देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलनों और दिल्ली के जंतर–मंतर पर जारी प्रदर्शनों के बीच BJP ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे युवाओं के बीच जाने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन छात्र असंतोष का इस्तेमाल व्यापक राजनीतिक माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा अब इस पूरे मुद्दे पर केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के बजाय ज़मीनी स्तर पर संवाद स्थापित करेगी।
TFI को मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हाल ही में दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में दिल्ली-NCR के सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में केवल दिल्ली के सांसद ही नहीं, बल्कि दिल्ली से सटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के उन संसदीय क्षेत्रों के सांसद भी शामिल हुए, जिनका सीधा संपर्क NCR के युवाओं और छात्र समुदाय से है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने–अपने लोकसभा क्षेत्रों के विधायकों, जिला संगठन और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मिलकर एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करें। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके अभिभावकों तक पहुंचना होगा।
पार्टी का मानना है कि आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी हैं, जिन तक सरकार की नीतियों और फैसलों की पूरी जानकारी नहीं पहुंच पाती। इसी कारण जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वे युवाओं की शिकायतें और सुझाव सुनने के साथ–साथ उन्हें यह भी बताएं कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने भर्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
सूत्रों के मुताबिक संवाद के दौरान विशेष रूप से पेपर लीक पर कार्रवाई, नकल माफिया के खिलाफ अभियान, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर नियंत्रण जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा जाएगा। पार्टी का दावा है कि पहले की तुलना में भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और आम परिवारों के युवाओं के लिए सुलभ बनाया गया है।
इसके अलावा सांसदों और विधायकों से कहा गया है कि वे केंद्र सरकार की उन योजनाओं की भी जानकारी युवाओं तक पहुंचाएं, जो सीधे उनके भविष्य से जुड़ी हैं। Digital India, Skill India, Startup India, Khelo India, PM Internship Scheme और कौशल विकास व रोजगार से जुड़ी अन्य पहलों को इस अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि पार्टी का उद्देश्य किसी आंदोलन का राजनीतिक जवाब देना नहीं, बल्कि युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। उनका मानना है कि यदि सही जानकारी समय पर युवाओं तक पहुंचेगी तो उन्हें राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना आसान नहीं होगा और वे तथ्यों के आधार पर अपनी राय बना सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार बैठक के बाद कई सांसदों ने अपने–अपने क्षेत्रों में विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यह अभियान दिल्ली-NCR से आगे अन्य राज्यों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। पार्टी इसे केवल तत्काल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं के साथ दीर्घकालिक संवाद स्थापित करने की रणनीति के रूप में देख रही है।


































