भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नाम आधिकारिक तौर पर भारतीय सर्वेक्षण विभाग के नक्शे पर दर्ज किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख प्रशासन से सलाह के बाद इन स्थानों के मानक नाम तय किए हैं। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और लोगों को इनके बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।
इन 28 जगहों में 10 चोटियां, 3 पहाड़, 7 भूमि क्षेत्र, 2 दर्रे, 2 हिमनद, 1 घाटी, 1 नदी, 1 झील और 1 जल क्षेत्र शामिल हैं। इस सूची में गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल हैं। ये दोनों स्थान वर्ष 2020 में भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुए सैन्य गतिरोध के दौरान महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे थे।
गोगरा और हॉट स्प्रिंग क्यों हैं महत्वपूर्ण?
सरकारी नक्शे में गोगरा को भूमि क्षेत्र और हॉट स्प्रिंग को जल क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया है। वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद इन इलाकों में भी दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं।
गोगरा क्षेत्र से भारत और चीन की सेनाओं के बीच अगस्त 2021 में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी हुई थी। इसके बाद गोगरा-हॉट स्प्रिंग क्षेत्र, जिसे गश्ती बिंदु-15 के नाम से भी जाना जाता है, से सितंबर 2022 में सैनिकों को पीछे हटाया गया था।
सूची में कई प्रमुख स्थान शामिल
सरकार की सूची में जोरावर चोटी, कनिष्क चोटी, अतीशा गिरि, मार्तंड गिरि, रिनचेन जांगपो, मिलारेपा कांगरी, शिवा री और महेश्वर री जैसी चोटियां शामिल हैं। इसके अलावा करुण पीर, द्रक कार्पो और जोलमोरी को पहाड़ों के रूप में दर्ज किया गया है।
चपचिंगल दर्रा और शाचमिर्क दर्रा को दर्रों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वहीं पारपिक और स्कामरी हिमनद भी इस सूची का हिस्सा हैं। इसके अलावा शकोरगा घाटी, यांगपा नदी और गुरु रिनपोछे झील को भी आधिकारिक नक्शे में शामिल किया गया है।
सरकार के अनुसार, यह कदम मुख्य रूप से नक्शे पर इन स्थानों की आधिकारिक पहचान और नामों के मानकीकरण से जुड़ा है। इसके तहत सीमा पर सैनिकों की तैनाती, गश्त या वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति में किसी नए बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नाम भी भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे पर मानकीकृत किए थे।






























