जंतर–मंतर पर चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच अब इसके विरोध में भी आवाजें उठने लगी हैं। युवा संगठन नवयुवक दल ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में छात्र आंदोलन के नाम पर कथित अराजकता, राजनीतिक एजेंडे और युवाओं को गुमराह किए जाने पर चिंता जताते हुए कई मांगें रखीं। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के वास्तविक मुद्दों और NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर उनके आंदोलन का समर्थन करता है, लेकिन आंदोलन की आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा, अराजकता या राजनीतिक इस्तेमाल को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नवयुवक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूथ एक्टिविस्ट भरत कात्यायन ने कहा कि भारत का युवा देश को जोड़ने वाला युवा है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में सबसे अधिक बलिदान 20 से 24 वर्ष के युवा सैनिकों ने दिया था। कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, लेफ्टिनेंट विजयंत थापर और अन्य वीर सैनिक आज भी देश के युवाओं के आदर्श हैं। उनके अनुसार आज का भारतीय युवा रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और AI जैसे क्षेत्रों में नए–नए नवाचार कर रहा है और उसकी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए, न कि ऐसे आंदोलनों में जहां उसे कथित रूप से राजनीतिक या विदेशी हितों के लिए इस्तेमाल किया जाए।
भरत कात्यायन ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों ने स्वाभाविक रूप से युवाओं में आक्रोश पैदा किया है। सरकार को केवल जवाब देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान होना चाहिए और सरकार को उनके साथ संवाद भी करना चाहिए, लेकिन छात्र आंदोलन के नाम पर यदि कोई अलग राजनीतिक एजेंडा चलाया जा रहा है तो उसे भी सामने लाया जाना चाहिए।
पेपर लीक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई व फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
उन्होंने कहा कि नवयुवक दल छात्रों के हितों के साथ खड़ा है, लेकिन छात्र मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक ध्रुवीकरण, हिंसा या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने मांग की कि 2024 के एंटी–पेपर लीक कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा पेपर लीक मामलों की त्वरित जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने हालिया छात्र आंदोलन के दौरान सामने आई घटनाओं पर भी चिंता जताई। भरत कात्यायन ने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों, महिलाओं, बच्चियों या पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा अथवा दुर्व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भरत कात्यायन ने कहा कि देश का युवा अपने आदर्श स्वयं चुनना जानता है और उसके वास्तविक नायक वे सैनिक हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, कैप्टन अनुज नैय्यर, कैप्टन सौरभ कालिया, लेफ्टिनेंट विजयंत थापर, कैप्टन हनीफ उद्दीन, मेजर मरियप्पन सरवनन सहित कारगिल युद्ध के सभी 527 शहीदों को युवाओं की प्रेरणा बताया।
इस अवसर पर नवयुवक दल ने 26 जुलाई, कारगिल विजय दिवस पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू–कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में देशव्यापी कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की। संगठन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देना और युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने देश के सभी युवा संगठनों से इस अभियान में शामिल होने की अपील भी की।
भरत कात्यायन ने यह भी घोषणा की कि यदि वर्तमान छात्र आंदोलन 26 जुलाई तक समाप्त नहीं होता है, तो 29 जुलाई को लखनऊ में नवयुवक दल युवाओं के सहयोग से एक बड़ा लोकतांत्रिक प्रदर्शन आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को भटकने से बचाना, छात्रों के हितों की रक्षा करना तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में जनजागरण करना है। अंत में उन्होंने सभी युवा संगठनों से शिक्षा सुधार, युवाओं के भविष्य और राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आगे आने की अपील की।

































