अफगानिस्तान में अमेरिका को दुलत्ती, भारत की जी-हुजूरी क्यों हो रही है?
नरेंद्र दामोदर दास मोदी, यह केवल एक नाम नहीं है बल्कि अब एक नीति बन गई है। पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की ऐसी धाक जमाई है कि अपने आप को सुपर पावर कहने वाला...
नरेंद्र दामोदर दास मोदी, यह केवल एक नाम नहीं है बल्कि अब एक नीति बन गई है। पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की ऐसी धाक जमाई है कि अपने आप को सुपर पावर कहने वाला...
'जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते', यह कहावत आपने कई बार सुनी होगी लेकिन वर्तमान में कांग्रेस पार्टी पर यह कहावत एकदम सटीक बैठती है। पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने...
देखो बंधुओं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि दक्षिण भारत की राजनीति में कर्नाटक को भाजपा की सबसे बड़ी और सशक्त प्रयोगशाला माना जाता रहा है। पिछले दो दशकों में पार्टी ने यहां मजबूत पकड़ बनायी...
कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा... भारतीय क्रिकेट टीम का हाल भी कुछ ऐसा ही है। संभवत यही कारण है कि क्रिकेट का मोह अब जनता के मन से भंग होता जा रहा...
जिस व्यक्ति की सोच जितनी विकृत होती है वह उतनी ही विकृत मानसिकता वाले लोगों के साथ पाया जाता है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद राहुल गांधी की...
एक बहुत प्रचलित कहावत है कि जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की ओर कूच करता है। यह कहावत कथित हास्य कलाकार अर्थात् कॉमेडियन और यथार्थ में हिंदू विरोधी कुणाल कामरा पर सटीक बैठता...
प्रत्येक क्षेत्र में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिन्हें कोई सीरियस नहीं लेता लेकिन कभी-कभी लोकप्रियता पाने के चक्कर में ये लोग हद से ज्यादा विवादित बयान दे देते हैं। कमाल आर खान इस सूची में टॉप...
आज हम इस लेख के माध्यम से रचना के आधार पर वाक्य भेद की परिभाषा और उदाहरण (Rachna ke aadhar par vakya bhed), वाक्य भेद की सम्पूर्ण जानकारी आपकों देंगे। इसलिए इस लेख को अंत तक जरुर...
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अवसर पाते ही माहौल बनाना शुरू कर देते हैं कि जैसे उनसे बड़ा हिंदू कोई है ही नहीं, उनके जितना सच्चा पुरुष तो पूरे ब्रह्माण्ड में ही नहीं है। भगवान श्रीराम की...
वामपंथी कब किसके प्रति अपना व्यवहार बदल लें कहना मुश्किल है। कुछ ऐसा ही हाल भारत में वामपंथ का झंड़ा बुलंद करने वाली सीपीआई (एमएल) की चर्चित नेता रहीं कविता कृष्णन का है। वामपन्थियों का क्या है...
सत्ता का दुरपयोग और अपने पद की हनक किसी को भी आपराधिक श्रेणी में ला सकती है और 'अपराधी' किसी दल के नहीं होते क्योंकि असल में खोट इनके दिल में होती है। इनकी गलतियों का खामियाजा...
कहते हैं कि विजय का असल स्वाद तभी प्राप्त होता है, जब समस्त संसार आपके पराजय की आस लगाकर बैठा हुआ हो और ये बात भारत से बेहतर कौन जाने! प्रकांड अर्थशास्त्री और बुद्धिजीवी कोरोनाकाल से ही...


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