बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” पर बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह

असल सवाल यह है कि आखिर “आई लव मोहम्मद” जैसे पोस्टरों की ज़रूरत क्यों पड़ी? यह कोई पारंपरिक धार्मिक प्रथा नहीं, बल्कि एक नया चलन है—एक तरह का शक्ति-प्रदर्शन, जो सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और तख्तियां लहराने से शुरू हुआ।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
26 September 2025
in चर्चित, चर्चित, धर्म, भारत, राजनीति
बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह

भारत का भविष्य उस पहचान पर टिका है जो ऋषियों, संतों और बलिदानियों ने हमें दी।

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद जो कुछ हुआ, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सांप्रदायिक उकसावे के ज़रिए देश के माहौल को बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिशें लगातार की जा रही हैं। नमाज़ के बाद भीड़ तख्तियों और पोस्टरों पर “आई लव मोहम्मद” लिखकर सड़क पर उतरी, नारेबाज़ी की, और फिर देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। पुलिस पर पथराव हुआ, लाठीचार्ज करना पड़ा और पूरा इलाका तनाव की गिरफ्त में आ गया। यह घटना सिर्फ़ अचानक भड़की हुई भीड़ का मामला नहीं है, बल्कि उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जो पिछले कुछ समय से “धर्म के नाम पर वर्चस्व दिखाने” की ज़िद में लगातार उभर रही है।

असल सवाल यह है कि आखिर “आई लव मोहम्मद” जैसे पोस्टरों की ज़रूरत क्यों पड़ी? यह कोई पारंपरिक धार्मिक प्रथा नहीं, बल्कि एक नया चलन है—एक तरह का शक्ति-प्रदर्शन, जो सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और तख्तियां लहराने से शुरू हुआ। कानपुर से लेकर बरेली तक, यह संदेश साफ़ है कि धर्म के नाम पर सार्वजनिक जगहों पर वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश हो रही है। इसके बाद जब पुलिस प्रशासन इसका विरोध करता है, तो पथराव और हिंसा से दबाव बनाने का प्रयास होता है।

संबंधितपोस्ट

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

मॉनसून की रफ्तार तेज, सैटेलाइट तस्वीरों में दिल्ली-NCR के ऊपर दिखे बादल, जानिए कहां तक पहुंचा मानसून

चीन की चुनौती के बीच दिल्ली में जुटीं क्वाड शक्तियां, भारत ने संभाली रणनीतिक नेतृत्व की कमान

और लोड करें

लेकिन भारत की कहानी हमेशा एकतरफ़ा नहीं रही। यही वजह है कि जब एक तरफ़ “आई लव मोहम्मद” की तख्तियां उठीं, तो दूसरी तरफ़ अयोध्या, वाराणसी और कानपुर में साधु-संतों ने “आई लव महादेव” और “आई लव सनातन” का बिगुल बजा दिया। इस देश की आत्मा हमेशा से संतों और ऋषियों की आवाज़ में रही है। राम मंदिर की धरती अयोध्या से उठी आवाज़ ने साफ़ कर दिया कि भारत की पहचान मोहम्मद, औरंगज़ेब या कट्टरपंथी नारों से नहीं, बल्कि राम, शिव और सनातन संस्कृति से है।

बरेली का बवाल: एक प्रयोग या चुनौती?

बरेली की घटना को किसी सामान्य विरोध या नमाज़ के बाद के प्रदर्शन की तरह नहीं देखा जा सकता। यह उस प्रयोग का हिस्सा लगता है, जिसमें इस्लामी पहचान को सार्वजनिक रूप से थोपने की कोशिश हो रही है। “आई लव मोहम्मद” के पोस्टर धार्मिक आस्था के नाम पर लहराए गए, लेकिन इसका असली मकसद एक राजनीतिक-सामाजिक संदेश देना था-कि मुसलमानों की पहचान को सड़कों पर, शहरों के बीचोंबीच, बिना किसी रोकटोक के पेश किया जा सकता है।

जब पुलिस ने इस पर रोक लगाने की कोशिश की, तो हिंसा शुरू हो गई। सवाल यह उठता है कि क्या यह धार्मिक आस्था का मामला था या सुनियोजित सामुदायिक दबाव बनाने का प्रयास? यदि यह सिर्फ़ आस्था होती, तो इसे घरों या मस्जिदों की दीवारों तक सीमित रखा जा सकता था। लेकिन इसे बाज़ारों और चौक-चौराहों तक लाने का अर्थ यही है कि कट्टरपंथी ताक़तें एक बार फिर वही करना चाहती हैं, जो मुग़लकाल और औरंगज़ेब के दौर में हुआ था—सार्वजनिक जगहों पर अपने प्रभुत्व का प्रदर्शन।

साधु-संतों का जवाब: “आई लव सनातन”

इस प्रयोग का जवाब भारत की परंपरा के संरक्षकों ने दिया। वाराणसी और अयोध्या में साधु-संतों ने सड़कों पर उतरकर साफ़ कहा—भारत राम, कृष्ण और भोलेनाथ की भूमि है। यहां की पहचान सनातन है और कोई इसे बदल नहीं सकता। “आई लव सनातन” के पोस्टर केवल जवाबी नारों की तरह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार बनकर सामने आए हैं।

राम नगरी अयोध्या से उठे इन नारों का संदेश साफ़ है-यह देश किसी विदेशी आक्रांता की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेगा। संत सूरज तिवारी और सीताराम दास महाराज जैसे संतों ने दो टूक कहा कि जिन्हें “आई लव मोहम्मद” कहना है, वे पाकिस्तान चले जाएं। हिंदुस्तान राम और कृष्ण का है, यह औरंगज़ेब का मुल्क नहीं है।

सांस्कृतिक टकराव या आत्मरक्षा?

आलोचक इसे सांप्रदायिक टकराव कह सकते हैं, लेकिन असल में यह आत्मरक्षा है। जब एक समुदाय धार्मिक नारों और तख्तियों के सहारे सार्वजनिक जगहों पर अपनी शक्ति दिखाता है, तो क्या बहुसंख्यक समुदाय चुप बैठे? भारत की परंपरा हमेशा सहिष्णुता और मेल-जोल की रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी समूह इस सहिष्णुता का दुरुपयोग करे।

“आई लव सनातन” का संदेश केवल हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है-कि भारत की आत्मा सनातन है, और यह आत्मा किसी भी कट्टरपंथ से बड़ी है।

औरंगज़ेब से राम मंदिर तक

यह विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ। भारत का इतिहास ऐसे टकरावों से भरा है। जब औरंगज़ेब ने मंदिर तोड़े और मस्जिदें खड़ी कीं, तब भी भारत की आत्मा ने हार नहीं मानी। जब मुग़ल और अंग्रेज़ सत्ता के दम पर धर्म बदलवाना चाहते थे, तब भी साधु-संतों और क्रांतिकारियों ने मुकाबला किया। और यही आत्मा आज भी जीवित है-राम मंदिर आंदोलन इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। 500 साल की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, तो वह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि यह घोषणा थी कि भारत की पहचान सनातन है और इसे मिटाया नहीं जा सकता।

आज का संदेश: भारत हिंदू राष्ट्र की ओर

बरेली से अयोध्या तक फैला यह विवाद एक गहरी सच्चाई को सामने लाता है-भारत की बहुसंख्यक जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है। “आई लव मोहम्मद” के जवाब में उठे “आई लव सनातन” के पोस्टर यही कहते हैं कि हिंदू समाज जाग चुका है। यह सिर्फ़ नारों की लड़ाई नहीं, बल्कि पहचान की लड़ाई है।

भारत का भविष्य उस पहचान पर टिका है जो ऋषियों, संतों और बलिदानियों ने हमें दी। यही वजह है कि साधु-संत साफ़ कहते हैं-रत हिंदू राष्ट्र है। और जब बहुसंख्यक समाज अपनी अस्मिता के साथ खड़ा होता है, तो कोई भी ताक़त उसे झुका नहीं सकती।

सनातन है भारत की आत्मा

बरेली का बवाल और अयोध्या से उठी आवाज़ मिलकर हमें यही सिखाती है कि भारत की आत्मा को दबाने की कोशिश हर बार होगी, लेकिन हर बार संतों, साधुओं और जाग्रत हिंदुओं की आवाज़ उसे बचा लेगी। “आई लव मोहम्मद” का नारा कितना भी लगाया जाए, भारत की गली-गली, मंदिर-मंदिर और संतों की वाणी से हमेशा “आई लव सनातन” की गूंज ही सुनाई देगी। यही इस देश की सच्चाई है और यही इसकी नियति।

Tags: AyodhyaBareillyHindu societyI LOVE MohammadI love SanatanIndiaKanpurUPअयोध्याआई लव मोहम्मदआई लव सनातनकानपुरबरेलीभारतयूपीहिन्दू समाज
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जयशंकर का स्पष्ट संदेश: H1B नीतियों के बावजूद भारत तैयार और दूरदर्शी

अगली पोस्ट

सिंधु जल समझौता: नेहरू का शांति-दांव नहीं, भारत का दूसरा विभाजन!

संबंधित पोस्ट

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में
चर्चित

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

29 May 2026

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट को 30 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी।...

एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य
चर्चित

एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

29 May 2026

पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में आज 150वीं पासिंग आउट परेड आयोजित होगी। यह एनडीए के 77 साल के इतिहास का एक...

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल
चर्चित

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

29 May 2026

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में बड़ा आतंक विरोधी अभियान चलाया है। एजेंसी ने 12 जगहों पर छापेमारी की,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited