प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के भाजपा विधायकों को राजनीति और सरकारी कामकाज के दायरे से बाहर निकलकर समाज के बीच अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाने की सलाह दी है। PM आवास में हरियाणा के भाजपा विधायकों के साथ हुई लंबी बैठक में प्रधानमंत्री ने एक–एक विधायक से संवाद किया और उनके विधानसभा क्षेत्रों, जनसंपर्क, सामाजिक गतिविधियों और सोशल मीडिया मौजूदगी तक की जानकारी ली। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत हरियाणा के सभी 48 भाजपा विधायक शामिल हुए।
चुनाव, सत्ता तक सीमित न रहे राजनीति, विधायक जनसेवा को बनाएं स्थाई मंत्र– पीएम
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विधायकों की सामाजिक सक्रियता को लेकर रहा। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों से कहा कि विधायक के तौर पर रोजमर्रा के राजनीतिक और सरकारी काम करना पर्याप्त नहीं है। हर विधायक को अपनी रुचि के अनुसार कम से कम एक ऐसा सामाजिक कार्य चुनना चाहिए, जिससे उसकी व्यक्तिगत पहचान जुड़े और जो पद पर रहने या न रहने के बावजूद जारी रहे।
प्रधानमंत्री ने एक–एक विधायक से यह भी पूछा कि वे राजनीति से इतर समाज के लिए व्यक्तिगत स्तर पर क्या काम करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई विधायक किसी स्कूल से जुड़ सकता है, कोई जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में मदद कर सकता है या अपने क्षेत्र की किसी दूसरी सामाजिक समस्या को मिशन के रूप में अपना सकता है। उनका जोर इस बात पर था कि राजनीति को केवल चुनाव और सत्ता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे स्थायी जनसेवा से जोड़ा जाए।
पीएम मोदी ने विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिक समय बिताने और जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने की सलाह भी दी। उन्होंने जनभागीदारी के जरिए काम करने और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सोशल मीडिया पर भी विधायकों का ‘टेस्ट’
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने हरियाणा के सभी 48 भाजपा विधायकों की सोशल मीडिया मौजूदगी का भी अपडेट लिया। उन्होंने विधायकों से पूछा कि फेसबुक पर किन–किन विधायकों के एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस सवाल पर केवल चार विधायक ही इस श्रेणी में सामने आए, जिनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या एक लाख से अधिक बताई गई।
इसे प्रधानमंत्री की तरफ से विधायकों को बदलती राजनीतिक संचार व्यवस्था का संकेत भी माना जा रहा है। संदेश साफ था कि जनता से संपर्क केवल कार्यक्रमों, बैठकों और राजनीतिक आयोजनों तक सीमित नहीं रह सकता। विधायक को जमीन के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपने क्षेत्र के लोगों से लगातार संवाद बनाए रखना होगा।
हरियाणा से मोदी का पुराना और खास रिश्ता
हरियाणा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का जुड़ाव केवल प्रधानमंत्री बनने के बाद का नहीं है। भाजपा संगठन में काम करते हुए 1990 के दशक में उन्हें हरियाणा की जिम्मेदारी मिली थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक जीवन परिचय के मुताबिक 1995 में भाजपा का राष्ट्रीय मंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों की जिम्मेदारी संभाली। बाद में उनके संगठनात्मक दायित्व में पंजाब और जम्मू–कश्मीर भी शामिल रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी स्वयं कई बार हरियाणा से अपने पुराने संबंध का जिक्र कर चुके हैं। 2024 में भिवानी–महेंद्रगढ़ की एक सभा में उन्होंने कहा था कि हरियाणा वर्षों तक उनके लिए एक तरह से घर रहा और उनकी राजनीतिक शिक्षा में हरियाणा और पंजाब की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने उस दौर में पूर्व सीएम मनोहर लाल समेत संगठन के नेताओं के साथ पूरे प्रदेश में घूमकर काम करने की यादें भी साझा की थीं।
उनका हरियाणा से यही पुराना रिश्ता इस बैठक में भी दिखाई दिया। बैठक से पहले हरियाणा के विधायकों ने नई पार्टी प्रभारी स्मृति इरानी, सह प्रभारी भोला सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से भी अलग चर्चा की।































