देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष 15 अगस्त को एक योजना आरंभ करने की घोषणा की...
कहते हैं शिक्षा उस शेरनी का दूध है जिसने पिया उसने दहाड़ा है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बड़े ज़ोर शोर...
भारत विकास के पथ पर जोर शोर से अग्रसर है। रोज़गार, लोगों का जीवन स्तर, अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा इन सभी के क्षेत्र में...
मजबूत आवाजों की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देती हैं। वर्तमान समय में भारत के परिप्रेक्ष्य में यह बात एकदम सही और सटीक...
देखो भई, अपने नीतीश कुमार जैसे भी हो, उनके राजनीतिक जीवटता पर आप संदेह नहीं कर सकते। परिणाम जैसा भी हो, लोग चाहे...
हरे रंग से ममता बनर्जी को कुछ अधिक प्रेम है। ये पार्टी के प्रतीक चिन्ह से लेकर उनके आदर्शों एवं उनके विचारों तक...
कहने को भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था परंतु ये अधूरा सत्य है। हम 565 रियासतों में बंटे हुए एक खंडित...
भारत, डिजिटल और वित्तीय विकास के साथ मिलकर विकास की एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ता जा रहा है। बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, युवा...
देश में समाजसेवा के नाम पर चल रहे NGO असल में एजेंडा चलाने से लेकर देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाते रहे हैं।...
सही ही कहा गया है कि किसी व्यक्ति का मूल्य तब पता चलता है, जब वो दूर चला जाता है। यही एहसास इस...
'पश्चिमी देशों के नायक और अपने देश के खलनायक' सोवियत संघ के आखिरी राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के लिए यह शब्द एकदम सटीक बैठते...
"अजी हम तो देसी हैं, हम चाय पीते हैं", इस वाक्यांश को आपने कई-कई बार सुना होगा, कभी न कभी स्वयं भी दोहराया...


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