30 सितंबर की सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 ने सामान्य उड़ान के तौर पर शुरुआत की थी। लेकिन करीब दो घंटे बाद 34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में ऐसा घटनाक्रम शुरू हुआ, जिसने 174 यात्रियों और क्रू की जान खतरे में डाल दी। इतालवी अखबार Corriere della Sera की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर इमरजेंसी क्रैश एक्स से हमला किया। इसके बाद विमान का नियंत्रण छीनने, उसे नीचे गिराने और इंजन बंद करने की कोशिश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, घायल कैप्टन और विमान में मौजूद दूसरे पायलटों तथा यात्रियों की कोशिशों से विमान को बचाया जा सका।
सुबह 5 बजे: दुबई एयरपोर्ट पर सामान्य हलचल
30 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के गेट C15 पर Flydubai की Boeing 737 MAX तेल अवीव के लिए तैयार थी। फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री सवार होने वाले थे।
उसी दौरान 38 वर्षीय भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और 29 वर्षीय ओमानी फर्स्ट ऑफिसर हमाम अल-हम्मामी अपनी ड्यूटी के लिए पहुंचे। करीब 5:30 बजे दोनों ने क्रू लाउंज में फ्लाइट ब्रीफिंग की। उस समय सब कुछ सामान्य बताया गया था।
सुबह 6 बजे: कॉकपिट में प्री-फ्लाइट तैयारी
करीब 6 बजे दोनों पायलट Boeing 737 MAX के कॉकपिट में पहुंचे। इंस्ट्रूमेंट, फ्लाइट प्लान, ईंधन और मौसम से जुड़ी जांच की गई। इसी दौरान विमान के पिछले हिस्से में केबिन क्रू ने यात्रियों और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी की।
इतालवी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पायलटों की सीटों के पीछे एक क्रैश एक्स रखा था। यह विमान में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों में से एक है, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में बचाव कार्यों में मदद करना होता है। लेकिन इसी एक्स को बाद में हमले में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है।
सुबह 6:40 बजे: सभी यात्री विमान में
करीब 6:40 बजे सभी यात्री अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। संयोग से विमान में दो अन्य पायलट भी यात्री के रूप में मौजूद थे। ये दोनों ‘deadhead crew’ थे और उन्हें बाद में इसी विमान से तेल अवीव से दुबई लौटने की ड्यूटी करनी थी।
सुबह 7:05 बजे: दुबई से टेकऑफ
6:50 बजे विमान को पार्किंग एरिया से रनवे की ओर ले जाया गया। 7:04 बजे Boeing 737 रनवे पर टेकऑफ के लिए तैयार था और 7:05 बजे उसने उड़ान भरी। टेकऑफ और शुरुआती चढ़ाई में कोई असामान्य स्थिति सामने नहीं आई। विमान निर्धारित रूट पर आगे बढ़ता रहा।
सुबह 7:27 बजे: विमान 32 हजार फीट पर
करीब 7:27 बजे विमान फारस की खाड़ी के ऊपर 32 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया। उस समय फ्लाइट सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी और कंट्रोल सेंटर के रडार पर यह हजारों अन्य विमानों की तरह ही एक सामान्य उड़ान दिखाई दे रही थी।
सुबह 8:09 बजे: 34 हजार फीट पर ऑटोपायलट
8:09 बजे विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया। अब ऑटोपायलट विमान को नियंत्रित कर रहा था और दोनों पायलट इंस्ट्रूमेंट, मौसम तथा एयर ट्रैफिक कम्युनिकेशन पर नजर रख रहे थे।
क्रू ने पायलटों को खाना भी दिया। इसके बाद कॉकपिट का मजबूत दरवाजा बंद हो गया और उड़ान सामान्य तरीके से चलती रही।
सुबह करीब 9:15 बजे: ‘मैं नमाज पढ़ना चाहता हूं’
करीब 9:15 बजे विमान 34 हजार फीट की ऊंचाई पर ऑटोपायलट से उड़ रहा था। तभी फर्स्ट ऑफिसर हमाम अल-हम्मामी ने कहा कि वह नमाज पढ़ना चाहता है।
रिपोर्ट के मुताबिक कैप्टन स्मित मच्छार ने इस अनुरोध को असामान्य नहीं माना। सह-पायलट अपनी सीट से उठा। इसके करीब चार-पांच मिनट बाद वह कैप्टन के पीछे पहुंचा। यहीं से हालात अचानक बदल गए।
9:20 बजे के आसपास: पीछे से हमला
रिपोर्ट के अनुसार, सह-पायलट ने इमरजेंसी क्रैश एक्स निकाला और कैप्टन के सिर के पीछे वार किया। पहले मच्छार को लगा कि शायद विमान में कोई तकनीकी या संरचनात्मक समस्या हुई है। लेकिन लगातार वार होने के बाद उन्हें समझ आया कि हमला खुद उन पर हो रहा है।
रिपोर्ट में दावा है कि संघर्ष के दौरान कैप्टन का एक हाथ बुरी तरह कट गया और वह भारी रक्तस्राव से घायल हो गए। इसके बावजूद उनकी कोशिश कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर मौजूद लोगों को अंदर आने देने की थी।
कॉकपिट का दरवाजा: बचाव का रास्ता भी, रुकावट भी
यहां विमान का सुरक्षा सिस्टम सबसे अहम हो गया। 9/11 के बाद कमर्शियल विमानों के कॉकपिट दरवाजों को बेहद मजबूत बनाया गया है। बाहर से प्रवेश के लिए कोड की जरूरत होती है और अंदर मौजूद पायलट दरवाजा खुलने से रोक सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंदर से एक विशेष ‘UNLKD’ सेटिंग के जरिए दरवाजा खोला जा सकता है। लेकिन इसके लिए सही समय पर अंदर और बाहर दोनों तरफ से कार्रवाई जरूरी होती है।
करीब 9:20 बजे: एक बच्ची की वजह से मदद पहुंची
इतालवी रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान बिजनेस क्लास में बैठी पांच साल की बच्ची नीना मेन्स ने अपनी मां से टॉयलेट जाने को कहा। मां टाली जब बच्ची का इंतजार कर रही थीं, तब उन्हें कॉकपिट की तरफ से असामान्य आवाजें सुनाई दीं।
उन्हें लगा कि अंदर किसी तरह का संघर्ष हो रहा है। उन्होंने बिजनेस क्लास में बैठे एक ऑफ-ड्यूटी पायलट को बुलाया और उसे कॉकपिट के दरवाजे तक ले गईं। पायलट ने बाहर का हैंडल घुमाया और अंदर का दृश्य देखकर स्थिति समझी। टाली ने चिल्लाकर बताया कि पायलट पर हमला हो रहा है।
9:21 बजे: विमान को जानबूझकर नीचे धकेलने की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। उसने ऑटोपायलट बंद कर कंट्रोल अपने हाथ में लिया और कंट्रोल स्टिक को आगे की ओर धकेल दिया।
विमान का अगला हिस्सा तेजी से नीचे झुक गया और महज 30 सेकंड से कुछ ज्यादा समय में विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
इमरजेंसी लाइट क्यों जली? इंजन बंद होने की आशंका
रिपोर्ट में एक अहम तकनीकी सवाल भी उठाया गया है। विमान के नीचे जाते समय केबिन की इमरजेंसी लाइटें जलती दिखाई दीं। Corriere से बात करने वाले दो Boeing 737 कैप्टनों के मुताबिक, ऐसी लाइटें मुख्य विद्युत आपूर्ति खत्म होने और विमान के बैटरी पावर पर जाने की स्थिति में सक्रिय हो सकती हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि जनरेटर बंद हुए हों या दोनों इंजन बंद किए गए हों।
हालांकि, रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि यह पहलू अभी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सह-पायलट ने दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच भी बंद किए थे।
9:22 बजे: विमान को संभालने की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान की रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी और उस पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था। इसी दौरान विमान का टेल रडर का एक बड़ा हिस्सा अलग होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
एक यात्री यानिव हयून ने दावा किया कि उसने कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर खींचकर विमान को नीचे जाने से रोकने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उसे विमान हादसों पर आधारित टीवी कार्यक्रम देखने से कुछ जानकारी थी।
9:25 बजे: दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला नियंत्रण
इसके बाद विमान में मौजूद दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट तक पहुंचे और विमान को सामान्य उड़ान स्थिति में लाने में मदद की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के पैरामीटर ऐसे थे कि इंजनों को दोबारा शुरू करना संभव था। यानी अब विमान में घायल कैप्टन, दो अन्य पायलट और यात्रियों की मदद से नियंत्रण वापस पाने की कोशिश चल रही थी।
9:31 बजे: पहली इमरजेंसी कॉल
9:31 बजे कॉकपिट से ट्रांसपोंडर पर 7700 कोड भेजा गया। यह सामान्य इमरजेंसी कोड है। रिपोर्ट के मुताबिक, असल में कॉकपिट हाईजैक या अनधिकृत कब्जे के लिए 7500 इस्तेमाल किया जाता है। कुछ मिनट बाद स्थिति स्पष्ट होने पर कोड बदलकर 7500 कर दिया गया।
9:35 बजे: सह-पायलट को काबू किया गया
करीब 9:35 बजे सह-पायलट को काबू कर लिया गया। उसे बांधकर जमीन पर बैठा दिया गया ताकि वह दोबारा विमान के नियंत्रण तक न पहुंच सके।
उस समय तक कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल थे, विमान को दो ऑफ-ड्यूटी पायलट संभाल रहे थे और 174 यात्री यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि उनकी जान बचेगी या नहीं।
9:38 बजे: 7500 कोड और सऊदी अरब की ओर मोड़
9:38 बजे विमान ने 7500 कोड प्रसारित किया। अब एयर ट्रैफिक कंट्रोल को समझ आ गया कि मामला सामान्य तकनीकी खराबी का नहीं है। विमान के जॉर्डन एयरस्पेस की ओर बढ़ने के बीच सऊदी एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने उसे वापस सऊदी एयरस्पेस की ओर आने को कहा। इसके बाद विमान को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए तबुक जाने का निर्देश दिया गया।
10:57 बजे: तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग
आखिरकार सुबह 10:57 बजे Boeing 737 MAX ने सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर लैंड किया। विमान के दरवाजे खुले। यात्री बाहर निकले। रिपोर्ट के मुताबिक कई यात्री रो रहे थे और प्रार्थना कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हम्मामी को सऊदी अधिकारियों के हवाले किया गया।
अब सबसे बड़े सवाल क्या हैं?
Corriere della Sera की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना ने एविएशन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि अगर हमाम अल-हम्मामी को पहले Oman Air से कथित तौर पर उसके विचारों को लेकर हटाया गया था, तो वह Flydubai में कैसे नियुक्त हुआ।
दूसरा सवाल कॉकपिट के सुरक्षा दरवाजे को लेकर है। यही दरवाजा विमान को बाहरी हमलावरों से बचाने के लिए बनाया गया है, लेकिन अंदर बैठे व्यक्ति के हमलावर बन जाने की स्थिति में यही व्यवस्था बचाव को मुश्किल बना सकती है।
तीसरा सवाल उस इमरजेंसी क्रैश एक्स को लेकर है, जिसे सुरक्षा उपकरण के तौर पर रखा जाता है लेकिन कथित तौर पर इसी घटना में हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया।































