भारतीय सेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त 2026 को सेंट्रल कमांड की विभिन्न सैन्य इकाइयों का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति, सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की।
लखनऊ में सेंट्रल कमांड मुख्यालय पहुंचे सेना प्रमुख
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ सबसे पहले सेंट्रल कमांड मुख्यालय, लखनऊ पहुंचे। यहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें कमांड की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशनल तैयारियों, सैन्य ढांचे के विकास, आधुनिकीकरण और युद्ध क्षमता को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
उत्तर भारत एरिया मुख्यालय में जवानों से की मुलाकात
इसके बाद सेना प्रमुख ने मुख्यालय उत्तर भारत एरिया (Headquarters Uttar Bharat Area) का दौरा किया। यहां उन्होंने वरिष्ठ कमांडरों और जवानों से बातचीत की तथा उनके कार्यों की सराहना की।
जवानों को दिया सतर्क रहने का संदेश
सैनिकों को संबोधित करते हुए जनरल धीरज सेठ ने कहा कि ऑपरेशनल तैयारी, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability) और आत्मनिर्भरता भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उन्होंने जवानों से हर समय सतर्क रहने, तेजी से बदलते सुरक्षा हालात के अनुसार खुद को तैयार रखने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनने का आह्वान किया।
चार पूर्व सैनिकों को मिला ‘योद्धा सेवा सम्मान’
इस दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चार पूर्व सैनिकों को ‘योद्धा सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया।
सम्मान पाने वालों में शामिल हैं—
- मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ (सेवानिवृत्त)
- कर्नल अरविंद सिंह कुशवाहा (सेवानिवृत्त)
- नायब सूबेदार राधे श्याम (सेवानिवृत्त)
- रिसालदार मेजर (मानद कैप्टन) विजय कुमार (सेवानिवृत्त)
इन पूर्व सैनिकों को समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, खेल और पूर्व सैनिकों के कल्याण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सेना की भविष्य की तैयारी पर जोर
भारतीय सेना ने कहा कि यह दौरा इस बात का संकेत है कि सेना अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को लगातार मजबूत करने, आधुनिक तकनीक अपनाने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेना का लक्ष्य एक ऐसी आधुनिक, तकनीक से सुसज्जित और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति तैयार करना है, जो हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।


































