घूसखोरी और धोखाधड़ी जैसे संगीन अपराधों के बावजूद तीस्ता सीतलवाड़ को ‘विशेषाधिकार’ क्यों?
देश में समाजसेवा के नाम पर चल रहे NGO असल में एजेंडा चलाने से लेकर देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाते रहे हैं। NGO कुछ राजनीतिक दलों के लिए सहायक बनकर उनका एजेंडा जनता के सामने परोसते...





















