लखनऊ में मात्र 40 रुपये के चाय-नाश्ते के बिल को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद उस समय बड़ा मामला बन गया, जब एक व्यक्ति ने खुद को IPS अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब जमाने की कोशिश की। इस घटना के बाद आरोपी मिथिलेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह मामला महानगर क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे के पास सामने आया। चाय विक्रेता वीरू गुप्ता ने पुलिस को सूचना दी कि एक ग्राहक ने 40 रुपये के बन और ब्रेड पैकेट का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। शुरुआत में यह एक सामान्य विवाद लग रहा था, इसलिए पुलिस मौके पर पहुंची।
मामूली विवाद से बढ़ा मामला
सब-इंस्पेक्टर आर्यन शर्मा और उनकी टीम मौके पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि मिथिलेश शुक्ला दुकानदार से बहस कर रहे थे। लेकिन कुछ ही देर में उनका विवाद दुकानदार से हटकर पुलिसकर्मियों की ओर मुड़ गया।
एफआईआर के अनुसार, शुक्ला ने खुद को नोएडा में तैनात एक IPS अधिकारी बताया और पुलिसकर्मियों के कामकाज, वर्दी और व्यवहार पर सवाल उठाने लगे।
पुलिसकर्मियों से सलामी मांगने लगे
मिथिलेश शुक्ला ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से पूछा कि उन्होंने टोपी क्यों नहीं पहन रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सलामी दी जानी चाहिए क्योंकि वह एक वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं।
जब पुलिस ने उनसे पहचान पत्र और आधिकारिक दस्तावेज दिखाने को कहा, तो उन्होंने कहा कि उनके पास आईडी कार्ड नहीं है और वह अगले दिन दिखा देंगे। इससे पुलिस को उन पर शक हुआ।
एक कांस्टेबल ने साफ कहा कि बिना पहचान और प्रमाण के केवल दावा करने से किसी को सलामी नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद शुक्ला खुद को IPS अधिकारी बताते रहे।
पूछताछ में खुली पोल
जब पुलिस ने उनसे उनकी पोस्टिंग, बैच और सेवा से जुड़ी जानकारी पूछी, तो वह सही जवाब नहीं दे सके। आखिरकार उन्होंने स्वीकार किया कि उनका नाम मिथिलेश शुक्ला है और वह लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित भारत नगर के रहने वाले हैं।
उन्होंने यह भी माना कि वह IPS अधिकारी नहीं हैं, बल्कि नोएडा के सेक्टर-18 स्थित एक बहुराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर काम करते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों से सलामी मांगता और खुद को IPS अधिकारी बताता दिखाई दे रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और महानगर थाने में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ?
पुलिस के अनुसार, मिथिलेश शुक्ला पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है जो सरकारी अधिकारी बनकर झूठी पहचान बताने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित हैं।
40 रुपये का विवाद और जेल तक का सफर
सिर्फ 40 रुपये के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते झूठी पहचान और सत्ता का दिखावा करने की कोशिश में बदल गया। अंततः यह मामला गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।
यह घटना बताती है कि छोटी-सी कहासुनी भी तब बड़ा विवाद बन सकती है, जब कोई व्यक्ति झूठी पहचान और अधिकार का दावा करके स्थिति को जटिल बनाने की कोशिश करे।


































