कार्ड” के कारण एक सीमा से आगे जवाबी कार्रवाई नहीं कर सकता। मुनीर ने अमेरिका में जो किया वह इस खतरनाक सिद्धांत की सार्वजनिक रूप से पुष्टि करना था, जिससे पाकिस्तान की परमाणु हथियारों को निवारक और कूटनीतिक ब्लैकमेल दोनों के रूप में इस्तेमाल करने की नीति को वैधता मिली।

अगर ट्रक से कार टकरा जाए तो क्या होगा?

भारत जैसी ज़िम्मेदार परमाणु शक्तियों के विपरीत जो “पहले इस्तेमाल न करने” की नीति पर कायम है और परमाणु हथियारों को अंतिम उपाय के रूप में निवारक के रूप में देखता है। पाकिस्तान अपने शस्त्रागार को शासन कौशल के प्रमुख उपकरण के रूप में प्रदर्शित करता है। मुनीर का बयान न केवल सैन्य दिखावे को दर्शाता है, बल्कि गहरी रणनीतिक अपरिपक्वता को भी दर्शाता है। भारत को आक्रामक के रूप में चित्रित करके वाशिंगटन में प्रासंगिकता हासिल करने का प्रयास, जबकि आतंकवाद के निर्यात के पाकिस्तान के अपने रिकॉर्ड को छुपाना।

जनरल असीम मुनीर ने कथित तौर पर फ्लोरिडा के टैम्पा में एक पाकिस्तानी सामुदायिक कार्यक्रम में कहा था कि भारत हाईवे पर फेरारी जैसी मर्सिडीज़ चला रहा है, लेकिन हम बजरी से भरे डंप ट्रक हैं। अगर ट्रक कार से टकरा जाए, तो नुकसान किसका होगा?”

मुनीर ने भारतीय उद्योगपति को धमकाया

इस घटना को और भी परेशान करने वाला माहौल है। मुनीर की टिप्पणी अमेरिका में की गई, वही देश जो अक्सर दुनिया को परमाणु ज़िम्मेदारी, हथियार नियंत्रण और आक्रामक बयानबाज़ी से बचने की ज़रूरत पर नसीहत देता है। वाशिंगटन ऐतिहासिक रूप से उन देशों की हल्की-फुल्की टिप्पणियों की भी निंदा करने में तत्पर रहा है जिन्हें वह संदेह की नज़र से देखता है, लेकिन जब बात पाकिस्तान की आती है, तो चुप्पी ही सबसे आम बात लगती है।

अपने पहले से तैयार किए गए नोट्स में, मुनीर ने लिखा, “एक ट्वीट करवाया था जिसमें सूरह फ़िल और (उद्योगपति) मुकेश अंबानी की एक तस्वीर थी ताकि उन्हें दिखाया जा सके कि हम अगली बार क्या करेंगे।” सूरा अल-फिल, जिसे “हाथी” के नाम से भी जाना जाता है, कुरान का 105वां अध्याय है, जिसमें बताया गया है कि कैसे अल्लाह ने दुश्मन के युद्ध हाथियों पर पत्थर गिराने के लिए पक्षियों को भेजा और उन्हें “चबाए हुए भूसे” में बदल दिया। द प्रिंट ने मुनीर के हवाले से कहा, “हम भारत के पूर्व से शुरुआत करेंगे, जहां उन्होंने अपने सबसे मूल्यवान संसाधन स्थापित किए हैं और फिर पश्चिम की ओर बढ़ेंगे।”

मदरसे से शिक्षा प्राप्त करने वाले पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख!

सवाल स्वाभाविक है कि क्या अमेरिका अपनी अस्वीकृति का प्रतीकात्मक बयान भी जारी करेगा या वह अफ़ग़ानिस्तान और क्षेत्र में अल्पकालिक भू-राजनीतिक गणनाओं के कारण इस्लामाबाद को खुश करना जारी रखेगा? यह पाखंड भारत से छिपा नहीं है, जो आतंकवाद-निरोध, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा में अमेरिका का निरंतर सहयोगी रहा है। जहां भारत का परमाणु रुख़ नपा-तुला और पारदर्शी है। वहीं पाकिस्तान का रुख़ अपारदर्शी, अस्थिर और सैन्य दुस्साहस से अत्यधिक प्रभावित है। फिर भी, इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन का रणनीतिक धैर्य तब भी बना रहता है, जब एक पाकिस्तानी सेना प्रमुख अमेरिकी धरती से लोकतांत्रिक पड़ोसी के ख़िलाफ़ खुलेआम परमाणु जवाबी कार्रवाई की धमकी देता है।

पाकिस्तान का बढ़ता अलगाव और हताशा

मुनीर की परमाणु संबंधी बयानबाज़ी पाकिस्तान की आंतरिक हताशा को भी दर्शाती है। देश आर्थिक पतन, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष पर निर्भरता, राजनीतिक अस्थिरता और अपने ही प्रांतों में बढ़ते उग्रवाद से जूझ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अक्सर अपनी जनता का ध्यान घरेलू विफलताओं से हटाने के लिए भारत को शाश्वत शत्रु बताकर बाहरी खतरों का सहारा लेता है। परमाणु हथियार लहराना देश में राष्ट्रवादी भावनाओं को उभारने और विदेश में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने का एक सुविधाजनक राजनीतिक हथियार बन गया है।

लेकिन अंतर्राष्ट्रीय दर्शक अंधे नहीं हैं। वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने बार-बार आतंकवाद के वित्तपोषण में पाकिस्तान के संबंधों की ओर इशारा किया है और उसके सैन्य-खुफिया प्रतिष्ठान को ओसामा बिन लादेन सहित वांछित आतंकवादियों को पनाह देने के लिए कई बार उजागर किया गया है। इस संदर्भ में मुनीर की टिप्पणियां पाकिस्तान को परमाणु हथियारों के एक गैर-जिम्मेदार संरक्षक के रूप में वैश्विक धारणा को और पुष्ट करती हैं।

भारत को मजबूती से जवाब देना चाहिए

भारत के लिए मुनीर की परमाणु धमकियों को उतनी ही गंभीरता से लेना ज़रूरी है जितनी वे हकदार हैं, इसलिए नहीं कि पाकिस्तान के ऐसा करने की संभावना है, बल्कि इसलिए कि इस तरह की बयानबाजी का उद्देश्य वैश्विक आख्यानों को आकार देना है। नई दिल्ली को इन बयानों की लापरवाही को उजागर करने और वाशिंगटन पर अपने रुख पर औपचारिक स्पष्टीकरण के लिए दबाव डालने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए। अमेरिका की चुप्पी एक खतरनाक मिसाल कायम करेगी, जो आधिकारिक विमर्श में परमाणु खतरों को प्रभावी रूप से सामान्य बना देगी।

संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए विकल्प स्पष्ट है वह या तो परमाणु ज़िम्मेदारी के अपने घोषित सिद्धांतों पर कायम रह सकता है और मुनीर की बयानबाजी की निंदा कर सकता है, या चुपचाप उस सैन्य प्रतिष्ठान को सक्षम बना सकता है,जिसका दक्षिण एशिया को अस्थिर करने का इतिहास रहा है। दुनिया पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल को कूटनीति का एक स्वीकार्य हथियार बनने नहीं दे सकती। संयम और अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के पालन के अपने ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, भारत इस समीकरण में एक ज़िम्मेदार खिलाड़ी बना हुआ है।

अमेरिकी धरती से मुनीर के शब्द किसी आसन्न युद्ध की चेतावनी नहीं हैं, बल्कि उस नैतिक पतन की चेतावनी हैं जो तब होता है जब शक्तिशाली देश लापरवाह लोगों को बिना रोक-टोक बोलने देते हैं। अमेरिका को कार्रवाई करनी चाहिए और भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुनिया को ठीक से याद रहे कि दक्षिण एशिया में परमाणु कार्ड कौन लहरा रहा है।

Tags: AmericaAsim MunirIndiaNuclear threatPakistanअमेरिकाअसीम मुनीरपरमाणु धमकीपाकिस्तानभारत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपनी पत्नी को घूंघट में रखने वाले खान सर, राखी के नाम पर हिंदुओं को क्यों लुभाने की कोशिश कर रहे है?

अगली पोस्ट

₹58 करोड़ का खेल! गुरुग्राम लैंड स्कैम में रॉबर्ट वाड्रा पर कसा शिकंजा, हो सकती है यह सजा

संबंधित पोस्ट

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है
विश्व

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

21 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले को Truth Social पर चांद की तस्वीर के साथ लिखा—“The Moon Is Ours”। तस्वीर में चांद की...

India China Modi XI Talks BRICS 2026
भू-राजनीति

गलवान के बाद पहली बार आमने-सामने बैठे मोदी-शी, सीमा पर शांति को बताया रिश्तों की नींव, अब आगे क्या ?

12 September 2026

नई दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। यह दोनों नेताओं की 2020...

BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping
अर्थव्यवस्था

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

12 September 2026

क्या डॉलर की पकड़ कमजोर हो रही है?  यह सवाल पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक बहस के केंद्र में है। BRICS देशों की बढ़ती...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited