मुनीर की ताजपोशी और अमेरिका-चीन की शह: पाकिस्तान में शुरू हुआ सत्ता-सेना गठबंधन का नया संस्करण, भारत को सीधे चुनौती
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुनीर की ताजपोशी और अमेरिका-चीन की शह: पाकिस्तान में शुरू हुआ सत्ता-सेना गठबंधन का नया संस्करण, भारत को सीधे चुनौती

मई 2025 में असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया। अब उसकी नियुक्ति को स्थाई करने की तैयारी हो रही है। पाकिस्तान की सरकार का यह कदम केवल उसका सम्मान नहीं है, यह सेना को संवैधानिक और कानूनी तौर पर स्थायी शक्ति देने का रणनीतिक एजेंडा है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
4 November 2025
in आयुध, भारत, भू-राजनीति, रक्षा, रणनीति, राजनीति, विश्व
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

असीम मुनीर और पाकिस्तानी नेतृत्व की सक्रियता केवल भय और खलबली का परिणाम है।

Share on FacebookShare on X

पाकिस्तान के अंधेरे कारागार में बैठा इमरान खान सिर्फ एक कैदी नहीं है। वह उस सत्ता-संघर्ष का प्रतीक है, जिसने पाकिस्तान को 77 वर्षों से बंधक बनाकर रखा है। उस देश में लोकतंत्र का आवरण हमेशा दिखावा रहा है, असली निर्णय सेना के उच्च कमांडरों और खुफिया नेटवर्क की गहन छाया में हुए हैं। इमरान की गिरफ्तारी और उसके समर्थकों पर दबाव केवल एक राजनीतिक दमन नहीं है, बल्कि यह उस रणनीति का हिस्सा है जो पाकिस्तान में सेना के स्थायी प्रभुत्व को सुनिश्चित करती है। यही वह प्रवृत्ति है जिसके तहत मई 2025 में असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया। अब उसकी नियुक्ति को स्थाई करने की तैयारी हो रही है। पाकिस्तान की सरकार का यह कदम केवल उसका सम्मान नहीं है, यह सेना को संवैधानिक और कानूनी तौर पर स्थायी शक्ति देने का एक रणनीतिक एजेंडा है, जिससे कोई सिविल नेता या लोकतांत्रिक प्रक्रिया भविष्य में चुनौती तक नहीं दे सकेगी।

अब सेना के अधीन होगी पाकिस्तान की सत्ता

पाकिस्तान का इतिहास हमें बार-बार याद दिलाता है कि जब भी देश में राजनीतिक अस्थिरता आई, सेना ने तत्काल कदम उठाया। 1958 में अयूब खान ने पहला तख्तापलट किया, इसके बाद याह्या खान, ज़िया-उल-हक़ और मुशर्रफ़ ने सत्ता पर कब्जा किया। इस बार स्थिति केवल अलग नहीं है, बल्कि संवैधानिक रूप से औपचारिक किया जा रहा है। शहबाज शरीफ की सरकार, जो अपने आप में अस्थिर और सेना की अधीनस्थ है, ने 27वें संविधान संशोधन के जरिए फील्ड मार्शल पद को संवैधानिक रूप देना सुनिश्चित किया, ताकि मुनीर न केवल पद पर बने रहें, बल्कि उनके अधिकार और शक्ति संरचना स्थायी रूप से सुरक्षित रहे। इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान में सत्ता अब केवल संसद या प्रधानमंत्री के हाथ में नहीं, बल्कि सेना की निरंतर और कानूनी मान्यता प्राप्त शक्ति के अधीन होगी।

संबंधितपोस्ट

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

सऊदी-पाक-तुर्की का ‘सुपर ब्लॉक’: तीनों में से किसी एक पर हमला तो तीनों मिलकर लड़ेंगे जंग; क्या है भारत का प्लान ?

और लोड करें

मुनीर और इमरान खान का संघर्ष केवल राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता नहीं है। यह एक गहन इंटेलिजेंस बनाम राजनीतिक नेतृत्व का टकराव है। मुनीर ने आईएसआई में अपने लंबे करियर के दौरान कई रिपोर्टें तैयार की थीं, जिनमें इमरान और उनके करीबी सहयोगियों की कमजोरियां उजागर की गई थीं। इमरान ने इसे चुनौती मान लिया और उन्हें सत्ता से हटा दिया, लेकिन मुनीर ने राजनीतिक अस्थिरता के बाद लौटकर खुद को सेना प्रमुख बनाया और अपनी शक्ति को नए रूप में स्थापित किया। इमरान की गिरफ्तारी, पार्टी के नेताओं पर दबाव, मीडिया और सोशल मीडिया पर नियंत्रण, यह सब केवल सत्ता की संरचना को सुरक्षित करने के लिए किया गया। पाकिस्तान में अब लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका केवल दिखावा होगी, वास्तविक निर्णय सेना के हाथों में होंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली रणनीति

मई 2024 में भारत द्वारा संचालित ऑपरेशन सिंदूर इस संघर्ष का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। यह कार्रवाई न केवल सीमापार आतंकवादी लॉन्चपैड और प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाती थी, बल्कि पाकिस्तान की सेना के आत्मविश्वास को सीधे चुनौती देती थी। ऑपरेशन के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी लॉन्चपैड और लॉजिस्टिक नोड्स भारी क्षति से गुज़रे, एयर डिफेंस और मोर्टार यूनिट्स अप्रभावी साबित हुईं, और आतंकवादी नेटवर्क बाधित हुआ। यह पहली बार था, जब पाकिस्तान को अपनी सैन्य विफलता का सामना करना पड़ा। मुनीर ने तुरंत महसूस किया कि या तो वह पद पर बने रहकर शक्ति संरचना बदलेंगे या इतिहास में एक असफल जनरल के रूप में दर्ज होंगे। उन्होंने पहला रास्ता चुना और संविधान संशोधन की योजना को गति दी।

संसद भी होगी सेना के अधीन

संशोधन केवल पद को औपचारिक बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि सेना को कानूनी रूप से अजेय बनाने की रणनीति है। इसके तहत फील्ड मार्शल के अधिकार, कार्यकाल और सेवा शर्तें संविधान में शामिल होंगी, सिविल सरकार के हस्तक्षेप को सीमित किया जाएगा और सेना प्रमुख को संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी। इस कदम से पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सिर्फ़ दिखावा बन जाएगी। जनता और संसद के फैसले अब सेना के निर्णयों के अधीन होंगे।

मुनीर की सत्ता स्थायी होने के पीछे केवल आंतरिक राजनीति नहीं है। अमेरिका और चीन दोनों अपनी-अपनी रणनीतिक हितों के कारण उसे सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं। अमेरिका पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी मोर्चे पर नियंत्रित रखना चाहता है, जिससे यह सुनिश्चित हो कि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। चीन CPEC और Belt & Road परियोजनाओं के जरिए पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता चाहता है, ताकि अपने दक्षिण एशियाई हितों की सुरक्षा कर सके। इस प्रकार मुनीर का सत्ता में स्थायित्व केवल पाकिस्तान का मामला नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति का हिस्सा बन गया है।

भारत के लिए इसके मायने

भारत के लिए यह स्थिति कई तरह के रणनीतिक खतरे पैदा करती है। पहली बात, सेना के स्वतंत्र निर्णय और अप्रत्याशितता सीमा पर तनाव को बढ़ा सकती है। दूसरी, हाइब्रिड वॉरफेयर की संभावना बढ़ जाएगी जिसमें ड्रोन, साइबर हमले और प्रोपेगैंडा शामिल हैं। तीसरी, कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की दबाव नीति तेज होगी। चौथी, FATF और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सीमित प्रभाव होगा, क्योंकि संविधान सुरक्षा से सेना को दबाव से बाहर रखा जाएगा। पांचवीं, राजनीतिक अस्थिरता का निरंतर जोखिम बना रहेगा क्योंकि इमरान या अन्य लोकतांत्रिक नेताओं की कोशिशें अप्रभावी होंगी।

भारत को इन खतरों का सामना कई मोर्चों पर करना होगा। सैन्य दृष्टिकोण से सीमावर्ती ऑपरेशन्स, ड्रोन और टेक्नोलॉजी के लिए तैयार रहना आवश्यक है। खुफिया दृष्टिकोण से RAW और अन्य एजेंसियों को पाकिस्तानी सेना और खुफिया नेटवर्क की निगरानी करनी होगी। कूटनीतिक रूप से भारत को अमेरिका, जापान, UAE और मध्य एशियाई देशों के साथ समन्वय बढ़ाना होगा। साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के प्रभाव को नियंत्रित करना होगा।

भविष्य के परिदृश्य में अगर मुनीर फील्ड मार्शल के रूप में स्थायी सत्ता पा लेते हैं, तो पाकिस्तान तुर्की जैसी सैन्य-लोकतांत्रिक हाइब्रिड संरचना में बदल सकता है या उत्तर कोरिया मॉडल के रूप में परमाणु शक्ति, आंतरिक दमन और सीमित अंतरराष्ट्रीय सहयोग की ओर जा सकता है। CPEC और अन्य आर्थिक परियोजनाएं चीन के नियंत्रण में रहेंगी। इस प्रकार भारत-चीन-पाक त्रिकोण में तनाव बढ़ेगा, विशेषकर कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में।

पाकिस्तान में सेना प्रमुख को संवैधानिक सुरक्षा मिलना केवल आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि दक्षिण एशिया की शक्ति-संतुलन रेखा को बदलने वाला कदम है। भारत को इस खतरे का सामना केवल सैन्य तैयारी से नहीं, बल्कि रणनीतिक, कूटनीतिक और खुफिया दृष्टिकोण से करना होगा। पाकिस्तान ने 2025 में सत्ता का नया मॉडल स्थापित कर दिया है और 1971 की तरह, भारत को भू-राजनीतिक भविष्य बदलने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस बार केवल युद्ध या संघर्ष ही नहीं, बल्कि संरचना और रणनीति का युद्ध चल रहा है।

भारत ने 1971 में पाकिस्तान का नक्शा बदला था, और 2020 के दशक में उसका भू-राजनीतिक भविष्य बदले बिना कहानी पूरी नहीं होगी। मुनीर का फील्ड मार्शल बनना, इमरान की गिरफ्तारी, और अमेरिका-चीन की शह इस पूरे क्षेत्रीय समीकरण को बदल रहे हैं। यह सिर्फ़ पाकिस्तान के भीतर सत्ता संघर्ष नहीं है, यह एक ऐसी घटना है जो भारत की रणनीतिक गहरी सोच, खुफिया तैयारी और भविष्य की सैन्य नीति को सीधे प्रभावित करती है।

पाकिस्तान का नया सत्ता-सैन्य मॉडल दर्शाता है कि लोकतंत्र और नागरिक संस्थान वहां अब दिखावे की चीज़ बन चुके हैं। सेना का उद्देश्य केवल सीमा की रक्षा नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति संरचना को स्थायी रूप देना है। इसका अर्थ है कि आने वाले दशक में भारत को पाकिस्तान से केवल पारंपरिक युद्ध या आतंकवाद के खतरे की तैयारी नहीं करनी होगी, बल्कि उसे संरचना और रणनीति के स्तर पर उत्तर देना होगा, जिसमें खुफिया, कूटनीति और सैन्य हरकतें एक साथ हों।

मुनीर की ताजपोशी, संविधान संशोधन, और इमरान की जेल इस पूरे क्षेत्रीय और वैश्विक जियोपॉलिटिकल नाट्यक्रम का प्रतीक हैं। दक्षिण एशिया का भविष्य अब स्थिर पाकिस्तान के डर और अस्थिर पाकिस्तान के खतरे के बीच संतुलित रहेगा। भारत की भूमिका इस संतुलन को सुनिश्चित करने, खतरे का मुकाबला करने और अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में निर्णायक होगी।

Tags: Asim MunirDemocracyIndiaPakistanPakistan ArmyPakistani Parliamentअसीम मुनीरपाकिस्तानपाकिस्तानी संसदपाकिस्तानी सेनाभारतलोकतंत्र
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत से नक्सलवाद का अंत: पीएम मोदी के विज़न और अमित शाह के संकल्प की ऐतिहासिक जीत

अगली पोस्ट

बिहार की महिला शक्ति और एनडीए का विजन: आज शाम इन महिलाओं से बात करेंगे पीएम मोदी, जानें एनडीए का चुनाव के लिए क्या है प्लान

संबंधित पोस्ट

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है
इतिहास

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

14 August 2026

15 अगस्त का दिन कहता आजादी अभी अधूरी है  सपने सच होने बाकी है रावी की शपथ ना पूरी है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई द्वारा 15 अगस्त 1947 के दिन लिखी गई यह कविता है जिसमें बताया गया है कि 31 दिसंबर 1929 को रावी नदी के तट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय तिरंगा झंडा फहरा कर पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। एवं आगामी 26 जनवरी को देश भर मे  शपथ के कार्यक्रम का आयोजन का निर्णय किया था। उस समय अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और इस प्रस्ताव का समर्थन महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने किया,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited